कूड़े के ढेर में शव का कटा हुआ मिला सिर, इलाके में मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच

कोलकाता कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में शुक्रवार की सुबह मानव शरीर से काटकर अलग किया गया सिर कूड़े के ढेर से बरामद किया गया। यह सिर किसी महिला का होने का संदेह है। फिलहाल पूरा शव या शव के अन्य भाग बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गोल्फ ग्रीन के पास ग्राहम रोड पर एक प्लास्टिक बैग देखा जिसमें शरीर का हिस्सा था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण उपनगरीय संभाग के अंतर्गत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय पुलिस थानों के कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि सिर को जांच के लिए एम. आर. बांगुर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘कूड़े के ढेर से एक मानव शरीर का अंग बरामद किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शरीर के बाकी अंगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।'' कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 95 के पार्षद तपन दासगुप्ता ने कहा, ‘‘स्थानीय लोगों से एक प्लास्टिक बैग में शव के अंग होने की सूचना मिलने पर मैं मौके पर गया था और इसके बाद मैंने गोल्फ ग्रीन पुलिस थाने को इसकी सूचना दी।'' recent visitors 81

ग्वालियर के अधिराज ने पोखरा में फिर रचा इतिहास जीता चौथा इंटरनेशनल टाइटल

भोपाल ग्वालियर के टेनिस स्टार अधिराज ठाकुर ने नेपाल के पोखरा में आइटीएफ वर्ल्ड टेनिस टूर 'जूनियर्स 30 पोखरा' में लगातार दूसरे सप्ताह इंटरनेशनल टाइटल जीतकर इतिहास रच दिया है। उनके 10 साल के टेनिस कैरियर में ये चौथा इंटरनेशनल टाइटल है। 16 वर्षीय इस खिलाड़ी की जोड़ी, पिछले सप्ताह (2 से 7 दिसंबर) इसी कोर्ट पर आदित्य मोर-प्रकाश सरन की भारतीय जोड़ी को 6-2, 6-1 हराकर चैंपियन बनी थी। नेपाल के पोखरा में 9 से 14 दिसंबर तक आयोजित इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन की वर्ल्ड टेनिस टूर 'जूनियर्स 30 पोखरा' में शीर्ष वरीयता प्राप्त अधिराज ठाकुर-आदित्य मोर की जोड़ी ने शुक्रवार को भी तेज तर्रार खेल जारी रखा। इस जोड़ी ने दूसरी वरीयता प्राप्त आरव चावल व ओजस मेहलावत की। जोड़ी को 7-6,6-2 से हराया मैच के साथ युगल टाइटल पर कब्जा कर लिया। इस तरह उन्होंने चौथा टाइटल जीता है। अधिराज का इस साल का ये 25वा आइटीएफ टूर्नामेंट है। recent visitors 96

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। इसमें विकास के साथ-साथ उन पात्र व्यक्तियों को योजना के लाभ से जोड़ा जा रहा है जो अभी तक योजनाओं के लाभ से वंचित रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल संभाग के जनकल्याण पर्व कार्यक्रम में 758.92 करोड़ रूपये के 70 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भोपाल संभाग के जनकल्याण पर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं बल्कि हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने राजा भोज और राजा विक्रमादित्य के योगदान को याद करते हुए सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की बात कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के प्रत्येक प्रवेश मार्ग को गौरवशाली स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजा भोज और सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर प्रवेश द्वार बनाएं जाएंगे। भोपाल के तालाब और यहां की वास्तुकला आज भी जल संरक्षण और स्थापत्य कला के लिये मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में जल संरक्षण की परम्परागत तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की अद्भुत तकनीकी संरचना एवं उसकी उपयोगिता के को वर्तमान समय के लिये भी प्रासांगिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ा है। मध्यप्रदेश भी विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के सरंक्षण में कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर मध्यप्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश टाईगर स्टेट ऐसे ही नहीं बना है। यहां राजधानी की जिन सड़कों पर दिन में लोगों का आवागमन रहता है, उन सड़कों पर रात्रि में बाघ को विचरण करते देखा जा सकता हैं। यह दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। यह सब‍राजा भोज की नगरी भोपाल में ही होता है। राजा भोज की गौरवशाली संस्कृति और विरासत के लिए भोपालवासियों को बधाई देना चाहूंगा कि यहां भोजपुर मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपुर मंदिर की पृथक से योजना बनाकर यहां की संस्कृति को देश और दुनिया के सामने लाया जाएगा। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, सूक्ष्म एवं लघु और मध्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 62

भाजपा नेता ताबिश असगर ने हिन्दू लड़की से विशाल बनकर शादी की थी, लगा था लव जिहाद का आरोप, पार्टी से निकाला

