मानसिक रोगों को दूर करने में मदद करेंगे ये योगासन

मानसिक रोगों को काफी हद तक योगासन की मदद से ठीक किया जा सकता हैं। योग शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है। ये संज्ञान शक्ति में तत्काल वृद्धि का कारक भी हो सकता है। ये तनाव से मुक्त करता है और मस्तिष्क के द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं के संचालन में मदद करता है। नीचे दिए गए योगासनों की मदद से आप इसमें मदद पा सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम : नकारात्मक भावनाये जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। आत्म विश्वास को बढ़ाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है। पाद पश्चिमोत्तानासन : रीढ़ की हड्डी को खींच कर तनाव मुक्त करता है। मन से क्रोध और चिड़चिड़ाहट दूरकर शांत करता है। सेतुबंध आसन : गर्दन और रीढ़ में खिचाव के द्वारा मजबूती लाता है। मांसपेशियों को विश्राम देता है। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद को कम किया जा सकता है। सर्वांगासन : थाइरॉइड और पैरा-थाइरॉइड ग्रंथियों को नियमित करता और सुचारु करता है। पीनियल और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों में अधिक रक्त पहुंचाकर मस्तिष्क को पुष्ट करता है। सभी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। हलासन : मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर कर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। पीठ और गर्दन में खिचाव से तनाव और थकावट को कम करता है। अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।   recent visitors 61

भाजपा विधायक के बेटे की शादी में 61 बेटियों का कन्यादान, वर-वधुओं को दिया गृहस्थी का सामान

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में कुछ ऐसा हुआ…. जिसकी चर्चा प्रदेश भर में हो रही है. दरअसल, BJP विधायक मधु गेहलोत के बेटे की शादी थी… लेकिन इस शादी में BJP विधायक ने कुछ ऐसा किया जिसे देखकर हजारों लोग भाव-विभोर हो गए. दरअसल, विधायक मधु गेहलोत ने अपने बेटे लक्की सिंह की शादी के साथ-साथ 61 गरीब बेटियों की भी शादी करवा दी. विधायक मधु गेहलोत ने इन 61 बेटियों की शादी का पूरा खर्च खुद उठाया. उन्होंने शादी में हर परिवार को कूलर, फ्रिज, टीवी, गैस चूल्हा, पलंग, सोफा, बर्तन समेत करीब एक लाख रुपये का सामान उपहार में दिया. पालड़ा गांव के रहने वाले शंकरलाल की दो बेटियों की शादी भी इसी आयोजन में हुई.  उन्होंने कहा, "मैं कभी नहीं सोच सकता था कि मेरी बेटियों की शादी इतनी धूमधाम से होगी. विधायक जी ने जो किया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा." हजारों लोग इस अनोखे विवाह समारोह के गवाह बने और विधायक की तारीफ की. लोगों ने दी खूब दुआएं ढाबला क्षत्रि गांव से आए दूल्हे दशरथ ने कहा, "अगर मैं अपनी बारात अलग से लेकर जाता, तो इतना अच्छा स्वागत नहीं होता. यहां तो खुद विधायक ने सभी बारातों का स्वागत किया." विधायक ने इलाके के 1,80,000 लोगों को बाराती बन कर खाने का न्यौता दिया. सभी बारातियों को मिठाई, नमकीन, पूरी-सब्जी जैसे स्वादिष्ट भोजन परोसे गए. 3 महीने पहले शुरू हुई थी तैयारी इस आयोजन की तैयारी तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी. जरूरतमंद परिवारों की सूची बनाकर उन्हें सम्मान के साथ इस आयोजन में शामिल किया गया. मंच पर अपने बेटे और बहू के साथ खड़े विधायक मधु गेहलोत भावुक हो गए. उन्होंने कहा, "आज मैंने 61 बेटियों को विदा किया है. ये खुशी के आँसू हैं. मेरी बहू भी अब मेरी बेटी है. मेरा फर्ज है कि मैं अपने क्षेत्र के लोगों की खुशियों में शामिल होऊं." खाटूश्याम का दरबार सजाया गया प्रांगण के एक हिस्से में खाटूश्याम का दरबार सजाया गया था। जहां ज्योत प्रज्वलित की गई और भजन गायक तेजसिंह द्वारा बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति दी गई। प्रभारी मंत्री से लेकर जो भी नेता पहुंचे सभी ने वृहद आयोजन के लिए विधायक गेहलोत की प्रशंसा की। सभी ने कहा कि संपूर्ण व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ जो सामान हमारी बेटी को उपहार रूप में दिया है वह हम भी नहीं दे सकते थे। कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था विधायक गेहलोत ने बताया कि प्रत्येक कन्या को करीब 1 लाख रुपए की सामग्री उपहार में दी गई। इसके लिए जोड़ों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क पंजीयन के रूप में नहीं लिया गया। 1 हजार कार्यकर्ताओं ने इस समारोह की व्यवस्था संभाली। समारोह स्थल पर आने वाले वाहनों की पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस, प्रशासन एवं कृषि उपज मंडी नगर पालिका आदि विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। recent visitors 71

