36 हजार की रिश्वत लेते छिंदवाड़ा बीईओ को लोकयुक्त की टीम ने किया गिरफ्तार

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। विकास खंड शिक्षा अधिकारी, बिछुआ रजनी अगामे को 36 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकयुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। आवेदक रमेश पराड़कर (54), अधीक्षक, शासकीय बालक छात्रावास, धनेगांव, विकास खंड बिछुआ की शिकायत पर ये कारवाई हुई है। आवेदक के अनुसार उसके और विकासखंड बिछुआ के 12 छात्रावास अधीक्षकों से 50 सीटर के कमीशन की राशि 3000 रुपये प्रतिमाह और 100 सीटर के कमीशन की राशि 6000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सितंबर व अक्टूबर माह की कमीशन की कुल राशि 96000 रिश्वत की मांग की जा रही थी। जानकारी के अनुसार, धनेगांव छात्रावास अधीक्षक रमेश पराडकर ने लोकायुक्त में शिकायत की थी आदिवासी विभाग की विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी आगामें विकासखंड बिछुआ के 12 छात्रावास अधीक्षकों से 50 सीटर के कमीशन की राशि 3000 रुपए प्रतिमाह और 100 सीटर के कमीशन की राशि 6000 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से सितंबर और अक्टूबर माह की कमीशन की कुल राशि 96000 रिश्वत की मांग कर रही है। जिसकी शिकायत उसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की डिमांड संबंधी रिकॉर्डिंग सुनी और रणनीति बनाकर मंगलवार को उसे ट्रेप कर लिया। दरअसल, रजनी अगामे रिश्वत की पहली किश्त 31000 रुपए लेने को तैयार हो गई थी, जिसे रिश्वत लेते हुए बिछुआ में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस को की शिकायत जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर को की गई। शिकायत के सत्यापन के लिए रिकॉर्डिंग कराई गई। इसमें रजनी अगामे रिश्वत की प्रथम किश्त 31000 रुपए लेने को तैयार हो गई थी। मंगलवार को आरोपित रजनी अगामे, विकास खंड शिक्षा अधिकारी, बिछुआ के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने पहुंची टीम में इंस्पेक्टर रेखा प्रजापति, इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की, इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके और लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा था। विवादित रहा है कार्यकाल रजनी अगामे का कार्यकाल विवादित रहा है। वो पहले भी मंडल संयोजक के पद पर रहते हुए दो बार निलंबित हो चुकी हैं।   recent visitors 72

फिल्म वनवास की पहली स्क्रीनिंग देख भावुक हुए विजयपत सिंघानिया

मुंबई, बिजनेसमैन विजयपत सिंघानिया फिल्म वनवास की पहली स्क्रीनिंग देख भावुक हो गए। विजयपत सिंघानिया ने सालों बाद सार्वजनिक तौर पर शिरकत की। उन्होंने अनिल शर्मा की फिल्म वनवास की स्पेशल स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया। यह फिल्म, जो पारिवारिक धोखे और व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है, सिंघानिया को बहुत प्रभावित कर गई। 84 साल के सिंघानिया, जो कभी भारत के सबसे बड़े और मशहूर टेक्सटाइल ब्रांड के टॉप बिजनेसमैन थे, अब बहुत कम ही किसी इवेंट में नजर आते हैं। अनिल शर्मा द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित फिल्म वनवास को 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जाएगा। ज़ी स्टूडियोज़ द्वारा वर्ल्डवाइड रिलीज की जाने वाली इस फिल्म में नाना पाटेकर, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर लीड रोल में नज़र आएंगे। recent visitors 57

प्रशासन और MLA के बीच टकराव, रतलाम पुलिस ने विधायक कलेश्वर डोडियार को गिरफ्तार किया

