बाजार में कोहराम, भरभराकर ग‍िरा सेंसेक्‍स-न‍िफ्टी; म‍िनटों में 6 लाख करोड़ खाक

मुंबई भारतीय शेयर बाजार को अमेर‍िकी फेड र‍िजर्व की तरफ से ल‍िया गया फैसला रास नहीं आया. इसका असर अमेर‍िकी बाजार के साथ घरेलू स्‍टॉक मार्केट में भी द‍िखाई द‍िया. फेड र‍िजर्व की तरफ से अगले साल ब्‍याज दर में कम कटौती का संकेत द‍िये जाने के बाद दुन‍ियाभर के बाजार में ग‍िरावट देखी गई. इसके बाद आज सुबह सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में टूट गए. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1100 अंक से ज्‍यादा की गिरावट के साथ 79,029.08 अंक पर आ गया. वहीं एनएसई निफ्टी 328.55 अंक फिसलकर 23,870.30 अंक पर देखा गया. इससे न‍िवेशकों को शुरुआती कुछ ही म‍िनटों में 6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. वहीं इसका असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भी देखने को मिल रहा है. Sensex 1100 अंक से ज्‍यादा टूटकर खुला, जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्‍यादा टूटकर ओपेन हुआ. हालांकि कुछ देर बाद स्थिति थोड़ी संभली हुई दिखाई दी. सेंसेक्‍स अभी 917 अंक गिरकर 79,238.08 पर कारोबार कर रहा है. वहीं Nifty50 283 अंक गिरकर 23,914.95  पर कारोबार कर रहा है. बैंक न‍िफ्टी में 744 अंक की गिरावट आई है. BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से दो शेयरों को छोड़कर सभी शेयर गिरावट पर हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट इंफोसिस के शेयरों में 3 फीसदी की आई है. वहीं निफ्टी के 47 शेयर दबाव में कारोबार कर रहे हैं. जबकि 3 शेयर उछाल पर हैं. टाटा कंज्‍यूमर और डॉ. रेड्डी के शेयरों में तेजी देखी जा रही है. इन 10 शेयरों में बड़ी गिरावट एशियन पेंट्स के शेयर (Asian Paints Share) 2 फीसदी से ज्‍यादा टूटकर कारोबार कर रहे हैं. वहीं इंफोसिस (Infosys Share) में 3 फीसदी, टीसीएस, एचसीएल, महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है. स्‍मॉल और मिड कैप में त्रिवेणी टरबाइन, फाइव स्‍टार बिजनेस, सोनाटा सॉफ्टवेयर, भारती हेक्‍साकॉम, नायका, कोचिन शिपयार्ड के शेयर करीब 3 फीसदी तक गिरकर कारोबार कर रहे हैं. क्यों टूटा शेयर बाजार? अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने कहा कि रेट कटौती अभी और होने का अनुमान है, जिस कारण बाजार का मूड खराब हुआ और फेड की कमेंट्री से बाजार डर गया. बुधवार की कॉमेंट्री से साल 2025 में सिर्फ 2 बार कटौती के संकेत मिले है. वहीं, महंगाई पर अभी और सख्ती की जरूरत सेंट्रल बैंक ने कही है. जिस कारण भारतीय शेयर बाजार भी दबाव महसूस कर रहा है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान कल बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 452 लाख करोड़ रुपये था, जो आज बड़ी गिरावट के बाद घटकर 448 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. यानी मार्केट कैप में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट आई है. इसका मतलब है कि निवेशकों के वैल्‍यूवेशन में 4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. recent visitors 70

