निवेश के लिए यही समय है: उद्योग राज्य मंत्री, राजस्थान-‘सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट’ में चर्चा

जयपुर। उद्योग राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने कहा कि विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट‘ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को निवेशकों तक पहुंचा रही हैं। इसी का परिणाम है कि समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश के एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं। विश्नोई राइजिंग राजस्थान के दूसरे दिन थीमैटिक सेशन- सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही हैं ताकि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने में देरी नहीं हो। उन्होंने निवेशको से कहा कि निवेश कर इंडस्ट्री लगाने का यही और सही समय है। उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही 9 पाॅलिसी एक साथ लाॅन्च कर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाया है। अब हमें मिलकर राजस्थान में विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। सेशन में वित्त (बजट) सचिव श्री देबाशीष पृष्टी ने राज्य सरकार के प्रयासों और भविष्य के लिए रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने रिप्स पाॅलिसी 2024, एमएसएमई पाॅलिसी 2024, एक जिला एक उत्पाद पाॅलिसी, मिनरल्स पाॅलिसी सहित अन्य पाॅलिसियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान में ग्रीन बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेश किया जाएगा। इस सेशन में पैनलिस्ट आरईसी लिमिटेड के चेयरमैन श्री विवेक कुमार, ड्यूश बैंक डायरेक्टर श्री पंकज ओझा, विश्व बैंक के सलाहकार डॉ. रामबाबू परवस्तु, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ श्री देबदत्त चंद, यूएनडीपी प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी, एशियन डवलपमेंट बैंक की कंट्री डायरेक्टर मिओ ओका, भारतीय रिजर्व बैंक के चीफ जनरल मैनेजर श्री सुनील नायर, हुडको अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने राजस्थान में वित्तीय संसाधनों, इंडस्ट्री ग्रोथ और निवेश के बदलते माहौल पर चर्चा की। इस अवसर पर गुजरात सरकार में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जे. पी. गुप्ता ने भी विचार रखे। recent visitors 59

पाकिस्तान ICC Champions Trophy 2025 का बहिष्कार करेगा तो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है

मुंबई  चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अगर टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है तो उसे भारी नुकसान होगा. अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली इस 50 ओवरों के टूर्नामेंट से हटने पर पीसीबी को न सिर्फ राजस्व का भारी नुकसान होगा, बल्कि उसे मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा. इस अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (MPA) पर भी हस्ताक्षर किए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है.’ अधिकारी में कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है, जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैम्पियंस ट्रॉफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे.’ आईसीसी पिछले हफ्ते चैम्पियंस  ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था. इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा. इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी. इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा. प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैम्पियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं. प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा. उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला है. 1996 के बाद पाकिस्तान का यह पहला ICC इवेंट 1996 के वर्ल्ड कप आयोजन के बाद यह पाकिस्तान का पहला आईसीसी इवेंट है, तब भारत और पाकिस्तान भी इस आयोजन का को-होस्ट था. लेकिन फ‍िलहाल पाक‍िस्तान में इस टूर्नामेंट की संभावना बेहद कम है. 2012 में दोनों देशों के बीच हुई थी द्व‍िपक्षीय सीरीज भारत और पाकिस्तान ने 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है, लेकिन पिछले साल भारत में हुए वनडे वर्ल्ड कप सहित आईसीसी टूर्नामेंटों में वे एक-दूसरे का सामना करते रहे हैं. पिछले साल पाकिस्तान द्वारा आयोजित एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल में बदल दिया गया था, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था. भारत ने तब अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले थे. 2017 के बाद पहली बार हो रहा है चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का आयोजन चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 के बाद ICC कैलेंडर में वापसी कर रही है. इसको  'हाइब्रिड' मॉडल में बदला जा सकता है, जिसमें भारत अपने सभी मैच किसी दूसरे स्थान पर खेल सकता है, संभवतः UAE में… जबकि टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा पाकिस्तान द्वारा आयोजित किया जाएगा. पाकिस्तान ने 2017 में इंग्लैंड में आयोजित चैम्पियंस ट्रॉफी के पिछले संस्करण को जीता था. वह इस बार 19 फरवरी से 9 मार्च तक होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा. भारत ने साल 2008 से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. भारतीय टीम आखिरी बार 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान गई थी. भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज आखिरी बार 2012-13 में हुई थी. इसके बाद दोनों टीमों के बीच सिर्फ एशिया कप और आईसीसी टूर्नमेंट में ही मुलाकात हुई है. बहिष्कार के साथ राशिद को सता रहा इस बात का डर हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राशिद लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान को अब चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार कर देना चाहिए। बीसीसीआई के इस कदम से पहले पीसीबी को यह कदम उठाना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफी अब और नहीं होनी चाहिए। हमें हमेशा बलि का बकरा बनाया गया है। चाहे वह अफगान युद्ध हो या क्रिकेट। पीसीबी, एसीबी और आईसीसी एक जैसे हैं, वे बीसीसीआई के खिलाफ नहीं लड़ सकते। उन्हें पाकिस्तान को आगे धकेलने का मौका मिल गया है। हमने हाथ मिलाया है और इसके खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन एकमात्र डर यह है कि अगर भारत ने बहिष्कार किया तो हम कहां खड़े होंगे? मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को दी चेतावनी इस मुद्दे की जड़ बीसीसीआई और पीसीबी के बीच चल रहा तनाव है, जिसमें भारत सरकार अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान नहीं भेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वित्तीय निहितार्थ बहुत बड़े हैं। मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को चेतावनी दी है कि भारत के हटने से टूर्नामेंट के मीडिया अधिकारों का 90 प्रतिशत मूल्य खत्म हो जाएगा। जबकि पाकिस्‍तान के हटने पर 10 प्रतिशत मूूूल्‍य कम होगा। recent visitors 59

