लोक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ‘SocialEpidemiology’ का प्रयोग बहुत जरूरी है: डॉ प्रशांत केशरवानी

भोपाल अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल के तत्वाधान में  शंकरदयाल आयुर्वेद कॉलेज,भोपालके परिसर में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यलय, भोपाल में पब्लिक हेल्थ विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री  प्रशांत केसरवानी जी ने ‘SocialEpidemiology’ विषयपर व्याख्यान दिया।  एस व्याख्यानश्रृंखला के प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया की  आज का सेमीनार अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय,भोपाल द्वारा शुरू की गयी व्याख्यानश्रृंखलाके अन्तेर्गत था । आगामी महीनों में अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल ऐसे अन्य विषयों और मुद्दों पर मध्य प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों पर व्याख्यान आयोजित करेगा। शंकरदयाल आयुर्वेद कॉलेज,के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुए इस व्याख्यान में आयुर्वेद, नर्सिंग और एडुकेशन के 200 से आधिक छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की। श्री प्रशांत केशरवानीने उन्हें भविष्य के हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के तौर पर स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं को सामाजिक-आर्थिक, राजनैतिक और तकनीति के तौर पर समझने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि –“स्वास्थ्य के सामाजिक पहलुओं को नज़रअंदाज़ करके इसकी मूल समस्याओं को नहीं समझा जा सकता। लोगो को स्वस्थ्य रखना एक सतत प्रक्रिया है और इस सतत प्रक्रिया के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण कारक है वो ये जानना कि समाज के किस तबके को स्वास्थ्य को लेकर किस तरह की जरूरतें है। क्या ऐसी कोई बीमारी है जो किसी समुदाय या किसी क्षेत्र विशेष में ज्यादा बढ़ गयी है या समाज का कोई ऐसा वर्ग है,  जहां पर मृत्यु दर बहुत ज्यादा है। साथ ही साथ इस वर्ग विशेष के पास किस तरह के स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है। क्या ये सुविधाएं काफी है, या फिर इनमें कुछ सुधार की गुंजाइश है। ऐसे क्या सामाजिक और दूसरे कारक हैं, जो किसी समुदाय को ज्यादा बीमार कर रहे है। इस तरह के कई प्रश्नों के उत्तर SocialEpidemiology बेहतर तरीके से देती है। SocialEpidemiology ना सिर्फ व्यक्ति, स्थान और स्थल (Person,Place,andTime) के बीच के संबंधों को बेहतर तरीके से देखती है, अपितु वो इन सम्बन्धों की व्याख्या सामाजिक कारकों के साथ मिल जुल के देती है। SocialEpidemiology प्राथमिकता तय करने में भी काफी मददगार साबित होती है, खासकर कब, कहाँ, किसे, किस तरह कि स्वास्थ्य सेवाओं किअधिक  जरूरत है।   छात्र-छात्राओं के साथ हुए सवाल-जबाव के दौरान श्री प्रशांत केशरवानी ने समाज में व्याप्त तमाम मिथ और भ्रम को वैज्ञानिक नज़रिये से देखने और समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया। इस व्याख्यान में करीब 200 छात्र -छात्राओं के अलावा कॉलेज के प्राध्यापकों ने भी शिरकत की।   recent visitors 54

सुशासन सप्ताह अंतर्गत जिला पंचायत सभागार में जल संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन

सिंगरौली सिंगरौली जिले में स्थापित जल शक्ति केंद्र के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने एवं जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सुशासन सप्ताह अंतर्गत जिला श्री चंद्र शेखर शुक्ला के निर्देशन एवं  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन से जिले में जन भागीदारी से जल संरक्षण हेतु जल संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया। जल संवाद कार्यक्रम में सिंगरौली जिले के अंतर्गत जल के विभिन्न आयामों ,चुनौतियों, सभी को स्वच्छ जल की उपलब्धता के साथ सतत जल प्रबंधन और संरक्षण में समाज के सभी वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु सिंगरौली जिले में उपलब्ध नदी, नाला ,तालाब तथा जिले की भौगोलिक स्थिति एवं वर्षा जल की जानकारी देते हुए वर्षा जल को विभिन्न प्रकार से संरक्षित करने की तकनीक एवं उपाय के बारे में चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में जल प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं जैसे कंटूर ट्रेंच, गली प्लग, ग्रेवियन, पर्कॉयलेशन टैंक, रिचार्ज पिट , वृक्षारोपण कार्य का रीज टू वैली सिद्धांत पर कार्य किये जाने के महत्व को साझा किया गया। इस दौरान मनरेगा, जल निगम,  पी.एच.ई, जन अभियान परिषद,  सीएफपी के जीआईएस एवं एनआरएम विशेषज्ञ के साथ-साथ अन्य विभागों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों योगदान से अवगत कराया गया।      जल संवाद के दौरान जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत से आए सरपंचों ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों को साझा किया जिनमें से जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायत गडहरा, आमो , पूर्वा और उर्ती के सरपंचों को साल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।जल संवाद कार्यक्रम से एक ओर जहां जन समुदाय को जन भागीदारी से जल संरक्षण करने की प्रेरणा मिल रही है वहीं दूसरी ओर लोगों का यह मानना है कि जल संवाद कार्यक्रम निश्चित ही आने वाले  समय मे सिंगरौली जिले में जल संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु क्रांति के रूप में परिलक्षित होगा और इसी भावना के साथ उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण हेतु जल शपथ भी लिया।  जल संवाद कार्यक्रम में जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह, जिला पंचायत सदस्य यशोदा पनिका, सविता प्रजापति, संदीप शाह, अशोक सिंह पैगाम, श्रीमती सत्यवती सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, लेखा अधिकारी प्रियंका सिंह, जल निगम के महा प्रबंधक पंकज वाधवानी, जन अभियान के जिला समन्यवयक राजकुमार विश्वकर्मा, आजीविका मिशन प्रबंधक मंगलेश्वर सिंह, अवनीश पाठक सहित ग्राम पंचायतो के सरपंच गण उपस्थित रहे। recent visitors 53

राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा- बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे

नई दिल्ली गुरुवार को संसद परिसर में एक बड़ा विवाद हुआ, जिसमें दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सांसदों ने उनके नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया। बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे- राहुल गांधी राहुल गांधी ने अपनी सफाई में कहा कि जब वह और उनके साथी संसद के मकर द्वार से अंदर जा रहे थे, तब बीजेपी के सांसदों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा, "बीजेपी के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे और इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। कुछ लोग गिर भी गए।" राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी संविधान पर हमला कर रही है और अंबेडकर का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा, "मुख्य मुद्दा यह है कि ये लोग संविधान पर हमला कर रहे हैं।" खरगे जी के साथ धक्का-मुक्की की राहुल ने आगे कहा कि मकर द्वार पर बीजेपी के सांसदों ने उन्हें और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं को रोकने की कोशिश की और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि कैमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हो गया है और बीजेपी सांसद उन्हें संसद में जाने से रोक नहीं सकते हैं। राहुल गांधी ने धक्का दिया- प्रताप सारंगी वहीं, बीजेपी सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जिससे वह सांसद गिरकर उनके ऊपर आ गिरा और उनके सिर में चोट लग गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया और बीजेपी के नेता उन्हें देखने पहुंचे। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के साथ भी धक्का-मुक्की हुई थी और यह सब कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। विपक्षी सांसद संसद में निकाल रहे थे प्रोटेस्ट मार्च इस विवाद के बीच, इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रहे थे। यह मार्च बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के खिलाफ निकाला जा रहा था। शाह ने बीआर आंबेडकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे विपक्ष ने आंबेडकर का अपमान करार दिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शाह के इस्तीफे और माफी की मांग की है। विरोध के दौरान इंडिया ब्लॉक के नेता आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक मार्च कर रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने जानबूझकर आंबेडकर का अपमान किया और उनका यह अपराध माफ नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी पूरे तंत्र के जरिए शाह को बचाने में लगी है, जबकि वे माफी मांगने के बजाय धमकियां दे रहे हैं। recent visitors 73

संसद परिसर विवाद मामले में किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए

नई दिल्ली संसद परिसर में हाल ही में हुए विवाद ने राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों, प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत, को धक्का दिया। इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नकारा। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। क्या हुआ था घटनाक्रम? बीजेपी सांसदों का कहना है कि राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों को शारीरिक रूप से धक्का दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को धक्का देने के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि अगर भाजपा सांसद भी इस तरह की शारीरिक ताकत का इस्तेमाल करते, तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। भाजपा नेताओं का आरोप था कि राहुल गांधी ने संसद में एक अस्वीकार्य व्यवहार का प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "संसद कोई कुश्ती का अखाड़ा नहीं है, जहां शारीरिक ताकत दिखाई जाए। राहुल गांधी ने दो सांसदों को धक्का दिया, क्या आपने (राहुल गांधी) कराटे और कंफू सीखा है ताकि आप दूसरे सांसदों को मार सकें?" उन्होंने कहा कि यह संसद की मर्यादा के खिलाफ है, और सवाल उठाया कि राहुल गांधी को कौन से कानून ने यह अधिकार दिया कि वे किसी सांसद को धक्का देकर चोट पहुंचाएं। रिजिजू ने यह भी कहा कि अगर सभी सांसद अपनी ताकत दिखाकर संसद में मारपीट करने लगेंगे, तो संसद की कार्यवाही कैसे चलेगी? उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें अपने आचरण के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन रिजिजू ने यह भी बताया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सदस्य संसद में लगातार प्रदर्शन करते हैं, जबकि एनडीए के सांसदों का यह विरोध प्रदर्शन एक विशेष कारण से था। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने झूठ फैलाया और गृह मंत्री अमित शाह के वीडियो को तोड़-मरोड़कर दिखाया, जिससे गलत संदेश गया। बीजेपी सांसदों का संयम केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सांसदों ने पूरी घटना के दौरान संयम दिखाया है। उन्होंने कहा, "हमने कभी शारीरिक हिंसा का सहारा नहीं लिया। हम हमेशा अपनी बात को शांति से रखते हैं।" रिजिजू ने यह भी कहा कि भाजपा-एनडीए के सांसद धक्का-मुक्की या किसी प्रकार की हिंसा में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने विचार व्यक्त करते हैं। कांग्रेस का जवाब कांग्रेस ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से नकारा और इसे भाजपा की राजनीति का हिस्सा बताया। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। कांग्रेस का कहना था कि राहुल गांधी ने कभी किसी सांसद को जानबूझकर धक्का नहीं दिया और यह आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। recent visitors 57

बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं, पीएम ने पूछा हाल-चाल

नई दिल्ली संसद भवन के बाहर हुई धक्का-मुक्की में भाजपा के दो सांसद घायल हुए हैं। बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों सांसदों को फोन करके उनसे हाल-चाल पूछा है। बता दें कि प्रताप सारंगी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक अन्य सांसद को धक्का मारा। इसके बाद वह सांसद प्रताप सारंगी के ऊपर गिर पड़े। इससे प्रताप सारंगी के माथे पर गहरी चोटें लगी हैं। बाद में पता चला कि सांसद मुकेश राजपूत को भी चोट लगी है। दोनों सांसद फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के ऊपर हमला बोला है। भाजपा इस मामले में कानूनी रास्ता भी देख रही है। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहाकि राहुल गांधी मारपीट करने के लिए बीच में घुसे थे। उनका व्यवहार मानो गुंडे का व्यवहार था, यह देश गुंडे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने हमारे एक बुजुर्ग सांसद को धक्का देकर गिरा दिया। गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने मुख्य विपक्षी दल पर संविधान निर्माता के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कथित तौर धक्का-मुक्की भी हुई। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिसमें उसके सांसद प्रताप सारंगी के सिर पर चोट लग गई। दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की। राहुल गांधी ने कहाकि मैं अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। भाजपा के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, मुझे धमका रहे थे। अक्सर सफेद रंग टी-शर्ट पहनने वाले राहुल गांधी गुरुवार को नीले रंग की टी-शर्ट पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि संविधान और बाबासाहेब की स्मृति का अपमान हुआ है। recent visitors 73

भाजपा ने आतिशी का आरक्षण पर एक पुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया, चुनाव में आंबेडकर पर घमासान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर घमासान छिड़ गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी (आप) और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल बेहद आक्रामक हैं। इस बीच भाजपा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का आरक्षण पर एक बुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया है। भाजपा ने 10 साल पुराने बयान की याद दिलाकर 'आप' पर आरक्षण और दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी के पुराने ट्वीट के स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी ने हमेशा से आरक्षण के खिलाफ अपनी मानसिकता को जाहिर किया है। मुख्यमंत्री आतिशी का यह ट्वीट इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसमें उन्होंने आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। यह साफ दर्शाता है कि 'आम आदमी' का झूठा मुखौटा पहनने वाली AAP वास्तव में दलितों, पिछड़ों और वंचितों के हक के खिलाफ काम करती रही है।' भाजपा के और भी नेता और कार्यकर्ता आतिशी का पुराना बयान दिखाकर 'आप' से सवाल दाग रहे हैं। भाजपा इसके साथ हैशटैग 'आप अगेंस्ट रिजर्वेशन' का इस्तेमाल कर रही है। आतिशी का पुराना बयान भाजपा आतिशी के जिस बयान को सामने आई है वह 4 अप्रैल 2014 का है। तब #askatishiaap के जरिए आतिशी एक्स (तब ट्विटर) पर सोशल मीडिया यूजर्स के सवालों का जवाब दे रही थीं। सुधांशु नाम के एक एक्स यूजर ने आतिशी से पूछा, 'नौकरी और उच्च शिक्षा में आरक्षण को लेकर आम आदमी पार्टी की राय क्या है?' इसके जवाब में आतिशी ने जवाब दिया, 'जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, उनकी अगली पीढ़ी को कतार में सबसे पीछे रखना चाहिए।' recent visitors 62

राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई , वो जमानती अपराध, क्या जाएगी सांसदी