हिन्दुत्व के विकास मॉडल पर अग्रसर मोहन सरकार

-अनुज प्रताप सिंह भाजपा संगठन के कुशल सिपाही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण हो गया है। मोहन के मन में मोदी ही मोदी  की लाइन पर चलते मोहन यादव मध्य प्रदेश के लिए पारस बनकर उभरे हैं। हिन्दुत्व एवं सनातन के नए चेहरे के रुप में मोहन सरकार स्थायित्व की ओर बढ़ रही है। तमाम अशंकाओं को नकारते हुए डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा आलाकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। मोदी के मन में मध्यप्रदेश और मोहन के मन में मोदी की परिकल्पना डबल इंजन की मोहन सरकार के चेहरे पर साफ झलकती है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि तमाम दिग्गजों के मोहन कैबिनेट में होने से मुख्यमंत्री मोहन यादव को परेशानी होगी परंतु मुख्यमंत्री ने सभी के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए, सरकार का सफल संचालन कर दिखाया। केंद्रीय भाजपा संगठन से लेकर प्रदेश संगठन के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जो उनकी असली ताकत बना। मुख्यमंत्री तमाम आयोजनों में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा तथा विधानसभ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है। तमाम सरकारी ताम-झाम से दूर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहज और सरलता से एक आम आदमी की तरह चलना पसंद करते हैं। उनकी साधारण मानवी की शैली ने सभी का ध्यान आर्कर्षित किया। जमीन से जुड़ कर राजनीति करने वाले डॉ. मोहन यादव ने सरकार चलाकर यह साबित कर दिया की यदि आपके इरादे सच्चे और मजबूत हैं तो आप बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं। सरकार के कार्यकाल के शुरुआत में उनकी शैली से कभी-कभी ऐसा भी लगा की मुख्यमंत्री अकेले ही सरकार की गाड़ी खींच रहे हैं, परंतु समय के साथ मुख्यमंत्री के रुप में वे परिपक्व होते चले गए और आज उनकी स्वीकार्यता सभी के सामने है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने अपने हर भाषणा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र अवश्य किया है। आने वाले समय में यह भी एक रिकार्ड बनेगा कि मुख्यमंत्री के रुप में सबसे अधिक बार अपने भाषणों में प्रधानमंत्री का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्रियों में उनका नाम पहले नंबर पर होगा। मुख्यमंत्री की यह खूबी रही है कि वे प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे हमेशा डबल इंजन की भांति ही सरकार चला रहे हैं, यह संदेश अवश्य देते हैं। एैसा कोई कार्यक्रम नहीं होगा जब मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम का उल्लेख ना किया हो और उनका अभिनंदन जनता से तालियां बजबाकर ना किया हो। उनका यह भाव बताता है कि वे अपने उच्च नेत्तृव के पद चिन्हो पर चल रहे हैं । उनकी सौम्यता और सहजता और अति साधारण शैली उन्हे अन्य नेताओ से अलग बनाती है।     13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. मोहन यादव ने पहला आदेश जारी कर मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर अंकुश लगा दिया था, इसके तहत अगर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को चौतरफा सराहा गया और देशभर में इसकी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने खुल में मास-मच्छी की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया। कार्यकाल की शुरुआती अंदाज में मुख्यमंत्री ने जनता का मन मौह लिया। मुख्यमंत्री यादव अपनी कार्यशैली को लेकर लगातर चर्चा में रहे, उन्होंने ने कैबिनेट की बैठक को लेकर भी नवाचार किया और नव वर्ष 2024 की पहली बैठक जबलपुर में रखी गई थी। इसके बाद प्रदेश के बजट में भी उनकी सरकार ने परिपक्वता दिखाई, 3 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया जो की अब तक का सबसे अधिक है। जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा को संस्कृति से जोड़कर सरकारी स्तर पर मनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गाय पालने वालों और गोशला में गाय चारे की राशि में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री मोहन यादव हिन्दुत्व की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मझे हुए खिलाड़ी के नाते ना केवल विधानसभा के अंदर अपने दल एवं सरकार का नेत्तृव किया बल्कि सभी मुद्दों पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबके सामने रखा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में यह कहा जाता था तथा ऐसा लगता भी था कि उनसे अच्छी सरकार कोई चला नहीं सकता, अब आगे क्या होगा। भाजपा के अंदर भी यह प्रश्न उठता था कि तमाम दिगगजों से सजी नई सरकार का नेत्तृव मोहन यादव कैसे करेंगे? शिवराज सिंह चौहान जैसी भाषण शैली का अभाव भी सामने था परंतु तमाम बातों को धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया और एक साल सरकार का पूरा कर अपनी स्वीकार्यता को सिद्ध कर दिया। चाहे बात प्रशासनिक दक्षता की हो या राजनैतिक हो सभी मोर्चों पर मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ साबित कर दी है। मुख्यमंत्री प्रतिदिन सक्रिय रहते हैं, प्रदेश भर में वे निरंतर दौरे करते हैं, प्रतिदिन वे कार्यक्रमों और शासकीय बैठकों में शामिल होकर जनकल्याण के कार्यों को अंजाम देते नजर आते हैं। अपने पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी थी।     भाषण शैली के मामले में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री की कमी खलने नहीं दी है, हर विषय पर उनकी पकड़ उनकी भाषणों में दिखाई पड़ती है। भोपाल के नूतन कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का वह भाषण जिसमें उन्होंने इतिहास पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबको हैरत में डाल दिया था, वहां जिन लोगों को लगता था कि मोहन यादव में शिवराज जैसी बात नहीं वो भी कहने लगे वाह! मान गए मोहन जी को, भाजपा के तमाम मंत्री एवं विधायक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण सुन एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए थे।  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने धर्म के आधार पर हुआ देश के विभाजन को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया था।     लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री यादव ने अपनी राजनैतिक कौशल का परिचय भाजपा नेत्तृव को दिखाया और सिद्ध किया की वे उनके निर्णय पर फिट बैठते … Read more

