Sunday, July 5, 2026 5:25 am

प्राइम टेबल टेनिस लीग में टेबल टेनिस के प्रति अपने जुनून और कौशल का प्रदर्शन करेंगे आठ टीमों के 56 सितारे

इंदौर प्राइम टेबल टेनिस लीग (पीटीटीएल) का बहुप्रतीक्षित आगाज़ मध्य प्रदेश के इंदौर में 13 दिसंबर, 2024 से होने जा रहा है, जो कि 15 दिसंबर, 2024 तक चलेगा। यह रोमांचक प्रतियोगिता इंदौर के प्रसिद्ध अभय प्रशाल क्लब में आयोजित की जाएगी। इस लीग में 11 से 60 वर्ष की उम्र के 56 खिलाड़ी, 8 कोच और 8 मैनेजर हिस्सा ले रहे हैं, जो टेबल टेनिस के प्रति अपने जुनून और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। पीटीटीएल के इस संस्करण में इंदौर के स्थानीय सितारे अनुषा कुटुम्बले, वियान राजीव, अनुज सोनी, संतोष खिरवाडकर, भाग्यश्री दवे, कार्तिकेय कौशिक, हिया पटेल, शिवम सोलंकी, हिमानी चतुर्वेदी और ज़ाकिया सुल्तान शामिल हैं। यह मुकाबला आठ धमाकेदार टीमों के बीच होगा, जो तीन दिनों तक रोमांचक मैचों का वादा करता है। इन टीमों में क्लिपर्स, निंजा, सेंसाटेशन, स्पार्टन्स, थंडरबोल्ट, योद्धा, लायन वॉरियर और किंग पोंग के नाम शामिल हैं। मध्य प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन (एमपीटीटीए) के अध्यक्ष ओम सोनी ने लीग के महत्व के बारे में बताते हुए कहा, "इंदौर में खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की हमेशा से ही परंपरा रही है। प्राइम टेबल टेनिस लीग की मेजबानी करना हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह खेल के प्रति जुनून, समर्पण और कौशल का शानदार उत्सव भी है। हम उम्मीद करते हैं कि इससे कई बच्चों और परिवारों को खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का मौका मिलेगा। प्रशंसकों को पेशेवर टेबल टेनिस का रोमांच अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इंटरैक्टिव गतिविधियों, आकर्षक वर्कशॉप्स और लाइव मैचों के साथ, यह आयोजन परिवारों और खेल प्रेमियों के लिए एक विशेष अनुभव होने का वादा करता है। बच्चों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल भी की जाएगी, ताकि वे टेबल टेनिस को अपनी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाएँ और इसके प्रति प्रेरित हों।   recent visitors 39

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रि-मंडलीय समिति ने 85 केन्द्रीय विद्यालय (केवी) स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसमें 11 केन्द्रीय विद्यालय मध्यप्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के लिये 11 केन्द्रीय विद्यालय की सौगात देने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई यह सौगात मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊंचाई देगी। मध्यप्रदेश को मिले 11 केन्द्रीय विद्यालयों में अशोक नगर जिला अशोक नगर , नागदा जिला उज्जैन, मैहर जिला सतना, तिरोड़ी जिला बालाघाट, बरघाट जिला सिवनी, निवाड़ी जिला निवाड़ी, खजुराहो जिला छतरपुर, झिनझारी जिला कटनी, सबलगढ़ जिला मुरैना, नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ और सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया जिला भोपाल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसार सभी केन्द्रीय विद्यालयों को पीएमस्कूल के रूप में नामित किया गया है, जो एनईपी-2020 के कार्यान्वयन को रेखांकित करता है और अन्य के लिए अनुकरणीय स्कूल के रूप में कार्य करता है। केन्द्रीय विद्यालय अपने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अभिवन शिक्षण पद्धति और अद्यतन अवसंरचना के कारण उन स्कूलों में से एक है, जिनकी सबसे अधिक मांग है। हर साल केवी के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आवेदन वाले छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन सभी शैक्षणिक प्रणालियों में लगातार सर्वश्रेष्ठ रहा है।   recent visitors 70

दिल्ली विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के नेताओं के ही हाथ में रहेगी: कांग्रेस

