Tuesday, July 7, 2026 5:06 am

कमलनाथ ने मोहन सरकार को घेरा, कहा प्रदेश में निवेश तो दूर की बात, केन्द्रीय योजनाओं की राशि……..?

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं। recent visitors 162

धूल के चलते हुए हादसे में बाइक सवार की मौत, छत्तीसगढ़-कोरबा में तेज रफ्तार भारी वाहन ने मारी टक्कर

कोरबा। कोरबा में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. एक तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत हो गई है. घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. बताया जा रहा है कि हादसा धूल के चलते हुआ है. मौके से भारी वाहन का चालक फरार हो गया है. घटना सिविल लाइन थाना अंतर्गत गोढ़ी के पास की है. मिली जानकारी के अनुसार, गोढ़ी के पास तेज रफ्तार भारी वाहन ने बाइक सवार को चपेट में ले लिया. दर्दनाक हादसे में बाइक सवार की मौक पर ही मौत हो गई. मृतक करण सिंह चौहान (29 वर्षीय) कुरुडीह का निवासी था. घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. बता दें कि राखड़ युक्त भारी वाहनों के चलते सड़क पर उड़ रहे धूल से लोग परेशान हैं. कुछ दिनों पहले ही ओवरलोड राखड़ वाहनों पर प्रतिबंध लगाने ग्रामीणों ने चक्का जाम किया था. recent visitors 54

कोई टीम 6 मैच जीतकर टॉप पर है तो कोई 11 मैच जीतकर भी 5वें नंबर पर, WTC पॉइंट्स सिस्टम पर सवाल

नई दिल्ली साल 2019 से आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया था। आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की थी। इसमें टॉप की 9 टीमों को अपनी पसंद की 6 टीमों से टेस्ट सीरीज दो साल के चक्र में खेलने थी। इनमें तीन सीरीज घर पर और इतनी ही सीरीज टीमों को विदेश में खेलने का प्रस्ताव था। अगस्त 2019 से इसकी शुरुआत एशेज के साथ हुई। उस समय कहा गया कि जो टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर होगी, उसको डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, इसके बाद कोरोना के कारण मैच और सीरीज कम हो गईं। कुछ सीरीज कैंसिल हो गईं। ऐसे में आईसीसी ने अपनाया कि जीत प्रतिशत के हिसाब से टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद से ऐसा चला आ रहा है, लेकिन कुछ टीमों के लिए ये नियम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसी के बारे में आप यहां जान लीजिए। दरअसल, डब्ल्यूटीसी को टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप कहा जाता है, लेकिन ये दो साल तक चलता है और एक फाइनल के बाद ये तय होता है कि कौन सी टीम इस फॉर्मेट की चैंपियन है। दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेला जा चुका है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारतीय टीम उपविजेता रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस टूर्नामेंट के फॉर्मेट को लेकर है, क्योंकि कोई टीम को तो महज 12 मैच खेलती है और कोई टीम 22 मैच खेलती है। अगर जीत के हिसाब से भी देखा जाए तो मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टॉप 2 तो छोड़िए टॉप 4 में भी नहीं है। वहीं, महज 10 मैच खेलकर उनमें से 6 मुकाबले जीतने वाली टीम शीर्ष पर है। साउथ अफ्रीका ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में 10 मैच खेले हैं और 6 जीते हैं। एक मैच टीम का ड्रॉ रहा है और तीन मैच गंवाएं हैं। इस तरह साउथ अफ्रीका का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा है, लेकिन इसी साइकिल में इंग्लैंड की टीम अब तक 21 मैच खेल चुकी है और 11 मुकाबले जीत चुकी है, लेकिन टीम पांचवें नंबर पर है। इंडिया ने 16 में से 9 मैच जीते हैं और टीम तीसरे नंबर पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो आईसीसी को पॉइंट्स टेबल में बदलाव करने चाहिए, ताकि उन टीमों को नुकसान ना हो, जो ज्यादा मैच खेलती हैं। या फिर एक नियम बना देना चाहिए कि कम से कम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज ही WTC में काउंट होगी। अगर कोई देश पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलता है तो उसके पहले तीन या आखिरी तीन मैच ही WTC साइकिल में काउंट होंगे। एक और बदलाव ये किया जा सकता है कि मौजूदा सिनेरियो के हिसाब से अगर कोई टीम तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज को जीतती है तो उसे कुछ पॉइंट अतिरिक्त दिए जाएं। इस तरह जो पॉइंट्स टेबल तैयार होगी, वह सभी के लिए फेयर रहेगी, क्योंकि अगर किसी टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से जीत ली तो उसे 100 फीसदी पॉइंट मिलेंगे, लेकिन किसी ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीती तो उसके पॉइंट्स सिर्फ 20 फीसदी ही रहेंगे। ऐसे में टेस्ट सीरीज जीतने के मायने नहीं रहते। अगर सीरीज दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर भी रहती है तो भी 50 फीसदी पॉइंट टीमों को मिलते हैं। ऐसे में ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाली टीम तो फिर फाइनल खेलेंगी ही नहीं। ऐसा ही इस समय इंग्लैंड के साथ हो रहा है, जिसको लेकर उनकी टीम के कप्तान बेन स्टोक्स भी आवाज उठा चुके हैं। recent visitors 62

