Tuesday, July 7, 2026 5:07 am

छह लोगों की मौत और सात घायल, छत्तीसगढ़-बालोद में ट्रक ने कार को मारी भीषण टक्कर

बालोद। बालोद जिले के डंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी लोग नामकरण संस्कार से वापस लौट रहे थे। जहां यह हादसा हुआ है। ट्रक ने 13 लोगों से भरी जायलो गाड़ी को ठोकर मार दी। इस घटना में छह की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक बच्चे, चार महिला और एक पुरुष शामिल हैं। वहीं सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला और तत्काल डौंडी सामुदायिक स्वास्थ केंद्र भेजा गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें राजनांदगांव जिला अस्पताल रेफर किया गया। शवों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला थाने से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के बाद गाड़ी में फंसी लाश को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकल गया है। उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं सभी घायलों की हालात काफी नाजुक है। वहीं मृतकों के शव को भी बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई में जुट गई है। नामकरण संस्कार से लौट रहे थे लोग कार में सवार लोग छट्ठी (नामकरण संस्कार) कार्यक्रम में शामिल होने के बाद डौंडी से गुरेदा लौट रहे थे। इसी दौरान डौंडी थाना क्षेत्र के चोरहापड़ाव कार (Cg04Ld8049) को दल्लीराजहरा से भानुप्रतापपुर की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार ट्रक (Cg07Bq0941) ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में छह की मौके पर ही मौत हो गई और सात लोगों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। इन सड़क यात्रियों की मौत आपको बता दें कि दुर्पत प्रजापति पिता पूना राम उम्र 30  पुरुष  ग्राम गुरेदा (गुंडरदेही), सुमित्रा बाई कुम्भकार पति स्वर्गीय कार्तिक राम उम्र 50 वर्ष घोराड़ी महासमुंद, मनीषा कुम्भकार पति विश्वनाथ उम्र 35 वर्ष ग्राम घोराड़ी महासमुंद, सगुन बाई कुंभकार उम्र 50 वर्ष ग्राम कुम्हारपारा कवर्धा, ईमला बाई पति रेवा राम सिन्हा उम्र 55 ग्राम गुरेदा (गुंडरदेही), जिग्नेश कुम्भकार पिता प्रीतम कुम्भकार उम्र 7 वर्ष ग्राम गुरेदा (गुंडरदेही) इनकी मृत्यु हुई है। इन सात लोगों की हालत बनी हुई है नाजुक — 1. झमित कुमार पिता मिथलेश कुमार उम्र 7 वर्ष गुरेदा( गुंडरदेही ) 2. बिन्देश्वरी बाई पति पूरन लाल कुम्भकार उम्र 35 ग्राम गुरेदा ( गुंडरदेही ) 3. रूखमणी बाई पति छबिलाल उम्र 60 वर्ष ग्राम भर्रे गांव 4. यूवराम साहू पिता घासी राम उम्र 30 वर्ष सिकोसा (गुंडरदेही) 5. रम्भा बाई 6. ईश्वरी बाई पति कुलपत राम उम्र 61 वर्ष ग्राम गुरेदा ( गुंडरदेही ) 7. कुमारी बाई पति रूपलाल कुम्भकार  उम्र 55 वर्ष  भर्रे गांव recent visitors 61

लाइफ को पॉजिटिव रखते हुए सक्सेस का रील नहीं रियल मंत्र जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये टिप्स

