Sunday, July 5, 2026 10:37 am

US Parliament तक पहुंचा भोपाल गैस त्रासदी का मामला, ये प्रस्ताव हुआ पेश

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर अमेरिकी संसद में 3 दिसंबर को 'राष्ट्रीय रासायनिक आपदा जागरूकता दिवस' के रूप में मनाने का प्रस्ताव पेश किया गया। यह प्रस्ताव सीनेटर जेफ मर्कले और प्रतिनिधि सभा की सदस्य प्रमिला जयपाल और रशीदा तलैब द्वारा पेश किया गया। प्रस्ताव में 2001 में हुए भारत-अमेरिका समझौते का जिक्र किया गया है, जिसमें न्याय के लिए सहयोग की बात कही गई थी। यूनियन कार्बाइड के मालिक डॉव इंक से न्यायिक जिम्मेदारियों को पूरा करने की अपील भी की गई।   सुरक्षा की अनदेखी का खामियाजा सीनेटर जेफ मर्कले ने कहा, रासायनिक आपदाएं अक्सर कंपनियों द्वारा सुरक्षा की अनदेखी और मुनाफे को प्राथमिकता देने का नतीजा होती हैं। भोपाल त्रासदी ने लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया और इसका असर आज भी महसूस किया जा रहा है। यूनियन कार्बाइड की लापरवाही प्रस्ताव में यूनियन कार्बाइड और उसके सीईओ वॉरेन एंडरसन पर गैर-इरादतन हत्या के आरोपों का जिक्र किया गया। भारतीय अदालत में चल रही कार्यवाही के बावजूद, कंपनी और उसके प्रतिनिधि अदालत में पेश नहीं हुए।   मुआवजे की मांग प्रमिला जयपाल ने कहा कि यूनियन कार्बाइड और डाउ केमिकल को पीड़ितों को मुआवजा देना चाहिए। रशीदा तलैब ने कहा, डाउ ने यूनियन कार्बाइड का अधिग्रहण करते वक्त त्रासदी की जिम्मेदारी ली थी। 40 साल बाद भी पीड़ित न्याय की आस लगाए बैठे हैं। अब डाउ को नुकसान की भरपाई करनी ही होगी।   जागरूकता दिवस का उद्देश्य वहीं सांसदों ने त्रासदी पीड़ितों के संघर्षों की सराहना की और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य रासायनिक आपदाओं के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और मानवाधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता देना है। यह अमेरिका की विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है। भोपाल गैस त्रासदी पर एक नजर     भारतीय इतिहास में 2-3 दिसंबर 1984 की रात एक ऐसी भयावह घटना के रूप में दर्ज है, जिसे भुला पाना मुश्किल है। यह घटना भोपाल गैस त्रासदी थी, जिसने मानवता पर अमिट छाप छोड़ी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के कीटनाशक संयंत्र से लीक हुई मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली और लाखों लोगों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंचाई। इस औद्योगिक दुर्घटना को दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है। इस घटना में करीब 30 हजार लोग मारे गए भोपाल गैस त्रासदी के तत्काल प्रभाव से एक लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए थे। हालांकि, इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या पर अभी भी विवाद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में लगभग 30  हजार लोग तत्काल मारे गए थे। जबकि अन्य मानवाधिकार संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 8 हजार से 10 हजार बताई गई है। गैस के प्रभाव से न केवल मौतें हुईं, बल्कि हजारों लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। इनमें से कई लोग शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए और आज भी पीड़ित हैं। जब हम दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करते हैं तो यह आंकड़ा और भी बढ़ जाता है। त्रासदी के बाद लंबे समय तक कई लोग सांस की बीमारियों, कैंसर, आँखों में जलन, त्वचा के घावों और मानसिक विकारों से पीड़ित रहे। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं ने विकलांग बच्चों को जन्म दिया और अजन्मे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ा। recent visitors 76