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट करियर के लिए आखिरी हो सकती है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी

नई दिल्ली टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के दो मुकाबले खेले जा चुके हैं और इस समय सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। ये सीरीज जितनी दोनों टीमों के लिए अहम है, उतनी ही अहम भारत के तीन सीनियर खिलाड़ियों के लिए है। ये कोई और नहीं, बल्कि कप्तान रोहित शर्मा, बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हैं। अगर सीरीज के बाकी तीन मैच इन खिलाड़ियों के लिए और टीम इंडिया के लिए अच्छे नहीं रहते तो फिर इनका आगे खेलना कठिन होने वाला है। इसके पीछे कई कारण हैं। उनके बारे में जान लीजिए। इन खिलाड़ियों के करियर को सिर्फ एक ही चीज बचा सकती है और वह है कि आप सबसे पहले तो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करें और टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का टिकट दिलाएं। यहां तक कि फाइनल भी इस बार जीतें। अगर ये खिलाड़ी ऐसा करने में असफल होते हैं तो फिर इनका इंग्लैंड के दौरे पर खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना जाना संभव नहीं लगता। बीजीटी से पहले इस तरह की रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं कि सीनियर खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं ने अल्टीमेटम दे दिया है। वे इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। ऐसे में इन तीन खिलाड़ियों के लिए ये सीरीज आखिरी भी साबित हो सकती है। रोहित शर्मा के पास आखिरी मौका! रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट की पिछली 12 पारियों पर नजर डालें तो वे एक बार ही अर्धशतक के पार पहुंच हैं। कुल चार पर वे दहाई का आंकड़ा पार कर पाए हैं और 8 बार सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए हैं। कप्तान के तौर पर पिछले 4 टेस्ट मैच वे हार गए हैं। ऐसे में अब उन पर एक बल्लेबाज और एक कप्तान के तौर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है। अगर वे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाकी तीन मैचों में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते और टीम को भी जीत नहीं मिलती तो फिर उनका अगली सीरीज में खेलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। विराट कोहली पर भी नजरें भले ही पर्थ टेस्ट मैच में विराट कोहली ने शानदार शतक जड़ा, लेकिन इसके बाद एडिलेड में उनका बुरा हाल हुआ और पिछले करीब आधा दर्जन मैचों से वे फॉर्म में नहीं थे। ऐसे में आने वाले तीन मैच उनके करियर के सबसे अहम मैच हैं। अगर टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर पाती है तो विराट कोहली के करियर भी तलवार लटक सकती है। पर्थ के शतक को छोड़ दें तो पिछली 16 टेस्ट पारियों में विराट ने सिर्फ एक अर्धशतक जड़ा था। अगर यही हाल बाकी के तीन मैचों में रहता है तो फिर उनको भी ड्रॉप किया जा सकता है। अश्विन की फिरकी फीकी आर अश्विन भारत के सबसे सफल स्पिनरों में शामिल हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका करियर भी खत्म सा होता जा रहा है। वे प्रमुख स्पिनर के तौर पर खेल रहे हैं, लेकिन अब अंदर-बाहर भी हो रहे हैं। पिंक बॉल टेस्ट मैच में उनको मौका मिला, लेकिन वे बल्ले और गेंद से प्रभाव नहीं छोड़ पाए। बतौर बल्लेबाज पिछली 9 पारियों में अश्विन के 81 रन हैं, जबकि बतौर गेंदबाज वे 9 पारियों में 15 विकेट निकाल पाए हैं। अश्विन इस समय 38 साल के हैं और उनका ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा है। अगर वे अगले तीन मैच खेलते भी हैं और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो ये आखिरी सीरीज भी उनके करियर की हो सकती है। recent visitors 24

