विद्युत उपकेंद्र का किया शुभारंभ, छत्तीसगढ़-मुंगेली के लोरमी पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के नवरंगपुर में 33/11 केव्ही नवीन सब स्टेशन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यहां 3.15 एमव्हीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के 22 गांवों को लो-वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इससे छह हजार बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हर एक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। गांव, गरीब, किसान सभी का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुए इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्रवासियों को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। उन्होंने लोगों से बिजली का सदुपयोग करते हुए इसके बचत की अपील की। उल्लेखनीय है कि नवरंगपुर, डिंडोरी, कठौतिया इत्यादि गांवों के खुड़िया फीडर से अधिक दूरी के कारण हमेशा लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी। नवरंगपुर में 33/11 केव्ही का नया सब-स्टेशन बन जाने से अब यह समस्या नहीं होगी। पथर्रा फीडर के आठ गांवों आछीडोंगरी, राम्हेपुर, भस्करा, लीलापुर, खैराखुर्द, पीथमपुर, डबरी इत्यादि को नवरंगपुर सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे अधिक लोड की समस्या दूर होगी। लोकार्पण कार्यक्रम में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। recent visitors 80

‘विकसित करने में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान’, छत्तीसगढ़-रायपुर के एम्स आडिटोरियम में मुख्यमंत्री ने की शुरुआत

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ ही साल 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है। बीते 12 महीनों में हमने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा, ये दो ऐसे विषय हैं जो सीधे-सीधे राज्य और राष्ट्र के विकास से जुड़े हुए हैं। जब हर नागरिक का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, तो वे राष्ट्र के विकास में अपना अधिकतम योगदान दे पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ ही सभी चिकित्सकों ने भी प्रदेश में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों में हमेशा तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। अनेक दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के साधनों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अंदरुनी गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अनेक दुर्गम गांवों तक पहुंचने के लिए लंबी-लंबी पदयात्राएं कीं, नदी-नालों को भी पार किया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप लोगों का यह जज्बा सेना के किसी जवान के जज्बे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरामय छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की शुरूआत की जा रही है, मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए नए अस्पताल भवन तैयार किए जा रहे हैं और चिकित्सकों की लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए मैदानी अमलों, विशेषकर मितानिन बहनों की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर निक्षय पोषण योजना के हितग्राहियों को आनलाइन डीबीटी के जरिए राशि प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से  हितग्राहियों को पोषण आहार, हियरिंग एड, वाकर और वाकिंग स्टिक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, स्वास्थ्य विभाग  की विशेष सचिव सुश्री प्रियंका शुक्ला एवं एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे। recent visitors 101

‘सैनिकों के शौर्य और बलिदानों के कारण ही हम सुरक्षित’, छत्तीसगढ़-सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री साय शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीदों और देश की सेवा में जुटे सभी सैनिकों को नमन करते हुए कहा है कि यह दिन हमें अपने देश के उन वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से देश की सेनाओं, भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र झंडा सेना दिवस हमें याद दिलाता है कि हम अपने वीर-जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सभी झंडा-दिवस में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं। झंडा-दिवस पर जो भी धनराशि एकत्रित की जाती है, वह हमारे सैनिकों और उनके परिवारों की कल्याण योजनाओं में काम आती है। आप सबसे मेरा आग्रह है कि आप भी इसमें सहभागी बनें और राष्ट्र-सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय से आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़, ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें लेपल पिन लगाकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ साथ प्राकृतिक आपदाओं, आतंरिक संकटों और मानवता के किसी भी संकट के समय हमारे साथ खड़ी रहती हैं। हमारे सैनिकों की वीरता और समर्पण ने देश को हर परिस्थिति में सुरक्षित बनाए रखा है। ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि से 27 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। इस वर्ष इस निधि से एक करोड़ 5 लाख रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत सैनिकों और शहीदों के  परिवारों को वितरित की गई है। recent visitors 69

