भोपाल में स्कूलों की टाइमिंग बदली, जारी किया आदेश, अब 9 बजे से होंगा संचालन

भोपाल जिले में तापमान में कमी और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि विद्यालय का संचालन अब सुबह 9 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के स्वास्थ्य पर शीतलहर के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन पूर्व नियत समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें और विद्यार्थियों की भलाई के लिए उचित कदम उठाएं। राजधानी भोपाल में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब जिले के 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुलेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। अभी और गिरेगा तापमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान और गिर सकता है। अनुमान है कि अगले 6-7 दिनों तक न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। साथ ही, प्रदेश के न्यूतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की कमी देखी जा सकती है। इंदौर में पांच डिग्री लुढ़का पारा प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल का रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा ग्वालियर में 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.4 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में दिन के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। यहां तापमान सबसे कम 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री के साथ इन शहरों में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।   recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत सियाराम बाबा जी के अवसान पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य सियाराम बाबा जी के अवसान पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह संत समाज सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म साधना और मां नर्मदा की सेवा में समर्पित पूज्य सियाराम बाबा ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन को दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा उनके असंख्य अनुयायियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।   recent visitors 20

अतुल सुभाष ने अपने बेटे को लिखी चिट्ठी, 2038 में खोलने को क्यों कहा, 4 साल के बेटे के लिए छोड़ा गिफ्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला चर्चा में छाया बना हुआ है। इस बीच एक भावुक बात सामने निकलकर आई है। आतुल सुभाष ने अपनी जान लेने से पहले अपने 4 वर्षीय बेटे के लिए एक उपहार और एक पत्र छोड़ा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने बेटे से यह उपहार और पत्र 2038 में खोलने के लिए कहा है। यानी कि 34 साल बाद। इस रहस्यमय उपहार और पत्र में कुछ खास बातें छिपी हुई हैं। आतुल सुभाष ने अपने अंतिम पत्र में एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उनकी पत्नी ने उनके बेटे को उनसे दूर रखा और वह कभी भी अपने बेटे से नहीं मिल पाए। पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों तथा उसकी पत्नी, उसके रिश्तेदार एवं उत्तर प्रदेश के एक जज द्वारा प्रताड़ित किए जाने का विस्तृत विवरण दिया है। पुलिस ने बताया कि सुभाष का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली जिसमें लिखा था ‘‘न्याय मिलना बाकी’’ है। अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में सुभाष यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘‘मुझे लगता है कि आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं जो रुपये कमा रहा हूं उससे मेरे दुश्मन और मजबूत हो रहे हैं। उन्हीं रुपयों का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है और यह चक्र यू हीं चलता रहेगा। मेरे द्वारा चुकाए गए करों से प्राप्त धन से यह न्यायालय और पुलिस व्यवस्था मुझे, मेरे परिवार को और अन्य सज्जन लोगों को परेशान करेगी।’’ सुभाष ने मांग की कि उनकी मौत के बाद पत्नी और उसके परिवार को उनके शव के पास जाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने वीडियो में अपने परिजनों से कहा कि जब ​​तक उनका कथित उत्पीड़न करने वालों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वे उनकी अस्थियों का विसर्जन न करें। सुभाष ने न्याय की मांग करते हुए अपने परिजनों से आग्रह किया कि यदि उसका उत्पीड़न करने वालों को दोषी नहीं ठहराया जाता है तो वे उसकी अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सुभाष के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने उसकी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।’’ पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सुभाष का अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक कलह था और उसकी पत्नी ने सुभाष के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया था। अधिकारी ने बताया कि सुभाष ने अपना सुसाइड नोट कई लोगों को ईमेल के जरिए भेजा तथा उसे एक व्हॉट्सऐप समूह पर भी साझा किया था, जिससे वह जुड़ा हुआ था। सुभाष ने सुसाइड नोट में आग्रह किया कि उसके बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए। सुभाष ने सुसाइड नोट में बताया कि 2019 में उसने शादी की थी और अगले साल उसका एक बेटा हुआ। सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के परिजन उन्हें (सुभाष) बार-बार रुपयों के लिए परेशान करते थे और लाखों रुपये मांगते थे और जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो उनकी पत्नी कथित तौर पर 2021 में बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। सुभाष ने आरोप लगाया, ‘‘मेरी पत्नी मेरे बच्चे को अलग रखेगी और मुझे, मेरे बुजुर्ग माता-पिता तथा मेरे भाई को परेशान करने के लिए और भी मामले दर्ज कराएगी। मैं गुजारा भत्ता के लिए उसे जो पैसे देता हूं वह उसका इस्तेमाल हमारे बच्चे के कल्याण के बजाय मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।’’ recent visitors 112