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे, उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। साय आज सतनामी कल्याण समिति कोरबा के द्वारा तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लगभग 90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर जमीन आबंटन करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से हम सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए विकास की राह में आगे बढ़ने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज बाबा गुरुघासी दास की जयंती में जगह-जगह कार्यक्रम में शामिल होने का पुण्य अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबको साथ लेकर आगे चलते हैं। उनका नारा “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास“ है जिसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी अपनाया है और इसी दिशा में सभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया। उन्होंने कहा कि एक साल के कार्यकाल में जो भी वादा था उसे पूरा किया गया है। पीएम आवास का निर्माण, 3100 में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान, 5500 प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये और पीएससी में गड़बड़ी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए ट्राइबल हॉस्टल जानकारी देते हुए कहा कि समाज को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ना होगा। हमारी नई शिक्षा नीति, उद्योग नीति गरीबों, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अग्निवीरो, दिव्यांगजनो के लिए फायदेमंद है। समाज उद्यम के क्षेत्र में भी आगे बढ़े और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री दयालदास बघेल ने सामाजिक बन्धुओं से बाबा गुरु घासीदास जी ने संदेशों को अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग-धंधे की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सभी लोगों को गुरू पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का विकास किया जा रहा है। यहाँ डोम निर्माण के लिए भी राशि जारी की गई है। आने वाले दिनों में भव्य डोम नजर आएगा। चांदी का मुकुट पहनाकर किया अभिनन्दन समारोह में मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने आरती और जैतखाम की पूजा कर ध्वजारोहण में शामिल हुए। सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गर्मजोशी से गजमाला पहनाकर स्वागत और चाँदी का मुकुट पहनाकर अभिनन्दन किया। बाबा गुरु घासीदास के तैलचित्र सहित गुलाब के फूल भेंट किए गए। मुख्यमंत्री साय ने सालिक निर्मल दिवाकर के पुस्तक ‘‘माँ की चाहत‘‘ का विमोचन भी किया। recent visitors 121

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन 5.0 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित विधायकगण और श्रोतागण मौजूद रहे।       मुख्यमंत्री साय ने परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के जयंती पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने सभी मूर्धन्य कवियों का छत्तीसगढ़ की माटी में स्वागत और अभिनंदन किया। साय ने कहा कि बड़े ही शुभ दिन पर यह आयोजन हो रहा है। बाबा गुरु घासीदास का आशीर्वाद प्रदेश वासियों को मिले, उन्होंने यह कामना की।         मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि और गीतकार केदार परिहार को छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित किया। कवि सम्मेलन में पद्म डॉ. सुरेंद्र दुबे, पद्म डॉ. सुनील जोगी, डॉ. हरिओम पवार, सुअनामिका जैन अंबर,  डॉ. अनिल चौबे, स्वयं श्रीवास्तव और रमेश विश्वहार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया। recent visitors 139

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 104

“प्रशासन गांव की ओर 2024” अभियान मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के साथ साझाकर संचालित करें

