Monday, July 6, 2026 2:51 pm

प्रधानमंत्री मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे, महाकुम्भ से जुड़ी परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने और परियोजनाओं का लोकार्पण करने 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी सात हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही संगम तट पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए जा रहे है। सीएम योगी करेंगे समीक्षा बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विमान से एयर रूट रिहर्सल किया गया। उधर, पांच दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी दूसरी बार प्रयागराज पहुंच रहे हैं।11 दिसंबर को वह महाकुंभ से जुड़े कार्यों की एक बार फिर से समीक्षा और निरीक्षण करेंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट कॉरिडोर पहुंचेंगे, जहां 13 को प्रधानमंत्री को भी जाना है। जोर-शोर से चल रही तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमेटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। पीएम की जनसभा के लिए संगम तट पर भव्य पंडाल तैयार हो गया है। साथ ही इसका ले-आउट भी फाइनल हो गया है। विशाल पंडाल में करीब 40 ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें वीआईपी समेत अलग-अलग करीब 20 हजार व्यक्तियों के लिए व्यवस्था की जा रही है, हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से दो लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 54

प्रयागराज तक तीन ट्रेनों की सौगात, छत्तीसगढ़-रायगढ़, बिलासपुर और दुर्ग से चलेंगी महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें

रायगढ़/बिलासपुर/दुर्ग. छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ में जाने वाले यात्रियों के लिये खुशखबरी है। 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ 2025 के लिये दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से कुंभ मेला स्पेशल तीन ट्रेनों की सुविधा शुरू होगी। महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए छत्तीसगढ़ और प्रयागराज के बीच रायगढ़, बिलासपुर और दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन की सुविधा मिलेगी। इससे गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, बालाघाट, नैनपुर, अनूनपुर, शहडोल एवं उमरिया के मध्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यात्रियों को फायदा मिलेगा। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान करने के लिए प्रयागराज आने वाले यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सके, इसके लिये रेलवे 3 हजार स्पेशल गाडियां और 13 हजार से ज्यादा ट्रेनें चलायी जाएंगी । इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से तीन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन होगा। महाकुंभ मेले के दौरान ट्रेन में होने वाली अतिरिक्त भीड़-भाड़ के दौरान रेल यात्रियों को अधिक से अधिक कन्फर्म बर्थ/सीट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से तीन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेने चलाई जायेंगी, जो रायगढ़-वाराणसी, दुर्ग-वाराणसी एवं बिलासपुर-वाराणसी के मध्य तीन फेरे के लिए चलाई जा रही है।08251/08252 रायगढ़-वाराणसी-रायगढ़ कुंभ मेला स्पेशल, 08791/08792 दुर्ग-वाराणसी-दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल एवं 08253/08254 बिलासपुर-वाराणसी-बिलासपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन व्हाया बिलासपुर, कटनी, प्रयागराज के मार्ग से चलाई जा रही है। बता दें कि प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ मेला शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। recent visitors 80

पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार किया, अवैध हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में बीती रात दादरी थाना पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में बदमाश पुलिस की गोली से घायल हो गया, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार और एक बाइक बरामद की है। उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। इस बदमाश पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। गौतमबुद्ध नगर के जारचा थाना इलाके में रहने वाला यह बदमाश कई दिनों से वांछित चल रहा था। उसने एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में कई वारदातों को अंजाम भी दिया था। मिली जानकारी के मुताबिक, 10 दिसंबर को थाना दादरी पुलिस घोड़ी गोल चक्कर से रामगढ़ की तरफ, रामगढ़ कट पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान संदिग्ध लगने पर पुलिस ने एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख बदमाश ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने जब पीछा किया तो उनसे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी की पहचान मेहराज (25) निवासी जारचा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से एक तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस और एक बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार, बदमाश पर 25,000 का इनाम रखा गया था। यह लूट और चोरी की गई घटनाओं में शामिल था और कई दिनों से यह फरार चल रहा था। पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि इसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।   recent visitors 48

जगतपुर जलाशय योजना : ग्रामीण विकास और खुशहाली का नया आयाम

कोरिया, 30 से बढ़कर 110 हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई सुविधा ग्रामीण विकास और कृषि उत्थान के लिए आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण हमेशा से एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। बैकुण्ठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत जगतपुर में स्थित जगतपुर जलाशय योजना इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। वर्षों से उपेक्षित इस योजना के पुनरुद्धार ने किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। समस्या से समाधान तक का सफर जगतपुर जलाशय की नहरें समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। उनमें गाद जमा होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था, जिससे अंतिम छोर तक सिंचाई संभव नहीं हो पाती थी। पानी के अपव्यय और फसल उत्पादन में कमी से किसान हताश थे। ग्राम वासियों की मांग पर जिला प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। पुनरुद्धार कार्य और बजट जगतपुर जलाशय योजना के नहरों की मरम्मत और सीसी चैनल निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से 5 लाख रुपये और मनरेगा मद से 32.45 लाख रुपये, कुल 37.45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इस राशि का उपयोग नहरों की सफाई, मरम्मत और सीसी चौनल निर्माण में किया गया। सिंचाई क्षमता में चार गुना बढ़ोतरी इस पुनरुद्धार से पहले, जलाशय से केवल 30 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव थी। अब, मरम्मत और सीसी चौनल निर्माण के बाद खरीफ फसल के लिए 110 हेक्टेयर भूमि तक पानी पहुंच रहा है। पक्की नहरों के कारण पानी का अपव्यय रुका है, जिससे रबी फसल में भी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है। किसानों और मजदूरों को लाभ इस योजना से लगभग 120 किसानों को सीधा लाभ मिला है। बेहतर सिंचाई सुविधा ने उन्हें दो फसल लेने में सक्षम बनाया है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही, मनरेगा के तहत इस कार्य में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिला, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। ग्राम वासियों में उत्साह और आत्मनिर्भरता ग्रामवासियों के अनुसार, इस योजना ने न केवल उनकी खेती-किसानी को आसान बनाया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है। किसानों का कहना है कि अब वे सिंचाई की चिंता किए बिना अपनी फसलों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। सरकार की दृष्टि और ग्रामीण विकास का नया मॉडल जगतपुर जलाशय योजना यह सिद्ध करती है कि प्रशासन और सरकार की योजनाओं का सही क्रियान्वयन कैसे ग्रामीण जीवन को बदल सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में इस तरह के प्रयास गांवों में विकास और खुशहाली की नींव रख रहे हैं। recent visitors 34