 रतलाम रतलाम जिला अस्पताल में 5 दिन पहले डॉक्टर से विवाद होने के मामले को लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा आदिवासी समाज के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को सुबह 11 बजे नेहरू स्टेडियम में आंदोलन कर सभा करने की घोषणा की गई थी। प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने पर विधायक ने बंजली हवाई पट्टी पर आंदोलन करने की घोषणा की। बुधवार सुबह विधायक डोडियार व उनके समर्थक हवाई पट्टी पर पहुंचे और सभा की तैयारी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर बाद पुलिस प्रशासन ने विधायक कमलेश्वर डोडियार सहित करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया और पुलिस वाहन में बैठकर जेल भेज दिया। प्रशासन ने अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए आंदोलन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विधायक ने वीडियो जारी कर आंदोलन के लिए लोगों को रतलाम आने का आव्हान किया। प्रशासन व पुलिस ने सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। आंदोलन में बांसवाड़ा, झाबुआ तथा अन्य जिलों से भी कार्यकर्ता आने वाले थे। पुलिस ने जिले की सभी सीमाओं पर बेरिकेट लगाकर नाकाबंदी की थी। सभा करने की जानकारी दी थी दरअसल विधायक कमलेश्वर ने 11 दिसंबर को होने वाले आंदोलन को लेकर मुख्य सचिव, डीजीपी, कलेक्टर, एसपी आदि को पत्र लिख नेहरू स्टेडियम में सभा करने की जानकारी दी थी। उच्च गुणवत्ता के शासकीय लगभग 20 कैमरे, 500 बाडी कैमरे एवं ड्रोन कैमरे से कार्यक्रम की संपूर्ण ऑडियो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग करने की मांग भी की गई थी। पत्र में उल्लेख किया गया था कि में आदिवासी पार्टी का एक मात्र निवर्वाचित पार्टी का विधायक हूं और कुछ असामाजिक तत्व सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर एवं विरोधी पक्ष के लोग शांतिपूर्वक महाआंदोलन में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए अप्रिय घटना कर सकते है, इसलिये कलेक्टर व एसपी कार्यालयों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बेरिकेटिंग की जाए। महू-नीमच हाइवे पर सातरूंडा चौराहे पर आंदोलन में जा रहे कार्यकर्ताओं को रोकने पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर घरना देकर नारेबाजी कर रहे है। इससे हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई, वाहनों की कतारे लग गई। सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियो कलेक्टर के आदेश पर अपर कलेक्टर द्वारा विधायक को पत्र लिख अवगत करवाया गया कि आपके द्वारा प्रस्तावित कार्यकम की कोई पूर्वानुमति नहीं ली गई है। उधर सुबह प्रशासन ने नेहरू स्टेडियम के गेट पर ताला लगा दिया जब इसकी जानकारी विधायक डोडियार को मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हवाई पट्टी में आंदोलन करने की घोषणा की। वे और कार्यकर्ता हवाई पट्टी पर पहुंचे वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर बाद विधायक और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर जेल वाहन में बैठाया गया इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। नारेबाजी करते रहे विधायक डोडियार व उनके साथियों को जब जेल के बाहर वाहन से उतारा जा रहा था, तब वे इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगते हुए वाहन से उतरते रहे। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में डॉ भीमराव आंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस आदि महापुरुषों की तस्वीर थी। विधायक डोडियार व समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद भी सभी सीमाओं तथा अन्य क्षेत्रों में पुलिस बल अभी भी तैनात है। वही अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। recent visitors 25

अब खोदी जा रही तिरछी टनल, राजस्थान-दौसा में 44 घंटों से मौत के मुंह में मासूम आर्यन

