Tuesday, July 7, 2026 5:58 am

सीबीए ने की चीनी बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम 2024 में शामिल किए गए खिलाड़ियों की घोषणा

बीजिंग चीनी बास्केटबॉल एसोसिएशन (सीबीए) ने सोमवार को यहां 2024 चीनी बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम में शामिल किए गए खिलाड़ियों की घोषणा की। इस वर्ष हॉल ऑफ फेम में शामिल किये गए खिलाड़ियों में पुरुष एथलीट ली हंटिंग और गोंग शियाओबिन हैं। उत्कृष्ट महिला एथलीटों में यांग जी और मियाओ लिजी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट कोच और रिफेरी के रूप में क्रमशः मा किंगशेंग और गुओ युपेई को शामिल किया गया है। इनके अलावा चीनी बास्केटबॉल के एम्बेसडर के रूप में पहचाने जाने वाले ली झेनझोंग, वू चेंगझांग और हुआंग ली को शामिल किया गया है। आज तक, हॉल ऑफ फेम में 42 व्यक्तिगत खिलाड़ी और 3 टीमों को शामिल किया जा चुका है। चीनी बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष गुओ झेनमिंग ने सिन्हुआ के हवाले से कहा, हॉल ऑफ फ़ेम एक सुनहरे धागे की तरह है जो इन मोतियों को एक साथ पिरोता है, हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान हार पेश करता है। यह हमारे युवाओं को प्रेरित करता है और उनके लिए ताकत का स्रोत बनता है। 2024 चीन बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम प्रेरण समारोह अगले साल मार्च में आयोजित होने वाला है।   recent visitors 192

इलाज कराना भी हुआ मुश्किल, छत्तीसगढ़-दुर्ग की पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ने बंद की बातचीत

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायन विधा को विदेशों तक पहुंचाने वाली पद्मश्री पदम् विभूषण और पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की आवाज पर हजारों तालियां बजती थीं. लेकिन अब यह पांडवों की कथा कापालिक शैली में सुनाने वाली आवाज फीकी पड़ती जा रही है. अब शायद हमें उनकी आवाज फिर से सुनने को न मिले. क्योंकि अब तीजन बाई ने बात करना भी बंद कर दिया है. उनकी सेहत में सुधार होने की बजाए धीरे-धीरे बिगड़ रही है. ये देश की एक मात्र ऐसी महिला हैं, जिन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है. दुर्ग जिले के गनियारी गांव में रहने वाली पारधी समाज से आने वाले पदम् विभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने अपना जीवन पंडवानी गायन विधा को समर्पित कर दिया. डॉ. तीजन बाई पर रविशंकर विश्विद्यालय में शोध किये जा रहें. उन्हें डी लिट् और पीएचडी की कई उपाधिया प्रदान की गई है. बॉलीवुड उनके जीवन पर फ़िल्म बनाने के लिए 4 साल पहले अनुबंध कर चुका है. लेकिन 24 साल हो चुके छत्तीसगढ़ राज्य में पदम् सम्मानों से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को अब तक राज्य सरकार से कोई पेंशन नहीं मिल पाया है. संस्कृति विभाग भी ऐसे कलाकरों के लिए कोई योजना नहीं बना पाया, जिनके कारण छत्तीसगढ़ को विदेशों में पहचान मिली है. करीब डेढ़ साल से तीजन बाई लकवा होने की वजह से बिस्तर पर ही है. उनके दो महीने पहले ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से बंद हुई फीजियोथैरेपी दोबारा शुरू नहीं हो सकी है. तीजन बाई की बहन रम्भा की बहू वेणु देशमुख जो उनका देखभाल करती हैं वे बताती हैं कि अब उनके इलाज में होने वाले खर्च को लेकर परेशान है. पेंशन के नाम पर पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को केंद्र सरकार से 4 हजार 3 सौ 66 रुपये मिलते हैं. इलाज में होने वाला खर्च तीजन बाई की जमा पूंजी से किया जा रहा है. इधर परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है. वहीं पंडवानी की पुरोधा मानी जाने वाली डॉ. तीजन बाई के बीमार पड़ते ही उन सभी लोगों ने किनारा कर लिया जो कभी उनके बुलंदियों के दिनों में साथ हुआ करते थे. 78 वर्ष की हो चुकी डॉ. तीजन अब लोगों को पहचान नहीं पाती, लेकिन जिंदगी भर मीडिया की चकाचौंध के बीच रह चुकी कैमरे के सामने फोटो खिचंवाना नहीं भूलती. इशारों से ही सही लेकिन वे लोगों को अभिवादन भी करती हैं. डेढ़ साल पहले बीमार होने के बाद उनके अपने की लोगों ने लोगों से उनके बीमार होने की बात छिपाई क्योंकि उनके नाम से आने वाले पंडवानी के कार्यक्रम की आय से परिवार चलता था. लेकिन एक महीने बाद लल्लूराम डॉट कॉम ने उनके अस्वस्थ होने की खबर चलाई तब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संज्ञान लेकर उनके स्वास्थ्य की देख रेख के लिए डॉक्टरों की टीम नियुक्त की. बीएसपी में कार्यरत रही तीजन बाई को बीएसपी के पंडित जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल सेक्टर नाइन में भी इलाज की सुविधा मिली. recent visitors 68

