कलेक्टर ने की जिला पंचायत के काम-काज की समीक्षा

  पीएम आवास के अप्रारंभ कार्यों को 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ करने के निर्देश अत्यंत धीमी गति से आवास का कार्य करने वाले तकनीकी सहायकों को मिलेगा नोटिस गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आज जिला पंचायत (डीआरडीए) के नर्मदा सभा कक्ष में जिला पंचायत के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत, प्रारंभ, अप्रारंभ एवं पूर्ण कार्यों की जनपदवार समीक्षा के दौरान अबतक अप्रारंभ लगभग 14 हजार आवासों को आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही अत्यंत धीमी प्रगति से कार्य करने वाले तकनीकी सहायकों को कारण बताओ नोटिस देने कहा।  कलेक्टर ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को मांग के अनुरूप कार्य मिलते रहना चाहिए। उन्होंने मनरेगा के तहत सभी पंचायतों में विभिन्न कार्यों के साथ ही पीडीएस दुकान, आंगनबाड़ी भवन, कुंआ, अमृत सरोवर आदि कार्यों के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव लेकर स्वीकृति आदेश जारी करने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए।         कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस मॉडल ग्रामों, नवीन परिवार के घरों में स्वीकृत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अन्तर्गत शेड स्वीकृति एवं निर्माण कार्य की प्रगति, कचरा संग्रहण हेतु ट्राईसायकल की खरीदी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के तहत स्व सहायता समूहों का गठन, बैंक क्रेडिट लिंकेज वितरण की प्रगति एवं मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों एवं श्रमिकों की संख्या सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने कहा। उन्होंने कहा कि जिले का प्रगति प्रतिवेदन बेहतर होना चाहिए।          बैठक में बताया गया कि पीएम आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 51 हजार 244 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमे 38 हजार आवास प्रगतिरत हैं। 20 आवास पूर्ण हो चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 222 में से 183 ग्राम ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं। नवीन परिवार के घरों में स्वीकृत 3281 शौचालय में से 537 पूर्ण तथा 2708 प्रगतिरत है। सामुदायिक शौचालय के लिए स्वीकृत 54 में से 26 कार्य पूर्ण तथा 27 कार्य प्रगति पर है। मनरेगा के तहत आज की स्थिति में 89 ग्राम पंचायतों में 678 कार्यों में 5215 श्रमिक लग हुए हैं। इसी तरह विभिन्न शाखाओं द्वारा कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए दिलेराम डाहिरे, जिला मिशन प्रबंधक डी एस सोनी, उपसंचालक पंचायत यशवंत बघेल, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा कीर्ती उसरो, जनपद सीईओ संजय शर्मा, एच एल खोटेल एवं शंभू प्रसाद गुप्ता सहित सभी कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित थे। recent visitors 41

आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया को दी राहत, जमानत शर्तों में ढील: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत देते हुए जमानत की शर्तों में बुधवार को ढील दे दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सिसोदिया की जमानत के मामले में अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की शर्त जरूरी नहीं है।हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमित रूप से निचली अदालत में उपस्थित होना चाहिए। श्री सिसोदिया ने हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की जमानत की शर्तों में ढील के लिए शीर्ष अदालत से गुहार लगाई थी। उच्चतम न्यायालय ने 9 अगस्त 24 को श्री सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)- दोनों मामलों में जमानत देकर उन्हें बड़ी राहत दी थी। अदालत ने यह देखते जमानत दी थी कि मुकदमे की सुनवाई में देरी और आरोपी सिसोदिया के लंबे समय तक जेल में रहने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के उनके अधिकार पर असर पड़ता है। शीर्ष अदालत ने जमानत की शर्तों में सिसोदिया को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने जमानत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के 21 मई, 2024 के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री रहते हुए 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।   recent visitors 87

चैंपियंस ट्रॉफी से पीसीबी के लिए हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगर चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण अगले साल फरवरी मार्च में होने वाली इस 50 ओवर की प्रतियोगिता से हटने का फैसला करता है तो उसको राजस्व के भारी नुकसान के अलावा मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा। इस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (एमपीए) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है।’’ अधिकारी में कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैंपियंस ट्राफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे।’’ आईसीसी पिछले सप्ताह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था। इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा। इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा। प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा। उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला।   recent visitors 65

खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें उनके लिए विशेष प्रशिक्षण के प्रबंध करें: मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नेशनल गेम्स में पदक हासिल करने के लिए खेल प्रतिभाओं को निखारे। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें उनके लिए विशेष प्रशिक्षण के प्रबंध करें। उन्हें अच्छे तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के गेम्स भी दिखाए जाएं। मंत्री श्री सारंग ने बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में ताइक्वांडो और जूडो अकादमियों की वर्तमान गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही आगामी योजनाओं और आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और खेल प्रतिभाओं के समुचित विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अकादमियों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री श्री श्री सारंग ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार किया जाए। इसके लिये खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नेशनल गेम्स के लिए प्लान कर खिलाड़ियों की एसओपी तैयार की जाए। उनके डाइट प्लान के साथ फिजिकल एक्सरसाइज आदि पर भी ध्यान दिया जाए। हर खिलाड़ी को अपग्रेड करने का प्रयास हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि अकादमियों में आगामी खेल प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने जा रहे सभी खिलाड़ियों की प्रोफाइलिंग की जाए। इसमें उनका प्रदर्शन, आवश्यक तकनीक में परिवर्तन सहित अन्य जानकारियों का विवरण हो, जिस पर फोकस कर उनके प्रदर्शन को सुधारा जा सके। मंत्री श्री सारंग ने अकादमी के बच्चों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। बैठक में खेल संचालक श्री रवि गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, सहायक संचालक श्री विकास खराडकर सहित ताइक्वांडो और जूडो अकादमियों के कोच एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 39

पर्थ में खेले गए आखिरी वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 83 रन से हराकर सीरीज में व्हाइट वॉश किया

नई दिल्ली पर्थ में खेले गए आखिरी वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 83 रन से हराकर सीरीज में व्हाइट वॉश किया। भारतीय टीम 45.1 ओवर में 215 रन बनाकर सिमट गई। आखिरी वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए थे। एनाबेल सदरलैंड ने शानदार 110 रन की पारी खेली। ऑलराउंडर ऐशली गार्डनर और कप्तान ताहलिया मैक्ग्रा ने अर्धशतकी पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की तरफ से स्मृति मंधाना ने 105 रन की पारी खेली। मंधाना के अलावा हरलीन देयोल ने 39 रन बनाए। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 12 और जेमिमा रोड्रिग्स ने 16 रन का योगदान दिया। इनके अलावा अन्य कोई भारतीय बल्लेबाज दहाई का अंकाड़ तक नहीं छू सका। ऐशली गार्डनर ने 5 विकेट लिए।  इससे पहले ब्रिस्बेन के एलेन बॉर्डर फील्ड में खेले शुरुआती दो वनडे मैच में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने भारतीय टीम को मात दी और सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया था।   recent visitors 149

श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ : राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल

  हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि : राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल गीता जयंती के अवसर पर अमरकंटक में आयोजित हुआ गीता महोत्सव कार्यक्रम कार्यक्रम में गीता पाठ, साधु संतों का  सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति अनूपपुर मध्य प्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा है कि श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या है। संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यथाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन करना कठिन काम है। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही मकर संक्रांति, गोवर्धन पूजा, विजयदशमी, धनतेरस रक्षाबंधन इत्यादि त्योहार पूरे हर्षोल्लाह एवं उमंग के साथ मनाए जाने का निर्णय लिया। ऐसे मुख्यमंत्री का हृदय से मैं अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री एवं हमारी सरकार ने गीता जयंती मनाने का भी निर्णय लिया है, जो हमारे भारतीय संस्कृति के मान और सम्मान को प्रदर्शित करती है। गीता जयंती इसी तारतम्य में हो रही है। मध्य प्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल अनूपपुर जिले के अमरकंटक में गीता जयंती के अवसर पर आयोजित गीता महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  मंत्री श्री टेटवाल ने गीता जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गीता स्वस्वर पढ़ें मंत्र से मन के विकार खत्म होते है, उन्होंने सभी से रोज श्रीमद्भागवत गीता पढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज सभी ओर सनातन संस्कृति की ध्वजा लहरा रही है, और श्रीमद्भगवद् गीता की शिक्षाओं से सम्पूर्ण धरा लाभान्वित भी हो रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा के महत्व को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश संत, आचार्य एवं गुरुओं का देश है। देश की संस्कृति को संवारने का हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के प्रकाश से विश्व प्रकाशमान हो रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आध्यात्मिक नवजागरण के लिए अनूठे प्रयासों की श्रृंखला शुरू की है। जो भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र गीता में समाहित है और गीता सदैव हमारी प्रेरणा रही है, यही कारण है कि आज दुनिया की लाखों सभ्यताएं नष्ट भ्रष्ट हो गई परंतु हमारी हस्ती आज भी कायम है। हमने हमेशा आध्यात्म को सर माथे रखा। हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि हैं। उन्होंने गीता जयंती की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि हम सभी मनुष्यों के लिए गीता का ज्ञान बहुत ही आवश्यक है, 18 अध्याय तथा लगभग 700 श्लोक हैं, जो जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गीता जयंती मनाने का निर्णय धर्म की स्थापना तथा महाभारत में गीता के उपदेश जीवन में चरितार्थ करने हेतु मनाया जा रहा है। कार्यक्रम को श्री धारकुंडी आश्रम के स्वामी लवलीन महाराज जी ने संबोधित करते हुए कहा कि गीता जयंती सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा है। आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं। उन्होंने कहा कि सभी को कर्तव्य पथ पर चलते रहना चाहिए। ‌ श्रीमद्भागवत गीता 5 हजार से अधिक वर्ष पूर्व श्री कृष्ण के मुखारबिंदु से प्राप्त हुए थे, जो आज भी लोगों का सत्कर्म का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कर्म हमारे हाथ है, भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के समय धनुर्धर अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था तथा धर्म युद्ध लड़ने हेतु प्रेरित किया था। गीता हमें धर्म के मार्ग पर चलना तथा धर्म की रक्षा सदैव करने की सीख देता है। पूज्य महंत तथा संत, महात्मा का साल एवं श्रीफल देकर भेंट कर किया गया सम्मानित कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों अधिकारियों तथा साधु संतों द्वारा मां नर्मदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित, माल्यार्पण तथा कन्या पूजन कर किया गया। इस दौरान अमरकंटक के विभिन्न आश्रमों से पधारे पूज्य महंत तथा संत महात्माओं का साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। मृत्युंजय आश्रम के बटुकों ने श्रीमद् गीता के 11 वें अध्याय का किया सस्वर वाचन कार्यक्रम के दौरान मृत्युंजय आश्रम के बटुकों द्वारा श्रीमद् भगवत गीता के 11वें अध्याय का वाचन किया गया तथा गीता के वैश्विक प्रभाव एवं सार के संबंध में सभी को अवगत कराया गया। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या, संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यथाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन किया गया।‌ कार्यक्रम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति गीता जयंती महोत्सव में सरस्वती शिशु मंदिर अमरकंटक के पांच छात्रों द्वारा "अच्युतम केशवम", कल्याणीका केंद्रीय शिक्षा निकेतन अमरकंटक के द्वारा "यदा यदा ही धर्मस्य" के तहत एकल नृत्य, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमरकंटक के नौ विद्यार्थियों द्वारा "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो" एरोबिक योगा, जवाहर नवोदय विद्यालय अमरकंटक के पांच विद्यार्थियों द्वारा "कान्हा सो जा जरा", कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन अमरकंटक के 8 प्रतिभागियों द्वारा "देवी गीत" तथा नवीन माध्यमिक शाला अमरकंटक के पांच छात्राओं द्वारा "मधुबन में कन्हैया" गीत के तहत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, साधु संत एवं नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर रही थी कार्यक्रम में विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुंदेलाल मार्को, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री मोतीउर रहमान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष अमरकंटक श्रीमती पार्वती सिंह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री सुधाकर सिंह बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्री गणेश पांडे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक श्री भूपेंद्र सिंह सहित जिले के अन्य संबंधित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, साधु संत गण, नागरिक तथा विद्यार्थी, पत्रकार उपस्थित थे। recent visitors 49

