कछरवार की रहने वाली गुड्डी बाई के लिए अनुग्रह सहायता राशि बनी वरदान

भोपाल जीवन में कई बार विपरीत परिस्थितियाँ आकर हमें तोड़ने की कोशिश करती हैं, लेकिन सही समय पर मिला सहारा नई राह दिखा सकता है। ऐसी ही एक कहानी है, उमरिया जिले के गांव कछरवार की रहने वाली गुड्डी बाई की, जिनके परिवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना ने न केवल सहारा दिया, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित किया। गुड्डी बाई के जीवन में पहली चुनौती 15 साल पहले आई जब उनके पति हेतराम का निधन हुआ। परिवार का सहारा बनने की जिम्मेदारी उनके बड़े बेटे प्रभाकर रजक ने संभाली। प्रभाकर ने इलेक्ट्रिशियन का काम शुरू किया और घर-परिवार को आर्थिक रूप से स्थिरता दी। लेकिन किस्मत ने एक और परीक्षा ली, प्रभाकर की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस घटना ने परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया। जीविकोपार्जन के लिए छोटे बेटे सुधाकर ने इलेक्ट्रिशियन का काम सीखना शुरू किया और बड़े बेटे दिवाकर ने खेती-बाड़ी का जिम्मा संभाला। संबल योजना ने दी नई ऊर्जा प्रभाकर का नाम मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना 2.0 में पंजीकृत था। उनकी मृत्यु के बाद योजना के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि गुड्डी बाई के खाते में जमा कराई। इस राशि ने न केवल परिवार को आर्थिक संकट से उबारा, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को संवारने का अवसर भी दिया। गुड्डी बाई कहती हैं, "यह राशि हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब मैं अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके काम-धंधे को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकती हूँ। यह सहायता हमें फिर से जीने की ताकत दे रही है।" गुड्डी बाई ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जैसे असहाय परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने का मौका दिया है। संबल योजना से न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि एक टूटे हुए परिवार को फिर से खड़ा करने की प्रेरणा दी।   recent visitors 202

राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की पीवीटीजी बहुल 21 जिलों के दूरस्थ गांवों की 1270 बसाहटों तक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) संचालित करने की योजना है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना के तहत सरकार द्वारा कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जाएंगी, जिन पर तीन वर्षों में लगभग 50 करोड़ 31 लाख 18 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को पीवीटीजी समुदाय के लोगों के घर-घर तक पहुंचाना है। योजना के तहत अब तक तेजी से काम किया गया है। कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में से आगामी 15 दिसंबर 2024 तक 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित कर दी जायेंगी। सरकार की यह पहल विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगी। सरकार के इन प्रयासों से पीवीटीजी समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये पीवीटीजी बहुल जिले भी चिन्हित कर लिये गये हैं। सरकार द्वारा शिवपुरी जिले के लिये 11, शहडोल जिले के लिये 10, बालाघाट एवं सीधी के लिये 6-6, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर एवं मंडला के लिये 5-5, अशोकनगर 4, अनूपपुर 3, दतिया, मुरैना एवं श्योपुर के लिये 2-2 तथा छिंदवाड़ा, कटनी, नरसिंहपुर, सतना, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों के लिये 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट की गई है। पीएम जन-मन में पीवीटीजी के लिये मंजूर 74 में से 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स जल्द ही संचालित हो जायेंगी। शेष 8 मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। वर्तमान में इन जिलों के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में वैकल्पिक तौर पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जा रही हैं।   recent visitors 55

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना

प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना भोपाल प्रदेश में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के सुलभ अध्ययन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिये विभाग ने 2 हजार 875 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। यह योजना आगामी 3 वर्षों में पूरी की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 5 नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता और 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगमों में एक हजार बैठक क्षमता वाले एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। प्रदेश की 99 नगरपालिका परिषद और 298 नगर परिषद क्षेत्र में क्रमश 500 एवं 250 बैठक क्षमता के एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गीता भवन का निर्माण राज्य शासन द्वारा कराया जायेगा। नगरीय निकाय पीपीपी मोड पर भी गीता भवन का निर्माण कर सकेंगे। नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि प्रत्येक गीता भवन में एक पुस्तकालय होगा। इनमें 3 रीडिंग रूम की व्यवस्था होगी। गीता भवन में ई-लायब्रेरी कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गयी है। गीता भवन में साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी विकसित कर सकेंगे। गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के होंगे प्रयास नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में बनाये जा रहे गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये नगरीय निकाय समुचित स्थान पर व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे। जिन नगरीय निकायों में पूर्व से भवन हैं, उनका विस्तार कर गीता भवन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। नगरीय निकायों में बनाये जाने वाले गीता भवनों में ऑडिटोरियम का भी प्रावधान रखा गया है। इन ऑडिटोरियम में नगरीय निकायों की आबादी के मान से सभागार की बैठक क्षमता निर्धारित रहेगी। गीता भवन में चार पहिया और दो पहिया की सुलभ पॉर्किंग व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है। गीता भवन का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जायेगा, जहाँ नागरिकों की पहुँच आसान हो। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि नगरीय निकाय ‘सुराज’ योजना की भूमि पर भी गीता भवन बना सकेंगे। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित किये जायेंगे। गीता भवन की डिजाइन इस प्रकार की होगी कि जिसमें मध्यप्रदेश के विशेष ऑर्किटेक्चर की झलक देखने को मिले।   recent visitors 66

