Sunday, July 5, 2026 2:44 pm

कौन है अबू मुहम्मद अल-जोलानी, इन विद्रोहियों ने एक हफ्ते से भी कम समय में सीरियाई सेना को घुटनों पर ला दिया

सीरिया मिडिल ईस्ट में सीरिया के बड़े शहर अलेप्पो पर सरकार विरोधी विद्रोहियों हयात तहरीर अल-शाम ने कब्ज़ा कर लिया है। इन विद्रोहियों ने एक हफ्ते से भी कम समय में सीरियाई सेना को घुटनों पर ला दिया। सीरिया को इन विद्रोहियों को पीछे धकेलने के लिए रूसी सेना की मदद लेनी पड़ी, लेकिन फिर भी पलड़ा विद्रोहियों का ही भारी लग रहा है। तहरीर अल-शाम सीरिया में इस्लामिक कानून चाहता है, इसका अभी सीरिया से बाहर ऐसा कुछ करने का इरादा नहीं है। आठ साल पहले सीरिया को इसे हराने के लिए रूस और ईरान की मदद लेनी पड़ी थी। इजरायल भी इस आतंकी ग्रुप को अपने लिए खतरा मानता है। ये आतंकी यहूदियों को अपना दुश्मन मानते हैं। इस लिहाज से सीरिया में इनकी बढ़त इजरायल के लिए खतरे की घंटी भी है। इन विद्रोहियों का सरदार है- अबू मुहम्मद अल-जोलानी। अबू मुहम्मद अल-जोलानी के सिर पर अमेरिकी सरकार ने 10 मिलियन डॉलर का ईनाम रखा है। इसके बावजूद उसका और उसकी विद्रोही सेना का उत्तर-पश्चिम सीरिया के महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा है। जोलानी उत्तर-पश्चिमी सीरिया में बशर अल-असद शासन के खिलाफ आंदोलन का मुख्य नेता है और अलेप्पो प्रांत के कई क्षेत्रों पर उसका नियंत्रण है। यह इलाका सीरियाई गृहयुद्ध से विस्थापित हुए लगभग 30 लाख लोगों का घर है और इसे सरकार विरोधी आंदोलन का गढ़ माना जाता है। कौन है जोलानी आठ साल बाद फिर से सीरिया गृह युद्ध की चपेट में है। सप्ताह भर पहले आश्चर्यजनक रूप से सीरिया के भीतर विद्रोही गुट उभर आए हैं और बशर अल-असद की सरकार को जड़ से उखाड़ने के लिए आतुर हैं। बीबीसी मॉनिटरिंग के मुताबिक, जोलानी का असली नाम, जन्मतिथि और जन्म स्थान और नागरिकता को लेकर एक नहीं कई जानकारियां हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, जोलानी का जन्म 1975 से 1979 के बीच हुआ था, जबकि इंटरपोल के मुताबिक, उनकी जन्मतिथि 1975 है। अमेरिकी टीवी नेटवर्क पीबीएस के अनुसार, उसका असली नाम अहमद हुसैन है। चैनल को दिए इंटरव्यू में उसका बताया था कि उसका जन्म 1982 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुआ था, जहां उनके पिता पेट्रोलियम इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। 1989 में, उसका परिवार सीरिया लौट आया और उनका पालन-पोषण दमिश्क के पास हुआ। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उसने दमिश्क में मेडिकल की पढ़ाई की, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही वह अलकायदा के संपर्क में आ गया। वह 2003 में अमेरिका पर हमले का भी जिम्मेदार था। अलकायदा से इस्लामिक स्टेट में रहा ऐसा कहा जाता है कि वह जल्द ही इराक में अल-कायदा के नेता अबू मुसाब अल-जरकावी का करीबी सहयोगी बन गया, लेकिन 2006 में अल-जरकावी की मृत्यु के बाद, वह लेबनान चला गया, जहां उसने लेबनानी आतंकवादी समूह जुंद अल-शाम के आतंकियों को ट्रेनिंग दी। उसके बाद उसके इराक लौटने की खबरें हैं जहां उसे अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार कर लिया और कुछ समय तक जेल में रहने के बाद जब 2008 में रिहा किया गया तो वह तथाकथित इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गया। 13 साल पहले सीरिया लौटा कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जोलानी अगस्त 2011 में सीरिया लौट आया और राष्ट्रपति बशर अल-असद से लड़ने के लिए अल-कायदा की एक शाखा खोली। हालांकि, एक लेबनानी अखबार का दावा है कि जोलानी वास्तव में इराकी नागरिक हैं और उसका नाम फालुजा के अल-जुलान नामक क्षेत्र के नाम पर रखा गया है और वह उसी क्षेत्र का है। recent visitors 120

सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, किया एक आतंकी ढेर, मुठभेड़ जारी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकियों ने खुद को गिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों में भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल, अभी दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। इससे पहले कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर, सुरक्षाबलों के संयुक्त दलों ने दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) शुरू किया है। ऑपरेशन जारी है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद हाल के दिनों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 20 अक्टूबर को आतंकवादियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक बुनियादी ढांचा परियोजना कंपनी के श्रमिकों के शिविर पर हमला किया था। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को बारामूला जिले के गुलमर्ग के बोटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर हमला कर आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों और दो नागरिक कुलियों की हत्या कर दी थी। वहीं, 2 नवंबर को श्रीनगर में पर्यटक स्वागत केंद्र के पास व्यस्त संडे मार्केट में आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका था। इसमें एक 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य नागरिक घायल हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन दो हमलों के बाद कहा कि इन हमलों में शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।   recent visitors 63

दिल्ली में इस बार भाजपा विधानसभा चुनाव में मुफ्त लारही है योजनए, आप पार्टी के दाव से पटकने की तैयारी

नई दिल्ली दिल्ली में अपना 'वनवास' खत्म करने को बेकरार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां इस बार आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ एंटी इंकंबेंसी की आस है तो अरविंद केजरीवाल को परास्त करने के लिए इस बार उनके ही 'हथियार' को अपनाने की तैयारी है। मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों के जरिए लगातार तीन बार दिल्ली की सत्ता में पहुंची 'आप' से 'विधानसभा की चौथी जंग' में भाजपा मुफ्त पर खूब दांव लगाने जा रही है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि यदि वह सत्ता में आई तो दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर की सुविधा मिलती रहेगी। भाजपा ने यह वादा ऐसे समय पर किया है जब केजरीवाल जनता से कह रहे हैं कि यदि भाजपा जीत गई तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर देगी। पार्टी के मेनिफेस्टो कमिटी के चेयरमैन और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यदि भाजपा को विधानसभा में बहुमत मिलता है तो भाजपा मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों को जारी रखेगी। बिधूड़ी ने कहा कि गुरुवार से पार्टी दिल्लीवालों से संकल्प पत्र के लिए सुझाव लेने की शुरुआत करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दूसरे पार्टी नेता प्रोपेगेंडा के जरिए लोगों को गुमराह करना चाहते हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर दिया जाएगा। बिधूड़ी ने कहा कि ना सिर्फ भाजपा इन योजनाओं को जारी रखेगी बल्कि इनमें सुधार किए जाएंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि दिल्ली में इन स्कीमों का बड़ा लाभार्थी वर्ग है, जो अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज से संतुष्ट तो नहीं है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ चाहती है। आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए बस सफर जैसी योजनाओं को जारी रखने का वादा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया जा सकता है। वह मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक कई राज्यों में भाजपा को मिली चुनावी सफलता में इसके योगदान का जिक्र करते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली और हर महीने 20 हजार लीटर पीने का पानी मुफ्त देती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए बस में सफर भी मुफ्त है। माना जाता है कि पिछले दो चुनावों में 'आप' को मिली बंपर जीत में इन योजनाओं का अहम योगदान है। भाजपा ने पहले इन योजनाओं का 'रेवड़ी कल्चर' कहकर विरोध किया, लेकिन दिल्ली की जनता में इन योजनाओं की स्वीकार्यता को देखते हुए पार्टी अपने स्टैंड को बदलती दिख रही है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के महज 8 विधायक हैं, जबकि 2015 में केवल उसे तीन सीटों पर जीत मिली थी। जुमले में नहीं आएंगे दिल्लीवाले: AAP भाजपा की ओर से मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर योजना को जारी रखने के वादे पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह जुमला है और लोग इस पर भरोसा नहीं करेंगे। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंक कक्कड़ ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'दिल्लीवाले भाजपा के जमुलों में नहीं आने वाले हैं। हमें पता है कि भाजपा के पास 20 राज्य हैं, वे कहीं भी आज तक मुफ्त बिजली या मुफ्त पानी नहीं दे पाए हैं। अगर गलती से भी भाजपा दिल्ली में जीत जाती है तो सबसे पहले दिल्लीवालों की मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी बंद करेगी। सीधा डिस्कॉम को अडाणी के हाथ में देगी जो महंगी बिजली और लंबे-लंबे पावर कट देंगे,जैसा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में होता है।' recent visitors 67

