लखनऊ मंडल में नॉन इंटर लॉकिंग कार्यों के चलते गाड़ियाँ प्रभावित

भोपाल  उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बाराबंकी-अयोध्या कैंट-जफराबाद खण्ड पर अयोध्या कैंट स्टेशन यार्ड रिमाडलिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट या मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसका विवरण निम्नानुसार है : मार्ग परिवर्तित गाड़ियाँ : 1 .    गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर – यशवंतपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर – गोरखपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 19, 26, दिसम्बर एवं 02 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी होकर जाएगी । 2 .    गाड़ी संख्या 15101 छपरा – एलएलटी एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 24 एवं 31 दिसम्बर को एवं गाड़ी संख्या 15102 एलएलटी – छपरा एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 19 एवं 26 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 02-02 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय छपरा – गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी – ऐशबाग – कानपुर सेंट्रल होकर जाएगी । शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट गाड़ियाँ: 1.    गाड़ी संख्या 22129 एलटीटी- अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 22, 24, 29,  31 दिसम्बर एवं 05 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22130 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 23, 25, 30 दिसम्बर तथा 01 एवं 06 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I 2.    गाड़ी संख्या 22183 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 18, 21, 25, 28 दिसम्बर एवं 01 व 04 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22184 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 19, 22, 26, 29 दिसम्बर तथा 02 व 05 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I निम्न दो जोड़ी गाड़ियां मार्ग परिवर्तन के साथ साथ सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी : 1.    गाड़ी संख्या 22103 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 23, 30 दिसम्बर एवं 06 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22104 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31, दिसम्बर एवं 07 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप इस मार्ग पर अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी । 2.    गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम – अयोध्या कैंट श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22614 अयोध्या कैंट – रामेश्वरम एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 22, 29 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी ।            इस संबंध में यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की उचित स्थिति की जानकारी स्टेशनों, एनटीईएस, रेल मदद 139 एवं ऑनलाइन प्राप्त कर यात्रा करें।   recent visitors 29

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, राजस्थान-जल जीवन मिशन घोटाले में ठेकेदार संजय बड़ाया को मिली जमानत

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजय बड़ाया को मंगलवार को जमानत दे दी। बड़ाया को घोटाले में शामिल होने व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में इसी साल जुलाई में ईडी ने गिरफ्तार किया था। बड़ाया पर तत्कालीन पीएचईडी मंत्री महेश जोशी के लिए बिचौलिए के तौर पर काम करने का आरोप है। उन्होंने लगभग 5 महीने हिरासत में बिताए। पूर्ववर्ती सरकार में सामने आए जल जीवन मिशन घोटाले में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 197 करोड़ रुपये के दो टेंडर दिए जाने में ईडी ने संजय बड़ाया को सह आरोपी बनाया था। बड़ाया पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने तत्कालीन मंत्री महेश जोशी की ओर से रिश्वत के भुगतान में मदद की और पीएचईडी कर्मचारियों को मैनेज किया। नवंबर में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने से इनकार करने के बाद बड़ाया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। recent visitors 42

हाई स्कूल शिक्षक भर्ती पर जबलपुर हाईकोर्ट 19 दिसंबर को करेगा अगली सुनवाई

जबलपुर मध्यप्रदेश में हाई स्कूल शिक्षक भर्ती पर जबलपुर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सरकार 2 दिनों में भर्ती नियमों में सुधार करे। साथ ही कोर्ट कोर्ट को सूचित भी करे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि प्रदेश में करीब 18 हजार हाई स्कूल शिक्षकों के रिक्त पदों में से 12 हजार पदों पर नियुक्तियां की गईं हैं लेकिन इनमें उम्मीदवारों के सेकेंड डिवीजन क्राईटेरिया को लेकर बड़ा विरोधाभास है। कोर्ट ने कहा-काउंसिलिंग नए सिरे से करवाई जानी चाहिए मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को सेकेंड डिवीजन मार्क्स क्राईटेरिया का नियम 2 दिनों के भीतर सुधारकर कोर्ट को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसे उम्मीदवार जिन्हें क्राइटेरिया के मुताबिक मिनिमम मार्क्स होने पर भी सिलेक्ट नहीं किया गया, क्या उन्हें बचे हुए पदों पर भर्ती किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो 50 फीसदी से कम मार्क्स वाले सभी उम्मीदवारों की भर्ती रद्द कर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग नए सिरे से करवाई जानी चाहिए। मामले पर अगली सुनवाई 19 दिसंबर को तय कर दी है। इसलिए लगाई गई थी याचिका दरअसल, शिक्षा विभाग ने 448 ऐसे उम्मीदवारों को सेकेंड डिवीजन मानकर भर्ती किया है जिनके ग्रेजुएशन में मार्क्स 45 से 50 फीसदी के भीतर हैं। दूसरी तरफ ऐसे कई उम्मीदवार हैं जिन्हें थर्ड डिवीजन मानकर भर्ती नहीं किया है। जबकि ग्रेजुएशन में उनके भी मार्क्स 45 से 50 फीसदी के बीच हैं। एनसीटीई यानी नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन के नियमों के मुताबिक उम्मीदवारों की एलिजिबिलिटी यानी पात्रता, ग्रेजुएशन में सेकेंड डिवीजन तय की गई थी, लेकिन कई यूनिवर्सिटी 45 से 50 फीसदी अंक लाने वालों को सेकेंड डिवीजन तो कई यूनिवर्सिटी थर्ड डिवीजन मानती हैं। ऐसे में जब शिक्षा विभाग ने अंकों की जगह सिर्फ मार्क शीट में सेकेंड या थर्ड डिवीजन देखकर भर्तियां की हैं तो पूरी भर्ती प्रक्रिया सवालों में है। recent visitors 34