राहुल गांधी ने संसद परिसर में जताया अनोखा विरोध, मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एक अनोखे तरीके से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने संसद परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया। यह घटना तब घटी जब राजनाथ सिंह अपनी कार से संसद परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार रुकी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता उनके पास पहुंचे और उन्हें तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट कर दिया। यह प्रतीकात्मक रूप से उनके विरोध का इजहार था और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में होने वाली चर्चा से बचने का आरोप था, खासकर अडानी समूह के साथ जुड़ी कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम गांधीवादी विचारधारा पर आधारित था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने तिरंगा और गुलाब का फूल संसद में सत्तापक्ष के सांसदों को भेंट कर यह संदेश देने की कोशिश की कि वे अडानी के खिलाफ आरोपों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने संसद को काम न करने देने की कसम खाई है और विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि अडानी मामले पर सदन में चर्चा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और अडानी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 20 नवंबर से संसद के सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने अडानी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा की मांग की, जबकि बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के जॉर्ज सोरोस से संबंध हैं। बीजेपी ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित एक संगठन ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस तरह के आरोपों को लेकर भी सदन में तू-तू, मैं-मैं का माहौल बना हुआ है। संसद में विपक्ष के प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने के साथ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। 10 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन के दलों ने राज्यसभा में धनखड़ को हटाने के लिए एक नोटिस दिया। इन दलों का आरोप है कि उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ ने हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है। हालांकि, विपक्ष के पास राज्यसभा में धनखड़ के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने के लिए जरूरी सदस्य संख्या की कमी है, फिर भी यह कदम एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं।   इन घटनाओं के बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार अडानी मामले पर संसद में चर्चा कराए। उनका कहना है कि यदि इस मामले पर चर्चा नहीं की जाती है, तो यह संसद और लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। विपक्ष का यह मानना है कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा करने की अनुमति दे, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके। राहुल गांधी द्वारा तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट करने की यह घटना न केवल विरोध का प्रतीक बन गई, बल्कि यह देश की राजनीति में एक नई दिशा को भी जन्म देती है। इसने यह भी दिखा दिया कि कैसे विपक्ष अपनी असहमति को शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से व्यक्त कर सकता है, जैसा कि गांधी के समय में हुआ करता था। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच यह सवाल उठाया है कि क्या भारत की संसद में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र की मजबूती का संकेत हैं या यह केवल राजनीतिक दांवपेंच का हिस्सा हैं।  recent visitors 122