Monday, July 6, 2026 3:51 am

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ "गीता" की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से धन्य भूमि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के पावन पर्व के अवसर पर "गीता पाठ का गिनीज विश्व रिकॉर्ड" बनाए जाने का अनूठा पावन प्रयास किया जा रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत 11 दिसंबर को लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार 5 हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय "कर्म योग" का सस्वर पाठ कर विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दावेदारी जताएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जायेगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई के द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। विशेष रूप से मध्यप्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद्भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि पर मोक्षदा एकादशी व्रत भी किया जाता है। पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5 हजार वर्ष पहले कौरव-पांडवों के युद्ध के बीच अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा प्रदान करने से धर्मग्रंथ "गीता" की रचना हुई।     recent visitors 47

शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा- मध्य प्रदेश के स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल होगा यातायात का पाठ

भोपाल मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति के मुताबिक यातायात का पाठ शामिल किए जाने की तैयारी है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का कहना है कि बच्चों को यातायात का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से बच्चों में यातायात के प्रति जागरूकता लाने की जरूरत और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि अगर बच्चों को बचपन से ही यातायात संबंधी नियमों और उनके पालन करने की प्रक्रिया से अवगत कराएं तो वह उनके लिए जीवन भर उपयोगी होती है। उन्होंने बचपन में दी जाने वाली शिक्षा और उससे जीवन में होने वाले लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को बहुत सी चीज बालपन से ही बताई जाएं तो वह बगैर किसी प्रयास के बगैर किसी दबाव के चीजों को सीख जाते हैं। जैसे संस्कृति का ज्ञान है वह स्वयमेव शिक्षण पद्धति के माध्यम से मिलता है तो परिवार के कारण और शिक्षा के कारण वह अपनी संस्कृति से जुड़ा रहता है। इसी तरह सड़क परिवहन के कायदे हैं किस तरह से नियमों का पालन करना है। यातायात के नियम का कैसे उल्लंघन होता है और कैसे पालन होता है अगर इस चीज को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल कर बच्चों को बताने का काम करेंगे तो बच्चे आसानी से जान लेते हैं और बच्चे उसे सीखते हुए अपने जीवन में उतारते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बड़े होकर कोई चीज सीखने से बेहतर है कि बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ्यक्रम के माध्यम से उनको चीजों का ज्ञान कराया जाए जो उनके लिए जीवन भर उपयोगी हो। आगामी समय में यह हमारी प्राथमिकता है। नई शिक्षा नीति यही कहती है जीवन उपयोगी चीजों को किस तरह से हम पाठ्यक्रम में शामिल करें। जो आने वाले जीवन में काम आए, कारगर हो, इसे हम पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहे हैं। ज्ञात हो कि यातायात पालन संबंधी नियमों का ज्ञान न होने के कारण बच्चे और किशोर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, अगर नियमों की जानकारी हो तो हादसों को रोका भी जा सकता है। इसी को ध्यान में रखकर राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में यातायात संबंधी जानकारी को शामिल करने की तैयारी में है। recent visitors 153

इंदौर में मास्टर प्लान के तहत बनेगी 23 नई सड़कें, सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे

इंदौर मास्टर प्लान की 23 सड़कों को महापौर परिषद (एमआइसी) की बैठक में हरी झंडी मिल गई। अब इन सड़कों का काम जल्द ही शुरू होगा। करीब तीन घंटे बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर मंथन हुआ। बैठक में सड़क चौड़ीकरण के लिए जन लोगों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें टीडीआर सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पोर्टल शुरू करने सहित कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा देवगुराडिया स्थित 500 टीडीपी बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने, इस प्लांट के अत्याधुनिकरण करने, मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने को लेकर चर्चा हुई। मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर मंथन महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में बैठक में मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर चर्चा हुई। मास्टर प्लान की ये सड़कें शहर के यातायात को बेहतर बनाने और सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें तेजी से बनाया जाना चाहिए। चार पैकेज में बनाई जा रही इन सड़कों के लिए आई निविदाओं को बैठक में स्वीकृति दे दी गई। 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे महापौर ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पैसा केंद्र सरकार ने पहले ही इंदौर नगर निगम के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। हमने केंद्र सरकार से 14 अन्य सड़कों के लिए भी 400 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है। हम इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे। बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ेगी, अतिरिक्त जमीन भी देंगे बैठक में एशिया के सबसे बड़े 500 टीडीपी क्षमता वाले बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने और इस प्लांट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त जमीन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। 24 मीटर या इससे चौड़ी सड़क पर बेच सकेंगे टीडीआर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बैठक में टीडीआर सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मास्टर प्लान की 23 सड़कों सहित अन्य सड़कें जहां नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन ली है, वहां जमीन मालिकों को ट्रांसफरेबल डेवलमेंट राइट्स (टीडीआर) सर्टिफिटेक जारी किए जाएंगे। जहां जमीनें ली जा रही हैं वह क्षेत्र जनरेटिंग एरिया कहलाएगा। इस सर्टिफिकेट को 24 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़क के आसपास होने वाले निर्माण के लिए बेचा जा सकेगा। पूरे शहर में जहां भी 24 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कें हैं, वह एरिया रिसीविंग एरिया कहलाएगा। जोन 18 को बनाएंगे आत्मनिर्भर जोन बैठक में जोन 18 को आत्मनिर्भर जोन बनाने के नवाचार को भी हरी झंडी दी गई। नगर निगम यह नवाचार कंपनी सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत करेगा। गोदरेज कंपनी इसके लिए आगे आई है। नवाचार के तहत जोन में निकलने वाले कचरे का जोन में ही निबटान किया जाएगा। जोन को आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। recent visitors 27

मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी, सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

भोपाल मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। खासकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे शहरों में सर्दी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई है। सोमवार रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दो वर्षों का सबसे कम तापमान रहा है। प्रदेश के अन्य शहरों का हाल: इंदौर: 8.7 डिग्री ग्वालियर: 8.5 डिग्री उज्जैन: 10 डिग्री जबलपुर: 7 डिग्री पचमढ़ी: सबसे ठंडा, 3.5 डिग्री इसके साथ ही मौसम विभाग ने कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। 11 से 13 दिसंबर के बीच धार, गुना, और अशोकनगर में कोल्ड वेव की संभावना है। उत्तरी एमपी (ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग) में सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर रहने की उम्मीद जताई गई है। जेट स्ट्रीम और बर्फबारी का प्रभाव जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बर्फबारी से एमपी में ठिठुरन बढ़ी है। जेट स्ट्रीम हवाएं 277 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड तेज हो गई है। आने वाले 48 घंटे का अनुमान दिन और रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। रात का पारा 2-3 डिग्री और गिर सकता है। दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड: भोपाल में दिसंबर में ठंड का ट्रेंड तेज होता है।  11 दिसंबर 1966 को पारा 3.1 डिग्री पर पहुंचा था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 2021 में तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलने पर कान और गले को ढंकें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा, और कोल्ड वेव की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। recent visitors 50

उप मुख्यमंत्री देवडा ने खजुरिया सारंग में उप स्वास्थ्य केंद्र का किया भूमि पूजन

तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा – उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने खजुरिया सारंग में निर्मित होने वाले आयुष्मान आरोग्यम मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का भूमि पूजन किया उप मुख्यमंत्री देवडा ने खजुरिया सारंग में उप स्वास्थ्य केंद्र का किया भूमि पूजन भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले में ग्राम खजुरिया सारंग में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले आयुष्मान आरोग्यम मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में ग्राम खजुरिया सारंग के शिक्षक, शिक्षिका एवं 10वीं कक्षा में 85% लाने वाली बालिका कुमारी दिव्या पाटीदार का सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री देवडा ने कहा कि तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा। हम सबको साथ मिलकर काम करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार जनता की हर मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने का कार्य कर रही है। इसमें पीने का शुद्ध पानी, सड़क, बीमार के लिए इलाज का प्रबंध, पढ़ाई की व्यवस्था, घर, बिजली, युवाओं को रोजगार जैसी अनेक आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। यह देश हमारा परिवार है। प्रजातंत्र में जनता मालिक हैं। पहले बहुत से परिवार खुले आसमान के नीचे सोते थे, लेकिन पीएम आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवार को पक्के आवास मिले हैं। अभी जो भी आवास से वंचित हैं, उन्हें भी पीएम आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि एक भी परिवार बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि पहले इलाज के अभाव में बहुत से लोगों की असामायिक मृत्यु हो जाती थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड से अब हर व्यक्ति का निशुल्क 5 लाख तक का इलाज हो रहा है। यह आयुष्मान कार्ड गारंटी कार्ड हैं। प्रदेश में 70 से अधिक उम्र के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन समूह को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर मंदसौर विधायक विपिन जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 23

