Sunday, July 5, 2026 1:09 pm

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में करेंगे 16 दिसंबर को विधानसभा का घेराव, कई मुद्दों को करेंगे उजागर

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुरहानपुर जिले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर 16 दिसंबर को होने वाले विधानसभा घेराव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में किया जाएगा। पूर्व निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने बताया कि मोहन सरकार का एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन विकास के नाम पर सड़कों पर गड्ढे उड़ती धूल, शासकीय अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और शासकीय स्कूलों में शिक्षकों के अभाव के कारण प्रदेश की जनता परेशान है। एक कक्ष में चार-चार कक्षाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा, प्रदेशभर के युवा बेरोजगार हैं, महिलाएं सुरक्षित नहीं है, अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। दूसरी और भाजपा सरकार द्वारा प्रदेशभर में एक साल बेमिसाल बताया जा रहा है। 16 दिसंबर को विधानसभा घेराव के माध्यम से कांग्रेस इन मुद्दों को उजागर करेगी और आम जनता के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेगी। साथ ही जिला स्तर पर भी आंदोलन किए जाएंगे। recent visitors 43

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में बिना लिखित परीक्षा नौकरी पाने का अवसर, 75000 मिलेगी मंथली सैलरी

CRPF Recruitment 2024: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में नौकरी (Sarkari Naukri) की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा मौका है. इसके लिए सीआरपीएफ ने वेटरनरी के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. जिन उम्मीदवारों के पास इन पदों से संबंधित योग्यता है और यहां आवेदन करने के लिए इच्छुक हैं, वे सीआरपीएफ की आधिकारिक वेबसाइट crpf.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सीआरपीएफ के इस भर्ती के लिए जो कोई भी आवेदन करने का मन बना रहे हैं, वे 6 जनवरी तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. यह भर्ती 5वीं और 10वीं एनडीआरएफ बटालियनों के लिए की जा रही है. अगर आपका भी मन इन पदों पर नौकरी पाने का है, तो आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. सीआरपीएफ में नौकरी पाने की आयु सीमा सीआरपीएफ के इन पदों के लिए जो कोई भी उम्मीदवार आवेदन करने पर विचार कर रहे हैं, उनकी अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष होनी चाहिए. सीआरपीएफ में नौकरी पाने की क्या है शैक्षणिक योग्यता इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से वेटरनरी साइंस और लाइवस्टॉक में ग्रेजुएट की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही भारतीय वेटरनरी परिषद से पंजीकरण होना अनिवार्य है. सीआरपीएफ में चयन होने पर मिलेगी सैलरी जिस किसी भी उम्मीदवार का चयन इन पदों के लिए होता है, उन्हें सैलरी के तौर पर 75,000 रुपये महीने का भुगतान किया जाएगा. इसके अतिरिक्त भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधाएं, सीनियरिटी लाभ और पदोन्नति के अवसर है. सीआरपीएफ में ऐसे होगा चयन जो कोई भी सीआरपीएफ के इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन वॉक-इन-इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों की मेडिकल जांच भी होगी. वॉक-इन-इंटरव्यू का विवरण: तारीख और समय स्थान 06 जनवरी 2025, सुबह 9 बजे कम्पोजिट अस्पताल, सीआरपीएफ, जीसी कैंपस, तालेगांव, पुणे, महाराष्ट्र – 410507 06 जनवरी 2025, सुबह 9 बजे कम्पोजिट अस्पताल, सीआरपीएफ, हैदराबाद, तेलंगाना – 500005   ऐसे करें आवेदन इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट्स (शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, अनुभव प्रमाण पत्र) की मूल और फोटोकॉपी के साथ वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं. साथ में: एक साधारण कागज पर आवेदन फॉर्म तीन पासपोर्ट साइज फोटो उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट के बाद इंटरव्यू में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी. recent visitors 56

‘समृद्ध किसान तो विकसित होगा राजस्थान’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे सरकार की पहली वर्षगांठ पर किसान सम्मेलन में

