सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर मोहन सरकार इस अवसर को जन कल्याण पर्व के रूप में मनाएगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा. recent visitors 51

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 5 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। 'निर्यात कैसे शुरू करें' और 'पर्यटन में निवेश संभावनाएँ' जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 60 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 59

मंत्री विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा बोले – अब भेष बदलकर अयोध्या जाएं और रामलला से अपने कुकर्मों की मांफी मांगे

सागर  मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर चर्चाओं में है। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को घेरते हुए तीखा कटाक्ष किया है। विजयवर्गीय ने बयान देते हुए कहा कि दिग्विजय अब भेष बदलकर अयोध्या जाएं और रामलला से अपने कुकर्मों की मांफी मांगे। मंत्री कैलाश ने कहा कि वे हमसे अयोध्या में मंदिर निर्माण की तारीख पूछते थे। हमने निर्माण की तारीख से लेकर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख भी बताई है। दरअसल एमपी के नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सागर जिले के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के त्रिदेव सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने मंच से अपनी बात रखने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे हमारे आंदोलन पर दिग्विजय हमेशा सवाल उठाते थे। दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि जब हम नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे… तो दिग्विजय सिंह हम पर कटाक्ष करते थे। और कहते थे कि… लेकिन तारीख नही बताएंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमने मंदिर भूमिपूजन की तारीख बताई, प्राण-प्रतिष्ठा की तारीख भी बताई और अब तो मंदिर भी बन गया और रामलला विराजमान भी हो गए। भेष बदलकर अयोध्या जाएं- कैलाश विजयवर्गीय विजयवर्गीय ने आगे कहा कि अब तो दिग्विजय भेष बदल कर अयोध्या जाए और अपने कुकर्मों की भगवान श्री राम से माफी मांगे। हमारे रामजी बड़े दयालु है, वो आपको माफ कर देंगे। गोविंद राजपूत ने कहा विजयवर्गीय मेरे बड़े भाई सागर के पद्माकर सभागार में हितग्राही सम्मेलन और बीजेपी कार्यकर्ता सम्मान समारोह एक साथ आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्गी राजा पर निशाना साधते हुए करारा प्रहार किया। वहीं मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि जब हम अलग-अलग पार्टियों में थे, उस दौरान भी मैं कैलाश जी का सम्मान करता था, वे हमेशा मेरे बड़े भाई रहे हैं। कार्यक्रम के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री नरयावली विधानसभा क्षेत्र के मकरोनिया पहुंचे। जहां उन्होंने खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गोविंद राजपूत, विधायक शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया ने मौजूद रहे। recent visitors 80

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. अंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर दी श्रृद्धांजली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रृद्धांजली दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान शिल्पी, 'भारत रत्न' बाबा साहेब लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला थे, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उनका जीवन समतामूलक समाज की स्थापना व लोक-कल्याण के लिए समर्पित रहा।   recent visitors 54

दही और केले से बना फेस पैक देगा आपको निखरी त्वचा

खूबसूरत त्वचा हर कोई चाहता है लेकिन बहुत से कारणों से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूल, धूप, गंदगी, प्रदूषण, सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप बाजार के कॉस्मेटिक्स के बजाय घर की ही कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। त्वचा को फिर से जवां और हाइड्रेट बनाने के लिए आप घर पर ही मौजूद कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। दही और केले का फेस पैक त्वचा को बेजान होने से बचाता है और खूबसूरत बनाने में मदद करता है। आर्टिकल में शामिल है- 1. केले और दही का फेसपैक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- एक केला, आधा कप दही, शहद 2. कैसे बनाएं केले और दही का फेसपैक- एक केला लें जो कि बहुत ज्यादा पका हुआ ना हो। केले को छीलकर मैश कर लें। मैश केले में दही को मिला लें और फ्लेवर्ड दही का इस्तेमाल ना करें। दही और केले के पेस्ट को अच्छी तरह से मिलाकर फेस पैक बना लें। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप उबटन भी लगा सकते है। इसका इस्तेमाल कैसे करें जानने के लिए क्लिक करें। 3.कैसे लगाएं केला और दही फेसपैक- इस पैक को आप गर्दन के चारों तरफ भी लगा सकते हैं। इसे कुछ देर तक लगाकर रखें और 15 मिनट तक सुखाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। चेहरे पर थोड़ा सा मॉइश्चराइजर लगाएं। 4.केले और दही से बने फेसपैक के फायदे- केले में विटामिन ए, बी, और ई होता है साथ ही इसमें पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। ये सभी तत्व प्राकृतिक रुप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए उपयोगी होते हैं। साथ ही दही में अल्फा-हाइड्रॉक्सिल एसिड होता है जो कि मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए लाभकारी होता है। केले और दही से बना फेसमास्क त्वचा को हर प्रकार से खूबसूरत और निखरी हुई तो बनाता ही है साथ ही मुंहासे और उनके दाग को खत्म करके त्वचा को पोषण भी देता है। सप्ताह में 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इस फेसपैक को लगाने के 2 महीने बाद परिणाम दिखाई देने लगते हैं।   recent visitors 92

प्रदेश में सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा: : मंत्री प्रहलाद पटेल