दौसा. दौसा के नांगल के कालीखांड गांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना घटी, जहां 5 साल का मासूम आर्यन गहरे बोरवेल में गिर गया। 44 घंटे से अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जिसमें 150 फीट की गहराई पर फंसे 5 साल के आर्यन को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीती रात दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा अल सुबह दिल्ली से दौसा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आर्यन के स्वास्थ्य और आगे की अपडेट बारे में जानकारी ली। दूध की बोतल लेकर इंतजार करते रहे पिता घटनास्थल पर बच्चे के लिए दूध की बोतल और दूध पाउडर लाया तो गया, लेकिन उसे बच्चे तक भेजा नहीं जा सका। ऐसे में गिरने के बाद से अभी तक मासूम को पानी भी नहीं पिलाया गया। मंगलवार को बच्चे के माता-पिता दूध की बोतल लेकर केवल इंतजार करते रहे, लेकिन उसे पहुंचाया नहीं जा सका। परिवार और प्रशासन की चिंता बढ़ी 5 वर्षीय आर्यन को बोरवेल से निकालने के सारे प्रयास अब तक फेल साबित हुए हैं। बीते 44 घंटे से भी ज्यादा समय से आर्यन बोरवेल में फंसा हुआ है और इस दौरान इसे खाना और पानी कुछ भी नहीं पहुंचाया जा सका है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के 6 देसी जुगाड़ बच्चे को निकालने में फेल रहे हैं। वहीं, ऑपरेशन में लगी 10 जेसीबी और दूसरी मशीनों की खुदाई को भी खास असर नहीं हुआ है। इधर, परिवार और प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक 6 देसी जुगाड़ फेल हुए सोमवार शाम से मंगलवार देर रात तक एनडीआरएफ ने 6 देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सभी फेल रहे। पांचवें प्रयास में बोरवेल में अम्ब्रेला उपकरण को इन्स्टॉल किया गया था। देर रात छठे प्रयास में रिंग डालकर बच्चे के हाथ और पैर में रस्सी फंसाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन रस्सी अपनी पकड़ नहीं बना सकी। इससे मासूम बोरवेल में ही फंसा हुआ है किरोड़ी लाल मीणा ने जताई चिंता दौसा के ग्राम कालीखाड़ में 5 वर्षीय आर्यन खुले बोर में गिरने के अत्यंत दु:खद समाचार प्राप्त हुए जो बहुत ही चिंताजनक है। सूचना मिलते ही संबधित विभाग से दस लाख रुपए जिला प्रशासन को दिए गए है, और जिला कलेक्टर सहित सभी अधिकारी बेटे आर्यन को सकुशल बाहर निकालने के लिए लगातार 1/2 pic.twitter.com/TCeJ4rSDUd — Dr. Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) December 10, 2024 recent visitors 169

मध्यप्रदेश में 1 लाख पदों के लिए भर्ती शुरू, कर्मचारी चयन मंडल ने जारी किया विज्ञापन, शिक्षा विभाग में 35,357 पोस्ट,जानें कब से कर सकेंगे आवेदन