कलेक्टर ने मां नर्मदा जयंती तथा मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के पूर्व तैयारी संबंधित बैठक में दिए निर्देश

अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा है कि अनूपपुर जिले के अमरकंटक में नर्मदा जयंती पूरे हर्षोल्लास उमंग एवं गरिमामय ढंग से मनाई जाएगी। उन्होंने नर्मदा जयंती कार्यक्रम आयोजन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि इस हेतु अधिकारी अभी से तैयारी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नर्मदा जयंती हेतु जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा तथा मध्य प्रदेश टूरिज्म से इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को भी इनवाइट किया जाएगा जो कार्यक्रम को और भव्य रूप प्रदान करेंगे। कलेक्टर ने मां नर्मदा जयंती तथा 18 दिसंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम के पूर्व तैयारी की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। बैठक में कलेक्टर ने 18 दिसंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम के अनुरूप विभाग को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के दौरा कार्यक्रम, रूट चार्ट, सहित अन्य विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक कार्यक्रम मे सक्रिय योगदान निभाते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सदस्य लोगों का सहयोग लें। बैठक में कलेक्टर ने लोकार्पण एवं भूमि पूजन की सूची तैयार करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपना योगदान देकर कार्यक्रम का सफल आयोजन तथा अपने दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ सुधाकर सिंह बघेल, एसडीओपी पुष्पराजगढ़, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ सहित अन्य विभिन्न विभागों के जिला एवं खंड स्तरीय विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 50

नेशनल हाइवे पर मिला नर तेंदुए का शव, अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत की आशंका

सागर के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत नेशनल हाइवे-44 पर मंगलवार की रात्रि एक नर तेंदुआ का शव मिला है। तेंदुए के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। हाइवे पर तेंदुए के शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए जबलपुर वेटरनरी कॉलेज भिजवाया है। वन विभाग द्वारा तेंदुआ की मौत प्रारंभिक कारण अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बता रहा है। मामले में विभाग की टीम जांच कर रही है। ढाना फॉरेस्ट रेंज के ऑफिसर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिली थी कि सागर-नरसिंहपुर नेशनल हाइवे-44 पर स्थित गुरु चौपड़ा के पास सड़क पर मृत अवस्था में तेंदुआ पड़ा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जांच शुरू की। मृत नर तेंदुआ करीब 3 से 4 साल का था। मौका स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा होगा। तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी होगी। मृत अवस्था में मिले तेंदुए के मुंह, खोपड़ी सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान मिले हैं। बता दें करीब छह साल पहले भी गुरु चौपड़ा के पास में नेशनल हाइवे पर एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। घटना स्थल के चारों ओर जंगल लगा हुआ है। बिजौरा, रानगिर बरकोटी, नाहरमऊ और केसली से सिलवानी के जंगल लगे हैं, जिनमें तेंदुआ का विचरण होना आम बात है। इस स्थान के पास नेशनल हाइवे पर तेज ढलान होने के चलते वाहन तीव्र गति से निकलते हैं। recent visitors 154

