Thursday, July 2, 2026 12:44 am

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिये शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिये शासन प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य चिकित्सकों, विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम में संशोधन किया गया है। 1 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक सत्र 2022 के 319 स्नातकोत्तर छात्र चिकित्सकों को प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी, साथ ही चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा। आयुक्त, स्वास्थ्य श्री तरुण राठी ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण और पिछड़े जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम को संशोधित स्वरूप में लागू किया है। डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम, जो 1 अप्रैल 2023 से मध्यप्रदेश में लागू हुआ था, अब 18 दिसंबर 2024 को जारी संशोधित नीति के तहत अधिक पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में अधिकतम 12 छात्र चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जिसमें प्रत्येक विषय के दो विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस नीति के तहत छात्र चिकित्सकों को अपनी पसंद के अनुसार जिले का चयन करने का अवसर प्रदान किया गया है। पिछड़े जिलों में सेवा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही, निगरानी और पारदर्शिता के लिए "दर्पण पोर्टल" और "सार्थक एप" को आपस में जोड़ा गया है। इससे जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर होंगी, साथ ही छात्र चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।   recent visitors 27

सीएम योगी द्वारा पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व व निर्देशन में प्रदेश की पंचायतों की भूमिका अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण और जवाबदेही भरी हो गई है। सीएम योगी द्वारा पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। रोजगार मेले, किसान विकास योजनाएं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांवों में समग्र विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल तकनीक के समावेश ने पंचायतों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। सीएम योगी ने पंचायत निधि के बेहतर और सार्थक उपयोग पर जोर देते हुए निर्देश दिया है कि इसका लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने पंचायतों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने और ऐसे काम करने की अपील की है, जो पंचायतों को विशिष्ट पहचान दें। उन्होंने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की पहल की है। सीएम योगी ने पंचायतों को नए और नवाचारी प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो उनके क्षेत्र को अलग पहचान दें। पंचायतों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे सामुदायिक शौचालयों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई को प्राथमिकता दें। सीएम योगी ने गांवों में कम्युनिटी सेंटर बनाकर उसका आर्थिक रूप से उपयोग करने की बात कही है। यह न केवल पंचायतों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। सीएम योगी की मंशानुरूप पंचायतों में आदर्श गांव, विकसित गांव और आत्मनिर्भर गांव बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और निर्देशन में ग्राम चौपाल की पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकार खुद चलकर ग्रामीणों और गरीबों के पास जाए। यह पहल शासन और जनता के बीच विश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ समस्याओं के समाधान को सरल और सुलभ बना रही है। प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। ‘गांव की समस्या – गांव में समाधान’ के मूल मंत्र के साथ आयोजित इन चौपालों ने ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया है। ग्राम चौपालों में न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक मुद्दों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इन चौपालों से गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आई है। ग्राम चौपालों की सफलता के लिए गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चौपालों से पहले व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाता है ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे जुड़ सकें। यह पहल ये भी सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी के अनुसार, जनवरी 2023 से अब तक 01 लाख 13 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। इन चौपालों में 79 लाख से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और 04 लाख 42 हजार से अधिक समस्याओं का निस्तारण किया गया। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पंचायतें विकास की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। डिजिटल तकनीक, स्वच्छता, और आत्मनिर्भरता को अपनाकर पंचायतें ग्रामीण भारत का भविष्य लिखने की दिशा में अग्रसर हैं। ग्राम चौपाल जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने यह साबित किया है कि गांव की समस्याओं का समाधान गांव में ही किया जा सकता है। योगी सरकार की यह पहल न केवल गांवों को सशक्त बना रही है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की ओर भी अग्रसर है। ग्रामीण विकास के इस मॉडल ने पंचायतों को नए अवसरों और जिम्मेदारियों के साथ मजबूती प्रदान की है, जिससे उत्तर प्रदेश देशभर में एक मिसाल बनता जा रहा है।   recent visitors 32

मध्यप्रदेश बनेगा मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र : प्रमुख सचिव श्री शुक्ला

 अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट्स के साथ मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने पर हुआ मंथन।  इथोपिया और उज्बेकिस्तान से आए डेलीगेट्स से किए लक्ष्य साझा।  भोपाल. प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक, म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन गन्तव्य स्थल अपने आप में वेलनेस स्थल है। यहां की प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता और शांति के साथ आयुर्वेदीय जड़ी बूटियों और औषधीय वनोपज की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में स्वास्थ्य पर्यटन और वेलनेस से संबंधित अतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समूह और राज्य के हेल्थ, मेडिकल और टूरिज्म के प्रमुख हितधारकों को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के द्रष्टिगत मध्यप्रदेश उच्च स्तरीय अंतराष्ट्रीय स्तर की सेवाएं देने के लिए सक्षम है। साथ ही विदेश और अन्य राज्यों की तुलना में चिकित्सा सुविधाएं काफी सस्ती हैं । हमारे चिकित्सक अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हैं ।    प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने चिकित्सा और पर्यटन के सभी हितधारकों को साझा प्रयास कर मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने का आग्रह किया। साथ ही शासन द्वारा हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ, ‘मेडिकल और वेलनेस’ के हित धारकों के बीच सहयोग के अवसरों को सृजित करना था। कार्यशाला में इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, वहाँ उपलब्ध सेवाओं तथा उपचार के सम्पूर्ण पैकेज आदि की जानकारी वेबसाइट पर देने से बेहतर प्रचार प्रसार होगा। विदेशी प्रतिनिधियों ने उनके देश के साथ MoU करने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।  इथोपिया और उज्बेकिस्तान से आए सभी डेलीगेट्स शुक्रवार को इंदौर में मेडिकल और वेलनेस की सुविधाओं और आवश्यक अधोसंरचनाओं पर अवसरों एवं संभावनाओं पर हितधारकों से चर्चा करेंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय गणराज्य उज्बेकिस्तान उप प्रमुख श्री शोखोबुद्दीन गुल्यामोव, श्री अब्दुजामोल जुराऐव, श्री एलूबाबोर बूनो और इथियोपिया के स्वास्थ्य मंत्रालय से डॉ. आइरुसलेम बेफेकाडु येरडॉ, डॉ. टेजिना रेगास्सा शामिल हुए। सभी ने मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं आवश्यक अधोसंरचना सहित प्रयासों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म की वर्तमान सुविधाओं एवं अवसरों पर प्रजेन्टेशन भी दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट्स ने सुबह यूनेस्को विश्व धरोहर सांची की यात्रा की और शाम को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का अवलोकन भी किया ।     इसके साथ ही एमपी के स्टेकहोल्डर्स में उप संचालक आयुष डॉ. राजीव मिश्रा, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन और सीईओ सीनियर प्रोफेसर कविता एन सिंह, अपोलो सेज हॉस्पिटल के मार्केटिंग प्रमुख श्री अरुण मोदी, ताज होटल्स के डीओएसएम श्री वरुण खंडेलवाल, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन, सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर श्री आदित्य अग्रवाल, मेडिकल डायरेक्टर सिद्धार्थ रेडक्रॉस श्री सिद्धार्थ वार्ष्णेय, मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रुति वासुदेवन, पीपुल्स ग्रुप के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक, बंसल हॉस्पिटल के डॉ. अतुल समैया सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। recent visitors 36

कश्मीर कड़ाके की ठंड की चपेट में, न्यूनतम तापमान शून्य से 6.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर इन दिनों जबरदस्त ठंड की चपेट में है और यहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 6.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। श्रीनगर में मौसम विभाग के अनुसार श्रीनगर में यह तापमान इस समय के औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस कम है। इससे पहले इस मौसम में श्रीनगर में सबसे कम तापमान 10 दिसंबर को शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया था। यहां बर्फबारी होने के कारण डल झील के अंदरूनी हिस्से जम गए हैं, जिसकी वजह से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। कश्मीर घाटी के अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर जारी रहने और 26 दिसंबर तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होने तथा कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने का अनुमान है । इतना ही नहीं 27 दिसंबर की रात से 28 दिसंबर की सुबह तक कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं। पहलगाम का पर्यटक स्थल सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां गुरुवार को तापमान शून्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात को तापमान शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। कश्मीर के प्रवेशद्वार शहर काजीगुंड में न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई और बुधवार के शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस कम के मुकाबले यह शून्य से 7.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस कम है। दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस कम था, जो सामान्य से 3.27 डिग्री सेल्सियस कम रहा। गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में तापमान गुरुवार को लगातार दूसरे दिन शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। कुपवाड़ा में तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज गया जबकि पिछली रात शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस कम है।   recent visitors 36