1 छात्रा की मौत और 35 बीमार, छत्तीसगढ़-बीजापुर के बालिका आश्रम के खाने में मिली थी छिपकली

बीजापुर. बीजापुर के माता रुक्मिणी धनोरा बालिका आश्रम में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां बच्चों को परोसे जाने वाले खाने में छिपकली मिली थी, जिसके बाद 35 से अधिक बच्चे बीमार हो गए थे. इन्हीं में से एक छात्रा की अब मौत हो गई. वहीं अब भी 35 बच्चे बीमार है, जिसमें से 9 बच्चे आईसीयू में भर्ती बताएं जा रहे है. मृतक छात्रा शिवानी तेलम को देर रात मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रेफर किया गया था. बच्ची ने भैरमगढ़ में दम तोड़ा. वे मूलतः बीजापुर ब्लॉक के तूमनार की रहने वाली थी. वहीं बाकी बच्चे बीजापुर जिला अस्पताल के ICU में हैं एडमिट बताएं जा रहे है. परिजनों ने आश्रम अधीक्षिका पर लगाए आरोप परिजनों ने आरोप लगाए कि अधिक्षिका की लापरवाही से बच्चे की हुई मौत. परिजनों का ये भी आरोप है कि मेनू के अनुसार भोजन नहीं परोसा जा रहा था. भोजन में एक्सपायरी डेट के पनीर, दूध के इस्तेमाल करने का भी आरोप परिजनों ने लगाया है. परिजनों ने ऐसे कर्मचारी, अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है. recent visitors 79

ट्रेविस हेड का पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के साथ ‘मतभेद’ था : पेन

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान टिम पेन ने खुलासा किया है कि स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड और उनके पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के बीच अक्सर रेड बॉल क्रिकेट खेलने के तरीके को लेकर मतभेद होते थे। पेन का मानना है कि जब से हेड को लैंगर के कार्यकाल के आखिरी समय में और बाद में नए कोच मैकडोनाल्ड और कमिंस के मार्गदर्शन में अपनी शैली से खेलने की आजादी मिली है, तब से वह टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। पेन ने एसईएन ब्रेकफास्ट से कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्हें यह बात कहने से कोई समस्या होगी, लेकिन हेड और लैंगर के विचारों में बड़ा अंतर था। लैंगर जैसे महान खिलाड़ी कोचिंग दे रहे थे, और उस समय उनके बल्लेबाजी कोच ग्रीम हिक थे, जिन्होंने 101 प्रथम श्रेणी शतक बनाए थे। हिक भी अपने सुझाव दे रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “वह हेड से उनकी डिफेंसिव तकनीक पर काम करने के लिए जोर दे रहे थे, लेकिन हेड का तरीका अलग था। उस समय वे एक युवा टेस्ट खिलाड़ी थे और टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए हर किसी को खुश करने की कोशिश कर रहे थे।” पेन ने कहा, “आज हेड अपनी शैली पर भरोसा करते हैं और उसी के अनुसार खेलते हैं। कभी-कभी वे असफल होंगे, तो कभी उनका प्रदर्शन कमजोर रहेगा, लेकिन उनका आक्रामक अंदाज और मैच जीतने की कोशिश उन्हें खास बनाता है। अभी वे हर फॉर्मेट में शानदार खेल दिखा रहे हैं।” ज्ञात हो कि हेड ने भारत के खिलाफ एडिलेड ओवल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 रन बनाए। उनकी इस 141 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 337 का स्कोर खड़ा किया और गुलाबी गेंद के टेस्ट में 10 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की थी। ट्रेविस हेड को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया था। पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। सीरीज का अगला टेस्ट 14 दिसंबर को गाबा में खेला जाएगा।   recent visitors 59