बच्चों संग मशगूल दिखीं शर्मिला तो खूब हुई गपशप, सोहा अली ने दिखाई झलक

मुंबई, अभिनेत्री सोहा अली खान ने परिवार के साथ शानदार और खुशनुमा वीकेंड मनाया। सोहा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अपनी मां शर्मिला टैगोर, पति कुणाल खेमू, भाई सैफ अली खान, भाभी करीना कपूर खान और बच्चों संग यादगार वीकेंड मनाती नजर आईं। सोहा अली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर कैप्शन में लिखा, “एक ऐसा वीकेंड जिसकी हम सबको ख्वाहिश थी।” अभिनेत्री ने प्यारे फैमिली वीडियो में गायक लकी अली का गाना ‘कितनी हसीन जिंदगी’ को जोड़ा। साझा किए गए वीडियो में पटौदी खानदान का हर सदस्य खूबसूरत और आनंद से भरा पल बिताता नजर आया। शर्मिला टैगोर पोतों तैमूर, जहांगीर, नातिन इनाया के साथ खेलती और बातों में मशगूल नजर आईं। क्लिप में कुणाल खेमू स्विमिंग पूल में बच्चों के साथ मस्ती करते तो वहीं, पूरा परिवार एक साथ बैठकर गपशप करता नजर आया। डायनिंग टेबल पर सभी इत्मीनान से बैठ खाना खाते भी दिखे। शर्मिला टैगोर की लाडली सोहा अली के वर्कफ्रंट की बात करें तो अभिनेत्री हॉरर-थ्रिलर ‘छोरी 2’ में दिखाई देंगी। नुसरत भरुचा स्टारर साल 2021 की फिल्म ‘छोरी’ के सीक्वल में अभिनेत्री अहम रोल में हैं। ‘छोरी 2’ मराठी फिल्म ‘लापाछपी’ की रीमेक है। हाल ही में पूरा परिवार शर्मिला टैगोर का जन्मदिन मनाने में बिजी दिखा था। पटौदी परिवार ने 8 दिसंबर को शर्मिला टैगोर का जन्मदिन खास अंदाज में मनाया था। जिससे संबंधित कई पोस्ट करीना और सोहा ने पहले भी शेयर किया था। करीना ने अपनी सास और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था। बेबो ने इंस्टाग्राम पर दिग्गज अभिनेत्री के साथ एक तस्वीर साझा की थी। तस्वीर में करीना और शर्मिला मुस्कुराते हुए पोज देती नजर आई थीं। अभिनेत्री ने तस्वीर के साथ खूबसूरत कैप्शन भी दिया था। उन्होंने लिखा था, “अब तक का सबसे कूल गैंगस्टा कौन है? क्या मुझे बताने की जरूरत है? मेरी सास को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आप सबसे बढ़िया और बेस्ट हो।” recent visitors 38

यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधोसंरचना के विस्तार और अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों और कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि अधोसंरचना विकास के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग कर समयसीमा के भीतर उपकरण खरीदी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीटी स्कैन, एमआरआई, कैथ लैब, पेट-स्कैन, लाईनैक, और ब्रेकी-थेरेपी जैसे उन्नत उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के चिकित्सकीय संस्थानों में औषधि एवं कंज्यूमेबल की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त सामग्री आवश्यकतानुसार संस्थानों में उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने ट्रांसफर पोर्टल की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विभागीय स्तर पर पोर्टल को और अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिये ताकि ट्रांसफर प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 80

पीएम मोदी ने कुवैत का निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक किया स्वीकार, जल्द ही जा सकते ही इस ‘ऐतिहासिक’ यात्रा पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए जल्द ही कुवैत की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। पिछले हफ्ते कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुवैत नेतृत्व की ओर से प्रधानमंत्री को 'शीघ्रतम अवसर मिलने पर' देश की यात्रा करने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया था। कुवैत एकमात्र जीसीसी सदस्य देश है जहां पीएम मोदी ने 2014 में पदभार संभालने के बाद से अब तक दौरा नहीं किया है। कोविड महामारी के कारण 2022 में प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर में, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात की थी। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। पिछले सप्ताह, भारत की यात्रा पर आए कुवैत के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया था कि कुवैत की जीसीसी की वर्तमान अध्यक्षता के अंतर्गत भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की देखभाल के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। recent visitors 58

