Sunday, July 5, 2026 1:09 pm

महाकुंभ आने वाले श्रद्धालु अब एप के माध्यम से कर सकेंगे ई रिक्शा और ई ऑटो बुक

प्रयागराज. महाकुंभ मेला 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा के लिए योगी सरकार कटिबद्ध है। सरकार के इस प्रयास को सार्थक बनाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें सरकारी परिवहन के साथ-साथ निजी परिवहन सेवा प्रदाता भी पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में महाकुंभ हेतु प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने के लिए ओला और उबर की तर्ज पर एप के माध्यम से ऑनलाइन ई रिक्शा और ई ऑटो बुकिंग की सुविधा का भी लाभ मिलने जा रहा है। इन ई व्हीकल्स के ड्राइवर्स पूरी तरह ट्रेंंड और वेल बिहेव्ड होंगे। साथ ही इसमें पिंक टैक्सी की भी सुविधा प्राप्त होगी, जिसमें महिलाएं चालक होंगी। सबसे खास बात कि श्रद्धालुओं को मनमाना किराया वसूलने वाले रिक्शा चालकों से छुटकारा मिलेगा। 15 दिसंबर से श्रद्धालु और पर्यटक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। महाकुंभ से पहले इस तरह की पहल से श्रद्धालुओं को न सिर्फ सुविधाजनक और सस्ती लोकल राइड का लाभ मिलेगा, बल्कि योगी सरकार के ग्रीन महाकुंभ की अवधारणा को भी समर्थन मिलेगा। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सरकार की ओर से इन श्रद्धालुओं को प्रयागराज लाने के लिए 7,000 से अधिक रोडवेज बसों और 550 शटल बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है, जबकि रेलवे भी करीब 1,000 अतिरिक्त ट्रेनों के साथ ही कुल 3 हजार ट्रेनें चलाने जा रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज में श्रद्धालुओं को लोकल ट्रांसपोर्ट की कमी न हो, इसके लिए यूपी के स्टार्टअप कॉम्फी ई मोबिलिटी ने ऑनलाइन ई रिक्शा और ई ऑटो बुकिंग की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। 15 दिसंबर से शुरू हो रही इस सेवा में श्रद्धालु लोकल राइड के लिए ई व्हीकल्स को चुन सकेंगे। खास बात ये है कि सभी ड्राइवरों को आगंतुकों से अच्छा व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी और जिन श्रद्धालुओं को हिंदी या अंग्रेजी भाषा में दिक्कत है, उनकी सुविधा के लिए सभी ड्राइवरों को गूगल वॉइस असिस्टेंस की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। यह ई व्हीकल्स रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डा एवं सभी होटलों से उपलब्ध हो सकेंगे। इसमें महिला ड्राइवर के साथ पिंक सेवा का भी प्रावधान है। शुरुआत में 30-40 पिंक टैक्सी सुविधा प्रदान करने के लिए अवेलेबल होंगी। कॉम्फी ई मोबिलिटी की फाउंडर और डायरेक्टर मनु गुप्ता ने बताया कि महाकुंभ मेले में देश और विदेश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं पर्यावरण हितैषी एप आधारित ई रिक्शा टैक्सी सेवा प्रदान की जाएगी। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ ही सस्ती राइड उपलब्ध कराने के लिए किसी भी ड्राइवर से कमीशन नहीं लिया जाएगा। सुरक्षित राइड के लिए प्रत्येक ड्राइवर और व्हीकल के ओनर का वेरिफिकेशन कराया गया है। 300 ई रिक्शा के साथ पूरे प्रयागराज एवं कुंभ मेला में इसकी शुरुआत की जा रही है। सभी ड्राइवरों को आगंतुकों के साथ अच्छे व्यवहार की ट्रेनिंग दी जा रही है। सभी ई रिक्शा और ऑटो जीपीआरएस सिस्टम से ट्रैक किए जाएंगे, जबकि यह पूरी तरह फिट और कवर्ड भी होंगे। इसका किराया ट्रांसपेरेंट होगा, जो प्रति किमी. के हिसाब से निर्धारित किया गया है। इससे ज्यादा किराया वसूलने वाले रिक्शा चालकों से भी मुक्ति मिलेगी। किसी भी तरह की असुविधा होने पर श्रद्धालु कॉल सेंटर पर शिकायत भी कर सकेंगे। सीईओ आरके चौहान ने बताया कि कॉम्फी ई मोबिलिटी स्टार्टअप इंडिया से मान्यता प्राप्त है। हमारा उद्देश्य अर्बन ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों को टैक्सी के रूप में प्रस्तुत कर वायु प्रदूषण को कम करना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ से इसकी शुरुआत की जा रही है, ताकि इस महापर्व को लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बनाया जा सके। महाकुंभ 2025 में पूरे विश्व से सनातनियों के अलावा विभिन्न समुदाय के लोग हिंदू धर्म के सबसे बड़े अनुष्ठान को देखने और समझने के लिए प्रयागराज आएंगे। वह यहां महाकुम्भ के मंथन से निकलने वाले पर्यावरण संरक्षण के संदेश, यहां की संस्कृति एवं अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। इस आयोजन के बाद इस पहल को हम प्रदेश के अन्य शहरों में लेकर जाएंगे। recent visitors 77

सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों की जानकारी नागरिकों को मिले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हजारों आचार्य करेंगे गीता का सस्वर पाठ, बनेगा रिकार्ड सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा मुख्यमंत्री गीता जयंती कार्यक्रम में 9 दिसम्बर को जाएंगे हरियाणा तानसेन समारोह शताब्दी वर्ष में ग्वालियर सहित देश- विदेश में की जाएंगी समारोह गतिविधियां जापान, इजराइल,फ्रांस और इटली में भी तानसेन समारोह के होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 8 दिसम्बर को गीता जयंती और 8 से 11 दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सभी कार्यक्रम नागरिकों की सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक आयोजित किए जाएं। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए थे। इसी लिये प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गीता जयंती मनाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवत गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाने के लिए गीता जयंती के उपलक्ष में होने वाली गतिविधियों को अभिनव स्वरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गीता जयंती एवं तानसेन महोत्सव की तैयारियों की बैठक कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम किए जाने का अपना विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने न सिर्फ मध्यप्रदेश के उज्जैन बल्कि अन्य स्थानों पर भी जाकर उस दौर में मानव जीवन को सार्थक बनाने का अनमोल संदेश दिया। उन्होंने कर्म, अनुशासन और उस युग में भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन कर सम्पूर्ण समाज के लिए अनूठे दृष्टांत प्रस्तुत किए। अर्जुन एक प्रतीक थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जित शिक्षा और ज्ञान के आधार पर विभिन्न सिद्धांतों को पहले स्वयं आत्मसात किया, इसके बाद उनका प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने युद्ध में अपने पक्ष की अपूरणीय क्षति भी स्वीकार की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का जिन स्थानों पर आगमन हुआ था वे तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से संबंधित भगवान श्रीकृष्ण की समस्त स्मृतियों को बनाए रखने और जन-जन को उसकी जानकारी देने का यह विशेष अवसर है। गीता जयंती और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम अविस्मरणीय बन जाएं, ऐसी तैयारियाँ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस्कॉन संस्था के सहयोग से गीता के संदेशों का विद्यार्थियों में प्रचार और ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी सराहनीय है। शासकीय विभागों और स्थानीय प्रशासन द्वारा गीता जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तानसेन संगीत समारोह की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की और तानसेन के जीवन के भिन्न-भिन्न पहलुओं का विवरण भी मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में हो रहे तानसेन समारोह में देने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनेंगे विश्व रिकार्ड महाराज विक्रमादित्य शोध पीठ, प्रशासन के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 8 से 11 दिसम्बर, 2024 को उज्जैन में आयोजित करेगी। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 11 दिसम्बर को गीता का सस्वर पाठ करने के लिए हजारों आचार्य उपस्थित होंगे। गीता स्वर पाठ में शामिल होने वाले आचार्यों की संख्या का पूर्व का रिकार्ड 1350 आचार्यों द्वारा गीता पाठ करने का रहा है। मध्यप्रदेश इस रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाएगा। इस अवसर पर साधो बैण्ड, वृंदावन की संस्कृति की भी प्रस्तुति होगी। गौ एवं गोवर्धन आधारित और श्रीमद्भागवत गीता पुराण आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा कुरूक्षेत्र हरियाणा में आयोजित 3 दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 दिसम्बर को शामिल होंगे। उज्जैन में गीता संवाद में 8 दिसम्बर को प्रख्यात गीतकार मनोज मुन्तशिर शुक्ला का गीता संवाद और गुरू दक्षिणा के अंतर्गत श्रीकृष्ण और गुरू सांदीपनि पर केन्द्रित महानाट्य एवं डिजिटल प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में 9 दिसम्बर को श्रीकृष्ण आधारित महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। उज्जैन में ही 10 एवं 11 दिसम्बर को गीता संवाद के अंतर्गत स्वामी सरस्वती द्वारका पीठ सहित प्रमुख आध्यात्मिक विभूतियां भागीदारी करेंगी। अन्य देशों से इस्कॉन प्रतिनिधि और विभिन्न विद्वानों के व्याख्यान भी होंगे। उज्जैन में 10 दिसम्बर को प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली शास्त्रोक्त श्रीकृष्ण भजन प्रस्तुत करेंगी। कुमार शर्मा अपने साथी कलाकारों के साथ सांगीतिक प्रस्तुति देंगे। बुधवार 11 दिसम्बर को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शासकीय विश्राम गृह और निजी होटलों में गीता और रामायण की प्रतियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस अवसर पर उज्जैन में मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिन्द्रा का व्याख्यान और भारतीय परम्परा के विविध आयाम- शिवगीता, गणेश गीता, राम गीता सहित कुछ अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण भी होगा। अन्य देश और प्रदेशों में भी तानसेन समारोह की गूंज पहुंचेगी, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह का यह 100वाँ वर्ष है। वर्ष 1924 से शुरू हुआ यह समारोह इस वर्ष 15 से 19 दिसम्बर तक चलेगा। समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए जापान, इजराइल फ्रांस और इटली में कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से संयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पंडित स्वपन चौधरी, कोलकाता और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान सानंद न्यास इंदौर को दिया जा रहा है। ग्वालियर में पूर्व रंग के अंतर्गत 14 दिसम्बर को दुर्लभ वाद्यों सुरबहार, विचित्र वीणा, मोहन वीणा, नाल तरंग, आदि की प्रस्तुति ग्वालियर किले, बाड़ी के टॉउन हाल, जय विलास पैलेस और अन्य स्थानों पर होंगी। देश के अनेक ख्याति प्राप्त कलाकार इन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों में भी समारोह के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगोष्ठियां हो रही हैं। ग्वालियर में मुख्य समारोह में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान अलंकरण भी प्रदान किए जाएंगे। अन्य गतिविधियों में दैनिक सांगीतिक सभाएँ, डाक टिकट विमोचन, प्रदर्शनी और लाइव चित्रांकन सत्र हो रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित रीवा, गुना, शिवपुरी और ओरछा में विविध आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के भारत भवन में 4 से 8 दिसम्बर तक संगीत सम्राट तानसेन एवं मूर्धन्य संगीतकारों पर केंद्रित 5 फिल्में तानसेन, मीरा, संत ज्ञानेश्वर, चिंतामणि सूरदास, और ध्रुपद बैजू बावरा, स्वामी हरिदास के प्रदर्शन होंगे। रीवा में 5 दिसम्बर, गुना में 6 दिसम्बर, शिवपुरी और ओरछा … Read more