मान्यता के लिये निजी स्कूल 23 दिसम्बर से कर सकेंगे आवेदन, राज्य शिक्षा केन्द्र ने जारी की समय सारिणी

भोपाल प्रदेश में संचालित कक्षा एक से 8 तक के निजी विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत नवीन मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण के लिये 23 दिसम्बर से 23 जनवरी तक ऑन लाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र ने मान्यता आवेदन की प्रक्रिया को सरलीकृत एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आरटीई एमपी मोबाइल ऐप तैयार किया है। इसके माध्यम से अशासकीय स्कूल स्वयं अपने मोबाइल के द्वारा आवश्यक जानकारी दर्ज कर जरूरी फोटाग्राफ तथा दस्तावेज अपलोड करते हुये मान्यता के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकेगे। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने सभी जिला कलेक्टर्स और मैदानी अधिकारियों को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है कि वे इस सबंध में अपने जिले के सभी निजी विद्यालयों को अवगत कराते हुए नवीन मान्यता अथवा पूर्व मान्यता के नवीनीकरण के लिये निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही पूर्ण कराये। जिन स्कूलों की मान्यता अवधि मार्च 2025 में पूर्ण हो रही है ऐसे स्कूल समय-सीमा में मान्यता नवीनीकरण हेतु आवेदन करेंगे। साथ ही यदि कोई स्कूल कक्षा में वृद्धि करना चाहता है तो वह भी नवीनीकरण के लिये आवेदन कर सकता है। मान्यता नवीनीकरण के लिये जो अशासकीय स्कूलों समय सीमा में आवेदन नही करते है तो वह आगामी सत्र में स्कूल संचालन के लिए पात्र नही होंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी विस्तृत निर्देश एमपी एज्युकेशन पोर्टल www.educationportal.mp.gov.in तथा आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर भी देखे जा सकते हैं।   recent visitors 65

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ, धनखड़ के खिलाफ नोटिस खारिज

नई दिल्ली उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस खारिज हो गया है। इसके पीछे की वजह यह है कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ। इसलिए, राज्यसभा के उसभापति ने तकनीकी आधार पर विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही विपक्षी दलों का दांव फेल हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उपसभापति हरिवंश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने के लिए लाया गया था। उपसभापति हरिवंश ने अस्वीकृति के कारणों को बताते हुए कहा कि 14 दिन का नोटिस, जो इस तरह के प्रस्ताव को पेश करने के लिए अनिवार्य है, नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय जगदीप धनखड़ का नाम भी सही ढंग से नहीं लिखा गया था। पिछले हफ्ते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का जोरदार दौर चला, जिसके कारण हुए भारी हंगामे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी। कार्यवाही स्थगित होने से पहले धनखड़ ने विपक्ष पर उनके खिलाफ दिन-रात अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह एक किसान के बेटे हैं और कभी ‘कमजोर’ नहीं पड़ेंगे। उन्होंने कहा था, ‘‘दिन भर सभापति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है…..यह अभियान मेरे खिलाफ नहीं है, यह उस वर्ग के खिलाफ अभियान है जिससे मैं जुड़ा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस कारण से दुखी हूं कि मुख्य विपक्षी दल ने इसे सभापति के खिलाफ अभियान के रूप में पेश किया है। उन्हें मेरे खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है। यह उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन वे संवैधानिक प्रावधानों से भटक रहे हैं।’’ recent visitors 47

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह पर स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता आज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा 14 दिसम्बर से 21 दिसम्बर 2024 तक पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह मनाया जा रहा है। साथ ही बिजली बचाने को लेकर विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल के चिनार पार्क में 20 दिसंबर को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12:30 तक स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राएं ऊर्जा बचत और संरक्षण के महत्व को समझेंगे। साथ ही चित्रों के माध्यम से अपनी अभिरूचि व्यक्त कर सकेंगे। इस अवसर पर उत्कृष्ट चित्रकारी करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा।   recent visitors 36