Sunday, July 5, 2026 12:02 pm

कैग की रिपोर्ट- कर्नाटक में निजी स्कूलों ने कोरोना के दौरान छात्रों से 345 करोड़ रुपये अधिक वसूले

बेलगावी (कर्नाटक) कर्नाटक के निजी स्कूलों ने 2020-21 में कोरोना महामारी के दौरान छात्रों से 345.80 करोड़ रुपये अधिक वसूले हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने  विधानसभा में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है और उसने शुल्क विनियमन में कमी के लिए सरकार की खिंचाई की। प्राथमिक शिक्षण संस्थानों के कामकाज पर अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा कि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के पास निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों द्वारा एकत्र की जाने वाली फीस पर नजर रखने का कोई तरीका नहीं है। इसमें कहा गया है कि निगरानी के अभाव के कारण फीस विनियमन का उल्लंघन हुआ है और उसने ऑनलाइन स्कूलों को नियामक ढांचे के अंतर्गत न लाने के लिए सरकार की आलोचना भी की। कैग ने स्वास्थ्य पर अपनी एक अन्य रिपोर्ट में कहा कि मार्च 2022 के अंत तक सरकार को 17.79 करोड़ रुपये मूल्य की कोरोना की दवाइयों की आपूर्ति नहीं की गई। कुल मिलाकर सरकार ने 665 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं के ‘ऑर्डर’ दिए थे और 415 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं की आपूर्ति में एक से 252 दिनों तक की देरी हुई।   recent visitors 58

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा- बांधों की सुरक्षा संबंधी कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में साकार हो रहा है। प्रदेश की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य का शुभारंभ शीघ्र ही प्रधानमंत्री श्री मोदी करने वाले हैं। यह मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए सौभाग्य का विषय है। हम सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले हैं। हमारे प्रदेश की वर्तमान सिंचाई क्षमता 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। हमने इसे वर्ष 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2028 तक एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम इस दिशा में तेज गति से काम भी कर रहे हैं। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने होटल मैरियट में बांधों की सुरक्षा संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला "रीजनल वर्कशॉप ऑन रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग ऑफ डैम्स" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बांधों की सुरक्षा के लिए वेब आधारित "रैपिड रिस्क एसेसमेंट टूल" भी लॉन्च किया। जल कलश से जल प्रवाहित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री आनंद मोहन, मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विषय विशेषज्ञ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि राष्ट्र का विकास किसानों के विकास में निहित है और किसानों के लिए सिंचाई सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। हमारे राज्य में 6314 छोटे और बड़े बांध हैं। ये बांध हमारे किसानों, नागरिकों और उद्योगों की रीढ़ हैं। पुराने हो चुके इन बांधों का नियमित "चेकअप" करना आवश्यक है, इसीलिये 30 दिसंबर 2021 को देश में "बांध सुरक्षा अधिनियम" लागू किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के 1361 बांधों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 50 बांध 100 साल से अधिक पुराने हैं, जबकि 90% बांध ढाई दशक पुराने हो चुके हैं। इन सभी का नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। चिन्हित बांधों में से 500 से अधिक की प्रथम स्तरीय रैपिड स्क्रीनिंग हो चुकी है। जून 2025 तक सभी बांधों का मूल्यांकन पूरा कर लिया जाएगा। यह अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है। मध्यप्रदेश में 27 बांधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रिप परियोजना-2 के तहत 551 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान की गई है। भारत सरकार जल मंत्रालय की सचिव सुश्री देवाश्री मुखर्जी ने कहा कि मौसम परिवर्तन के साथ बांधों की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वैज्ञानिक तरीके से सभी बांधों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए हर वर्ष बारिश के पहले और बाद में बांधों का निरीक्षण और रिस्क असेसमेंट आवश्यक है। इसके लिए शुक्रवार को ऑनलाइन टूल भी लॉन्च किया गया है। डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश में बांधों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए निरंतर निरीक्षण और रखरखाव किया जा रहा है। यह निरंतर सतर्कता का ही परिणाम है कि प्रदेश के एक बड़े बांध "कारम बांध" को समय से खाली करा लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने कहा कि बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में "राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण" का गठन किया गया। भारत में कुल 6.5 हजार बांध हैं, जिनकी निरंतर चौकसी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। इसके लिए रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग प्रणाली विकसित की गई है।   recent visitors 88