एक साथ फांसी के फंदे पर झूला युगल, छत्तीसगढ़-बेमेतरा में प्रेमिका की मांग में पहले सिन्दूर भरा

बेमेतरा. एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगा कर की आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भी भरी. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैं जहां एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. पूरा मामला नवागढ़ के वार्ड नंबर एक का है. जहां पुरानी मंडी में इमली पेड़ पर सुबह-सुबह लोगों ने प्रेमी जोड़े की लटकते हुए शव देखा. सूचना के बाद परिजन भी पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंचे जांच में जुट गई है और पंचनामा कर पीएम के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही मामले में देखने वाली बात है कि प्रेमी जोड़ी ने आत्महत्या करने से पहले प्रेमी ने प्रेमिका के मांग में सिंदूर भरा है इसके बाद उन्होंने मौत को गले लगा लिया. घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैला हुआ है तो वही प्रेमी जोड़ों के द्वारा फांसी लगाने को लेकर कई तरह के सवाल उठ खड़े हो रहे हैं आखिर मौत से पहले शादी हुई तो साथ में जीने की बजाय मौत को गले क्यो लगाया ? पुलिस इस मामले में पंचनामा कर परिजनों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी. recent visitors 41

ब्रूक को गेंदबाजी करना वाकई मुश्किल है : जो रूट

वेलिंगटन जो रूट ने इंग्लैंड और यॉर्कशायर के अपने साथी हैरी ब्रूक के बल्लेबाजी कौशल के लिए प्रशंसा की और कहा कि दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को गेंदबाजी करना वाकई मुश्किल है, क्योंकि वह गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का मार सकता है और उसके सिर के ऊपर से स्कूप करके अधिकतम और उससे भी अधिक रन बना सकता है। ब्रूक ने वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 115 गेंदों पर 123 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जिससे इंग्लैंड को पहले दिन 43/4 के स्कोर से उबरने में मदद मिली और उसने सीरीज में 323 रनों की जीत दर्ज की। उन्होंने इस पारी को अपने 23 टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी बताया, जिसमें पहले से ही आठ शतक और 61.62 का प्रभावशाली बल्लेबाजी औसत शामिल है। रूट ने कहा, “अगर आप मुझसे पूछें, तो ब्रूकी इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका खेल बहुत ही शानदार है: वे दबाव को झेल सकते हैं, वे इसे लागू कर सकते हैं, वे आपके सिर के ऊपर से छक्का जड़ सकते हैं, वे स्पिन और सीम दोनों पर प्रहार कर सकते हैं। उन्हें गेंदबाजी करना बहुत मुश्किल है।” रूट की टिप्पणी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की टिप्पणियों से मेल खाती है, जिन्होंने ब्रूक को ‘अभूतपूर्व’ बताया। स्टोक्स ने कहा, “पहले दिन 40 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद, तीसरे दिन के मध्य में जीत की स्थिति में पहुंचना बहुत खास है।क्रिकेट के संदर्भ में, उस पिच को हम सांपों का गड्ढा कहते हैं… यह बहुत कुछ कर रही थी। ब्रूकी अद्भुत है। न्यूजीलैंड के आक्रमण के खिलाफ, किसी को भी उस विकेट पर 120 रन बनाने का अधिकार नहीं है। दुनिया में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जो उनके जैसा खेल सकते हैं और मुझे खुशी है कि वे हमारी टीम में हैं।” क्राइस्टचर्च में एक और शतक और मुल्तान में तिहरा शतक लगाने के बाद ब्रूक के नवीनतम शतक ने, 25 वर्षीय खिलाड़ी को आईसीसी टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। उल्लेखनीय रूप से, रैंकिंग में अभी भी जो रूट शीर्ष पर हैं, जिन्होंने बेसिन रिजर्व में अपना 36वां टेस्ट शतक बनाया, जिससे उन्होंने सर्वकालिक टेस्ट शतकों की सूची में पांचवें स्थान के लिए राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह 2021 के बाद से रूट का 19वां टेस्ट शतक भी था, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जो उन्हें उस अवधि में अगले सर्वश्रेष्ठ केन विलियमसन से 10 शतक आगे रखती है। ब्रूक, अपने वरिष्ठ साथी की प्रशंसा करने में तत्पर रहते हुए, अपनी उपलब्धियों के बारे में विनम्र थे, जिसमें 91.50 का शानदार विदेशी टेस्ट बल्लेबाजी औसत शामिल है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अभी ऑस्ट्रेलिया या भारत में खेलने की चुनौतियों का सामना करना बाकी है। “मैं उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन वह बहुत अच्छा है, है न? उसने इस सप्ताह एक और शतक बनाया है और वह निश्चित रूप से अब तक खेले गए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक है, यदि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं है, तो भी।” ब्रूक ने रूट के बारे में कहा, “उसके साथ खेलना बहुत बढ़िया है और उसे देखना बहुत बढ़िया है। मैंने केवल 22 या 23 मैच खेले हैं, इसलिए ये आंकड़े जल्द ही नीचे आ सकते हैं। मैं बस जितना हो सके उतना अच्छा बनने की कोशिश कर रहा हूं, नेट्स में कड़ी मेहनत कर रहा हूं और उन क्षेत्रों में सुधार कर रहा हूं जो असहज हैं। आप हमेशा बेहतर हो सकते हैं।”   recent visitors 30