2 दिनों में 80 क्विंटल अवैध धान जब्त, छत्तीसगढ़-सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंडी समिति की कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लगातार अवैध धान जब्त किया जा रहा है। आज शुक्रवार को 55 क्विंटल अवैध धान भंडारण जब्त किया गया है। वहीं गुरूवार को 30 क्विंटल अवैध धान भंडारण जब्त किया गया था। अवैध धान भंडारण और परिवहन की रोकथाम के लिए कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू के द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में कृषि उपज मंडी समिति भटगांव के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम गिरसा निवासी हेमलाल साहू के प्रतिष्ठान में 55 कट्टा ,वजन 22 क्विंटल अवैध भंडारण के रूप में पाया गया, जिसके विरुद्ध मंडी अधिनियम के तहत उक्त धान को जब्त करने की कार्यवही की गई। दूसरी ओर सारंगढ़ के मंडी सचिव राजेंद्र धुर्वे, कर्मचारी अर्जुन सिंह ठाकुर ने सारंगढ़ मंडी के पंजीकृत फर्म गोगाजी ट्रेडर्स ग्राम भोजपुर के दुकान के निरीक्षण में 75 बोरी (30 क्विंटल) अवैध धान भंडारण पाया गया, जो मंडी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लघंन होने के कारण जप्ती प्रकरण बनाया गया। recent visitors 69

नशे की हालत में 10 से अधिक लोगों पर हथौड़े से किया ताबड़तोड़ हमला, एक महिला की मौत

रायपुर खरोरा थाना अंतर्गत कोरासी गांव में एक युवक ने नशे की हालत में लोहे के हथियार से एक महिला की हत्या कर दी। साथ ही कई लोगों पर प्राणघातक हमला किया, जिससे वे गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। घायलों का उपचार जारी हैं। घटना शुक्रवार देर शाम की है। आरोपी डोगेंद्र उर्फ डब्बू पटेल को ग्रामीणों ने पहले जमकर पिटा उसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। बताया जा रहा है कि कोरासी गांव का ही रहने वाला डोगेंद्र पटेल शुक्रवार देर शाम नशे की हालत में घर से एक लोहे का बड़ा हथियार (घन) लेकर निकला। जिसके बाद आरोपी ने रास्ते में दिखने वाले लोगों पर हथियार से हमला करना शुरु कर दिया। इस दौरान एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डोगेंद्र ने लोहे का घन लेकर जो भी उसे दिखा उस पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस तरह उसने गांव के करीब दर्जन पर लोगों पर हमला किया। जिसमें एक महिला कीर्ति साहू की मौत हो गई। अन्य घायलों में बीरन पटेल (55 वर्षीय), शोभाराम (60 वर्षीय), वीरेंद्र पटेल (55 वर्षीय), भागुराम वर्मा (46 वर्षीय), नीलकंठ साहू (65 वर्षीय), रामूलाल (55 वर्षीय) आदि शामिल है। घायलों का उपचार किया जा रहा है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। recent visitors 65

मुख्यमंत्री साय ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को किया रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़" 100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा अभियान के दौरान चिन्हाकित किये गए जोखिम समूहों की टीबी हेतु स्पॉट स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे संदेहास्पद टीबी मरीजों का स्पॉट पर ही टीबी रोग का पता लगाया जा सकेगा । मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ए.आई. तकनीक से हैंड हेल्ड एक्स रे , CY-टीबी जांच व  16 चैनल वाले ट्रूनाट मशीन से टीबी के संभावित मरीजों की तुरंत एक्स रे द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा । recent visitors 68

मानदंड पर सवाल उठाने वाली याचिकाएं खारिज, छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट में सिविल जज मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन को चुनौती

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सिविल जज (प्रवेश स्तर) मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि उम्मीदवार परीक्षा पैटर्न की पूर्व सूचना के हकदार नहीं हैं और परीक्षा पुस्तिका में दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। दरअसल, सिविल जज भर्ती प्रक्रिया 7 जून 2023 को 49 रिक्तियों की घोषणा के साथ शुरू हुई। 3 सितंबर 2023 को प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को 25 अगस्त 2024 को मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। परिणाम 8 अक्तूबर 2024 को घोषित किए गए, जिसमें 151 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इसमें कई उम्मीदवारों को इस आधार पर अयोग्य ठहराया गया कि उनके उत्तर अनिवार्य अनुक्रमिक प्रारूप का पालन नहीं करते थे। इस पर याचिकाएं दाखिल की गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि CGPSC ने प्रक्रिया के दौरान “नियमों को बदल दिया,” जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओ ने तर्क दिया कि उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के कारण मनमाने ढंग से अयोग्य घोषित कर दिया गया। मामला इस बात पर केंद्रित था कि CGPSC ने उम्मीदवारों को प्रश्न-उत्तर पुस्तिका में दिए गए स्थानों में अनुक्रमिक क्रम में उत्तर लिखने की आवश्यकता के बारे में सूचित नहीं किया। recent visitors 124

भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पर्थ के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में भी गदर काटा

एडिलेड भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पर्थ के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में भी गदर काटा। पर्थ टेस्ट में 8 विकेट निकालने वाले बुमराह ने एडिलेड में खेले जा रहे दूसरे मैच की पहली पारी में चार विकेट चटकाए। उन्होंने डे-नाइट टेस्ट में ओपनर उस्मान ख्वाजा (13), मैकस्वीनी (39), स्टीव स्मिथ (2) और कप्तान पैट कमिंस (12) का शिकार किया। बुमराह ने विकेटों का 'घातक चौका' लगाकर मोहम्मद शमी और जहीर खान का रिकॉर्ड तोड़ा है। बुमराह SENA देशों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एशियाई गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। वह SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में 53 पारियों में 125 शिकार कर चुके हैं। भारत के धाकड़ पेसर शमी ने 123 विकेट लिए हैं। उन्होंने 63 पारियों में ऐसा किया। बुमराह से आगे ईशांत शर्मा (130 विकेट) हैं। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले (141) दूसरे और पाकिस्तान के पूर्व पेसर वसीम अकरम (146) शीर्ष पर काबिज हैं। SENA देशों में एशियाई गेंदबाजों द्वारा सर्वाधिक विकेट (पारी) 146 – वसीम अकरम (55) 125 – जसप्रीत बुमराह बुमराह (53)* 120 – मुथैया मुरलीधरन मुरलीधरन (34) वहीं, बुमराह ने एक साल में भारत के लिए सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में जहीर खान को पछाड़ दिया है। बुमराह साल 2024 में अभी तक 53 विकेट ले चुके हैं। जहीर ने 2022 में 51 शिकार किए थे। इस फेहरिस्त में टॉप पर पूर्व कप्तान कपिल देव शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 1983 में 75 और 1979 में 74 टेस्ट विकेट झटके। बुमराह मौजूदा साल में 50 टेस्ट विकेट का आंकड़ा छूने लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं। भारत के लिए एक साल में सबसे अधिक टेस्ट विकेट 75 – कपिल देव (1983) 53 – जसप्रीत बुमराह (2024)* 48 – जसप्रीत बुमराह (2018) ट्रैविस हेड (140) की शतकीय पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को एडिलेड टेस्ट के दूसरे दिन 337 रन बनाए। भारत की पहली पारी 180 रनों पर सिमटी थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर 157 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। बुमराह के अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी चार विकेट लिए। नीतीश रेड्डी और आर अश्विन ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। recent visitors 63

ग्रामीणों को समझाइश देकर जिला प्रशासन ने खुलवाए 41 रास्ते, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान’ ने राह की आसान

जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुरू हुआ रास्ता खोलो अभियान के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन ने सहमति एवं सहयोग से 41 रास्ते खुलवाए। 15 नवंबर को शुरू हुए रास्ता खोलो अभियान के अंतर्गत विगत 4 सप्ताह में जिला प्रशासन को जयपुर एवं जयपुर ग्रामीण में 173 रास्तों को खुलवाने में सफलता मिली है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीमों ने आमेर, आंधी, शाहपुरा, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, रामपुरा-डाबड़ी, चौमूं, सांगानेर, माधोराजपुरा तहसील में 3-3 रास्ते खुलवाए। तो वहीं, तुंगा, जालसू और कोटखावदा तहसील में 2-2 साथ ही, जयपुर, कालवाड़, जमवारामगढ़, बस्सी और चाकसू तहसील में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि किशनगढ़-रेनवाल के डूंगरसी का बास गावं में 45 सालों से बंद रास्ता, कोढी गांव में 35 सालों से बंद रास्ता तो वहीं, सांगानेर तहसील के नरवरिया गांव में 25 साल से बंद और झुंड गांव में दो दशकों से बंद रास्ते को खुलवाया गया। जयपुर के जयपुरियों का बास गांव में 2 महीनों से बंद रास्ता खुलने से करीब 1500 ग्रामीणों और सांभरलेक के रसूलपुरा गांव में 5 सालों से बंद रास्ते के खुलने से एक हजार से अधिक ग्रामीणों की राह आसान हुई है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर रास्ता खोलो अभियान के तहत बरसों से बंद रास्ते खुले तो ग्रामीण जिला कलक्टर और जिला प्रशासन का आभार जता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। recent visitors 166