भोपाल  मध्य प्रदेश में करीब एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो चुकी है. एमपी कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पहले चरण का विज्ञापन जारी किया गया है. इसके तहत ऊर्जा विभाग में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 2,573 रिक्त पदों पर सीधे तौर पर भर्ती की जाएगी. यहां जानें आवेदक कब से रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. बता दें, यह भर्ती पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में की जा रही है. सोमवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि एक लाख पदों पर भर्ती के लिए एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को रिक्वायरमेंट भेज दी गई है. इसके बाद से ही अलग-अलग विभागों ने भर्ती संबंधी प्रस्ताव भेजने का काम तेज कर दिया गया है. अब जल्द ही अन्य विभाग भी विज्ञापन निकालने की तैयारी में हैं. 24 दिसंबर से कर सकेंगे आवेदन जानकारी के अनुसार, इच्छुक कैंडिडेट्स ऑनलाइन माध्यम से 24 दिसंबर 2024 से 23 जनवरी 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं. बता दें, वर्तमान में अलग-अलग विभागों के 55 हजार 410 पद खाली पड़े हुए हैं. ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने सबसे पहले सीएम की मंशा के अनुसार रिक्त पदों की भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजने और विज्ञापन जारी कराने का काम किया है. स्कूल शिक्षा विभाग में 35 हजार से ज्यादा पद खाली जानकारी के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग में 35,357 पद खाली पड़े हुए हैं. इसमें सबसे ज्यादा 24,614 पद स्कूल शिक्षा विभाग में खाली है. इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा विभाग में 6,407 और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास व रोजगार विभाग में 4,336 पद रिक्त हैं. साथ ही वन विभाग में भी 4,088 पद खाली हैं. 35 विभागों में पद खाली सरकारी विभागों की बात करें तो 53 में से कुल 35 विभागों में पद खाली पड़े हुए हैं. इन विभागों में आउटसोर्स या संविदा के पद से भर्ती करने के बजाय सीधी भर्ती से पद रिक्त पाए गए हैं. इसके अतिरिक्त अन्य विभागों के प्रस्ताव आने के साथ भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजने का काम शुरू कर दिया गया है. जिन विभागों ने अब तक खाली पदों की जानाकारी भेजी है, उसके मुताबिक अब तक सबसे ज्यादा पद शिक्षा विभाग में खाली हैं. स्कूली शिक्षा विभाग में कुल 24,614 पद खाली पड़े हुए हैं. इसी तरह उच्च शिक्षा विभाग में 6,407 पद खाली हैं. इसके अलावा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार विभाग, वन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग और ऊर्जा विभाग में हजारों पद खाली पड़े हुए हैं. इसके अलावा 18 ऐसे विभाग हैं, जहां हर एक में 1 हजार से कम पद खाली पड़े हुए हैं. कुल मिलाकर राज्य में 35 विभागों में पद खाली हैं. मध्य प्रदेश में वर्तमान में 3,675 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा अलग-अलग विभागों ने अब तक करीब 18,388 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव भी भेज दिए हैं, जिनमें बैकलॉग और सीधी भर्ती के पद शामिल हैं. इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने अगले 5 साल में ढाई लाख पदों पर सीधी का लक्ष्य तय किया था. सरकर ने तय किया कि उसके लिए हर साल सरकारी एग्जाम का कैलेंडर भी जारी किया आएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव दिसंबर तक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश हैं. सामान्य प्रशासन विभाग भी सक्रिय हो गया है. सीएम ने कहा कि वे खुद इसका रिव्यू करेंगे. सीएस ने मांगी थी सभी विभागों से रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में एक लाख पदों पर भर्ती के लिए फैसला लिया था। जिसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी लेने के लिए बैठक बुलाई थी। वित्त विभाग ने अगले पांच सालों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों की रूपरेखा तैयार कर ली है। सीएम यादव ने दिसंबर माह तक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग सक्रिय हो गया है। सीएम यादव स्वयं इसका रिव्यू करने वाले हैं। इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती से संबंधित जानकारी बुलाने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी विभागों से रिपोर्ट मांगने का काम तेज कर दिया है। 3675 पदों पर चल रही है भर्ती प्रक्रिया, 18388 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा जुटाई गई विभागवार जानकारी में यह बात सामने आई है कि वर्तमान में 3,675 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चालू है। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को जानकारी भेजी गई है। अलग-अलग विभागों ने 18,388 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव भी भेजे हैं, जिनमें बैकलॉग और सीधी भर्ती के पद शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने इन पदों पर भर्ती के लिए संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए हैं कि वे सामान्य प्रशासन विभाग के पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के साथ एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए विभागीय तौर पर निर्देश जारी करें। recent visitors 131