23 ग्राम स्मैक जब्त, राजस्थान-सिरोही में एंबुलेंस से तस्करी करते तीन आरोपी गिरफ्तार

सिरोही. पिंडवाड़ा पुलिस एवं डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को उदयपुर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर मोरस चौकी के बाहर एंबुलेंस से 23 ग्राम स्मैक जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह एंबुलेंस उदयपुर से पिंडवाड़ा की ओर आ रही थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इस मामले में सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पिंडवाड़ा थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी की अगुवाई में उपनिरीक्षक पन्नालाल, डीएसटी टीम प्रभारी अमराराम, पुलिस थाना पिंडवाड़ा के कांस्टेबल आईदान सिंह, कांस्टेबल अरजी, शैलेश एवं गजेन्द्र सिंह की टीम द्वारा उदयपुर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर सोमवार को मोरस चौकी के बाहर नाकाबंदी की गई थी। उस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा उदयपुर से पिंडवाड़ की ओर आ रही टवेरा एंबुलेस को रुकवाकर तलाशी ली गई तो उसमें 23 ग्राम स्मैक पाया गया। पूछताछ के दौरान कोई संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर स्मैक एवं एम्बुलेंस को जब्त कर स्कोन प्लाजा, सिरोही निवासी शहजाद शाह पुत्र अकबर शाह, घांचीवाड़ा सिरोही निवासी शाहरूख खान पुत्र निसार मोहम्मद एवं सरफराज खान पुत्र निसार मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर यह स्मैक कहां से लाई गई थी तथा उसे कहां ले जाया जा रहा था इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है एंबुलेंस में तस्करी मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोग पुलिस को चकमा देने के लिए रोजाना नए तरीके अपनाते रहते हैं। इसमें एंबुलेंस का उपयोग भी करने लगे है। अपवादस्वरूप छोड़ दे तो पुलिसकर्मी भी उन्हें रोकने से बचते है। इसका ये लोग फायदा उठाते है। पूर्व में भी एंबुलेस में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके है। ऐसे में पुलिस को और सतर्क रहकर इन पर कारवाई करने की आवश्यकता है। recent visitors 73