नई दिल्ली संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड के बाद बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बीजेपी ने हत्या की कोशिश का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115 और 117 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। दरअसल, गुरुवार सुबह संसद में अमित शाह द्वारा आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बीजेपी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस और बीजेपी सांसद आमने-सामने आ गए और प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। भाजपा ने राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। संसद में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उनके द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने को लेकर है यह शिकायत हुई है। इसमें विस्तार में बताया है कि आज घटनाक्रम जो हुआ, जहां एनडीए के सांसद शांतिपूर्वक तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगैंडा को बेनकाब कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी अपने गठबंधन के सांसदों के साथ उस तरफ कूच करते हैं। जब सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग कहते हैं कि ये संसद में जाने का रास्ता है तो जिस तरह का राहुल गांधी का रवैया था, उन्होंने गुस्सा दिखाया। इस परिवार को अपने आप को कानून से ऊपर मानने की आदत पड़ गई है। बीजेपी की महिला सांसद ने भी लगाया गंभीर आरोप वहीं, बीजेपी की नगालैंड से महिला सांसद फांनोन कोन्याक ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बेहद करीब आकर खड़े हो गए, जिससे मैं असहज हो गई थी। हम बेहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी आए और मेरे ऊपर चिल्लाने लगे। किसी महिला सांसद पर इस तरह चिल्लाना राहुल को शोभा नहीं देता है। मैं बहुत दुखी हूं और सुरक्षा चाहती हूं। राहुल की गिरफ्तारी में हायर अथॉरिटी से लेनी होगी परमिशन अनिल सिंह कहते हैं कि पुलिस इस मामले में सीरियस धाराओं में केस रजिस्टर नहीं करेगी। यह सिंपल मारपीट का मामला बनेगा। इन सब मामले में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि, राहुल गांधी को गिरफ्तार करने के मामले में हायर अथॉरिटी से परमिशन लेने की जरूरत है। अगर, ये तय हो जाए कि इससे शांति भंग हो सकती है और दंगे भड़क सकते हैं। ऐसे में पुलिस राहुल को अरेस्ट कर सकती है। केस दर्ज हुआ तो 7 साल तक की हो सकती है जेल एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, राहुल पर जो भी केस दर्ज होगा, वो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार होगा। पहले इंडियन पीनल कोड की धारा 151 के तहत जो केस दर्ज होता। वह अब BNS के 189(5) के तहत दर्ज होगा। यानी इसके तहत 5 से अधिक लोग गैरकानूनी तरीके से एक जगह जुटते हैं तो यह केस दर्ज होगा। सिंपल चोट लगने पर 115(2) और गंभीर चोट लगने पर 117(2) लगेगा। इन दोनों ही मामलों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदर्शन शाह के खिलाफ, चोट दूसरे सांसद को, ये जमानती अपराध सु्प्रीम कोर्ट में एडवोकेट अलिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, धक्का-मुक्की के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी, वो जमानती अपराध होंगे। दरअसल, राहुल गांधी अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर किसी दूसरे सांसद को चोट लगती है तो यह संज्ञेय यानी जानबूझकर किया गया अपराध नहीं होगा। ऐसे अपराध में उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है। अगर, यही चोट अमित शाह को लगती तो यह माना जाता कि राहुल ने जान-बूझकर यह अपराध किया होगा। तब उन पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हो सकता था। सिंपल धाराओं में केस दर्ज तो 1 सााल तक की सजा वहीं, जान से मारने की धमकी या कोशिश पर बीएनएस की धारा 110 के तहत केस दर्ज होगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। तुम्हारा जो है! वहीं, बीएनएस की धारा 115(2) के तहत सामान्य केस दर्ज हुआ तो 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, ये भी जमानती ही होगा। संसद के सदस्यों को ये मिले हैं विशेषाधिकार, राहुल को भी मिले संसद के सदस्यों को ये विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इनमें है-संसद में बोलने की स्वतंत्रता। संसद या उसकी किसी समिति में कुछ कहने या वोट देने पर सदस्य को अदालत में किसी भी कार्यवाही से छूट। संसद से प्रकाशित किसी रिपोर्ट, कागजात या कार्यवाही पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ये भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं संसद की कार्यवाही की वैधता को लेकर अदालतों की ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। संसद की कार्यवाही को बनाए रखने के लिए जो अधिकारी या सांसद शक्तियों का प्रयोग करते हैं, वे अदालत के अधिकारक्षेत्र से बाहर होते हैं। संसद की कार्यवाही से संबंधित किसी सत्य रिपोर्ट का समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर उसे किसी न्यायिक कार्यवाही से छूट दी जाती है, जब तक यह साबित न हो कि यह बदनीयती से किया गया है। हालांकि, किसी भी ऐसे मामले में वीडियो सबूत जरूरी होता है। recent visitors 76