सौर ऊर्जा से जगमग हो रहा उत्तर प्रदेश, तेजी से लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप पैनल: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को यूपी में नए आयाम मिल रहे हैं। केंद्र की योजनाओं को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए योगी सरकार ने यूपी को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में ला खड़ा किया है। बिजली बचत, आय वृद्धि और हरित ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने वाली इस योजना से प्रदेश के लाखों घर लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार की सक्रियता का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश, सोलर रूफ टॉप इंस्टालेशन के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र के बाद देशभर में तीसरे स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 53 हजार से अधिक सोलर रूफ टॉप पैनल लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 25 लाख सोलर रूफ टॉप पैनल लगाने का है। योजना को जनता तक पहुंचाने में मिली सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 18 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिनमें से 32 हजार से अधिक घरों में पैनल का इंस्टालेशन भी पूरा कर लिया गया है। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत सरकार सोलर रूफटॉप लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है। 1 किलोवॉट क्षमता के पैनल के लिए केंद्र सरकार 30 हजार रुपए और प्रदेश सरकार 15 हजार रुपए की सहायता देती है, यानी कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी। इसी तरह, 2 किलोवॉट के पैनल के लिए केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार और योगी सरकार द्वारा 30 हजार, कुल 90 हजार रुपए की सहायता लाभार्थियों को दी जा रही है। वहीं, 3 किलोवॉट या उससे ऊपर के पैनल के लिए केंद्र की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिलाकर 1 लाख 8 हजार रुपए तक की सहायता दी जा रही है। इस योजना का सीधा फायदा उन घरों को मिल रहा है जो बिजली बिल के बोझ से राहत पाना चाहते हैं। सोलर पैनल लगवाने से न केवल बिजली के बिलों में भारी कमी आ रही है, बल्कि लोग अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करके आय में वृद्धि भी कर रहे हैं। खास बात यह है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण को भी स्वच्छ और हरित बनाया जा रहा है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 25 लाख सोलर रूफटॉप पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रदेश के सातों डिस्कॉम और हर जिले के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरईसी, डिस्कॉम्स और वेंडर्स के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना में आने वाली हर चुनौती का समाधान किया जा रहा है। यह योजना न केवल बिजली के संकट को दूर करने में सहायक है, बल्कि इससे प्रदेश को आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा से संपन्न राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत न केवल बिजली बचत की दिशा में सफलता मिल रही है, बल्कि यह योजना रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। सोलर पैनल इंस्टालेशन से तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए रोजगार के द्वार खुले हैं। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के उपयोग से प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिल रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जनता को राहत, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के इस अद्भुत संगम से यूपी आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।   recent visitors 56

जमीन से बाहर निकलीं शवों की अस्थियां, राजस्थान-केकड़ी में बजरी खनन माफियाओं ने श्मशान भूमि को भी नहीं बख्शा