मुख्यमंत्री यादव ने 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर की राशि, गीता पाठ का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल भोपाल (Bhopal) के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम (Motilal Nehru Stadium) में जन कल्याण पर्व के अंतर्गत महिला सम्मेलन (Women’s Conference) और गीता महोत्सव (Geeta Festival) का आयोजन किया गया। गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सात जार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 3721 आचार्यों ने गीता के तृतीय अध्याय का सस्वर पाठ किया। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Guinness Book of Records) में दर्ज किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी उपस्थित रहे। गिनजी बुक ऑफ ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एजुकेटर विश्वनाथ ने विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की। जिसके बाद मुख्यमंत्री को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपये की राशि प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में भेजी। इस राशि का वितरण मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व के शुभारंभ के साथ किया गया। लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गैस रिफलिंग के करीब 350 करोड़ रुपये भी महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजभोज की इस धरती पर एक साल पहले कला और संस्कृति की धारा आनंद में डुबकी लगा रही थी। आज फिर यहां आनंद का कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पांच हजार साल पहले एक रिकॉर्ड बना था, उस समय गिनीज बुक नहीं थी, लेकिन वह वाणी परमात्मा की दी हुई थी, जो गीता के पवित्र ग्रंथ के रूप में आज भी हमको कर्मवाद की शिक्षा देती है और भक्तिवाद की ओर ले जाती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है। उन्होंने गीता पाठ के गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनने पर सभी को बधाई दी और कहा कि वह कामना करते हैं कि इस तरह के रिकॉर्ड बनाने वाले कार्यक्रम आगे बढ़ते जाएं और आने वाले समय में कोई इससे बड़ा कार्यक्रम करें, जिससे हमारा पूरा मंच और देश आनंद में डूबे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के तीसरे अध्याय में कर्मवाद और कर्मयोग की जो बात की गई है, वह हमारे जीवन में आदर्श आचार्य संहिता के रूप में प्रकट होती है। हमारी धर्म संस्कृति में सब कुछ है और पूजा पद्धतियों के प्रति कोई विरोध नहीं है, लेकिन हमें धर्म आधारित आचार संहिता का पालन करना चाहिए, जो हमारे परिवारों और रिश्तों को आदर्श रूप में स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनाओं को भी बधाई दी और कहा कि आज उनके खाते में बड़ी राशि डालने का कार्य किया गया है। साथ ही, आज सरकार के एक साल पूरे होने पर दो कार्यक्रम भी जुड़े हैं। एक कार्यक्रम 11 से 26 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जश्न मनाया जाएगा। जन-कल्याण पर्व के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जो प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी साबित होंगी। महिलाओं को सालाना 15 हजार की आर्थिक सहायता दरअसल, लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साल 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इससे महिलाओं को सालाना 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।    अबतक 18 किस्तें जारी हो चुकी है और अब 19वीं किस्त का इंतजार है। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी की जाती है, हालांकि त्यौहारों को देखते हुए समय से पहले भी किस्त जारी कर दी जाती है, लेकिन इस बार एक दिन की देरी से जारी हो रही है। क्या नए साल में बढ़ेगी राशि? नए साल से पहले चर्चा ये भी है कि बजट 2025 में मोहन सरकार लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा कर सकती है। यह कयास हाल ही में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान सीएम मोहन यादव के उस बयान से लगाए जा रहे है जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना की शुरूआत में पात्र लाड़ली बहनों को 1000 रुपये दिए गए। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये की गई। इस राशि में आगे और भी वृद्धि की जायेगी। अभी सरकार 1,250 रुपये जमा कर रही है, इसे (मासिक सहायता) तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये भी किया जाएगा, यह सरकार की नीति है। सीएम के इसी बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नए वर्ष में मोहन सरकार लाड़ली बहनों के लिए योजना की राशि में वृद्धि करेगी। recent visitors 78

नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ में बेहतर औद्योगिक वातावरण का होगा निर्माण

रायपुर, प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से लागू हो गई है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य में औद्योगिक नीतियों की परिकल्पना राज्य गठन के उपरान्त लगातार की जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब तक पांच औद्योगिक नीतियां क्रमशः – 2001, 2004-09, 2009-14, 2019-24 प्रवाशील रही एवं अब नई औद्योगिक नीति 2024 लागू की गई है। उपरोक्त औद्योगिक नीति को लागू किये जाने के साथ ही इन नीतियों में तत्कालीन आवश्यकताओं को तथा औद्योगिक विकास के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नीतियों में यथा आवश्यकता विभिन्न प्रकार के औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यथा- ब्याज अनुदान, राज्य लागत पूंजी अनुदान, (अधोसंरचना लागत पूंजी अनुदान), स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट, प्रवेश कर छूट, मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति, मंडी शुल्क छूट, परियोजना लागत पूंजी अनुदान इत्यादि प्रदान की जाती रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। हमारा राज्य देश के मध्य मेें स्थित है, आने वाले वर्षो में हम अपनी भौगोलिक स्थिति आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को ‘‘हेल्थ हब‘‘ बनाने मे सफल होंगे। जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारभ करने जा रहे है। प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन का कहना है कि निश्चित तौर पर हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग कैसे स्थापित हो इसे ध्यान में रखकर यह उद्योग नीति तैयार की गई है। हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित केबिनेट बैठक में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए उद्योगों हेतु प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए होगी। नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन में ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट. मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति के भी प्रावधान किये गये हैं। इस नीति में राज्य के युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर एक हजार से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन के आधार पर बी-स्पोक पैकेज विशिष्ट क्षेत्र के उद्योगों के लिये प्रावधानित है। राज्य के निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों, जिनमें पैरामिलिट्री भी शामिल है, को नई औद्योगिक नीति के तहत अधिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। नक्सल प्रभावित लोगों, कमजोर वर्ग, तृतीय लिंग के उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। सरकार का प्रयास होगा कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सृजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्रों में रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। 4 दिसम्बर 2024 को नवा रायपुर में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप के दौरान राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट … Read more