जीवन में सफलता का स्वाद हर व्यक्ति चखना चाहता है। लेकिन यह कुंजी उसी व्यक्ति के हाथ लगती है, जिसके पास कुछ खास गुण मौजूद होते हैं। आज का युवा खुद को मोटिवेट करने के लिए घंटों इंस्टाग्राम की रील्स स्क्रॉल करता रहता है। लेकिन क्या वाकई सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स देखने से आपको लाइफ को बदलने वाला सच्चा मोटिवेशन मिल सकता है? तो जवाब है नहीं। जी हां, सफलता उसी व्यक्ति को मिलती है, जो उसे बाहरी मन से नहीं बल्कि भीतरी मन से पाने की इच्छा रखता है। सफल होने के लिए व्यक्ति को हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक रखते हुए खुद पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का कॉन्फिडेंस बढ़ता है और वो अपना लक्ष्य आसानी से हासिल कर पाता है। अगर आप भी लाइफ को पॉजिटिव रखते हुए सक्सेस का रील नहीं रियल मंत्र जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये टिप्स। हमेशा पॉजिटिव सोचें दुख और संकट की स्थिति में व्यक्ति का हताश या निराश होना स्वाभाविक है। लेकिन जो लोग दिल से सफलता का पीछा करते हैं वो बुरी स्थिति आने पर भी नकारात्मक विचारों से खुद को दूर रखते हुए पॉजिटिविटी के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करते रहते हैं। ताकि उनके आत्मविश्वास में किसी तरह की कोई कमी ना आए। याद रखें, लक्ष्य को हासिल करते समय आपके सामने आने वाली सभी चुनौतियां अस्थायी हैं। खुद पर विश्वास रखें कि आप सफल हो सकते हैं। यदि ऐसा करते समय आपके मन में कोई नकारात्मक विचार आएं तो उन्हें सकारात्मक विचारों से तुरंत बदल दें। गलतियों से सीखें दुनिया में कोई ऐसा बड़ा व्यक्ति नहीं है, जिसने अपने संघर्ष के समय कभी कोई गलती नहीं की होगी। जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है जो अपनी गलतियों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास हमेशा करता रहता है। लक्ष्य के प्रति रहें प्रतिबद्ध प्रतिबद्धता का अर्थ है सफल बनने के लिए स्वयं को समर्पित करना। आसान शब्दों में समझें तो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर हमेशा फोकस बनाए रखना। इसके लिए अपने छोटे और बड़े दोनों तरह के लक्ष्यों को निर्धारित करके उन पर रोज थोड़ा-थोड़ा काम करें। प्रतिबद्धता दिखाने से आपको इन लक्ष्यों को प्राप्त करते समय प्रेरित रहने में मदद मिल सकती है। खूब मेहनत करें जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे हटता है या घबराकर अपने लक्ष्य को बीच में ही छोड़ देता है, वह जल्दी ही सफलता के मार्ग से दूर हो जाता है। याद रखें, परिश्रम में ही सफलता के रहस्य छिपे होते हैं। सफलता हासिल करने के लिए कभी भी मेहनत करने से घबराएं नहीं बल्कि निरंतर परिश्रम करते रहे। लक्ष्य से ध्यान भटकाने वाली चीजों से रहें दूर अपने लक्ष्य को हासिल करते समय सबसे पहले उन चीजों की लिस्ट बनाएं, जो आपका समय खराब करने के साथ आपका आपके लक्ष्य से ध्यान भी भटकाती हैं। उस लिस्ट में आपका फोन, टीवी या फिर कोई व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। यह सुनिश्चित करें कि, आप इन सब चीजों से बचने के लिए उचित कदम उठाएंगे, ताकि आप खुद को तनाव से दूर रखकर अपने लक्ष्य पर अपना पूरा फोकस बनाए रख सकें। recent visitors 51

अपर सचिव लवानिया ने खजुराहो में प्रस्तावित केन बेतवा परियोजना कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

खजुराहो  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 दिसंबर को खजुराहो में प्रस्तावित कार्यक्रम केन बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम स्थल का मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ म.प्र.शासन के अपर सचिव अविनाश लवानिया ने रविवार को निरीक्षण किया। इस दौरान छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, एडीएम मिलिंद नागदेवे, एएसपी विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण में उन्होंने कार्यक्रम स्थल के आने जाने के गेट्स, आने-जाने के लिए लोगों की व्यवस्थाओं के रोड मैप, स्टेज  की लोकेशन, मंच कार्यक्रम प्लान, लोगों के बैठने, पेयजल, भोजन आदि व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही सेफ हाउस सर्किट हाउस लोकेशन की जानकारी ली। recent visitors 36

शहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, अमेरिका में चल रहा था इलाज