केकड़ी। जिले में अवैध बजरी खनन करने वालों ने एक गांव में श्मशान भूमि को भी नहीं छोड़ा। वहां की गई खुदाई के कारण जमीन में से अस्थियां बाहर निकल आईं। अस्थियों की इस दुर्गति को देखकर ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश है। इस संबंध में तहसीलदार को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मामला जिले की भिनाय तहसील के ग्राम बड़ली का है। यहां गांव के एक छोर पर नदी किनारे नायक समाज का श्मशान घाट बना हुआ है। इस श्मशान भूमि में बजरी माफिया से जुड़े लोगों ने अवैध बजरी खनन करते हुए जमीन खोद डाली। खुदाई होने पर जमीन में गड़े कई शवों की अस्थियां बाहर निकल आईं। पता चलते ही समाज के लोग वहां इकट्ठा हो गए और आक्रोश जताया, इस दौरान अवैध बजरी खनन करने वाले वहां से भाग छूटे। बाद में नायक समाज के लोगों ने श्मशान भूमि में अवैध खनन करने वाले बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर मंगलवार को भिनाय तहसीलदार नीलम राठौड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम बड़ली में स्थित नायक समाज की श्मशान भूमि में पिछले एक माह से जेसीबी की मदद से बजरी माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। अवैध बजरी खनन के कारण कई शवों की अस्थियां जमीन से निकलकर बाहर आ गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया कि अवैध रूप से किए जा रहे बजरी खनन के कारण अस्थियों की दुर्गति हो रही है। श्मशान भूमि से खनन के लिए मना करने के बावजूद बजरी माफिया अपनी मनमानी कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि यहां बजरी खनन की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए तथा अवैध खननकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। recent visitors 62

बंदूक की नोक पर किया युवक का अपहरण, मांगी 10 लाख की फिरौती, 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बरेली में 13 साल के बच्चे का अपहरण का मामला सामने आया है। यहां सतलापुर थाना क्षेत्र के मारुती नगर में ट्यूशन से पढ़कर घर लौट रहे 13 साल के एक छात्र का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन कर परिजनों से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की। इस दौरान बच्चे के पिता से कहा कि अगर जल्द से जल्द पैसों का इंतजाम नहीं हुआ था, सुबह तक बेटे की लाश मिलेगी। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को दबोचा है। जानकारी के मुताबिक 13 साल का कक्षा 7वीं का छात्र नवनीत धाकड़ बरेली के मारुति नगर में मंगलवार की शाम 6:00 बजे के लगभग ट्यूशन पढ़कर घर आ रहा था। इस दौरान कार से आए आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने छात्र को बुलाया फिर जबरदस्ती बंदूक की नोक पर वाहन में बैठाकर फरार हो गए। इसके बाद छात्र के पिता को फोन कर एक घंटे के अदंर 10 लाख रुपए की मांग कर दी। इधर फोन आने के बाद घबराए पिता ने तत्काल  इसकी सूचना सतलापुर थाना पुलिस को दी। जिसके बाद थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी प्लानिंग के तहत पैसों का इंतजाम कर आरोपियों के बताए पते के अनुसार बच्चें के परिजनों को मौके पर भेजा। जैसे ही आरोपी वहां आए पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। घटना का मुख्य आरोपी शिवम साहू और शुभम साहू सहित दो अन्य आरोपी को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बच्चे को भी सही सलामत बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 31

नौवीं कक्षा के छात्र के उत्पीड़न के बाद आत्महत्या करने की कोशिश, मामला दर्ज

ग्वालियर ग्वालियर शहर में एक सरकारी स्कूल के दो टीचर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.आरोप है कि उनके द्वारा नौवीं कक्षा के एक छात्र के उत्पीड़न के बाद कथित तौर पर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की. अधिकारियों ने बुधवार को ये जानकारी दी है. एक अधिकारी ने बताया कि घटना 8 नवंबर को हुई थी लेकिन छात्र का बयान दर्ज होने के बाद मामला दर्ज किया गया.अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में पढ़ने वाले 14 साल के लड़के ने आत्महत्या करने के लिए कथित तौर पर फिनाइल पी लिया. उन्होंने बताया कि कैमिकल पीने से पहले उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा था. अधिकारी ने बताया कि लड़के के ठीक होने के बाद उसका बयान दर्ज किया गया है, जिसमें उसने दो टीचर्स पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि इसके बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया.अधिकारी ने कहा, मामले में आगे कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. बता दें कि ये कोई अपने तरह का पहला मामला नहीं है बल्कि एक दिन पहले ही हैदराबाद के एक निजी आवासीय स्कूल के छात्रावास में 12 साल के लड़के ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. कक्षा सात के छात्र को बीते रात उसके रूममेट ने छत के पंखे से लटका पाया. सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, परिजनों ने टीचर्स द्वारा प्रताड़ना के   गंभीर आरोप लगाए हैं.  recent visitors 26