‘जनजातीय समाज के विकास में सरकार प्रतिबद्ध’, छत्तीसगढ़-रायपुर में सर्व आदिवासी समाज के शपथ समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ले रहे सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एक समृद्ध संगठन है। इस संगठन के सभी सदस्यों का लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को बहुत कुशलता से निभाएंगे । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज के विकास के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों सरकारें जनजातीय समाज की चिंता करती हैं। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हैं जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जब मैं सांसद था तब उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था। आज भारत के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की महिला सुशोभित हैं और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री है। यह बहुत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत विगत 2 अक्टूबर को की है। इस अभियान का लाभ 5 करोड़ जनजातीय लोगों को मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के कई गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, बिजली और पानी सहित सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं जिनके विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत इन समूहों के लिए बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आज जहां-जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहट है वहां सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सुविधाएं मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब नई शिक्षा नीति भी लागू है। यह नीति रोजगारपरक है। इससे हमारे बच्चे पढ़कर रोजगार पाने के लिए सक्षम होंगे। आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिले इसलिए छत्तीसगढ़ में प्रयास संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की राजधानी नई दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के बच्चों के लिए ट्राइबल यूथ होस्टल की सीटों को बढ़ाकर 200 कर दिया है। हम राजधानी रायपुर की तरह पूरे प्रदेश में नालंदा परिसर बनाने जा रहे हैं। प्रदेश के 22 जिलों में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के सभी इलाकों के बच्चे अपने जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए सरगुजा विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। आज किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 1000 रुपये माताओं-बहनों को दिया जा रहा है। एक साल में सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का संगठन समाज के शोषित पीडितों की मदद के लिए उनकी आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक बात पहुंचाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल सोरी, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर, श्री बी एल ठाकुर, श्री बीपीएस नेताम, श्री एम आर ठाकुर, श्री फूल सिंह नेताम, श्री जे मिंज, श्री भारत सिंह , डॉ लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री वंदना उइके, सुश्री शशि सिंह , श्री आर के राय सहित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे। recent visitors 163

अब मध्यप्रदेश में शादी से पहले पंडित जी को देना होगा वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र, वरना हो जाएगी कार्रवाई

जबलपुर सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह रोकथान को लेकर आवश्यक परामर्श जारी किए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला अदालत जज डीपी सूत्रकार ने भी निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम और जबलपुर क्षेत्राधिकार को लेकर जारी एडवायजरी में निर्देशित किया है कि विवाह कराने से पूर्व पुरोहित को वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र की जांच करनी होगी। यही नहीं विवाह समारोह के लिए बुकिंग से पूर्व मैरिज गार्डन व होटल संचालकों को भी ऐसा ही करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत अपराध दर्ज किया जाएगा। वर की आयु 21 और वधू की आयु 18 साल से कम न हो एडवायजरी में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो परामर्श जारी किया था, उसे गंभीरता से लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश के सभी मजिस्ट्रेटों को परामर्श की प्रति देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने आदेशित किया था। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की धारा-13 के अंतर्गत यह निर्देश जारी किए जाते हैं कि जबलपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में विवाह संपन्न कराने वाले मैरिज गार्डन, होटल व पंडित वर-वधु के जन्म प्रमाण-पत्र की जांच करें। वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष से कम होने पर विवाह संपन्न न कराएं। एडवाइजरी का उल्लंघन होने पर बाल विवाह अनुष्ठान कराने का अपराध स्वत: संज्ञान के आधार पर दर्ज किया जाएगा, जो अजमानती होगा। इसकी धारा 10 के तहत दो वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। एडवाइजरी तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में नगर निगम को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पत्नी को धमकाकर पीटने वाले पति को तीन वर्ष का सश्रम कारावास अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में डिंडौरी जिले के शहपुरा थाना अंतर्गत ग्राम बटौंधा तिराहा निवासी पति को अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए धमकाने के मामले में तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 पत्नी की शिकायत पर आरोपी पति विकास जैन पिता प्रदीप जैन उम्र 40 वर्ष निवासी बटौंधा तिराहा शहपुरा के विरूद्ध मामला दर्ज हुआ था। आरोपित द्वारा अपनी पत्नी पर चरित्र संदेह करते हुए गाली गलौज करते हुए मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा आरोपित विकास जैन को यह सजा सनाई है। बताया गया कि पीड़िता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोहानी देवरी में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ है। उसके पति द्वारा एक जून 2020 को विवाद किया गया था। इसकी शिकायत के बाद से ही यह मामला लंबित था। recent visitors 132