पुलिस के साथ कुछ लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए मस्जिद में प्रवेश कर गए, तोड़फोड़ की आशंका हुई और अशांति फैली: रामगोपाल

नई दिल्ली संभल हिंसा का मामला मंगलवार को लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी उठा। समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से रामगोपाल यादव ने संभल में हुई हिंसा का मुद्दा उठाया और दावा किया कि विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुई 'चुनावी गड़बड़ियों' से ध्यान भटकाने के लिए हिंसा को 'योजनाबद्ध तरीके' से अंजाम दिया गया। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ कुछ लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए मस्जिद में प्रवेश कर गए। इससे तोड़फोड़ की आशंका हुई और अशांति फैली। रामगोपाल यादव ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाया और फिर बाद में उनकी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। रामगोपाल ने कहा कि संभल में 500 साल पुरानी मस्जिद के सर्वे के लिए 19 नवंबर को एक वकील ने मुंसिफ मजिस्ट्रेट के यहां एक आवेदन दिया और दो घंटे के अंदर शांतिमय तरीके से सर्वे भी हो गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद 24 नवंबर को सुबह छह बजे पूरे संभल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और थोड़ी देर बाद वहां के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आवेदन देने वाले वकील और कुछ लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए मस्जिद में प्रवेश कर गए। रामगोपाल ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि वे मस्जिद में तोड़फोड़ करने जा रहे हैं और फिर वहां अशांति फैली। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली चलाई, पांच लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हुए। सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। बहुत सारे लोग जेलों में हैं और जिन्हें पकड़ लिया गया उन्हें बुरी तरह मारा गया। उन्होंने कहा कि मेरा और लोगों का यह मानना है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में जो चुनाव हुए थे… उसमें बगल के जिलों में किसी को वोट डालने नहीं दिया गया और जबरदस्ती चुनाव पर कब्जा कर लिया था, उससे ध्यान बंटाने के लिए यह सब योजनाबद्ध तरीके से कराया गया। रामगोपाल अभी बोल ही रहे थे कि सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आपसे आशा करता हूं कि आप संयम बरतेंगे। सभापति ने यादव से कहा कि आपने अपनी बात रख दी। इसके बाद उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी संदोष कुमार का नाम पुकारा। रामगोपाल ने आसन से कहा कि अभी तीन मिनट तो हुए भी नहीं है फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। शून्यकाल के दौरान सदस्य को अपनी बात रखने के लिए उन्हें तीन मिनट का समय दिया जाता है। इसके बाद सपा के सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। recent visitors 36

मौसम विभाग का अलर्ट, टला नहीं चक्रवात फेंगल का खतरा, कई राज्यों में हो रही बारिश , बढ़ी सर्दी