 सैन फ्रांसिस्को दुनियाभर में शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद और मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे। 73 साल की उम्र में जाकिर हुसैन का निधन हो गया। जाकिर हुसैन ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आखिरी सांस ली। जाकिर हुसैन फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। जिसके चलते उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं पैदा हुईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण उनकी मौत हो गई।  रिपोर्ट की मानें को जाकिर हुसैन के परिवार ने एक बयान में कहा कि उन्हें 'इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस' नामक एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी थी, जिसकी वजह से कॉम्प्लिकेशन आने लगे थे। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) क्या है? इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। आप सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों में छोटी-छोटी हवा की थैलियों से होते हुए खून में जाता है और फिर यहां से शरीर के सभी अंगों को मिलता है। लेकिन आईपीएफ होने पर फेफड़ों के भीतर निशान ऊतक बढ़ने लगते हैं। जिससे सांस लेना मुश्किल होने लगता है। उम्र के साथ ये समस्या और भी खराब होने लगती है। इससे फेफड़ों के जरिए खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। जिससे आपके शरीर के दूसरे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षण और इलाज आपको बता दें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस का कोई इलाज नहीं है इस सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर लंग ट्र्रांसप्लांट का विकल्प होता है। धीरे धीरे फेफड़ों में ऊतक बढ़ने लगते हैं और फेफड़ों में जख्म जैसे हो जाके हैं। जिसकी वजह से आपको सीने में दर्द या जकड़न, पैर में सूजन, भूख में कमी, गले में खराश, खांसी, थकान महसूस होना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर आप किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित हैं तो मुश्किलें और बढ़ने लगती हैं। recent visitors 87

कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव की कृपा पाने का एक सुनहरा अवसर

हिन्दू धर्म में कालाष्टमी पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है. कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. इस दिन उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. कालाष्टमी का पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव के एक उग्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. काल भैरव की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं. काल भैरव की पूजा करने से भय और आतंक का निवारण होता है और इस दिन की गई पूजा से रोगों से मुक्ति मिलती है. पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की 22 दिसंबर को दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर होगी. और अगले दिन 23 दिसंबर को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी. काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है. ऐसे में 22 दिसंबर को पौष महीने की कालाष्टमी मनाई जाएगी. काल भैरव पूजा सामग्री काल भैरव की मूर्ति या चित्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, कुमकुम, रोली, चंदन, फूल, धूप, दीपक, नैवेद्य (जलेबी, इमरती, पान), सरसों का तेल, काले तिल, सुपारी, लौंग, नारियल, काला कुत्ता (यदि आसपास हो). ऐसे करें कालभैरव की पूजा     कालाष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.     पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और पूजा कर व्रत का संकल्प लें.     भगवान काल भैरव की मूर्ति या चित्र को एक साफ चौकी पर स्थापित करें.     मूर्ति पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें.     मूर्ति को कुमकुम, रोली और चंदन से सजाएं और फूलों की माला पहनाएं.     सरसों के तेल का दीपक जलाएं और भगवान को जलेबी, इमरती, पान आदि का भोग लगाएं.     काले तिल, सुपारी और लौंग अर्पित करें.     “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का जाप करें और भगवान काल भैरव की आरती करें.     भगवान काल भैरव का तीन बार प्रदक्षिणा लगाएं और लोगों को प्रसाद वितरित करें.     कालाष्टमी के दिन काला कुत्ता मिलने पर उसे रोटी खिलाएं.     इस दिन भगवान काल भैरव को शराब अर्पित करने की मान्यता भी है, लेकिन यह सभी के लिए आवश्यक नहीं है.     पूजा करते समय सकारात्मक भाव रखें और मन में किसी भी प्रकार का भय न रखें.     पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और जरूरतमंदों को दान दें. कालाष्टमी के दिन क्या करें और क्या नहीं?     कालाष्टमी के दिन व्रत रखें और भगवान काल भैरव के मंदिर में जाएं.     शिव पुराण का पाठ करें.     गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं.     इस दिन किसी से भी झूठ न बोलें.     कालाष्टमी के दिन मांस-मदिरा का सेवन न करें.     इस दिन किसी का अपमान न करें. कालाष्टमी पर्व का महत्व भगवान काल भैरव को भगवान शिव का एक उग्र रूप माना जाता है. उन्हें समय और मृत्यु का स्वामी भी कहा जाता है. काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं. काल भैरव को शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है. उनकी पूजा करने से व्यक्ति के सभी शत्रु नष्ट हो जाते हैं. काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति में साहस आता है और सभी प्रकार के भय दूर हो जाते हैं. काल भैरव की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. काल भैरव को न्याय का देवता भी माना जाता है. उनकी पूजा करने से कानूनी मामलों में सफलता मिलती है. काल भैरव की पूजा करने से व्यापार में वृद्धि होती है और सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं.   recent visitors 50

