Saturday, July 4, 2026 7:38 am

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है. ये दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन बप्पा की विधि-विधान से पूजा और व्रत करना बहुत ही शुभ होता है. ऐसा करने से व्यक्ति पर गणेश जी की कृपा होती है. जिससे उसके घर में सुख-शांति का वास होता है, साथ ही उसे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. कब है अखुरथ संकष्टी चतुर्थी? हिंदू पंचांग के अनुसार, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 18 दिसंबर को मनाई जाएगी. इसकी तिथि 18 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 19 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगी. संकष्टी चतुर्थी का व्रत 18 नवंबर को रखा जाएगा. इस दिन बप्पा की पूजा और व्रत के साथ-साथ दान करने का भी बहुत महत्व है. तो चलिए हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जानते हैं कि इस दिन किन चिजों का दान करना शुभ होता है. इन चीजों का करें दान इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए. ऐसा करने से भगवान गणेश के साथ-साथ गौ माता भी कृपा करती हैं. इस दिन हाथी को भी चारा देना चाहिए. इससे शुभ फल मिलते हैं. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने वाले के जीवन में जो भी दिक्कतें हैं वो धीरे- धीरे दूर हो जाती हैं. क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त ? अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 6 तक है. ये मुहूर्त सबसे अधिक शुभ है. वहीं विजय मुहूर्त का समय दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त का समय 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक है. अमृत काल का समय शाम 6 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 7 मिनट तक है. पूजा विधि     इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके भगवान सूर्य को जल देना चाहिए.     घर में गंगाजल छिड़क कर बप्पा की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए.     बप्पा को फल और दूर्वा मोदक का भोग जरुर लगाना चाहिए.     फिर घी का दिया जलाकर बप्पा के मंत्रों का जाप और उनकी आरती करनी चाहिए.   recent visitors 52

जॉर्जिया मेलोनी घिरीं, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हावियर मिलेई को दी इटली की नागरिकता

रोम. इटली की सरकार ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हावियर मिलेई को देश की नागरिकता देने का एलान किया है। इटली का यह फैसला मिलेई की इतालवी विरासत के चलते लिया गया है। हालांकि, अर्जेंटीना और इटली के विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि हावियर मिलेई के दादा-दादी इटली से अर्जेंटीना चले गए थे। इसी लिहाज से इटली की जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार ने मिलेई को उनकी विरासत के लिए नागरिकता प्रदान की। हालांकि, इस निर्णय का इटली के कई राजनीतिक दलों ने विरोध किया है। खासकर देश की नागरिकता नीति के विरोधियों का कहना है कि जहां देश छोड़कर जाने वाले लोगों को विरासत के आधार पर नागरिकता दी जा रही है, वहीं देश में ही जन्मे अप्रवासियों के बच्चों को ही नागरिकता से वंचित रखा जा रहा है। इटली की विपक्षी लिबरल पार्टी के नेता रिकार्डो मागी ने कहा कि इटली के लाखों लोगों को नागरिकता के लिए वर्षों तक नौकरशाही को झेलना पड़ता है। वे लोग यहीं पर रहते हैं, पढ़ते हैं, काम करते हैं और टैक्स देते हैं। लेकिन मिलेई से उलट उन्हें नागरिकता के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। इटली में क्या हैं नागरिकता के नियम? इटली के मौजूदा कानून के मुताबिक, विदेशी नागरिकों को इटली की नागरिकता पाने के लिए 10 साल तक वहां रहना जरूरी है। यहां तक कि इटली में विदेशी माता-पिता से जन्मे बच्चों को भी 18 वर्ष की उम्र तक नागरिकता आवेदन के लिए रुकना पड़ता है। ऑक्सफैम इटालिया समेत कई संगठनों ने फ्रांस और जर्मनी की तर्ज पर इटली में इस वेटिंग पीरियड को कम करने की मांग उठाई है। हालांकि, इटली की जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने ऐसे किसी भी बदलाव का सख्त विरोध किया है। recent visitors 54

‘संसद में 11 ‘जुमले’ सुनने को मिले’, पीएम मोदी के 11 संकल्पों पर अखिलेश यादव का तंज