नई दिल्ली उत्तर भारत में सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं। लोग गर्म कपड़ों, रजाई और कंबल पर आश्रित हो रहे हैं। वहीं दक्षिण भारत में चक्रवात और भारी बारिश ने लोगों को परेशान किया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग ने खासकर केरल और माहे में बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बार कम पड़ेगी सर्दी वहीं मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक सर्दी का मौसम कुछ नरम रहने की उम्मीद है। देश के ज्यादातर हिस्सों में ठंड की तीव्रता कम होगी और न्यूनतम तापमान औसत से ज्यादा रहेगा। जहां आमतौर पर सर्दियों में 5-6 दिन शीतलहर चलती है, इस बार यह संख्या घटकर 2-4 दिनों तक सीमित रह सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय इलाकों में हालांकि सामान्य या उससे कम तापमान रहने की संभावना है। पिछले नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति ने मौजूदा गर्म मौसम को और बढ़ावा दिया। वहीं, दक्षिण भारत में चक्रवात फेंगल के कारण भारी बारिश जारी है। केरल में रेड अलर्ट, कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चक्रवात ‘फेंगल’ अब कमजोर होकर तमिलनाडु और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इसके चलते उत्तर और मध्य केरल में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है। मौसम विभाग ने कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। पलक्कड़, इडुक्की, और कोट्टायम जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। बंगलुरु और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी चक्रवात के असर से बंगलुरु समेत दक्षिण कर्नाटक में भी बारिश जारी है। दक्षिण कन्नड़ जिले में 3 दिसंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए थे। पुडुचेरी में भारी बारिश के चलते सभी स्कूल और कॉलेज आज 3 दिसंबर को बंद रहे। वहीं मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने घोषणा की कि चक्रवात से प्रभावित राशन कार्ड धारकों को 5 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी। हिमाचल में रिकॉर्ड सूखा, 124 साल का टूटा रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2024 सबसे सूखे महीनों में से एक रहा। राज्य में सामान्य 19.7 मिमी की तुलना में केवल 0.2 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर में वर्षा की कमी का कारण मौसमी सिस्टम में बदलाव है। इस मौसम का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह से महसूस हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं। recent visitors 45

राज्यपाल डेका की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के राज्य प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में आज राजभवन में सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के राज्य प्रबंधन समिति की 16वीं बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, व उनके आश्रितों के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई एवं भूतपूर्व सैनिकों के हितों में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। राज्यपाल ने कहा कि भारत माता की सेवा में अपना जीवन गुजारने वाले वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्त्तव्य है। इसमे मानवीय संवेदना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। इस दिशा में हम सभी को विशेष ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘सशस्त्र सेना झंडा‘‘ दिवस निधि के लिए संग्रह बढ़ाने के लिए राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड एवं गृह विभाग के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि संग्रह बढ़ाने के लिए सभी तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। सरकार की सहायता पर ही निर्भर ना रहते हुए समुदाय को भी इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए और अधिक योजनाएं शुरू की जा सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज की बैठक में लिये गये सभी निर्णयों से छत्तीसगढ़ में भूतपूर्ण सैनिक उनके लाभान्वित होंगे। श्री डेका ने राज्य के दूरदराज के इलाकों में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ की सैनिक कल्याण टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि समर्पण के साथ देश की सेवा करने वाले हमारे बहादुर पूर्व सैनिकों की अच्छी तरह से देखभाल की जाए। बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई बिदुओं पर निर्णय लिये गये। जिसमें जवानों की भांति जूनियर कमिश्नड ऑफिसर (जे.सी.ओ.) के लिये भी पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रूपए का आर्थिक अनुदान तथा चार्टेड एकाउटेन्ट, कंपनी सेक्टरी के व्यवसायिक पाठयक्रम का अध्ययन करने वाले बच्चों को 20 हजार रूपए एकमुश्त प्रतिवर्ष का आर्थिक अनुदान प्रदान किया जायेगा। आईटीआई प्रशिक्षण के दौरान भूतपूर्व सैनिक प्रशिक्षु को देय 5 हजार रूपए प्रति माह के स्थान पर प्रशिक्षु द्वारा संस्थान को देय वास्तविक शुल्क प्रदान किया जायेगा तथा लघु व्यवसाय हेतु देय आर्थिक अनुदान 15 हजार रूपए जो सैम्फेक्स योजनाओं में सम्मिलित नहीं थे उनको वृद्धि कर 25 हजार रूपए कर दिया गया है। समिति ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय जगदलपुर के द्वितीय तल पर सभागार का निर्माण एवं भूतल पर दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों के लिए कमरा निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। बैठक में सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक विवेक शर्मा ने बोर्ड की अब तक की गतिविधियों एवं बजट के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।   बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, गृृह विभाग के सचिव  हिम शिखर गुप्ता, वित्त विभाग की सचिव शारदा वर्मा, ब्रिगेडियर प्रशासन, मध्य भारत एरिया, ब्रिगेडियर एस. के. मल्होत्रा, कार्यवाहक सचिव केंद्रीय सैनिक बोर्ड, नई दिल्ली कैप्टेन (भा.नौ.) शाश्वत पूर्णानंद, अतिरिक्त महानिदेशक, पुनर्वास परिक्षेत्र मध्य कमान, लखनऊ ब्रिगेडियर विक्रम हिरू, कर्नल सुमीत शर्मा प्रभारी कमान्डर मुख्यालय छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया (कोसा) ने भाग लिया। इसके अलावा बैठक में अशासकीय सदस्यगण मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि.), विंग कमाण्डर ए श्रीनिवास राव (से.नि.), गैर शासकीय सदस्य द्वय श्री कैलाश नाहटा एवं श्री टी आर साहू उपस्थित थे। recent visitors 33