सरकार प्रदूषण और यातायात जाम दोनों से निपटने के लिए एक परियोजना पर काम कर रही है: मंत्री नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण और यातायात जाम दोनों से निपटने के लिए एक परियोजना पर काम कर रही है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले दो साल में पराली जलाने की समस्या का समाधान हो जाएगा। परिवहन विभाग प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कॉन्क्लेव में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "फिलहाल मैं दिल्ली में 65 हजार करोड़ रुपये की एक परियोजना पर काम कर रहा हूं, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होगा।" हालांकि, उन्होंने माना कि परिवहन विभाग करीब 40 प्रतिशत प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है, उन्होंने कहा कि मंत्रालय एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है जो राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम दोनों को दूर करेगी। गडकरी ने कहा, "सबसे पहले, 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण हमारे विभाग के कारण होता है। परिवहन मंत्रालय जिम्मेदार है।" उन्होंने कहा, "दूसरी बात यह है कि दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में चावल के खेतों से निकलने वाले पराली या 'स्टबल' (चावल की कटाई के बाद बचा हुआ भूसा) है। यह 200 लाख टन है। हमने अब इस पराली का उपयोग करके पानीपत में एक परियोजना शुरू करने का फैसला किया है, जिससे 1 लाख लीटर इथेनॉल, 150 टन बायो-विटामिन और 88 हजार टन बायो-एविएशन ईंधन का उत्पादन होगा। वर्तमान में 400 परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं, जिनमें से 40 पूरी हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं में पराली से सीएनजी का उत्पादन किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप कुल 60 लाख टन पराली का उपयोग हुआ है, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है।" अगले दो साल में पराली की समस्या का समाधान हो जाएगा मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने अधिकारियों (पंजाब के) को एक ऐसी योजना पर काम करने का आदेश दिया है, जिसमें पराली जलाने के बदले मूल्य सृजन किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोग पराली के लिए 2,500 रुपये प्रति टन का भुगतान करने को तैयार हैं। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले दो साल में पराली जलाने की समस्या का समाधान हो जाएगा। आगे बढ़ते हुए, उन्होंने वैकल्पिक एवं जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने कहा, "जीवाश्म ईंधन का आयात 22 लाख करोड़ रुपये का है। अगर हम इसे 10 लाख करोड़ रुपये तक भी ला सकें, तो हमारे देश में प्रदूषण कम हो जाएगा।" इलेक्ट्रिक वाहनों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो डीजल और पारंपरिक इंजन वाहनों की लागत के बराबर होगा। उन्होंने कहा, "लिथियम-आयन बैटरी, जो 150 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा थी, अब घटकर 110 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा हो गई है। जिस दिन यह 100 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा हो जाएगी, डीजल, पेट्रोल और बिजली की लागत समान हो जाएगी। यह क्रांति बहुत तेजी से हो रही है। और यह सबसे बड़ा उद्योग है जो आपकी अर्थव्यवस्था के विकास को गति देगा," उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र माल और सेवा (जीएसटी) करों के मामले में भारी योगदान देता है। recent visitors 37

हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

अजमेर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा अन्नदाता किसान धरती माता का सच्चा सपूत है। जब किसान खुशहाल समृद्ध होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने आज किसान सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब भी किसानों के हित की बात आएगी, राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी मिलेगी। मुख्यमंत्री शर्मा राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर ‘निभाई जिम्मेदारी-हर घर खुशहाली’ की थीम पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक किसान परिवार में जन्मा हूं। मैंने हल चलाया है और खेती का सारा काम किया है। मैं किसानों के दर्द को भली भांति समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उनके मन में किसानों का भला करने की अद्भुत इच्छाशक्ति और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया है, जो ये दर्शाता है कि वे किसानों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। श्री शर्मा ने किसानों को किसान दिवस (23 दिसम्बर) की बधाई देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही किसान दिवस मनाने की शुरुआत की थी।   ईआरसीपी-ताजेवाला से किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की पीड़ा और आकांक्षाओं को समझते हुए पिछले एक साल में राज्य सरकार ने किसान हित में अनेक फैसले लिए हैं। हमने ईआरसीपी परियोजना का एमओयू कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। शेखावाटी क्षेत्र में भी पानी की कमी को पूरा करने के लिए ताजेवाला से यमुना का पानी लाने के लिए लंबे समय से लंबित एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। हमारी सरकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। जिससे राज्य के किसानों की पैदावार बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धौलपुर लिफ्ट परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही, भूजल के रीचार्ज के लिए प्रवासी राजस्थानी के सहयोग से भी एक नए कार्यक्रम ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ की शुरुआत की जा रही है। किसान के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ले रही लगातार निर्णय शर्मा ने कहा कि राइजिंग समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के ढाई हजार से अधिक एमओयू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा 30 लाख किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण, 8 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 26 हजार सोलर संयंत्रों की स्थापना, 31 स्थानों पर फूड पार्क के लिए भूमि आवंटन, 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन, गेहूं, मूंग, मूंगफली तथा सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद, पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना जैसे निर्णय किए गए हैं। जिससे खुशहाल किसान, समृद्ध किसान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार जातियां बताई हैं, जो कि गरीब, किसान, युवा और महिला है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बदलते समय के साथ खेती-किसानी में नवीन तकनीक को अपनाएं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की अभिनव पहल की गई है, श्रीअन्न के तहत आने वाली मोटे अनाज की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में राजस्थान आगे है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान का सफल आयोजन हुआ है, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। अजमेर जिले में भी विकास को गति प्रदान करने के लिए 14000 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक-एक कर सभी संकल्पों को पूरा कर रही है। बजट घोषणाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन और प्रदेश के आमजन एवं किसानों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों से ईआरसीपी योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण जल योजनाएं साकार होने जा रही है। किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के किसानों का सम्मान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। किसानों की पानी और बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याणकारी योजनाओं में किसानों को दिया आर्थिक संबल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के रूप में 700 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तान्तरण किया। वहीं, 15 हजार 983 किसानों को ड्रिप/फव्वारा संयंत्रों के लिए 29 करोड़ रूपये से अधिक, 14 हजार 200 से अधिक किसानों को फार्म पौण्ड, पाइपलाइन, तारबन्दी, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, जैविक खाद सहित विभिन्न कार्यों के लिए 96 करोड़ से अधिक की राशि व 8 हजार सोलर पंप स्थापना संवेदन के 80 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। recent visitors 63