नक्सलियों का उत्पात, पति- पत्नी का गांव से अपहरण कर ले गए, फिर कर दी पत्नी की हत्या

जगदलपुर, बीजापुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के पहले बस्तर में नक्सलियों ने अपनी सक्रियता बढाते हुए उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। तीन दिन के भीतर शनिवार को नक्सलियों ने चौथे ग्रामीण महिला सुकरा यालम की हत्या कर दी है। इस वर्ष सुरक्षा बल से सीधी लड़ाई में लगातार मात खाने के बाद नक्सली बड़ी लड़ाई लड़़ने की स्थिति में नहीं है, इसलिए स्माल एक्शन टीम को सक्रिय कर ग्रामीणों को निशाना बनाकर हत्या कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। पति को भी डंडों से पीटा पुलिस के अनुसार नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम के चार से पांच सदस्य शनिवार को मद्देड़ थाना क्षेत्र के लोदेड़ गांव पहुंचे और रामैया यालम व उसकी पत्नी सुकरा को अपहरण कर गांव से लगभग तीन किमी दूर ले गए। वहां रामैया यालम को डंडो से पिटाई करने के बाद छोड़ दिया व उसकी पत्नी सुकरा की गला घोंटकर हत्या कर दी। देर रात पुलिस को इस घटना की सूचना मिली। रविवार की सुबह पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को बरामद किया है। तीन दिन के भीतर बस्तर में नक्सलियों ने तीसरे ग्रामीण की हत्या की है। गुरुवार की रात नक्सलियों ने भैरमगढ़ के बिरियाभूमि के पूर्व संरपच व भाजपा नेता सुक्खु फरसा व नैमेड़ के कडेर निवासी पूर्व सरपंच सुखराम अवलम की हत्या कर दी थी। आंगनबाड़ी सहायिका को भी मार दिया इसके अगले दिन शुक्रवार को तिम्मापुर की आंगनबाड़ी सहायिका लक्ष्मी पदम की उसके बेटे के सामने ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इस वर्ष नक्सलियों को बड़ा नुकसान इस वर्ष अब तक नक्सलियों ने 63 ग्रामीण की हत्या की है व 17 जवान बलिदान हुए हैं, पर सुरक्षा बल ने नक्सलियों को बड़ी चोट पहुंचाई है। नक्सलियों ने स्वीकारा है कि इस वर्ष हुए मुठभेड़ों में 226 नक्सली मारे जाने से बड़ा नुकसान पहुंचा हैं। बस्तर पुलिस ने भी 97 मुठभेड़ में 25 लाख रुपये के पांच इनामी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य सहित आठ करोड़ 84 लाख रुपये के इनामी 207 नक्सलियों के शव मिलने का दावा किया है। अस्तित्व बचाने जूझ रहे नक्सली : कैंप पर तीन दिन से गोलीबारी अब बस्तर में नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ में सुरक्षा बल ने कदम बढ़ाते हुए झिड़पल्ली-1 व झिड़पल्ली-2 में पिछले सप्ताह नये कैंप स्थापित किए हैं। नक्सली इन कैंपों पर पिछले तीन दिन से लगातार गोलीबारी कर रहे हैं। रविवार की सुबह भी नक्सलियों ने कैंप पर गोलीबारी की है। यह क्षेत्र डीकेएसजेडसी के साथ ही तेलंगाना स्टेट कमेटी के बड़े नक्सलियों को छिपने की जगह है। जगरगुंडा एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी और दक्षिण बस्तर सब जोनल ब्यूरो का यह गढ़ है। इसलिए किसी भी हालत में नक्सली अपना गढ़ छोड़ना नहीं चाह रहे हैं। बताया जाता है कि यह क्षेत्र डीकेएसजेडसी सदस्य विकास, सुजाता के साथ हिड़मा-देवा सहित कई बडृे नक्सलियों का ठिकाना है। जल्द करेंगे नक्सलियों का समूल उन्मूलन बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री के बस्तरिया ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होने की तैयारी को लेकर बस्तर पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में ग्रामीणों की हत्याओं को लेकर कहा है कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक नक्सलवाद के सफाये का मूलमंत्र दिया था। इसी संकल्प को पूरा करने का लक्ष्य लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार काम कर रही है। नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षा बल मजबूत स्थिति में है। नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे और देश-प्रदेश के विकास में सहभागिता निभाए।   recent visitors 79