8 दिसंबर मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत

हिन्दू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ महिलाएं उपवास भी रखती हैं और विधि-वाधिन से देवी दुर्गा की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. देवी दुर्गा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं. इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को शक्ति और साहस मिलता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 08 दिसंबर दिन रविवार को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और 09 दिसंबर दिन सोमवार को सुबह 08 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी. मासिक दुर्गाष्टमी पर निशाकाल में जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है. इसलिए 08 दिसंबर को मासिक दुर्गा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है. इस व्रत में उपवास के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि छोटी सी गलती के कारण आपका व्रत टूट सकता है और आपकी मनोकामना अधूरी रह जाएगी. व्रत के दौरान क्या खाएं     व्रत के दौरान आप दिन भर में विभिन्न प्रकार के फल खा सकते हैं. जैसे- सेब, संतरा, अंगूर, केला आदि.     आप उबली हुई या भाप में पकी हुई सब्जियां खा सकते हैं. जैसे- गाजर, शिमला मिर्च, बैंगन आदि.     आप दूध और दही का सेवन भी कर सकते हैं.     उपवास में बादाम, काजू, किशमिश आदि सूखे मेवे भी खाए जा सकते हैं.     आप कुट्टू के आटे से बना हुआ खिचड़ी या पूड़ी खा सकते हैं.     आप सेंवई का हलवा या खीर बनाकर खा सकते हैं. व्रत के दौरान क्या नहीं खाएं     व्रत के समय भूल से भी चावल, गेहूं आदि अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए.     दालें भी नहीं खानी चाहिए और मांस, मछली और अंडे का सेवन वर्जित है.     प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करना चाहिए.     तेल और घी में बने हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.     नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नमक खाने से व्रत टूट जाता है. कैसे पूरा करें उपवास अगर महिलाएं मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत पूरा करना चाहती हैं तो सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद माता दुर्गा की पूजा करें और उन्हें फल, फूल और मिठाई चढ़ाएं और दिन भर उपवास रखें और केवल निर्धारित चीजें ही खाएं. इसके अलावा शाम के समय माता दुर्गा की आरती करें और फिर प्रसाद ग्रहण करें. व्रत के दौरान मन को शांत रखें और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें. किसी की बुराई न करें और हमेशा सकारात्मक सोच रखें. व्रत के दौरान किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन दान अवश्य करें. इससे माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है.   recent visitors 78

हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद

नारी शक्ति का हुआ सम्मान महतारी वंदन ने बढ़ाया मान महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद रायपुर छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है। श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। recent visitors 72

मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक संघ शाखा नगर निगम भोपाल में मशीनरी मीटिंग

भोपाल ! हेवी मशीनरी की मीटिंग रखी गई इसमें उपस्थित प्रांत अध्यक्ष साबिर खान साहब एवं नगर निगम भोपाल अध्यक्ष इरफान अल्ताफ साहब समस्त नगर निगम हेवी मशीनरी जेसीबी डंपर प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सलमान खान सर परहस्त जफर भाई अब्बू जी एवं हमारे वरिष्ठ शहादत भाई सच्चे भाई अजीज भाई नगर निगम प्रभारी जावेद भाई नगर निगम मैकेनिक ताहिर भाई संघ के कोषाध्यक्ष बिलाल भाई जल कार्य विभाग के अध्यक्ष अदनान भाई मौजूद रहे इस मीटिंग में सैकड़ो की तादात में सभी हेवी मशीनरी के वाहन चालक मौजूद रहे वाहन चालकों को इस मीटिंग में प्रांत अध्यक्ष साबिर खान ने सभी फर्जी संगठनों से कर्मचारियों को दूर रहने को कहा एवं कर्मचारियों के गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई इस मीटिंग मैं नगर निगम अध्यक्ष इरफान हमने बताया किसी का कोई फार्म ना भरे आपके साथ धोखा हो सकता है आपकी आईडी फोटो का गलत उपयोग हो सकता है इसलिए किसी को भी अपनी आईडी ना दें और फर्जी संगठनों से दूर रहे मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक यांत्रिक कर्मचारी संगठन एक मजबूत संगठन और आपके लिए हमेशा खड़ा है और खड़ा रहेगा इस मीटिंग में असीम अली जोन 10 का अध्यक्ष बनाया गया एवं जोन 2 में मोहम्मद जफर को अध्यक्ष नियुक्त किया गया, एवं हेवी मशीनरी की कार्यकारी घटित की गई जिसमें उपाध्यक्ष मोहम्मद शोएबसचिव फैजान अली संगठन सचिव समीर अली नियुक्त किए गएसलमान खानअध्यक्षसमस्त हेवी मशीनरी जे सी बी डंपर प्रकोष्ठ recent visitors 90