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल श्री राम महायज्ञ के हवन कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल प्रसिद्ध संत श्री सनकादि महाराज के सानिध्य ने आयोजित किये जा रहे 1008 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ के महापूर्णाहुति कार्यक्रम में शामिल होकर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हवन किया तथा भण्डारा में प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि झलबदरी आश्रम रीवा में 7 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किये गये श्री राम महायज्ञ के समापन अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने हवन, भण्डारा के उपरांत संत श्री सनकादि महाराज से आशिर्वाद प्राप्त किया।   recent visitors 34

कांग्रेस शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में , विधायक कमलेश शाह और रमाकांत भार्गव के शपथ ग्रहण से कार्यवाही शुरू हुई

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। अमरवाड़ा से विधायक कमलेश शाह और बुधनी से विधायक रमाकांत भार्गव के शपथ ग्रहण से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सत्र में सरकार जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत करेगी, जिसके माध्यम से छोटे-छोटे मामलों को कोर्ट-कचहरी के स्थान पर अर्थदंड लगाने का अधिकार अधिकारियों को दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के लिए 17 दिसंबर को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रथम अनुपूरक बजट के साथ नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम और निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। सदन की बैठक सुबह 11 बजे से शुरू हुई। एमपी सरकार पेश करेगी विधेयक इसके पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी। कामकाज को सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत किया था। इसी तरह मध्य प्रदेश सरकार भी विधेयक प्रस्तुत करने जा रही है। इसमें नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, श्रम, सहकारिता सहित अन्य विभागों के उन अधिनियमों में संशोधन किया जा रहा है, जिनमें दो-तीन माह की सजा या जुर्माने का प्रविधान है। ऐसे मामलों में समझौते का प्रविधान शामिल किया जा रहा है। उधर, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव तीन वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के बाद प्रस्तुत करने और उसे पारित कराने के लिए तीन चौथाई पार्षदों का समर्थन आवश्यक संबंधी प्रविधान करने अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। भाजपा के दो, एक कांग्रेस विधायक की होगी शपथ विधानसभा के आज से प्रारंभ हो रहे शीतकालीन सत्र में सबसे पहले उपचुनाव में निर्वाचित तीन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। लोकसभा चुनाव के समय छिंदवाड़ा जिले की विधानसभा सीट अमरवाड़ से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। जुलाई 2024 में उपचुनाव कराए गए, जिसमें भाजपा के प्रत्याशी कमलेश शाह विजयी रहे। उन्होंने तब विधानसभा की सदस्यता नहीं ली थी। अब उन्हें शपथ दिलाई जाएगी। इसी तरह, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से सांसद निर्वाचित होने पर बुधनी और रामनिवास रावत के विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने पर विजयपुर में उपचुनाव कराया गया था। वहीं, कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध दलबदल के आवेदन पर अभी तक कोई निर्णय न होने के कारण भले ही कांग्रेस विधायक दल ने उन्हें अपने साथ बैठाने से इन्कार करते हुए उन्हें आसन आवंटन के लिए पत्र नहीं दिया पर विधानसभा सचिवालय ने उन्हें कांग्रेस दल के सदस्यों के साथ ही सीट आवंटित की है। recent visitors 46