एक्सपर्ट ने शुरू की जांच, राजस्थान-अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सफाई के दौरान मिला ड्रोन

अजमेर. प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार सुबह सफाई कार्य के दौरान एक छोटा ड्रोन मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन ने तुरंत अपने सीनियर ऑफिसर को इसकी जानकारी दी। फिलहाल ड्रोन को सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जेल प्रशासन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने ड्रोन की एक्सपर्ट से जांच शुरू करवा दी है। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह जेल परिसर के पिछले हिस्से में जहां किसी का भी मूवमेंट नहीं होता, वहां एक ड्रोन लावारिस अवस्था में पड़ा मिला था, जिसकी सूचना सफाई कर्मचारियों ने जेल प्रशासन को दी। इस पर प्रशासन ने इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उसके बाद अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश के दिशा-निर्देश के बाद ड्रोन सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश मेघवाल खुद इसके पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं। कहीं ड्रोन के जरिये रेकी तो नहीं की जा रही थी? पुलिस के उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं कि ड्रोन के जरिये हाई सिक्योरिटी जेल की रेकी की जा रही थी या फिर ड्रोन के मार्फत जेल के अंदर कुछ संदिग्ध वस्तु पहुंचाई जा रही थी। इन सभी पहलूओं पर पुलिस प्रशासन जांच कर रहा है। ये भी माना जा रहा है कि आसपास में किसी शादी समारोह में ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही हो और उसकी बैटरी खत्म होने के बाद वह जेल परिसर में गिर गया हो। पुलिस ने फिलहाल ड्रोन को जप्त कर उसकी कंपनी और ड्रोन में लगे मेमोरी कार्ड की एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है। recent visitors 67

भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है :हितानंद शर्मा

गीता जयंती (11 दिसंबर) पर विशेष भोपाल धर्म स्थापना के लिए मानव इतिहास में हुए सबसे भीषण महायुद्ध के बीच भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है। श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, सनातन समाज के लिए नहीं बल्कि विश्व मानवता के शुभ के लिए ईश्वरीय संदेश है। गीता के माध्यम से व्‍यक्‍त‍ि स्‍वयं को जान सकता है और ईश्वरीय सत्ता का अनुभव भी कर सकता है। गीता जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह वही दिन है जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। गीता के ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य ‘गीता प्रेस गोरखपुर’ द्वारा पिछले 102 वर्षो से बिना रुके पूरे श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। भारत के घर-घर में श्रीमद्भगवत गीता और रामायण की प्रति पहुंचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। गीता प्रेस अब तक श्रीमद्भगवत गीता की 16 करोड़ 21 लाख प्रतियां प्रकाशित कर श्रद्धालु पाठकों तक पहुंचा चुका है। अब तक  41 करोड़ 71 लाख पुस्तकें छापकर विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान होने के बाद भी आश्चर्य की बात यह है कि गीता प्रेस न तो किसी से चंदा लेता है और न ही अपने प्रकाशनों में विज्ञापन ही स्वीकार करता है। जब वर्ष 2021 में गीता प्रेस को उसके उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार का गरिमामय ‘महात्मा गांधी शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया तो संस्थान ने पुरस्कार को पूरे सम्मान के साथ ग्रहण किया, पर इसके साथ प्रदान की जाने वाली एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस संस्थान के दर्शन के लिए आए थे। लागत मूल्य से 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर बहुमूल्य  पुस्तकें पाठकों तक पहुंचाने वाला गीता प्रेस वास्तव में सामाजिक-धार्मिक जागरण का एक आंदोलन ही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन धरा उत्तरप्रदेश का प्रवास तो पूर्व में भी होता ही रहा है किन्तु इसी वर्ष संयोग से संगठन के कार्य से मुझे गोरक्ष प्रांत यानी गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया। ऐसे में गोरखपुर में गोरक्ष पीठ सहित एक महत्वतपूर्ण तीर्थ गीता प्रेस के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। प्रकाशन का केंद्रीय कार्यालय गोरखपुर में ही है। हिन्दू  धर्म, अध्यात्म, दर्शन सहित मानव कल्याण के अनेक विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित कर चुका गीता प्रेस आधुनिक समय का तीर्थ ही है। राजा भागीरथ के महान तप से पुण्य प्रवाहिनी मां गंगा का धरती पर अवतरण संभव हो सका था। इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का प्रण पूर्ण किया था। इसी प्रकार गीता प्रेस के संस्थापक, ब्रह्मलीन जयदयालजी गोयंदका के ऐसे ही महान तप का सुफल यह प्रकाशन है। वैसे तप तुलना का विषय नहीं है किन्तु  धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, भक्ति एवं मानवता के उद्धार के लिए गोयंदका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस आज भी पुण्य प्रवाहमयी ज्ञान सरिता है। गीता प्रेस के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ के उल्लेख के बिना गीता प्रेस की चर्चा पूर्ण नहीं होगी।  भाईजी वीर सावरकर के निकट के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अपने मौसेरे भाई जयदयालजी के अगाध गीता प्रेम एवं ज्ञान को देखते हुए भाईजी ने श्रीमद्भगवत गीता को लागत मूल्य से भी कम में जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस संकल्प की पूर्ति के लिए अपने एक प्रकाशन की आवश्यकता थी जो गोरखपुर में प्रारंभ हुआ। प्रचार-प्रसार से दूर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने सनातन संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो अतुलनीय योगदान दिया है, इतिहास में इसका उदाहरण मिलना कठिन है।   गीता  प्रेस  का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के सिद्धांतों को गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों, प्रख्यात संतों के प्रवचन एवं चरित्र-निर्माण की अन्य पुस्तकें-पत्रिकाएं प्रकाशित कर इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत में समाज में पहुंचाना है। गीता प्रेस मानव जीवन के उत्थायन और सभी की भलाई के लिए प्रयासरत है। इसका उद्देश्य शांति, आनंद और  मानव जाति के अंतिम उत्थान के लिए गीता में प्रतिपादित जीवन जीने की कला को बढ़ावा देना है। संस्थान का संचालन कोलकाता के गोविंद भवन द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन एक गवर्निंग काउंसिल (ट्रस्ट बोर्ड) करती है। गीता प्रेस में दिन की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होती है। एक व्यक्ति दिनभर घूम-घूम कर प्रत्येक कार्यकर्ता को कई बार भगवान का नाम स्‍मरण कराता है। गीता प्रेस के अभिलेखागार में भगवद् गीता की 100 से अधिक व्याख्याओं सहित 3,500 से अधिक पांडुलिपियां रखी हैं। गीता प्रेस के मासिक पत्रिका ग्रंथ ‘कल्याण’ के नए संस्करण के साथ 3000 से अधिक ऑनलाइन संग्रह उपलब्ध हैं। 4 मई 1923 को गीता प्रेस की स्थापना की गई थी तब पुस्तकें छापने का काम बोस्टन कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू किया गया था। पैरों से चलाई जाने वाली यह मशीन 500 रुपए में अमेरिका से मंगवाई गई थी। अब संस्थान आधुनिक संसाधनों का सदुपयोग करता है इसीलिए मैनुअल और मशीन दोनों माध्यमो से प्रकाशन का काम होता है। गीता प्रेस इन अर्थों में भी विश्व का अनूठा प्रकाशन है क्योंकि यह अपनी पुस्तकों में मात्रात्मक, व्याकरणिक, शाब्दिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि बताने वाले को पुरस्कृत करता है हालाँकि पुस्तकों में ऐसी त्रुटियां मिलती नहीं हैं। बीते वर्षों में मीडिया में इस प्रकार के समाचार आए थे कि गीता प्रेस आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बंद होने की कगार पर है किन्तु संस्थान के भ्रमण में यह भी जानने मिला कि स्थिति ऐसी नहीं है। समाज के सहयोग से गीता प्रेस 300 करोड़ रुपए वार्षिक टर्न ओवर वाला समृद्ध संस्थान है और प्रति वर्ष 17 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है। संस्थान ने अपनी पुस्तकें इंटरनेट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई हैं जहां से कोई भी इन्हें  डाउनलोड कर सकता है और यह पूरी तरह निशुल्क है। संस्थान का कार्यालय भी दर्शनीय है। इसके भव्य प्रवेश द्वार के स्तंभ एलोरा के प्राचीन गुफा-मंदिर के स्तंभों की शैली में निर्मित हैं। वहीं अर्जुन के रथ के सारथी बन श्रीकृष्ण गीता का उपदेश दे रहे हैं। प्रवेश द्वार का शिखर … Read more