मंत्री देवांगन बोले -अपंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को भी कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर मिलेगी 1 लाख की सहायता राशि

विष्णुदेव सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर श्रम विभाग देने जा रहा बड़ी राहत श्रम मंत्री देवांगन के निर्देश पर योजना की कंडिका में किया जा रहा संशोधन रायपुर, प्रदेश में विष्णुदेव सरकार के एक साल पूर्ण होने पर निर्माणी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब ऐसे निर्माणी श्रमिक जो कि पंजीकृत नहीं है लेकिन कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रितों को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। गौरतलब है कि ऐसे निर्माणी श्रमिक जो कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत क्षेत्रों में कार्य करते हैं, लेकिन किसी कारणवश पंजीयन नहीं हो पाया होता है। इसी बीच कार्यस्थल में मृत्यु होने पर श्रमिक के आश्रितों को किसी तरह की आर्थिक सहायता राशि नहीं मिल पाती थी। श्रमिकों की इन परेशानियों को देखते हुए श्रम मंत्री सह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल लखन लाल देवांगन के निर्देश पर अब विभाग ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करने जा रही है। अभी तक निर्माणी श्रमिक के सामान्य मृत्यु पर 1 लाख, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर 2.50 लाख की सहायता राशि मिलती है। अब अपंजीकृत निर्माणी श्रमिक के कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि आश्रितों को दी जाएगी। एक साल में 1502 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को दी गई सहायता राशि जनवरी से लेकर नवंबर तक कुल 1502 निर्माण श्रमिकों को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना का लाभ दिया गया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर ऐसे निर्माणी श्रमिकों के आश्रितों को तत्काल सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से की जा रही है। recent visitors 56

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए     मंत्रिपरिषद द्वारा द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है।       छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।         छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।     छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।     खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।     खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।     खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया     खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।     छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।      छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।   recent visitors 23

रायपुर में हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग, छत्तीसगढ़-आईबी अधिकारी ने दी थी फ्लाइट में बम की झूठी जानकारी

रायपुर. नागपुर से कोलकाता जा रही फ्लाइट में बम की झूठी जानकारी देने के मामले में नया मोड़ आया है। इस केस में जिस व्यक्ति को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, वह इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का अधिकारी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को जायज ठहराते हुए दावा किया कि उसने झूठी जानकारी दी थी। इस वजह से पिछले महीने नवंबर में 187 यात्रियों से भरी उड़ान की रायपुर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। आरोपी व्यक्ति को रायपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (4) (अनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा अधिनियम, 1982 के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों के दमन के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि अनिमेष मंडल (44) आईबी के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट रैंक के अधिकारी हैं जो नागपुर में तैनता हैं। वे निर्दोष हैं, उनके वकील फैजल रिजवी ने दो दिन पहले ये बातें बताई। मंडल ने 14 नवंबर को इंडिगो की उड़ान के उड़ान भरने के बाद पायलट से कथिततौर पर कहा था कि विमान में बम है। विमान को रायपुर डायवर्ट किया गया, लेकिन लैंडिंग के बाद गहन तलाशी के बाद सूचना गलत पाई गई। वकील रिजवी के मुताबिक, मंडल के विमान में चढ़ने के बाद उसे अपने स्रोत से बम के बारे में सूचना मिली। वकील ने पूछा कि पुलिस ने तुरंत यह खुलासा क्यों नहीं किया कि वह आईबी का अधिकारी है। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसे हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद आईबी को सूचित किया और स्थानीय पुलिस और आईबी की संयुक्त टीम  की ओर से उससे पूछताछ करने और उसकी ओर से शेयर की गई जानकारी को फर्जी पाए जाने के बाद ही उसे गिरफ्तार किया गया। मंडल के कृत्य ने दहशत पैदा कर दी और यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान को खतरे में डाल दिया। इस बीच, अधिवक्ता रिजवी ने दावा किया कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोपी व्यक्ति पर केवल विशेष अदालत की ओर से मुकदमा चलाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई निर्दिष्ट अदालत नहीं है। उनके मुवक्किल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे। वहां ऐसे मामलों की सुनवाई करने की अंतर्निहित शक्तियां हैं और वो जमानत की मांग करेंगे। recent visitors 25