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा अन्नदाता किसान धरती माता का सच्चा सपूत है। जब किसान खुशहाल समृद्ध होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने आज किसान सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब भी किसानों के हित की बात आएगी, राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री शर्मा राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर ‘निभाई जिम्मेदारी-हर घर खुशहाली’ की थीम पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक किसान परिवार में जन्मा हूं। मैंने हल चलाया है और खेती का सारा काम किया है। मैं किसानों के दर्द को भली भांति समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता— श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उनके मन में किसानों का भला करने की अद्भुत इच्छाशक्ति और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया है, जो ये दर्शाता है कि वे किसानों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। श्री शर्मा ने किसानों को किसान दिवस (23 दिसम्बर) की बधाई देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही किसान दिवस मनाने की शुरुआत की थी। ईआरसीपी-ताजेवाला से किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी — मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की पीड़ा और आकांक्षाओं को समझते हुए पिछले एक साल में राज्य सरकार ने किसान हित में अनेक फैसले लिए हैं। हमने ईआरसीपी परियोजना का एमओयू कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। शेखावाटी क्षेत्र में भी पानी की कमी को पूरा करने के लिए ताजेवाला से यमुना का पानी लाने के लिए लंबे समय से लंबित एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। हमारी सरकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। जिससे राज्य के किसानों की पैदावार बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धौलपुर लिफ्ट परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही, भूजल के रीचार्ज के लिए प्रवासी राजस्थानी के सहयोग से भी एक नए कार्यक्रम ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ की शुरुआत की जा रही है। किसान के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ले रही लगातार निर्णय— श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के ढाई हजार से अधिक एमओयू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा 30 लाख किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण, 8 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 26 हजार सोलर संयंत्रों की स्थापना, 31 स्थानों पर फूड पार्क के लिए भूमि आवंटन, 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन, गेहूं, मूंग, मूंगफली तथा सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद, पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना जैसे निर्णय किए गए हैं। जिससे खुशहाल किसान, समृद्ध किसान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चार जातियां बताई हैं, जो कि गरीब, किसान, युवा और महिला है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बदलते समय के साथ खेती-किसानी में नवीन तकनीक को अपनाएं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की अभिनव पहल की गई है, श्रीअन्न के तहत आने वाली मोटे अनाज की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में राजस्थान आगे है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग —राजस्थान का सफल आयोजन हुआ है, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। अजमेर जिले में भी विकास को गति प्रदान करने के लिए 14000 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक-एक कर सभी संकल्पों को पूरा कर रही है। बजट घोषणाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन और प्रदेश के आमजन एवं किसानों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों से ईआरसीपी योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण जल योजनाएं साकार होने जा रही है। किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के किसानों का सम्मान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। किसानों की पानी और बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याणकारी योजनाओं में किसानों को दिया आर्थिक संबल— कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के रूप में 700 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तान्तरण किया। वहीं, 15 हजार 983 किसानों को ड्रिप/फव्वारा संयंत्रों के लिए 29 करोड़ रूपये से अधिक, 14 हजार 200 से अधिक किसानों को फार्म पौण्ड, पाइपलाइन, तारबन्दी, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, जैविक खाद सहित विभिन्न कार्यों के लिए 96 करोड़ से अधिक की राशि व 8 हजार सोलर पंप स्थापना संवेदन के 80 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। शर्मा ने प्रदेश के 3 लाख 25 हजार पशुपालकों को 5 रूपए प्रति लीटर के आधार पर 200 करोड़ रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। साथ ही, कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृषि संकाय में अध्ययनरत 10 हजार 500 छात्राओं को 22 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का डीबीटी भी किया गया। उन्होंने केन्द्रीय प्रवर्तित ‘आत्मा’ योजना के तहत खेती में नवाचार कर रहे 10 प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया। किसान कल्याणकारी नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, ऊँट संरक्षण एवं विकास मिशन व 100 गौशालाओं में गौ काष्ठ मशीन उपलब्ध करवाने के कार्य का शुभारम्भ किया। उन्होंने 200 नए बल्क मिल्क कूलर्स, 1000 … Read more

गाला डेवलपर्स बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के काम कर रही थी, पड़ा GST का छापा, 4 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का खुलासा

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में सेंट्रल GST ने छापामार कार्रवाई की है। गाला डेवलपर्स कंपनी में 4 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। जिसके बाद टीम ने फर्म के ठिकानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि गाला डेवलपर्स बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के काम कर रही थी। कई सालों से टैक्स भी नहीं भरा जा रहा था। जिसके बाद दो दिनों तक जीएसटी की छापामार कार्रवाई चली। मामले में अब छानबीन जारी है। बता दें कि गाला डेवलपर्स का नाम जबलपुर की बड़ी फर्म में शामिल है। यह कंपनी  बिल्डर और कॉलोनाइजर्स के लिए जमीन डेवलप करने का काम करता है। इस कार्रवाई के बाद अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। recent visitors 68

सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों और कर्मचारियों का चेकअप, राजस्थान-आयुष मंत्रालय का प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू

जयपुर। भारत सरकार आयुष मंत्रालय और राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, प्रतापनगर जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री विजय पाल सिंह सहित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों का शुक्रवार को "प्रकृति परीक्षण" गमोबाइल ऐप के जरिए स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुष मंत्रालय द्वारा यह पहल आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर आमजन की प्रकृति का निर्धारण करने और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है। सचिवालय परिसर में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्साधिकारी प्रभारी वैद्य राजेश शर्मा ने बताया कि समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रकृति परीक्षण नोडल अधिकारी डॉ. कामिनी कौशल के नेतृत्व में डॉ. मीना मीनू व उनकी टीम के द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि प्रकृति परीक्षण एक समग्र सर्वेक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है जो उपयोगकर्ता को प्रारंभिक आयुर्वेद सिद्धांत के आधार पर प्रकृति निश्चित करने में मदद करता है। डॉ. शर्मा ने प्रकृति परीक्षण के दौरान हर व्यक्ति के त्रि दोषों (वात ,पित्त और कफ) का पता लगाकर उसके अनुसार खुद को स्वस्थ रखने के लिए दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर स्वस्थ रहने के लिए मार्गदर्शन दिया। डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रकृति परीक्षण एप्लीकेशन के माध्यम से हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य से संबंधित नई जानकारियां समय- समय पर मिलती रहेंगी और इस महत्वपूर्ण पहल से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का " स्वस्थ जन, स्वस्थ राष्ट्र" का सपना जल्द पूरा हो सकेगा। recent visitors 97

व्यवस्था को लेकर मॉनिटरिंग जारी, छत्तीसगढ़-रायपुर में अब तक 45.78 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी जारी है। धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों का मॉनिटरिंग भी जारी है। राज्य में धान 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक 45.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 9.79 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत दस हजार एक करोड़ 13 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगी। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स ने धान का उठाव भी शुरू कर दिया है। धान उठाव के लिए 2.51 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ जारी किया गया था, जिसके खिलाफ 51 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं। इस साल 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 12 दिसंबर को 67479 किसानों से   2.66 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 92 हजार से अधिक टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 93160 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत और निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए है, जिसका नंबर 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते हैं। recent visitors 65

‘लघु उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी’, राजस्थान-शिक्षा मंत्री ने किया लघु उद्योग भारती के कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण

जयपुर। लघु उद्योग भारती के नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण शुक्रवार को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर और संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चन्द के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री दिलावर ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को कुशलता प्रदान कर उन्हें उद्योगों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि मजदूर भी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। दिलावर ने लघु उद्योगों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ये 8 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं और देश के 45% निर्यात में योगदान देते हैं। लघु उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। उन्होंने कहा लघु उद्योग भारती न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने घुमंतू,अर्द्ध-घुमंतू एवं विमुक्त परिवारों के लिए पहचान पत्र और पट्टे जारी कर उनके जीवन को स्थायित्व प्रदान किया गया। संसदीय कार्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' और लघु उद्योग कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के लघु उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लघु उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप एमएसएमई नीति लाई गई है। उन्होंने कहा वर्ष 2027 तक प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा जिससे उद्योगों को आवश्यकता के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पटेल ने कहा बजट घोषणाओं की क्रियान्वित के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है प्रत्येक वर्ष के 10 दिसंबर की 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' के रूप मनाया जायेगा। आयोजन से भी प्रदेश की छवि और सुदृढ़ होगी। लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री श्री प्रकाश चन्द ने कहा कि भारत सदियों तक अपनी उद्यमिता और श्रेष्ठ उत्पादों के लिए विश्व में अग्रणी था। उन्होंने कहा कि हमारा अतीत गौरवशाली रहा है और अब लक्ष्य है कि अपने श्रेष्ठ उत्पादों के माध्यम से भारत को वैश्विक मंच पर शीर्ष स्थान पर स्थापित करें। उन्होंने भारत की ऐतिहासिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि कपड़ा, हस्तशिल्प और इत्र जैसे उत्पादों का निर्यात कर सोना और चांदी प्राप्त करता था इसलिए विश्व भर में भारत वर्ष सोने की चिड़िया नाम से विख्यात रहा। पराधीनता के दौरान यह गौरव क्षीण हुआ, लेकिन आजादी के अमृतकाल में भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। recent visitors 169