स्‍वीकृत भार से अधिक विद्युत का उपयोग करने पर तिलकराम स्‍वीट्स पर हुई कार्यवाही

भोपाल भोपाल के भानपुर क्षेत्र में स्थित तिलकराम स्वीट्स द्वारा अपने प्रतिष्‍ठान में स्‍थापित बिजली कनेक्‍शन के स्‍वीकृत भार से ढाई गुना अधिक भार का उपयोग करते पाए जाने पर मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बीआई सेल टीम ने 46 लाख 11 हजार 694 रूपये का बिल जारी किया है। गौरतलब है कि मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं के परिसरों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर स्‍वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग करने वाले उपभोक्‍ताओं की जाँच की जा रही है। जांच में बढ़ा हुआ लोड पाए जाने पर खपत के आधार पर जुर्माना लगाकर बिल जारी किये जा रहे हैं। इसी क्रम मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल शहर वृत्‍त अंतर्गत बीआई सेल द्वारा संदेह होने पर एलटी हाई वैल्‍यू कंज्‍यूमर के मीटर के एमआरआई डाटा से उपभोक्ताओं की औसत खपत एवं लोड का विश्लेषण किया गया। इसमें उपभोक्ता मे. तिलकराम स्वीट्स भानपुर द्वारा स्वीकृत भार 45 किलोवाट के अनुसार दर्ज खपत एवं अधिकतम मांग के अनुसार जारी बिल में कमी पाए जाने पर उप महाप्रबंधक बीआई सेल श्री अजय वाधवानी, प्रबंधक श्रीमती रितु वाजपेई, श्री शरद पाठक एवं सहायक श्री प्रबंधक हर्षद केकरे सहित बीआई सेल टीम द्वारा उपभोक्ता के परिसर में स्थापित विद्युत मीटर एवं लोड की जांच की गई। उपभोक्ता मे. तिलकराम स्वीट्स भानपुर द्वारा स्वीकृत भार से अधिक भार लगभग ढाई गुना ज्यादा 109 किलोवाट एवं मीटर का एमएफ (Multiplication Factor) 20 पाया गया, जिस पर तत्काल कार्यवाही की गयी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन दिनों निम्नदाब के गैर घरेलू और औद्योगिक (पॉवर) उपभोक्ताओं के परिसरों का व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान उपभोक्ता परिसर में विद्युत भार (लोड) में वृद्धि के प्रकरण पकड़े जा रहे हैं। कंपनी द्वारा विद्युत भार की वृद्धि स्वेच्छा से करा लेने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्‍वैच्छिक ऑनलाइन आवेदन कर भार वृद्धि करा लें। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर सरल संयोजन के माध्‍यम से अथवा UPAY उपाय एप के माध्‍यम से भी भार वृद्धि के लिए आवेदन किया जा सकता है।   recent visitors 126