ममेरे भाई की मौत और पांच घायल, राजस्थान-सिरोही में ट्राले की टक्कर से दूल्हे की कार नाले में गिरी

सिरोही. सिरोही-पाली फोरलेन पर पालड़ी एम थाना क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप सोमवार सवेरे करीब सवा छह बजे हुए एक सड़क हादसे में 8 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पांच अन्य घायल हो गए। कार में सवार लोग आबूरोड से बारात लेकर रानी के लिए रवाना हुए थे। सिरोही जिले के पालड़ी एम थाना क्षेत्र से गुजरते समय पीछे चल रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। इससे कार अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरे नाले में गिर गई। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। उधर, सड़क हादसे की सूचना मिलने पर पालडीएम पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को सिरोही के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। यहां पर गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में सवार लोग सवेरे करीब पांच बजे आबूरोड के आकराभट्टा से बारात लेकर रानी के लिए रवाना हुए थे। सवेरे करीब सवा छह बजे पालड़ी एम थाना क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप से थोड़ा सा आगे ही निकले थे कि पीछे चल रहे एक तेज रफ़्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई तथा रोड से सटे 15 फीट गहरे नाले में गिर गई। दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। उधर कार के नाले में गिरने के बाद वह क्षतिग्रस्त हो गई तथा उसके फाटक जाम हो गए। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे तथा पालडीएम पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों एवं ग्रामीणों ने खासी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर ट्रॉमा सेंटर सिरोही पहुंचाया। जहां उनका तत्काल इलाज शुरू किया गया। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही अन्य बाराती भी यहां पहुंच गए। दूल्हे के साथ आधा दर्जन बारातियों को रानी भेजा गया है। जबकि, बस में सवार अन्य बाराती वापस अपने घर लौट गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है। दुर्घटना में दूल्हे के ममेरे भाई की मौत, दूल्हे सहित ये 5 लोग हुए घायल दुर्घटना में कार में सवार आकराभट्टा, पीएस आबूरोड सदर निवासी आकाश बंजारा, मुकेश बंजारा, आंचल, वर्षा, सचिन और चेतन घायल हो गए। इसमें प्राथमिक इलाज के बाद आकाश को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मुकेश, सचिन एवं चेतन को अग्रिम इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इस दुर्घटना में दूल्हे आकाश के ममेरे भाई अनंत (10) पुत्र मुकेश बंजारा की मौत हो गई। recent visitors 117