अमरोहा भाजपा ने 6 मुस्लिम नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। हालही में भाजपा नेता ताबिश असगर पर लव जिहाद करने का आरोप लगा था। नोएडा में हिन्दू लड़की से विशाल बनकर शादी की थी। जिसके बाद भाजपा ने पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप लगाकर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।  आपको बता दें कि अमरोहा जिले में भाजपा नेता ही लव जिहाद का परचम लहराता दिखाई दिया था। दरअसल, यहां पर एक भारतीय जनता पार्टी का मुस्लिम नेता नाम बदलकर एक हिंदू लड़की से शादी कर लिया। जब लड़की के सामने उसके पति की असलियत सामने आई तो वह लड़की का धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोप है कि लड़की के गर्भवती होने के बाद जबरन गर्भपात भी कराया और उसे पहाड़ से धक्का देकर जान से मारने की कोशिश भी की। आरोपी मुस्लिम भाजपा नेता ताबिश अल्पसंख्यक मोर्चा का सदस्य है। पूर्व जिला संयोजक और नामित सभासद भी रह चुका है। फिलहाल लड़की की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने भाजपा नेता ताबिश असरार को 4 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसका खुलासा पुलिस ने रविवार शाम को किया। जानिए क्या कैसे फेंका था प्यार का जाल? इस मामले को लेकर पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी तबिश से उसकी जान पहचान 4 साल पहले हुई थी। फेसबुक प्रोफाइल पर उसका नाम विशाल राणा था। पहले चैट पर बातचीत हुई। उसने बताया कि वह अमरोहा का रहने वाला है और राजपूत जाति से आता है। मैं भी उसकी बातों में आ गई। फिर हम मिलने लगे। धीरे-धीरे हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। शादी का प्लान बना लिया। 20 दिसंबर, 2021 को मेरी और विशाल की सगाई हुई। इसके बाद हम दोनों नोएडा में साथ रहने लगे। मुस्लिम होने के बाद भी हिंदू रीति-रिवाज से किया शादी पीड़िता के अनुसार, तबिश ने मुस्लिम होने के बाद भी 22 फरवरी, 2023 को गाजियाबाद के एक मैरिज हॉल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की।  शादी के 3 महीने बाद विशाल ने मुझसे कोर्ट मैरिज करने लिए कहा। मैं विशाल के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट गई। वहां डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करने के दौरान मुझे पता चला कि विशाल का असली नाम ताबिश असरार है, जो कि अमरोहा के गुला तालाब मोहल्ले का रहने वाला है। यह देखकर मैं हैरान रह गई। थोड़ी देर चुप रही। इसके बाद ताबिश से इसे बारे में पूछा, तो उसने डांटकर मुझे चुप करा दिया। मुझे पर इस्लाम कबूल करने के दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर जान से मारने की धमकी भी देने लगा। जबरन कराया था गर्भपात फरवरी, 2024 में मैं प्रेग्नेंट हुई तो ताबिश ने जबरन गर्भपात भी करवा दिया। इससे परेशान होकर मैं मायके में रहने लगी। थोड़े दिन बाद ताबिश मायके आया। मिन्नतें कर मुझे वापस नोएडा ले आया। फिलहाल इस मामले में  पुलिस ने ताबिश के खिलाफ धारा 323, 313, 506 और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है। recent visitors 156

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को खदेड़ने के लिए ट्रंप ने की तैयार, हजारों भारतीयों पर गिरेगी गाज

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेते ही अवैध प्रवासियों पर सख्त एक्शन लेने की तैयारी में हैं। अपने चुनावी अभियान में बार-बार अमेरिका को प्रवासी मुक्त बनाने की बात करने वाले ट्रंप ने इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन को अंजाम देने की योजना का हिस्सा है। ट्रंप की इस योजना को अंजाम देने के लिए US इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) ने देश से बाहर खदेड़ने के लिए लगभग 15 लाख लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है। खबरों के मुताबिक इस लिस्ट में लगभग 18,000 अवैध भारतीय भी शामिल हैं। पिछले महीने जारी ICE डेटा के मुताबिक अमेरिका में देश छोड़ने के आदेश वाले डॉकेट के 15 लाख लोगों में 17,940 भारतीय शामिल हैं। इन्हें जल्द ही भारत लौटना पड़ सकता है। इंडिया टुडे ने एक रिपोर्ट के बताया है कि अमेरिका में फिलहाल भारत से गए लगभग 7, 25,000 अवैध प्रवासी हैं। मैक्सिको और अल सल्वाडोर के बाद अमेरिका में सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी भारत से ही हैं। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2022 में अमेरिका में लगभग 11 मिलियन अवैध प्रवासी रह रहे थे। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर कहा है कि वह अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के लिए कुछ भी करेंगे। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो वह इसके लिए अमेरिकी सेना का भी प्रयोग करेंगे। उन्होंने गुरुवार को प्रकाशित एक इंटरव्यू में बताया में यह बात दोहराई है। ट्रंप ने कहा है कि किसी देश में अवैध रूप से घुसना आक्रमण के बराबर है जिसे रोकने की जरूरत है। ट्रंप ने खुद के टाइम 'पर्सन ऑफ द ईयर' बनने की घोषणा के बाद कहा, "मैं इसे हमारे देश पर आक्रमण मानता हूं।” ट्रंप ने आगे कहा, "मैं नहीं चाहता कि वे अगले 20 सालों तक शिविर में बैठे रहें। मैं चाहता हूं कि वे बाहर निकलें और उन्हें अपने देशों में वापस जाना होगा।" recent visitors 59