3 दिन के अंदर जिले में 60 से अधिक आरोपियों को अवैध हथियार सहित किया गया गिरफ्तार

  छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध हथियार के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सोशल मीडिया में अवैध हथियार का प्रदर्शन करने वाले आरोपियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जा रही है। सघन वाहन चेकिंग में अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हथियारों के स्रोत संबंधी जानकारी एकत्र कर संलिप्त अपराधियों की धर पकड़ की जा रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा विभिन्न थानों में अवैध हथियार के विरुद्ध कार्यवाही की गई। 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई। थाना हरपालपुर 1. आरोपी विशाल श्रीवास उर्फ गुज्जर पिता आनंद श्रीवास तलैया रोड हरपालपुर को अवैध 315 बोर का कट्टा एवं कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया। 2. आरोपी राजकुमार श्रीवास पिता नन्नाई श्रीवास स्टेशन मोहल्ला हरपालपुर को अवैध धारदार हथियार लोहे के छुरा के साथ गिरफ्तार किया गया। 3. आरोपी सुरेश कुमार पिता रामदीन अहिरवार स्टेशन मोहल्ला हरपालपुर के पास से धारदार छुरा सहित गिरफ्तार किया गया। सिविल लाइन 4. आरोपी दीपेंद्र सिंह परमार पिता राम सिंह परमार निवासी ग्राम पूंछी थाना सिविल लाइन को अवैध हथियार 315 बोर का कट्टा एवं कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया। 5. आरोपी राहुल अहिरवार पिता लट्टू अहिरवार निवासी रेलवे पुल के पास सटई रोड छतरपुर के पास से 12 बोर का देसी कट्टा एवं कारतूस जप्त कर गिरफ्तार किया गया। 6. आरोपी अमित अनुरागी पिता भूरे अनुरागी निवासी सटई रोड छतरपुर के पास से लोहे की धारदार तलवार जप्त कर गिरफ्तार किया गया। जुझारनगर 7. आरोपी पंकज पाल पिता दयाराम पाल निवासी ग्राम टिकरी थाना जुझार नगर को 315 बोर का कट्टा एवं कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया। महाराजपुर 8. आरोपी सलमान खान पिता हसन खान निवासी वार्ड क्रमांक 9 कस्बा महाराजपुर को अवैध धारदार हथियार लोहे का बका सहित गिरफ्तार किया गया। बड़ामलहरा 9. आरोपी बृजेंद्र दुबे पिता गोवर्धन दुबे निवासी ग्राम दरभंगा को धारदार लंबी छुरी सहित गिरफ्तार किया गया। भगवा 10. भगवान दास पिता बृजलाल रैकवार निवासी हरदौलपट्टी थाना भगवा को धारदार हथियार लोहे का बका सहित गिरफ्तार किया गया। बमीठा 11. आरोपी देशराज यादव पिता चुंटा यादव निवासी ग्राम टुरया धारदार हथियार चाकू सहित गिरफ्तार किया गया  उक्त आरोपियों से अवैध हथियार जप्त कर उनके विरुद्ध संबंधित थाना में आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभियुक्तों को न्यायालय पेश किया गया। अवैध हथियार के विरुद्ध छतरपुर पुलिस द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी है। recent visitors 49

अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें, LG के आदेश पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस अब अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं और इन घुसपैठियों को पहचानने और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का काम शुरू कर दिया है। सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें। क्राइम ब्रांच की टीम भी इस अभियान में शामिल होगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि फर्जी पहचान पत्र बनाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एलजी ने क्यों दिए निर्देश? मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) सचिवालय ने मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाए और उन्हें दो महीने के भीतर दिल्ली से बाहर निकाला जाए। यह कदम उस समय उठाया गया, जब शनिवार को हजरत निजामुद्दीन में मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने एलजी वीके सक्सेना से मुलाकात कर बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बारे में चिंता जताई थी। प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद एलजी ने इस मामले पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि इन घुसपैठियों को किराए पर मकान नहीं मिलना चाहिए, और जो पहले से मकान में रह रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। घुसपैठियों को किसी भी सरकारी दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड या वोटर कार्ड बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और ऐसे दस्तावेज़ों को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सड़कों, पार्कों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाने की मांग की गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि किसी मस्जिद या मदरसे ने घुसपैठियों को शरण दी है, तो उन्हें बाहर किया जाए। इस पर उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने के लिए कहा है। चुनाव से पहले घुसपैठियों का मुद्दा यह आदेश दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, जिस कारण राजनीति में हलचल मच सकती है। पहले भी भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया था कि वह अवैध घुसपैठियों को वोटर के रूप में शामिल कर रही है। इस मुद्दे के राजनीतिक तूल पकड़ने की संभावना है, खासकर जब आम आदमी पार्टी तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी 25 साल बाद दिल्ली में सत्ता पाने के लिए संघर्ष कर रही है। recent visitors 67

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया- संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है

जम्मू-कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीतियों को और भी सख्त किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, आतंकी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। यह कम भर्ती दर दर्शाता है कि सुरक्षाबलों की ओर से किए जा रहे ऑपरेशन्स, खुफिया जानकारी की बेहतर सांझेदारी और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संवाद के कारण आतंकी संगठनों के लिए स्थानीय समर्थन में कमी आई है। साथ ही, सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकवादियों के नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए ऑपरेशनल सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे आतंकियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। यह स्थानीय युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि आतंकवाद में शामिल होने के बजाय, वे विकास और शांति की दिशा में काम कर सकते हैं। इस प्रकार, सुरक्षाबलों का दबाव, बेहतर खुफिया जानकारी और स्थानीय समुदाय का सहयोग आतंकवादियों की भर्ती में कमी के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  हाल के समय में सरकार ने आतंकवाद और ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। एक महीने के भीतर आतंकवादियों के समर्थकों और ड्रग डीलरों की कुल 7 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। इस प्रकार की कार्रवाइयों से आतंकवादियों को वित्तीय मदद और पनाह मिलना मुश्किल हो गया है। इसका उद्देश्य कश्मीरी युवाओं को आतंकवाद के रास्ते से दूर रखना और आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करना है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और कश्मीर में शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।   recent visitors 68