भोपाल मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल भिंड ज‍िले के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पहले द‍िन  उन्होंने जिला योजना समिति की बैठक को संबोध‍ित किया. इस दौरान मंत्री ने कहा कि आज की बैठक एक अच्छे वातावरण में संपन्न हुई. कार्य पिछले ढाई साल से पंचायतों में लंब‍ित हैं, उनकी जांच करने के ल‍िए जिला पंचायत के सीईओ को न‍िर्देश द‍िया गया है. सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा. वहीं जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए अपने क्षेत्र में एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. सिंध रतनगढ़ और कनेरा परियोजना को सुचारू रूप से करने के लिए भी निर्देशित किया. इस मौके पर नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, 52 हजार प्रकरण सौर ऊर्जा के लिए चिन्हित किए गए हैं, इसमें 90 प्रत‍िशत की सब्सिडी के साथ किसान आवेदन कर सकेंगे और एक माह में समिति समस्त बिलों का भुगतान कर मुझे सूचित करेगी. मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाए वहीं प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो भूमिहीन मुक्तिधाम है, उनके लिए अलग से जगह देकर मुक्तिधाम बनवााए जाएंगे और जहां पर नदी के किनारे शवों को जलाने की प्रथा है, वहां भी मुक्तिधाम बनवाए जाएंगे. प्रभारी मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा क‍ि जहां पर मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है, उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. साथ ही अभियान चलाकर जिन मंदिरों की जमीनों पर कहीं अतिक्रमण है, तो उनको तुरंत खाली कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भिंड जिले की जिन पंचायतों में मुक्तिधाम के लिए जमीन नहीं है, उनको जमीन उपलब्ध कराकर मुक्ति धाम का निर्माण किया जाएगा. उमरी टोल प्लाजा को लेकर मंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा पर निकासी में परेशानी आ रही है. मेरी अगली मीटिंग तक उमरी प्लाजा पर टोल का कार्य शुरू हो जाएगा. इस मौके पर मंत्री पटेल के अलावा, कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह, लहार विधायक अंबरीष शर्मा गुड्डू, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह मौजूद रहे. recent visitors 67

बच्चों को घुटने के बल चलना है तो फॉलो करें ये टिप्स

अगर आपका बच्चा 6-10 महीनें से बड़ा है और वो घुटनों के बल नहीं चल पाता है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है। बच्चे का वजन ज्यादा होने की वजह से ऐसा नहीं कर पाता है। जिन बच्चों का वजन ज्यादा होता है उनको घुटनों के बल चलने में थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप अपने बच्चे को खुद घुटनों के बल चलाना सिखा सकते हैं। बच्चे को पेट के बल लेटने की आदत डालवाएं : बच्चों को पेट के बल लेटकर खेलने में मजा आता है। उन्हें फर्श पर पेट के बल लेटाने से उन्हें हाथ और गर्दन की मांसपेशियां विकसित होती हैं। आप इसे थोड़ी-थोड़ी देर के लिए करते रहना चाहिए। जैसे ही बच्चा 4 महीने का होता है तब से वह अपना सिर घुमाना शुरु कर देता है जिससे वह अपने शरीर पर कंट्रोल करने लगता है और घुटनों के बल चलने के लिए तैयार होता है। बच्चे को बिठाएं ताकि उसकी कमर मजबूत हो सके : जब तक आपका बच्चा बैठना ना सीखे आपको उसकी मदद करनी चाहिए। लेकिन जब तक वह अपने आप बैठना ना सीखे तब उसके सिर और पीठ पर हाथ रखें ताकि बच्चे को सीधा रहने और घुटनों के बल चलते समय सिर ऊपर रखने में मदद मिले। इसके लिए आप अपने बच्चे को सिर के ऊपर कुछ दिखाएं ताकि जब वह ऊपर की तरफ देखे। इससे सिर, कमर और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। एक सुरक्षित स्थान ढूंढे : आपके बच्चे को घुटनों के बल चलाना एक सुरक्षित और कोमल जगह से शुरु करें। क्योंकि अगर जगह बच्चे के लिए सहज नहीं होगी तो उसे चलने में दिक्कत होगी। आप फर्श पर कोई मुलायम कारपेट बिछा सकते हैं, जिससे बच्चे को कोई परेशानी ना हो। ध्यान से बच्चे को पीठ के बल फर्श पर लेटाएं : आपका बच्चा जब खुश हो तो आराम से उसे पीठ के बल फर्श पर लेटाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक बच्चे को पीठ के बल लेटे रहने दें। जब तक वह आराम महसूस करने लगे। बच्चे को पेट के बल घुमाएं : अगर आपका बच्चा घुमते हुए सहज महसूस करता है तो उसे ऐसा करने दें। आप उसकी मदद करके उसे पेट के बल लेटा दें। वह अपने हाथ और सिर को सपोर्ट खुद करेगा। जैसे ही वह हाथ और सिर को सपोर्ट करे तो उसके सिर को ऊपर की तरफ करें। बच्चे का कोई खिलौना उससे थोड़ा दूर रख दें : आप अपने बच्चे को खिलौने के पास जाने के लिए प्रोत्साहित करें और उसे आगे चलने में मदद करें। इससे आपका बच्चा घुटनों के बल चलने की कोशिश करेगा। मगर ध्यान रहे खिलौना ज्यादा दूर ना रखें। इससे बच्चे को परेशानी हो सकती है। बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें : बच्चे को आपकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने की बजाय आप बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें। आप और आपका बच्चा दोनों खिलौने की तरफ घुटनों के बल चलकर जा सकते हैं। ऐसा करने से आपका बच्चा घुटनों के बल चलने के लिए प्रोत्साहित होता है।   recent visitors 65