त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन : प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के लिए आबंटन-आरक्षण की कार्रवाई 17 दिसम्बर को सुबह 10 बजे से होगी प्रारंभ

गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य, तीनों जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं सदस्य और पंचायतों के सरपंच एवं पंच पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार आबंटन-आरक्षण की कार्रवाई 17 दिसम्बर को सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी।          कलेक्टर द्वारा जारी आम सूचना के अनुसार जिला पंचायत के सदस्य एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में होगी। आरक्षण की कार्रवाई हेतु दिलेराम डाहिरे परियोजना निदेशक जिला पंचायत (डीआरडीए) को नियुक्त किया गया है।          जनपद पंचायत गौरेला के सदस्य एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच व पंच पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई जनपद सभा कक्ष गौरेला में होगी। आरक्षण की कार्रवाई हेतु अमित बेक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेण्ड्रारोड को नियुक्त किया गया है।          जनपद पंचायत पेण्ड्रा के सदस्य एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच व पंच पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई सभा कक्ष जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेण्ड्रा में होगी। आरक्षण की कार्रवाई हेतु अविनाश कुजूर तहसीलदार पेण्ड्रा को नियुक्त किया गया है।          जनपद पंचायत मरवाही के सदस्य एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच व पंच पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई सद्भावना भवन मरवाही में होगी। आरक्षण की कार्रवाई हेतु श्री प्रफुल्ल रजक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही को नियुक्त किया गया है। सभी स्थानों पर आरक्षण की कार्रवाई 17 दिसम्बर को सुबह 10 बजे से प्रारंभ होकर कार्यवाही समाप्ती तक चलेगा। recent visitors 52

मुगल बादशाह की पौत्र वधू ने लाल किले का मांगा मालिकाना हक, HC ने याचिका की खारिज

 नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर-द्वितीय के पड़पोते की विधवा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कानूनी उत्तराधिकारी होने के कारण लाल किले पर कब्जा मांगा था। इस याचिका में सुल्ताना बेगम ने हाईकोर्ट के सिंगल जज के दिसंबर 2021 के फैसले को चुनौती दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने देरी की वजह से इस याचिका को खारिज कर दिया। फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि यह अपील ढाई साल से अधिक समय की देरी से दायर की गई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि सुल्ताना बेगम ने बताया कि वह अपनी खराब सेहत और बेटी के निधन के कारण अपील दायर नहीं कर सकी थीं। लेकिन कोर्ट ने उनकी इस दलील को नहीं माना। देरी की माफी को कर दिया अस्वीकार हाई कोर्ट की डबल बेंच ने कहा, 'हमें यह स्पष्टीकरण अपर्याप्त लगता है, क्योंकि देरी ढाई साल से ज्यादा की है। याचिका को पहले ही कई दशकों की अत्यधिक देरी के कारण (सिंगल जज द्वारा) खारिज कर दिया गया था। ऐसे में देरी के लिए माफी के आवेदन को अस्वीकार करते हुए खारिज किया जाता है। नतीजतन यह अपील भी खारिज की जाती है। समय-सीमा के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकती।' कोर्ट ने कहा था- 150 साल गुजर चुके हैं इससे पहले 20 दिसंबर, 2021 को उच्च न्यायालय के एकल जज ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अवैध रूप से लिए गए लाल किले पर कब्जा देने की मांग करने वाली बेगम की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 150 साल से ज्यादा गुजर चुके हैं और इतनी देरी के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाने का कोई औचित्य नहीं है। याचिकाकर्ता बोले- अंग्रेजों ने हमसे छीना था लाल किला इस याचिका को अधिवक्ता विवेक मोरे के माध्यम से दायर किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने उनके परिवार की सम्पत्ति छीन ली थी, और मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को देश से निर्वासित करते हुए लाल किले का कब्जा मुगलों से जबरन ले लिया गया था। सरकार पर लगाया था अवैध कब्जे का आरोप याचिका में सुल्ताना बेगम को बहादुर शाह जफर-द्वितीय का वंशज बताते हुए उन्हें लाल किले की असली मालकिन बताया गया था। इसमें कहा गया था, बेगम लाल किले की असली मालिक हैं, क्योंकि उन्हें यह किला उनके पूर्वज बहादुर शाह जफर-द्वितीय से विरासत में मिला है, जिनकी मृत्यु 11 नवंबर 1862 को 82 वर्ष की उम्र में हुई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि भारत सरकार ने इस संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। HC से कहा- या तो कब्जा, या मुआवजा दिलवाइए याचिका में केंद्र को लाल किले को याचिकाकर्ता को सौंपने या सरकार द्वारा कथित अवैध कब्जे के लिए 1857 से लेकर आज तक के मुआवजे के अलावा पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। हालांकि कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। recent visitors 100