2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिये विशेष प्रयास कर रही है। बीते वर्षों के प्रगतिरत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये हैं। कुल 404 करोड़ 86 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन सभी 163 निर्माण कार्यों के लिये निविदा की प्रक्रिया प्रचलन में है। जल्द ही सभी कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। जनजातीय कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि नये निर्माण कार्यों में राज्य शासन द्वारा छात्रावास, आश्रम शालाओं, अप्रोच रोड एवं सामुदायिक भवन आदि मंजूर किये गये हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-275(1) के तहत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिये राज्यों को भारत की संचित निधि से अनुदान दिया जाता है। संचित निधि से प्राप्त अनुदान से राज्य शासन द्वारा 161 करोड़ रूपये की लागत से 40 नये छात्रावास निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। प्रत्येक छात्रावास 4 करोड़ 4 लाख रूपये की लागत से बनाया जायेगा। इसी प्रकार 143.22 करोड़ रूपये की लागत से 52 नई आश्रम शालाएं बनाई जायेंगी। प्रत्येक आश्रम शाला 2 करोड 75 लाख 43 हजार रूपये की लागत से बनाइ जायेगी। इसी क्रम में 5 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 13 छात्रावासों में उन्नयन कार्य, 44 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य, 5 करोड़ रूपये से 10 सामुदायिक भवनों का निर्माण (50 लाख प्रति सामुदायिक भवन), 6 करोड़ रूपये से 3 सामुदायिक भवनों का निर्माण (2 करोड़ प्रति सामुदायिक भवन), 11 करोड़ 91 लाख रूपये लागत से आधारताल, जबलपुर में 150 सीटर महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण कार्य एवं 9 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 8 कन्या शिक्षा परिसरों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य कराया जायेगा। जनजातीय कार्य मंत्री शाह ने बताया कि पीवीटीजी की संस्कृति के संरक्षण के लिये भी सरकार गंभीर होकर प्रयास कर रही है। पीवीटीजी कल्याण (सांस्कृतिक भवन) योजना के तहत 5 करोड़ रूपये लागत से ग्राम टिकटोली जिला श्योपुर में सहरिया जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, मंडला में 5 करोड़ रूपये की लागत से बैगा जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, धार में 2 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से भील जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य सहित 1.50 करोड़ लागत से शाहपुर जिला बैतूल के बालक क्रीडा परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पिपलानी में 24 लाख रूपये की लागत से कोरकू समाज के लिये मंगल भवन का‍निर्माण कार्य तथा ग्राम ईंटखेड़ी जिला रायसेन में 3 करोड़ 98 लाख रूपये की लागत से सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जायेगा। recent visitors 58

लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएगी साल की आखिरी किस्त, जाने बडा अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की बहनों और बेटियों को आर्थिक मदद करती है ताकि वे सशक्त बन सकें। सरकार की ओर से मिलने वाली राशि से बहनों के चेहरे पर खुशी भी देखी जाती है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल एमपी में बल्कि पूरे देश में काफी मशहूर है। तो चलिए आपको बताते हैं कि मोहन सरकार लाड़ली बहनों के खातों में कब किस्त की राशि ट्रांसफर कर सकती है। कब जारी होगी 19वीं किस्त?     बता दें कि पिछले कुछ महीनों से महीने की 10 तारीख से पहले ही महिलाओं के खातों में किस्त की रकम आ रही है। खबरों की मानें तो इस बार भी राज्य की मोहन सरकार 19वीं किस्त की राशि महीने की 10 तारीख से पहले महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर सकती है। ये इस साल की आखिरी किस्त होगी। वहीं संभावना ऐसी भी हैं कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है बहनों को बेसब्री से है इंतजार मध्य प्रदेश में चलाई जा रही लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस स्कीम के तहत सरकार महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की धनराशि देती है ताकि महिलाएं अपना जरूरत की चीजें खरीद सकें। साथ ही सरकार का यह भी उद्देश्य जीवन अच्छे से जी सकें और उन्हें अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। गौरतलब है कि सरकार 18वीं किस्त जारी कर चुकी है और अब प्रदेश की महिलाएं 19वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। अब देखना होगा कि मोहन सरकार बहन-बेटियों के खाते में कब राशि ट्रांसफर करती है। कब शुरू हुई थी योजना? दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहाना योजना की शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले की थी। आपको बता दें कि योजना की पहली चार किस्तों में महिलाओं के खातों में 1-1 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद किस्त की राशि बढ़ाकर 1,250 कर दी गई। तब से इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1250 रुपए की राशि भेजी जाती है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ राज्य की करीब 1.29 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है।  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, "इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है." कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.   recent visitors 88

पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी

भोपाल फ़ेंगल तूफान का असर खत्म होने लगा है, ऐसे में 7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खास करके उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी। इस दौरान पूर्वी हिस्से में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान फेंगल के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने से तापमान में इजाफा हो रहा है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा और मौसम ऐसा ही बना रहेगा।इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। Madhya Pradesh के मौसम का ताजा हाल एमपी मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल तूफान का असर खत्म के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आने से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रात के तापमान में गिरावट आएगी और तेज ठंड का असर देखने को मिलेगा।पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में मौजूद है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं वर्षा होने के आसार हैं। इससे फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने का अनुमान है। उसके पूर्व मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं। recent visitors 72

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।   recent visitors 112