एनसीपी विधायक के समर्थक बैलेट पेपर से करवा रहे थे ‘चुनाव’, ग्राम पंचायत ने इस मतदान को रद्द करने का फैसला किया गया

सोलापुर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मरकावाडी गांव में एनसीपी (SP) विधायक के समर्थन में बैलेट पेपर से रीपोलिंग करवाने की योजना बनाई गई थी। मंगलवार को ही यह चुनाव होना था। हालांकि प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए इस मॉक पोल को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है। इसके बाद ग्रामीणों ने इस मतदान का प्लान कैंसल कर दिया। बताया गया कि पुलिस ने धमकी दी कि इस प्रक्रिया में भाग लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायत की बैठक हुई और इस मतदान को रद्द करने का फैसला किया गया। मालशिरस सीट के तहत आने वाले इस गांव के लोगों का कहना था कि यहां ज्यादातर महाविकास अघाड़ी के समर्थक रहते हैं, इसके बावजूद चुनाव आयोग के आंकड़ों में महायुति को ज्यादा वोट हासिल हुए। ऐसे में उन्होंने बैलेट पेपर से अनाधिकारिक चुनाव कराने का फैसला कर लिया था। पुलिस प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कुछ ग्रामीणों को पहले ही नोटिस भेजा था। इस सीट पर एनसीपी (SP) प्रत्याशी उत्तम जांकर ने ही जीत दर्ज की है। जांकर ने कहा, गांव के लोगों से सलाह के बाद हमने फैसला किया है कि कानूनी तरीके से हम ईवीएम के खिलाफ जंग लड़ेंगे क्योंकि पुलिस हमें यह मतदान नहीं करवाने दे रही है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, यह गतिविधि पूरी तरह से गैरकानूनी है और अगर कोई इस तरह मतदान करवाएगा तो उसपर कार्रवाई होगी। एनसीपी (एसपी) के नवनिर्वाचित विधायक उत्तम जांकर ने ही पहले रीपोलिंग की अपील की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्ती बरती। गांव में पुलि की तैनाती कर दी गई। कुछ गांव के लोगों का कहना था कि गांव में महाविकास अघाड़ी के वोटर ज्यादा हैं लेकिन ईवीएम गलत आंकड़े दिखा रही है। वहीं बीजेपी समर्थकों ने पहले ही कर दिया था कि वे इस मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। एक ग्रामीण ने कहा, गांव के लोगों ने मॉक रीपोल का प्लान बनाया था। ग्रामीणों का मानना है कि वीवीपैट और ईवीएम मशीन में गड़बड़ी थी। इसीलिए हमने बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का फैसला किया था। लेकिन कल सेही 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी गांव में आ गए और दबाव देने लगे। 30 लोगों को नोटिस दिया गया कि अगर कल चुनाव हुए तो आपका भविष्य खत्म हो जाएगा और कोर्ट में मुलाकात होगी। 700 लोग के करीब वोटिंग के लिए पहुंच भी गए थे। लेकिन फिर यही निर्णय हुआ कि इसे पोस्टपोन कर दिया जाए और अन्य तरीके से यह लड़ाई लड़ी जाए। recent visitors 71