रेलवे दे रहा क्रिसमस पर 6 दिन का थाईलैंड घूमने का शानदार पैकेज

नई दिल्ली दिसंबर में मौसम सुहाना हो जाता है. सर्द हवाएं चलने लगते हैं. तो वहीं पहाड़ी राज्यों में खूब बर्फबारी भी देखने को मिलती है. साल के इस आखिरी महीने में क्रिसमस भी मनाया जाता है. तो उसके ठीक बाद नई साल आ जाती है. ऐसे में बहुत से लोग क्रिसमस की छुट्टियां और नई साल की छुट्टियों पर घूमने का प्लान बनाते हैं. अगर आप भी क्रिसमस की छुट्टियों पर इस बार कहीं घूमना चाहते हैं. तो आईआरसीटीसी आपके लिए एक शानदार पैकेज लेकर आया है. इस पैकेज में आपको कराई जाएगी थाईलैंड की सैर. पांच रात और 6 दिन के इस स्पेशल टूर पर मिलेंगी बहुत सारी सुविधाएं. चलिए आपको बताते हैं इस पैकेज की पूरी जानकारी. थाईलैंड क्रिसमस स्पेशल टूर पैकेज ऑफर भारत में बहुत से लोग क्रिसमस की छुट्टियों को बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट करते हैं. बहुत से लोग क्रिसमस पर बाहर घूमने जाने का भी प्लान बनाते हैं. अगर आप भी इस साल क्रिसमस की छुट्टियों पर बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं. तो आपके लिए आईआरसीटीसी का यह स्पेशल ऑफर काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. आईआरसीटीसी के इस स्पेशल टूर पैकेज का नाम है CHRISTMAS SPECIAL THAILAND WITH FOUR STAR ACCOMMODATION. यह टूर पैकेज पांच रात और 6 दिनों का होगा. जो 22 दिसंबर से लेकर 27 सितंबर तक के लिए होगा. फ्लाइट टूर होगा जिसमें आपको थाईलैंड की फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पटाया और बैंकॉक घुमाईं जाएंगी. यह होगा टूर का पूर प्लान आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज के लिए 22 दिसंबर को लखनऊ से रात 11:05 पर फ्लाइट उड़ान भरेगी. इस पैकेज के अंदर आपको ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की सुविधा दी जाएगी. इसमें आपको पटाया के मशहूर कोरल आईलैंड घुमाए जाएंगे. इसके साथ आपको फ्लोटिंग मार्केट देखने का लुत्फ भी हासिल होगा. आपको बैंकॉक का सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क भी घूमने का मौका मिलेगा. 27 दिसंबर को रात 8:10 पर बैंगकॉक एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए फ्लाइट उड़ान भरेगी. इतना देना होगा किराया अगर आप आईआरसीटीसी के इस थाईलैंड टूर पर अकेले जा रहे हैं. तो आपको 74,200 रुपये चुकाने होंगे अगर आप दो लोगों के साथ जाते हैं. तो आपके प्रति व्यक्ति 63,500 रुपये देने होंगे. तीन लोगों के साथ जाने पर आपको 62,900 रुपये प्रति व्यक्ति देने होंगे. वहीं अगर साथ में कोई 5 साल से लेकर 11 साल तक का बच्चा जाता है. तो उसके बेड के लिए आपको अलग से 57,500 रुपये चुकाने होंगे. अगर कोई बच्चा जो 2 साल से 11 साल के बीच का है और उसके लिए बेड की जरूरत नहीं होती, तो उसके लिए 52900 रुपये देने होंगे. recent visitors 65

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु की प्रतिमा के किये दर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी की किसी से तुलना नहीं हो सकती, वे ज्ञान परंपरा में सूर्य के समान प्रकाशमान है। उनका यहां विराजना ही शुभता का सूचक है, वर्तमान में हिंसा का दौर चल रहा है ऐसे में आचार्य शंकर का जीवन दर्शन हमें शांति की प्रेरणा देता है। उन्होंने संतो को प्रणाम करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव हमारा मार्गदर्शन करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी उत्सवों एवं पर्वों में समाज के साथ सहभागी है। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिगुरू शंकराचार्य ने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन-जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म परम्परा की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वे अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओंकारेश्वर आए। उन्होंने गुरु दक्षिणा को अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया और देश को एक रूप में जोड़ने की नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परम्परा के बड़े वाहक थे। आदिगुरू शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में पीठ की स्थापना कर सबको एकता के सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम पूज्य स्वामी विवेकानंद पुरी जी ने कहा कि ओंकारेश्वर-ममलेश्वर अद्वैत एकात्मता का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा ओंकारेश्वर, आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पैदल पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माँ नर्मदा के विहंगम दृश्य का अवलोकन कर माँ नर्मदा को प्रणाम किया। उन्होंने फूल-प्रसादी विक्रय करने वाले दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प अर्पित कर पूजन किया। बटुकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सी.ई.ओ. अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधायकगण नारायण पटेल, श्रीमती कंचन मुकेश तनवे, श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े और बड़ी संख्या में संतजनों समेत प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, संभागायुक्त दीपक सिंह, आईजी अनुराग, डीआईजी खरगोन रेंज सिद्धार्थ बहुगणा और कलेक्टर अनूप कुमार सिंह मौजूद रहे।   recent visitors 52

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गैस त्रासदी पीड़ितों के दिवंगतों को श्रद्धांजलि

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर त्रासदी का शिकार बने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, 'भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर उन दिवंगत आत्माओं को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनके जीवन का असमय अंत इस त्रासदी में हुआ। जहरीली गैस के प्रभावित नागरिकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।' गैस त्रासदी की आज 40वीं बरसी है। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड परिसर से आज ही के दिन 1984 में मिथाइल आइसोसायनेट नामक जहरीली गैस के रिसाव से सैकड़ों लोग कालकवलित हो गए थे। recent visitors 45

रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित

भोपाल की पहचान टाइगर राजधानी के रूप में होगी रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। प्रस्तावित रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को ईको टूरिज्म के माध्यम से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।   recent visitors 60

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित "अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम" में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।   recent visitors 39