अधिकारियों से शिकायत के बाद पकड़ा मामले ने तूल, राजस्थान-टोंक में मंडी सचिव ने काटे हरे पेड़

टोंक. टोंक जिले में निवाई कृषि मंडी सचिव कमल किशोर सोनी की मनमानी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिलेभर के किसानों ने राष्ट्रीय किसान महापंचायत युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर डॉ सौम्या झा को ज्ञापन सौंपकर निलंबित करने की मांग उठाई है। प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति निवाई सचिव द्वारा पद का दुरपयोग, महिला किसानों के खिलाफ षड्यंत्र, मंडी समिति के पैसों का दुरपयोग, उच्चाधिकारियों को गुमराह, असत्य, किसान विरोधी गतिविधियों एवं विभाग की छवि को धूमिल कर रहे है। मंडी सचिव कमल किशोर सोनी महिला किसान के खिलाफ झूठा प्रकरण रच रहे हैं। प्रशासन द्वारा पुलिस थाने में प्राथमिक सूचना दर्ज करावें तथा हस्ताक्षर की जांच मंडी समिति के कार्मिकों व सचिव क़ृषि उपज मंडी समिति की जांच कराने की मांग उठाई है। चौधरी ने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति निवाई (अ) श्रेणी होने के उपरांत भी सचिव द्वारा मंडी समिति के पैसों का दुरपयोग, नियमों के विरुद्ध एवं उच्चाधिकारियों को गुमराह, हरे-भरे वृक्षों को जानबूझकर समाप्त करना, चहितो को लाभान्वित करने एवं महिलाओं किसानों के प्रति षड्यंत्र सहित विभिन्न गतिविधियों करतें नजर आ रही है। कंप्यूटर ऑपरेटर कृष्णाबाई जाट पर मंडी सचिव द्वारा षड्यंत्र रचते हुए घोटालों का आरोप लगाया है। मंडी परिसर में गेट पास उन्हीं किसानों के काटे जाते हैं, जो कृषि जींस लेकर मंडी परिसर में आता है। मंडी परिसर में किसी भी किसान से जमीन हैं या नहीं इसकी कोई जानकारी भी नहीं ली जाती है। क्योंकि मंडी समिति की आय किसान की जिंस आने पर ही निर्भर है। किसान से भी मंडी में 50 पैसे किसान सुविधा शुल्क के नाम से लिये जातें हैं। महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा मंडी परिसर में जींस का बेचान ई-नाम योजना के माध्यम से करने पर सावित्रीबाई फुले योजना के माध्यम से महिलाओं को 50,000 रूपए 1,00,000 रूपए पर प्रोत्साहन राशि 500 रूपये व 1000 रूपये दिये जाते हैं। कृष्णा बाई जाट एक जागरूक किसान भी है, इस कारण उसने पूर्व में भी प्रोत्साहन राशि जारी की गई थी, जिस पर किसी भी किसान की और से कोई आपत्ति नहीं थी। सचिव द्वारा 05-12-2024 को गेट पास नंबर 156 मूंगफली की जींस लाने के उपरांत भी कृषि मंडी सचिव ने ई-नाम योजना का फायदा एवं ऑनलाइन भुगतान नहीं करने दिया। जिस कारण महिला कृष्णा बाई जाट को प्रोत्साहन राशि से वंचित रहना पड़ा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री राजस्थान को जिला कलेक्टर के माध्यम से की गई थी। मंडी सचिव निवाई ने स्वयं के कंप्यूटर (लैपटॉप) में प्रार्थना-पत्र लिखते हुए। विधायक, ज़िलास्तर प्रमुख, जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी, सचिव के नाम रामलाल चौधरी निवासी डांगरथल तहसील निवाई बताते हुए हस्ताक्षर सहित आरोप लगाया जब किसानों ने मंडी सचिव से मुलाकात की तों शिकायत को पढ़कर किसानों को सुनाया एवं वीडियो भी बनाया। जब यह जानकारी वीडियोग्राफी से किसान महापंचायत यूथ प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी को प्राप्त हुई तो गांव डांगरथल पहूंचकर रामपाल चौधरी की जानकारी की तो इस नाम से कोई वहां व्यक्ति ही। सरपंच द्वारा इस नाम के व्यक्ति नहीं होने की पुष्टि उनके लेटर हेड पर लिखित में भी निदेशक कृषि विपणन बोर्ड सहित जिला कलेक्टर एवं प्रमुख शासन सचिव के नाम भी पत्र जारी किया। recent visitors 135