भोपाल अगले वर्ष होने वाले दिल्ली विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस की कमान मध्य प्रदेश के नेता संभालेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने टिकट वितरण से लेकर चुनाव की कार्ययोजना बनाने का दायित्व पार्टी ने प्रदेश के नेताओं को दिया है। टिकट के लिए नाम प्रस्तावित करने गठित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को बनाया है तो वार रूम की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को दी गई है। अभी हाल ही में हुए महाराष्ट्र, झारखंड और उसके पहले जम्मू कश्मीर व हरियाणा विधानसभा के चुनाव में मध्य प्रदेश के नेताओं को भेजा गया था। यहां प्रदेश के नेता सहयोगी की भूमिका में थे लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के नेताओं के ही हाथ में रहेगी। टिकट दावेदारों की कुंडली तैयार करना इसमें सबसे महत्वपूर्ण काम टिकट के लिए संभावित दावेदारों का गुण-दोष के आधार पर आकलन करके नाम प्रस्तावित करना है। यह दायित्व पूर्व सांसद और संगठन में विभिन्न पदों पर काम कर चुकीं मीनाक्षी नटराजन को दिया गया है। उन्हें गांधी परिवार का भरोसेमंद माना जाता है। भारत जोड़ो यात्रा में वे पूरे राहुल गांधी के साथ रहीं। पार्टी ने उन्हें तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाकर भी भेजा था। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राजनीतिक मामलों की समिति और कार्यकारी समिति की सदस्य हैं। निर्विवादित होने के कारण संगठन ने उन्हें प्रत्याशी चयन का काम दिया है। वार रूम का चेयरमैन प्रियव्रत सिंह वहीं, कमल नाथ सरकार में मंत्री रहे प्रियव्रत सिंह को वार रूम का चेयरमैन बनाया गया है। उन्हें चुनाव लड़ने और लड़वाने दोनों का पर्याप्त अनुभव है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी से लेकर प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें अलग-अलग राज्यों के चुनावों में विभिन्न जिम्मेदारी दे चुकी है। चुनाव की रणनीति बनाने के साथ उसके अमल की पूरी जवाबदारी प्रियव्रत की होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा का कहना है कि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे करने की दिशा में काम कर रही है। यही कारण है कि प्रदेश के दो युवा नेताओं को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई हैं। दोनों को ही संगठन और चुनाव से जुड़े कामों का पर्याप्त अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में मिलेगा। जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, कुणाल चौधरी भी संभाल चुके हैं दायित्व प्रदेश के युवा नेताओं पर संगठन को भरोसा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को गुजरात, उमंग सिंघार को झारखंड और कुणाल चौधरी को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग दायित्व देकर भेजा जा चुका है। recent visitors 50

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना, ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा

जम्मू-कश्मीर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 7 दिसंबर की रात को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 8 और 9 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान है। इस बर्फबारी से दोनों राज्यों का तापमान गिर जाएगा और ठिठुरन बढ़ जाएगी।   जम्मू-कश्मीर में माइनस में तापमान हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में ठंड बढ़ गई है। श्रीनगर का तापमान -4.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सीजन की सबसे ठंडी रात रही। शोपियां -5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ घाटी का सबसे ठंडा शहर रहा। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में तापमान -5.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 8-9 दिसंबर को होने वाली बर्फबारी के बाद 10 से 14 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि 15-16 दिसंबर को फिर बर्फबारी और बारिश का अनुमान है।   हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश में 7 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी। हालांकि, प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश नहीं होने से सूखा बना हुआ है। अभी तक हिमाचल के कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो चुकी है। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे में 2 इंच तक हिमपात हुआ है। आगामी दिनों में लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा, मंडी, शिमला, कांगड़ा और मनाली में बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश में मौसम हिमाचल प्रदेश में इस समय मनाली का न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री, शिमला का 9.2 डिग्री और ऊना का 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। प्रदेश के 6 जिलों में पिछले 65 दिनों से बारिश नहीं हुई है, और 2016 के बाद पहली बार नवंबर में लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य 11 जिलों में एक भी बूंद बारिश नहीं पड़ी। 6 दिसंबर को हिमाचल में अधिकतम तापमान 16.01 डिग्री सेल्सियस रहा और आने वाले दिनों में 6.11 डिग्री से 19.29 डिग्री तक तापमान रहने का अनुमान है। इस बर्फबारी और बारिश से ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में शीत लहर का असर दिखाई दे सकता है। recent visitors 58

रायपुर के मेकाहारा में बढ़ते मरीजों का दबाव कम करने के लिए 231 करोड़ की लागत से बनेगा नया अस्पताल भवन, टेंडर जारी

रायपुर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. रायपुर के मेकाहारा में बढ़ते मरीजों का दबाव कम करने के लिए परिसर में 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है. बता दें कि इस साल के बजट में मेकाहारा परिसर में 700 नवीन एकीकृत अस्पताल का प्रावधान किया गया था, जिसके निर्माण की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दे रहे हैं. मेकाहारा परिसर में 700 बिस्तरीय नवीन एकीकृत अस्पताल भवन के लिए 231 करोड़ रुपए के ई- टेंडर जारी होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का इजाफा करना उनकी पहली प्राथमिकता है. इस एकीकृत अस्पताल के निर्माण से मेकाहारा अस्पताल के अतिरिक्त भी लोगों के पास सर्वसुविधा वाला अस्पताल रहेगा. इसमें रायपुर सहित पूरे प्रदेश के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा. 2 जनवरी तक जमा कर सकते हैं निविदा, 6 को खुलेगा टेंडर ई टेंडर के संबंध में विस्तृत जानकारी सीजीएमएससी की वेबसाइट www.cgmsc.gov.in पर 10 दिसंबर से उपलब्ध रहेगी. इसके लिए प्री-बिड मीटिंग 19 दिसंबर को सीजीएमएससी मुख्यालय में सुबह 11 बजे होगी. आनलाइन निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 2 जनवरी 2025 तक होगी और 6 जनवरी 2025 को यह टेंडर खुलेगा. recent visitors 168