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के बाद 106 मिनट के अपने जवाब में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की भावना के अनुरूप 11 संकल्प पेश किए। इन 11 संकल्पों को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने "11 जुमले" करार दिया। अखिलेश यादव ने सदन के बाद पत्रकारों से कहा, "प्रधानमंत्री का आज का बहुत लंबा भाषण था। आप लोगों से बेहतर कौन जान सकता है कि 'जुमले' से किसको जाना जाता था। आज हम लोगों को 11 जुमलों का संकल्प सुनने को मिला है। 15 लाख रुपये जुमला था। किसानों की आय दोगुनी होगी, वह जुमला था। एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी, वह जुमला था। अग्निवीर जैसी नौकरी एक जुमला है। जीएसटी से महंगाई कम होगी यह भी जुमला निकला। उत्तर प्रदेश में आपको याद होगा कि इन्होंने कहा था कि जानवरों से सड़कें खाली हो जाएंगी, सड़कों पर जानवर नहीं दिखेंगे, वह बात भी जुमला निकली।" उन्होंने कहा कि भाजपा की परिवारवाद की बात भी जुमला निकली, क्योंकि इनके दल में ही परिवारवाद भरा पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी कह रही है कि हम आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों का आरक्षण छीना जा रहा है। जाति जनगणना को लेकर हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार हम आगे बढ़ रहे हैं। वह दिन आएगा जब जाति जनगणना भी होगी और आबादी के हिसाब से लोगों को हक और सम्मान भी मिलेगा। उनके अभी तीन जुमले और बचे हैं। जब समय आएगा तो आप खुद देख लेना। यह सरकार लोगों को ऐसे ही भटकाएगी।" उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने "भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा" पर सदन में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए कहा, "देश के भविष्य के लिए संविधान की भावना से प्रेरित होकर मैं आज इस सदन के समक्ष 11 संकल्प प्रस्तुत करना चाहता हूं। यदि प्रत्येक भारतीय अपने मूल कर्तव्यों का पालन करे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोका जा सकता।" recent visitors 62

अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद ने देश के कई हिस्सों में विकास को सालों तक अवरुद्ध किया, अब जल्द मिलेगी मुक्ति

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात को फिर से दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने देश के कई हिस्सों में विकास को सालों तक अवरुद्ध किया है। गृह मंत्री ने सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्य अब इस प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में केवल दो जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की हालिया चुनावी जीत नक्सल विरोधी प्रयासों को और मजबूत करेगी। अमित शाह छत्तीसगढ़ के एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैम्प का दौरा करने वाले हैं जहां वह रात बिताएंगे। जब उनसे इस दौरे की महत्वता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब मैं ऐसे कैम्पों का दौरा कर रहा हूं। अब भाजपा के सरकार बनाने के बाद हमारे समन्वय में सुधार हुआ है।" उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ प्रगति का श्रेय इन प्रयासों को दिया और कहा "एक साल के भीतर 900 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। 600 से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया है। 300 से ज्यादा मुठभेड़ों में मारे गए हैं।" छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर अमित शाह ने दावा किया कि नक्सल गतिविधियों में लगभग 70 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। उन्होंने भाजपा के दृष्टिकोण की तुलना कांग्रेस सरकार से करते हुए कहा, "हमारे लिए वोटबैंक की राजनीति उतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आदिवासी समुदायों का विकास।" recent visitors 38

80 साल पुराने हनुमान मंदिर को ध्वस्त करने के लिए जारी नोटिश के बाद भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद लगी रोक

मुंबई मुंबई में दादर रेलवे स्टेशन के बाहर 80 साल पुराने भगवान हनुमान मंदिर को ध्वस्त करने के लिए जारी नोटिस पर रोक लग गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गत 4 दिसंबर को मध्य रेलवे ने मंदिर के ट्रस्टियों को नोटिस जारी किया था, जिसमें दावा किया गया कि मंदिर का निर्माण अवैध है। इससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित होने के साथ ही यात्रियों को असुविधा हो रही है। नोटिस में सात दिनों के भीतर मंदिर को हटाने का आदेश दिया गया था। पूर्व मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य रेलवे के अधिकारियों से मुलाकात की। साथ ही, मामले को सुलझाने के लिए उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और उनके प्रयास सफल रहे। उन्होंने कहा, 'रेल मंत्री ने मंदिरों पर ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द करने का फैसला किया है। लोग वहां हमेशा की तरह पूजा कर सकेंगे। हम अब वहां आरती भी करने जा रहे हैं।' आदित्य ठाकरे ने की महाआरती मंदिर को गिराने के लिए रेलवे के नोटिस जारी करने को लेकर हुए विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को दादर स्टेशन के बाहर स्थित हनुमान मंदिर में महाआरती की। आदित्य ठाकरे शाम को मंदिर पहुंचे और महाआरती की। इस दौरान उनके साथ पार्टी नेता अनिल देसाई, संजय राउत और कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इससे पहले, पत्रकारों से बात करते हुए आदित्य ने इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह हिंदुत्व की विचारधारा का इस्तेमाल केवल वोट पाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगा दी है, लेकिन उसे नोटिस वापस लेना चाहिए। recent visitors 34

BCCI का बड़ा फैसला- बीसीसीआई ने BGT स्क्वॉड से तीन खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया

नई दिल्ली ब्रिसबेन के गाबा में इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट जारी है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के इस अहम टेस्ट मैच के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने एक बड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई ने BGT स्क्वॉड से तीन खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया गया है। वे जल्द भारत आएंगे और यहां फिर वे विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आएंगे। ये तीनों खिलाड़ी तेज गेंदबाज हैं, जिनकी जरूरत अब आने वाले दो मैचों में भी नहीं होंगे, क्योंकि अभी बेंच पर दो और तेज गेंदबाज बैठे हैं। यही कारण है कि स्क्वॉड से मुकेश कुमार, यश दयाल और नवदीप सैनी को रिलीज कर दिया गया है। मुकेश कुमार, यश दयाल और नवदीप सैनी को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले तीन मैचों में मौका नहीं मिला। आने वाले दो मैचों में भी उनको मौका नहीं मिलता। ऐसे में उनकी फिटनेस और फॉर्म का ध्यान रखते हुए, उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया। मुकेश कुमार का नाम तो बंगाल की विजय हजारे ट्रॉफी टीम में भी आ चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीन तेज गेंदबाजों के टीम से रिलीज किए जाने की बात सामने आई है। इनके भारत लौटने के बावजूद भारत की टीम में पांच प्रोपर पेसर होंगे। इनमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा होंगे। अभिमन्यू ईश्वन और देवदत्त पडिक्कल को भी आगे टीम से रिलीज किया जा सकता है, क्योंकि ओपनर के तौर पर रोहित शर्मा की वापसी हो चुकी है। केएल राहुल ओपन कर चुके हैं और इस तरह ओपनिंग के तीन विकल्प यशस्वी जायसवाल समेत भारत के पास हैं। मध्य क्रम के लिए सरफराज खान उपलब्ध हैं। यही कारण है कि बैकअप ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन और देवदत्त पडिक्कल को भी बीजीटी स्क्वॉड से रिलीज किया जा सकता है। विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट की शुरुआत 21 दिसंबर से हो रही है। चौथा टेस्ट मैच साल के आखिर में खेला जाएगा। इससे पहले इन्हें रिलीज किया जा सकता है। recent visitors 52

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए प्रस्तावित विधेयक में संकेत यही मिलता है कि यह प्रक्रिया 2034 से लागू की जाएगी

नई दिल्ली देशभर में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने की ओर मोदी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद विधेयक को संसद के शीत सत्र के दौरान ही लोकसभा में पेश कर दिया जाएगा। बता दें कि एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर मोदी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। 14 मार्च को समिति ने अपनी रीपोर्ट सौंप दी थी। एकसाथ चुनाव कराने के लिए प्रस्तावित विधेयक में संकेत यही मिलता है कि यह प्रक्रिया 2034 से लागू की जाएगी। विधेयक की कॉपी की बात करें तो अगर किसी लोकसभा या विधानसभा में समय से पहले चुनाव करना है तो संसद या फिर विधानसभा को भंग करना पड़ेगा। विधेयक में आर्टिकल 82 (A) को शामिल करने का प्रस्ताव है जिसके तहत सभी विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव साथ में कराए जाएंगे। इसके अलावा आर्टिकल 83 में भी संशोधन करना पड़ेगा। इसमें संसद के सदनों के कार्यकाल की बात कही गई है। इसके अलावा आर्टिकल 172 और 327 में भी संशोधन करना होगा। इन आर्टिकल में विधानसभा के चुनाव के बारे में संसद को नियम बनाने का अधिकार दिया गया है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट में 129वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी थी। जानकारी के मुताबिक आम चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक के दौरान राष्ट्रपति ही एक राष्ट्र एक चुनाव के समय का ऐलान करेंगे। इसका मतलब यह तारीख 2929 के लोकसभा चुनाव के बाद निर्धारित की जाएगी। ऐसे में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ 2034 से पहले नहीं शुरू हो पाएंगे। सरकार लोकसभा में वित्तीय अनुदान संबंधी कामकाज पूरा करने के बाद ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ से संबंधित विधेयकों को पेश करेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले, दो विधेयक – संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक – सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध थे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सोमवार के लिए सूचीबद्ध अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच को सदन द्वारा पारित किए जाने के बाद ये विधेयक इस सप्ताह बाद में पेश किए जा सकते हैं। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी संशोधित कार्यसूची में सोमवार के एजेंडे में ये दोनों विधेयक शामिल नहीं हैं। हालांकि सरकार लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से अंतिम समय में ‘अनुपूरक कार्य सूची’ के माध्यम से संसद में विधायी एजेंडा पेश कर सकती है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने से संबंधित दो विधेयक प्रक्रिया के नियमों के अनुसार पिछले सप्ताह सांसदों के बीच वितरित किए गए। संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को समाप्त होगा। recent visitors 55