किसानों की 300 एकड़ जमीन पर वक्फ बोर्ड ने ठोका दावा, 103 लोगों को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के खिलाफ लगातार जबरदस्ती हिंदुओं की जमीनों पर कब्जा की शिकायतें आती रही है। इसे लेकर मोदी सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आई है। इसपर बनी एक कमेटी इसमें सुधार पर चर्चा कर रही है। इसी बीच महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड का एक काला कारनामा सामने आया है। वक्फ बोर्ड ने किसानों की 300 एकड़ जमीन पर दावा ठोका है। इसे लेकर 103 लोगों को नोटिस भेजा है। लातूर जिले के 100 से अधिक किसानों ने शनिवार को दावा किया कि वक्फ बोर्ड उनकी उस जमीन हड़पने का प्रयास कर रहा है, जिस पर वे कई पीढ़ियों से खेती करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह दावा छत्रपति संभाजीनगर स्थित महाराष्ट्र राज्य वक्फ अधिकरण में दायर किया गया है और कुल 300 एकड़ जमीन रखने वाले 103 किसानों को नोटिस जारी किए गए है। किसान तुकाराम कनवटे ने कहा, “ये जमीनें पीढ़ियों से हमें विरासत में मिली हैं। ये वक्फ संपत्ति नहीं है। हम चाहते हैं कि महाराष्ट्र सरकार हमें न्याय दे। इस मामले पर अदालत में दो सुनवाई हो चुकी हैं और अगली सुनवाई 20 दिसंबर को है। मोदी सरकार ने पेश किया संशोधन विधेयक बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने इस साल 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया था, ताकि वक्फ बोर्ड के कामकाज को सुव्यवस्थित किया जा सके। इसकी संपत्तियों का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया है। देश में कुल 32 वक्फ बोर्ड हैं, जिनमें कुछ राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग शिया और सुन्नी बोर्ड हैं। जबकि कई राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में अभी तक वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। इन बोर्डों का समन्वय केंद्रीय वक्फ काउंसिल करती है, जो अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। तमिलनाडु में 1500 साल पुराने मंदिर समेत 369 एकड़ संपत्ति को हड़पने रची थी साजिश बता दें कि वक्फ बोर्ड की जबरदस्ती जमीन कब्जा करने का यह कोई पहला मामला सामने नहीं आया है। इससे पहले भी देश के कई राज्य़ों में अनगिनत बार बोर्ड के खिलाफ शिकायतें मिल चुकी है। वर्ष 2022 में तो तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली  के तिरुचेंथुरई गांव मे स्थित 1500 साल पुराने मंदिर के साथ ही पूरे गांव को ही हड़पने के लिए दावा ठोक दिया था। इसकी जानकारी संसद भवन में खुद अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने दी थी।  किरण रिजिजू ने बताया कि, हिंदू आबादी वाले इस पूरे गांव को ही वक्फ बोर्ड ने वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया था। जबकि, ये गांव 1500 साल पुराना है। सबसे बड़ी बात कि इस हिंदू आबादी वाले गांव में मुस्लिम आबादी का इतिहास ही नहीं रहा है। मंदिर और उसके आसपास मंदिर की 369 एकड़ संपत्ति है। recent visitors 68