इंटरव्यू देने से पहले होती है घबराहट तो इस तरह करें खुद को तैयार, बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

किसी भी जॉब को जॉइन करने से पहले इंटरव्यू होता है। इस दौरान इंटरव्यू में वैसे तो प्रोफाइल से जुड़े कॉमन सवाल पूछे जाते हैं। इनके जरिए पता लगाया जाता है कि आप उस नौकरी के लिए सही हैं या नहीं। सवाल आपकी प्रोफाइल से जुड़े होते हैं लेकिन फिर भी इंटरव्यू सेशन से पहले कुछ को घबराहट होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो खुद को तैयार करें, इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। पहले से प्रेक्टिस करें सवालों के जवाब देने की कोशिश पहले से करें। शीशे में देखकर खुद से सवाल करें और उनके जवाब देने की प्रेक्टिस करें। आप अपने कॉम्यूनिकेशन स्किल्स को चेर करने के लिए मॉक इंटरव्यू भी आजमा सकते हैं। कंपनी के बारे में करें रिसर्च इंटरव्यू की तैयारी करने से पहले कंपनी और उसके बिजनेस को अच्छी तरह से जानें। अगर आप कंपनी के बारे में पहले से जान लेंगे तो इससे इंटरव्यू लेने वाला मैनेजर तो खुश होगा। साथ ही जब आपको पहले से चीजों की जानकारी होगी तो घबराहट कम होगी। अपने गोल्स पर नजर रखें इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब देने के लिए अपने फ्यूचर गोल्स के बारे में सोचें और खुद को याद दिलाएं कि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू क्यों दे रहे हैं। ऐसा करने से आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ध्यान लगाएं अगर आप इंटरव्यू से पहले चिंतित महसूस करते हैं, तो अपने दिमाग को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्यान लगाएं। अपनी सांसों पर सिर्फ 5 मिनट ध्यान केंद्रित करने से आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा। सफल होते हुए खुद को सोचें इंटरव्यू में खुद को सफल होते हुए देखने से आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आप सोच सकते हैं कि आप कमरे में कैसे जाते हैं, इंटरव्यू करने वाले से हाथ मिलाते हैं और आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देते हैं। ऐसा करने घबराहट को शांत करने में मदद मिल सकती है। recent visitors 77

BPSC परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, 13 दिसंबर को इन जिलों में होगी परीक्षा

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (BPSC 70th Exam Schedule) का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस संबंध में आयोग के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा 13 दिसंबर को एक ही शिफ्ट में दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक राज्य के अधिकांश जिलों में बनाए गए केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थी शुक्रवार से यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर डैशबोर्ड से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा उन्होंने बताया कि यह परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जा रही है. पहले की तरह इस बार भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा. कुछ असामाजिक तत्व नॉर्मलाइजेशन को लेकर अफवाह फैला रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन से रिजल्ट तैयार नहीं होगा. परीक्षा में शामिल होने के लिए चार लाख 83 हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं. वहीं, आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 6 दिसंबर को डैशबोर्ड पर डाउनलोड एडमिट कार्ड बटन पर क्लिक करने पर ई-एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसे आवंटित परीक्षा केंद्र कोड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जिसमें केंद्र कोड और जिले का नाम अंकित होगा। परीक्षा केंद्र कोड 10 दिसंबर से डैशबोर्ड पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर लाना होगा एडमिटकार्ड इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र पर अपने साथ ई-एडमिट कार्ड की एक अतिरिक्त प्रति लेकर आएंगे। परीक्षा अवधि के दौरान पर्यवेक्षक के समक्ष इस पर हस्ताक्षर करना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वे बीपीएससी की वेबसाइट के संपर्क में रहें। 11 बजे को बाद परीक्षा केंद्र पर नो एंट्री इधर, सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इससे एक घंटा पहले यानी 11:00 बजे तक अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड आदि की जांच के बाद केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को 11:00 बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी सुबह साढ़े नौ बजे से आवंटित केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 दिसंबर को होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार किए गए हैं। सभी केंद्रों पर इन्हीं में से एक सेट से परीक्षा ली जाएगी। कई स्तरों पर लॉक किए जाएंगे प्रश्नपत्र परीक्षा के लिए कौन सा सेट इस्तेमाल किया जाएगा, इसका निर्णय परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले लिया जाएगा। प्रश्नपत्र वाला बॉक्स अभ्यर्थियों के सामने उनके कमरे में खोला जाएगा। प्रश्नपत्र वाले बॉक्स को रंगीन चिपकने वाली शीट से कई स्तरों पर सील किया जाएगा। रंगीन शीट को बॉक्स के चारों ओर लपेटा जाएगा। लॉक भी कई स्तरों पर सील किए जाएंगे। छेड़छाड़ की स्थिति में पहले की तरह ऐसा नहीं किया जा सकेगा।   recent visitors 82