एकलिंगजी मंदिर में मिनी स्कर्ट, बरमूडा और नाइट सूट जैसे छोटे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया

उदयपुर धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए उदयपुर के एकलिंगजी मंदिर में मोबाइल फोन और छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए दिशानिर्देशों के तहत मंदिर ने मिनी स्कर्ट, बरमूडा और नाइट सूट जैसे छोटे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ड्रेस कोड का उद्देश्य मंदिर की पवित्रता को बनाए रखना और उसकी पवित्रता का सम्मान करना है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में नए दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए एक बैनर लगाया गया। कपड़ों पर प्रतिबंध के अलावा मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले आगंतुकों को स्विच-ऑफ मोड में फोन लाने की अनुमति थी, हालांकि मंदिर के अंदर फोटोग्राफी हमेशा प्रतिबंधित थी। प्रबंधन ने यह भी दोहराया है कि मंदिर में पालतू जानवर और हथियार ले जाना प्रतिबंधित है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन नए नियमों का सम्मान करने का आग्रह किया है। मंदिर प्रबंधन ने कहा कि कई आगंतुकों ने मंदिर में अनुचित पोशाक को लेकर असहजता व्यक्त की थी, जिसके कारण ये परिवर्तन किए गए। उदयपुर से लगभग 22 किलोमीटर दूर कैलाशपुरी गांव में स्थित एकलिंगजी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें मेवाड़ के देवता के रूप में पूजा जाता है। इसे बप्पा रावल ने 734-753 ई. के बीच स्थापित किया था और महाराणा मोकल (1421-1433 ई.) ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। वर्तमान मूर्ति महाराणा रायमल (1473-1509 ई.) द्वारा स्थापित की गई थी। सफेद संगमरमर से निर्मित इस मंदिर परिसर में 108 छोटे मंदिर हैं। गर्भगृह में भगवान एकलिंगजी की चार मुख वाली काले संगमरमर की मूर्ति और बाहर नंदी की चांदी की मूर्ति है। राजस्थान के अन्य मंदिरों ने भी अनुशासन और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। उदयपुर के जगदीश मंदिर में पिछले साल टी-शर्ट, बरमूडा और नाइट सूट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, हालांकि इस निर्णय से विवाद उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण बैनर हटा दिए गए थे। जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में भी हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट और फटी जींस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं भीलवाड़ा के कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर में भी पहले ड्रेस कोड लागू किया गया था। recent visitors 63

‘भविष्य का नर्मदापुरम् होगा विकसित’ रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिये 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और सामान विकास के संकल्प को सकार करने के लिये पूरे प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होगी, जिसकी तैयारी जोरों है। नर्मदापुम् राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों के स्वागत के लिये तैयार है। इसके माध्यम से स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों को भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीतियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में नर्मदापुरम और आस-पास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, विकासात्मक योजनाओं और विभिन्न उद्योगों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा क्षेत्रीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। व्यापार संवर्धन केंद्र भी खुले रहेंगे, जहां निवेशक मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेंगे और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे। यह सम्मेलन न केवल राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। कॉन्क्लेव में निवेश के अवसर विषय पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस और ईएसडीएम, माइनिंग, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दोहपर 12 बजे प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा राज्य के व्यवसायिक माहौल पर अपने विचार साझा किए जाएंगे। राज्य की विकासात्मक संभावनाओं पर एक शार्ट फिल्म का प्रजेंटेशन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा। 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का महत्व नर्मदापुरम का यह आयोजन राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। 75 प्रमुख निवेशक और 5 देशों के प्रतिनिधि यहां उद्योग और रोजगार के लिए नए रास्ते खोजने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे, और निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। नर्मदापुरम की नई पहचान     नर्मदापुरम, जो पहले अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता था, अब एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र क्षेत्रों में नए अवसरों का पता लगाना है। इस आयोजन की थीम नए क्षितिज, नई संभावनाएं है। स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में 60 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों का प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शनी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उनका प्रचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। इसमें निवेशकों के साथ साझेदारी के अवसर भी मिलेंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नया कदम कॉन्क्लेव का उद्देश्य नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करना और सरकार तथा निवेशकों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना है। यह आयोजन नर्मदापुरम को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा और प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा। इस कॉन्क्लेव की थीम क्या है? नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है. इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी. recent visitors 67