मुख्य सचिव के सुशासन सप्ताह पर कलेक्टर्स को निर्देश  "प्रशासन गांव की ओर 2024" अभियान को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के साथ साझा कर संचालित करें- मुख्य सचिव "प्रशासन गांव की ओर 2024" अभियान मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के साथ साझाकर संचालित करें भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे 19 से 25 दिसंबर तक आयोजित होने वाले सुशासन सप्ताह के अंतर्गत "प्रशासन गांव की ओर 2024" अभियान को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के साथ साझा कर संचालित करें। मुख्य सचिव जैन ने वीडियो कांफ्रेंस से संपूर्ण अभियान के संबंध में कलेक्टर्स को दिशा निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा 19 से 24 दिसबर 2024 तक सुशासन सप्ताह मनाया जाने का निर्णय लिया है। सुशासन सप्ताह के अंतर्गत "प्रशासन गांव की ओर 2024" अभियान चलाया जाएगा। इसमें जनसमस्याओं का निराकरण कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को सेवाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से अभियान की तैयारी के संबंध में चर्चा की।उन्होंने सुशासन सप्ताह के अंतर्गत "प्रशासन गांव की ओर अभियान में जन समस्याओं का निराकरण कर अधिक से अधिक व्यक्तियों को सेवाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने इस अभियान को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के साथ साझा कर संचालित करने के लिए कहा है। बैठक में सभी जिला कलेक्टर को पोर्टल पर अपने जिले में तीन नवाचारों, सुशासन पहलों पर संक्षिप्त लेख तैयार कर उसकी गुणवता सुनिशित करने के निर्देश दिए गए।इन आलेखों को अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। सुशासन की श्रेष्ठ प्रथाओं का संकलन कर उन्हें पोर्टल पर चित्र सहित साझा करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक शिकायतों के समाधान पर सफलता की कहानियॉँ भी अपलोड की जाएंगी। इन श्रेष्ठ प्रथाओं एवं सफलता की कहानियों को पृथक से राज्य स्तर पर भी संकलित किया जाएगा। जिला कलेक्टर जनता की शिकायतों के समाधान और बेहतर सेवा वितरण के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के शिविरों के साथ साझा शिविर आयोजित करेंगे।मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत निराकृत किए गये आवेदनों/शिकायतों/सेवाओं को भारत सरकार के पोर्टल पर भी दर्जं करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर 23 दिसंबर, 2024 को जिले में एक प्रसार कार्यशाला आयोजित करें, जिसमें जिला स्तर पर सुशासन की श्रेष्ठ प्रथाओं का संकलन कर उन्हें प्रशासन गांव की ओर पोर्टल पर प्रस्तुत करें। अभियान अवधि में CPGRAMS पोर्टल की सभी शिकायतों का निराकरण करना सुनिश्चित किया जायेगा। CPGRAMS पोर्टल की सभी शिकायते सी.एम् हेल्पलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। सभी विभाग अध्यक्ष भी उपरोक्तानुसार सुशासन सप्ताह के अंतर्गत अधिक से अधिक जनसमस्याओं, सेवाओं के निराकरण संबंधी सतत समीक्षा करना सुनिश्चित करेंगे योजना, आर्थिक एवं सांख्यकी विभाग, जिलों से विज़न डॉक्यूमेंट प्राप्त कर उनका परीक्षण करेगा, जिन्हें मापदंड के अनुरूप होने पर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।   recent visitors 70

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अपेक्स कमेटी गठित

भोपाल राज्य शासन ने भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय की जनजातीय समुदायों के लिये लागू किये गये धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न विकास विभागों द्वारा कार्य-योजना बनाने, उसके क्रियान्वयन, समन्वय, अभिसरण एवं अनुश्रवण के लिये मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अपेक्स कमेटी गठित की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में वित्त विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, पर्यटन, आयुष, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव को समिति में सदस्य बनाया गया है। सचिव, जनजातीय कार्य विभाग समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति सभी जिला कलेक्टर के कार्यों की मॉनीटरिंग करेगी और उत्कृष्ट कार्यों का चिन्हांकन भी करेगी। समिति मासिक एवं त्रैमासिक समीक्षा करेगी, जिसमें योजना की प्रगति, संभावित समस्याओं पर सलाह देकर विभागों के बीच समन्वय का कार्य भी करेगी। समिति समय-समय पर बैठकें आयोजित कर भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त दिशा-निर्देश के अनुसार अन्य कार्यवाही भी सुनिश्चित कर सकेगी।   recent visitors 60