उम्मीदों का नया रुरल हाई-वे: सड़क बनी जनजातीय जीवन की लाइफलाइन

भोपाल बालाघाट जिले के सुदूरवर्ती जनजातीय (रिमोट) इलाकों में कभी पक्की सड़कों की बेहद कमी थी। बारिश में कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते और ग्रामीणों का सम्पर्क तहसील और जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता था। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचना तो दूर की बात, राशन-पानी लेने या बीमार मरीज को अस्पताल पहुंचाना भी किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत भंडेरी से अडोरी तक बनी 32.656 किमी लंबी सड़क ने इन चुनौतियों को हमेशा के लिए दूर कर दिया। सपनों का जुड़ाव : 7 सड़कों का एक जंक्शन यह सड़क अब अकेली नहीं रही। इस पर 7 अन्य सड़कों के जंक्शन बने हैं, जो कुल मिलाकर 50.37 किमी लंबी हैं। ये सड़कें ग्राम मोहबट्टा, करवाही, पाथरी, नव्ही, अडोरी, कोरका और धरमशाला जैसे दूरस्थ गांवों को आपस में जोड़ती हैं। अब यह इलाका बारहमासी रोड़ नेटवर्क से जुड़ गया है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए लाइफलाइन का काम कर रहा है। इन सड़कों के जरिए 10 हजार से अधिक क्षेत्रीय ग्रामीणों का जीवन अब बेहद सरल और आसान हो गया है। राशन और स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच सड़क के बनने से 30 से अधिक गांवों के लोग अब आसानी से उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर पा रहे हैं। करीब 4 हजार राशन कार्ड धारकों को अब राशन लेने के लिए दुर्गम रास्तों पर नहीं भटकना पड़ता। स्वास्थ्य सुविधाओं की सहज बहाली के मामले में यह सड़क वरदान साबित हुई है। इस सड़क के प्रबल दायरे में आने वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर अब प्रतिदिन 500 से अधिक रोगी आसानी से हास्पिटल पहुंच रहे हैं। पहले मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई घंटे लगते थे, अब यह काम कुछ मिनटों में हो रहा है। व्यापार और पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा ग्राम भंडेरी से अडोरी रोड सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े कस्बों और शहरों के व्यापारियों और पर्यटकों के लिए भी वरदान साबित हो रही है। गांवों तक व्यापारियों की पहुंच से स्थानीय उत्पादों का बाजार बड़ा हुआ है। वहीं पर्यटक भी अब इन रिमोट जनजातीय इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से देखने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। बदलाव का अनुभव भी बड़ा 65 वर्षीया श्रीमती कालीबाई, जो कभी घने जंगलों और कच्चे रास्तों पर 10 किलोमीटर पैदल चलकर राशन लेने जाती थीं, अब अपनी पोती के साथ मोटरसाइकिल पर आसानी से राशन की दुकान पहुंच जाती हैं। वहीं 8 वर्षीय राहुल, जो कभी स्कूल तक की दूरी तय करने में थक जाता था, अब हर दिन खुशी-खुशी मिनटों में स्कूल पहुंच जाता है। जिले के बिरसा ब्लॉक के किसान श्री रामलाल बताते हैं, "पहले हमारी फसल मंडी तक पहुंचाने में हफ्ते लगते थे, अब कुछ ही घंटों में फसल मंडी पहुंच जाती है।" समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहे कदम यह सड़क न केवल दो जनजातीय जनपदों के बीच एक बारहमासी सम्पर्क सेतु है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सड़क उन हजारों लोगों की उम्मीदों के सपनों को पूरा कर रही है, जो अब एक बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। सच्चे अर्थों में यह सड़क उम्मीदों का नया रुरल हाई-वे बनकर विकास का विशाल जंक्शन बन गई हैं।   recent visitors 42

सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि देश को 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन अनुसार मध्यप्रदेश ने पूरी तैयारी कर ली है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि अच्छे उद्देश्य के लिये काम की शुरूआत पूरे उत्साह के साथ करें। नियम प्रक्रियों का ज्ञान अगर शुरूआत से होता है तो आगे परेशानी नहीं होती है। सांख्यिकी विभाग में डेटा का काम बहुत महत्वपूर्ण होता है, इससे प्रदेश का बजट बनाने की प्रक्रिया आसान होती है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों के लिये यह प्रशिक्षण गुणात्मक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है और हर क्षेत्र में इसकी उपयोगिता भी है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा वाल्मी संस्थान में योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी के नव नियुक्त कर्मचारियों के आधार-भूत प्रशिक्षण समापन समारोह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों से कहा कि ड्यूटी और कर्त्तव्य के प्रति ईमानदार होना चाहिए। विकसित भारत@2047 का लक्ष्य को पूरा करने के लिये आप सभी लोग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कार्य को बोझ समझकर न करें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों में भर्ती प्रक्रिया की सहमति दी है। उसके तहत सांख्यिकी विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रशिक्षणा‍र्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। आयुक्त श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि नव नियुक्ति कर्मचारियों को 9 से 13 दिसम्बर 2024 तक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में विभाग के सभी कर्मचारियों को विभागीय जानकारी के साथ-साथ जीडीपी, स्टेट इनकम, सीएम हेल्पलाइन जनता से जुडे मुद्दों की भी जानकारी दी गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाल्मी संस्थान की संचालक श्रीमती सरिता वाला, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक श्री जे.डी. रायकवार और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 42