मंत्री शाह ने बताया पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे

सबके उपचार का पुख्ता प्रबन्ध पीएम जन-मन में 7 लाख से अधिक पीवीटीजी आबादी के बने आयुष्मान कार्ड पीएम जन-मन में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विशेष प्राथमिकता से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे मंत्री शाह ने बताया पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे भोपाल प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के विशेष प्राथमिकता से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियां पीवीटीजी में आती हैं। नवम्बर 2024 के अंत तक पीवीटीजी समुदाय की कुल 7 लाख 85 हजार 324 लक्षित आबादी में से 7 लाख 969 आबादी के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। लक्ष्य के विरूद्ध करीब 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली गई है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं के बड़ी तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक 7 लाख से अधिक पीवीटीजी आबादी के कार्ड बनाये जा चुके हैं। इससे अब इन सबको 5 लाख रूपये तक के नि:शुल्क उपचार की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि पीएम जन-मन योजना प्रदेश के 24 पीवीटीजी बहुल जिलों में संचालित है। इन पीवीटीजी बहुल जिलों में शिवपुरी जिले में 1 लाख 33 हजार 369, श्योपुर 95 हजार 593, शहडोल 69 हजार 832, उमरिया 69 हजार 460, अशोकनगर में 49 हजार 613, गुना 44 हजार 622, मंडला 32 हजार 952, ग्वालियर 30 हजार 386, डिंडोरी 28 हजार 147, सिंगरौली 25 हजार 374, छिंदवाड़ा 24 हजार 854, विदिशा जिले में 22 हजार 140, सीधी 20 हजार 312, बालाघाट में 17 हजार 365, अनूपपुर में 16 हजार 197, दतिया 7 हजार 406, जबलपुर 5 हजार 65, सिवनी 2 हजार 215, नरसिंहपुर 2 हजार 126, मुरैना 1 हजार 625, रायसेन 1 हजार 269, कटनी में 780, भिंड में 214 तथा मैहर जिले में 53 पात्र पीवीटीजी व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड तैयार कर हितग्राहियों को वितरित भी किये जा चुके हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि मैहर, रायसेन, कटनी एवं भिंड जिले के शत-प्रतिशत पीवीटीजी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड़ बना दिये गये हैं। बाकी 20 जिलों के शेष रह गये पीवीटीजी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड भी जल्द से जल्द तैयार कर वितरित कर दिये जायेंगे। आयुष्मान भारत (निरामयम) योजना में सभी को 5 लाख रूपये तक के नि:शुल्क उपचार का लाभ दिया जाता है। राज्य सरकार सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड तैयार कर सबके नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार की दिशा में बेहद संवेदनशील होकर इस दिशा में प्रयासरत है।   recent visitors 28

सर्मथन मूल्य पर हुई 1 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन धान की खरीदी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 9 हजार 554 किसानों से 1 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में हो चुकी है। धान की खरीदी के लिये 1245 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। धान का उपार्जन 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये और धान ग्रेड-ए का 2320 रूपये है। धान की खरीदी जिला सिवनी में 1262, सिंगरौली 7270, सतना 22016, मैहर 6230, रीवा 24790, मऊगंज 6355, सीधी 5318, सागर 498, कटनी 19071, पन्ना 2317, डिंडोरी 69, दमोह 1453, मंडला 12109, छिंदवाड़ा 118, नरसिंहपुर 3486, जबलपुर 585, बालाघाट 14029, नर्मदापुरम 5750, बैतूल 3344, रायसेन 600, सीहोर 989, विदिशा 30, उमरिया 647, अनूपपुर 5286 और जिला शहडोल में 7971 मीट्रिक टन की जा चुकी है।   recent visitors 19