Wednesday, July 8, 2026 7:33 am

‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक संसद की संयुक्त समिति को भेजा, इस समिति ने 39 सदस्य हैं, ये सदस्य करेंगे विमर्श

नई दिल्ली लोकसभा ने बहुचर्चित 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विधेयक शुक्रवार को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेज दिया। विधेयक पर विचार के लिए गठित जेपीसी में कुल 39 सदस्य हैं, जिनमें 27 सदस्य लोकसभा से और 12 राज्यसभा के हैं। ये सदस्य इस विधेयक में संशोधन से जुड़े सभी पहलुओं पर गहनता से विचार विमर्श करेंगे। समिति में लोकसभा के सदस्यों में पीपी चौधरी, डॉ सीएम रमेश, सुश्री बांसुरी स्वराज, पुरुषोत्तम भाई रूपला, अनुराग सिंह ठाकुर, विष्णु दयाल राम, भर्तृहरि महताब, डॉ समित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैजयंत पांडा, डॉ संजय जयसवाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी, सुखदेव भगत, धर्मेंद्र यादव, छोटेलाल, कल्याण बनर्जी, टीएम सेल्वगणपति, जीएम हरिध बालयोगी, अनिल यशवंत देसाई, सुप्रिया सुले, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्रीमती शाम्भवी, के. राधा कृष्णन, चंदन चौहान तथा बी बल्लभानेनी शामिल हैं। समिति में 12 सदस्य राज्यसभा के हैं।   recent visitors 54

महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से होने जा रही, प्रयागराज के लिए विशेष फ्लाइट्स का ऐलान किया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच स्पाइसजेट एयरलाइन्स ने भी भक्तों के लिए खुशखबरी दी है। खबर है कि कंपनी ने प्रयागराज के लिए विशेष फ्लाइट्स का ऐलान किया है, जो रोज उड़ान भरेंगी। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से होने जा रही है। स्पाइसजेट एयरलाइन्स ने जानकारी दी है कि खास महाकुंभ के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद से प्रयागराज तक स्पेशल फ्लाइट्स शुरू की जा रही हैं। ये उड़ानें 12 जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2025 तक संचालित होंगी। इनके चलते लाखों तीर्थयात्रियों को लाभ मिलने के आसार हैं। कंपनी ने कहा कि सिर्फ स्पाइसजेट ही अहमदाबाद से प्रयागराज तक नॉन स्टॉप फ्लाइट्स संचालित कर रही है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर देबोजो महर्षि ने कहा, 'महाकुंभ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि आस्था, भक्ति और एकता का प्रतीक है। स्पाइसजेट में हम इस अविश्वसनीय यात्रा के लिए आसान कनेक्टिविटी और सुविधानजक यात्रा प्रदान कर गर्व महसूस कर रहे हैं। चार बड़े शहरों से प्रयागराज तक स्पेशल डेली फ्लाइट्स के जरिए हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देशभर से श्रद्धालु यात्रा की चिंता के बगैर इस पवित्र आयोजन में शामिल हो सकें।' देख लें फ्लाइट्स का समय SG 655 अहमदाबाद से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 8 बजकर 10 मिनट, अराइवल सुबह 9 बजकर 55 मिनट) SG 656 प्रयागराज से मुंबई (डिपार्चर- सुबह 10 बजकर 30 मिनट, अराइवल दोपहर 12 बजकर 50 मिनट) SG 657 मुंबई से प्रयागराज (डिपार्चर- दोपहर 1 बजकर 40 मिनट, अराइवल दोपहर 3 बजकर 50 मिनट) SG 658 प्रयागराज से अहमदाबाद (डिपार्चर- दोपहर 4 बजकर 30 मिनट, अराइवल शाम 6 बजकर 45 मिनट) SG 661 बेंगलुरु से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 6 बजकर 25 मिनट, अराइवल सुबह 9 बजकर 15 मिनट) SG 662 प्रयागराज से दिल्ली (डिपार्चर- सुबह 9 बजकर 55 मिनट, अराइवल सुबह 11 बजकर 20 मिनट) SG 663 दिल्ली से प्रयागराज (डिपार्चर- सुबह 11 बजकर 55 मिनट, अराइवल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट) recent visitors 66

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में राजस्थान के हिस्से में भी पटाखों पर पूर्ण बैन होना चाहिए

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की तरह ही यूपी और हरियाणा को पटाखे पर पूर्ण बैन लगाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस ओका की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि पटाखे पर बैन तभी प्रभावी हो सकेगा, जब एनसीआर राज्यों में भी इसी तरह का बैन लागू किया जाए। कोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से बताया गया कि पटाखे पर पूरे साल के लिए बैन किया है। कोर्ट ने कहा कि एनसीआर इलाके में आने वाले राजस्थान के हिस्से में भी इसी तरह का बैन होना चाहिए। हम फिलहाल उत्तर प्रदेश और हरियाणा को निर्देश देते हैं कि दिल्ली द्वारा 19 दिसंबर, 2024 को लगाए गए प्रतिबंध की तरह वे भी प्रतिबंध लागू करें। कोर्ट में एमसी मेहता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान उक्त आदेश पारित किया। जस्टिस ओका की अगुवाई वाली बेंच दिल्ली और एनसीआर में एयर पल्यूशन से निपटने के उपाय को लेकर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पटाखों पर साल भर के लिए बैन, जीआरएपी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अमल को लेकर विचार हुआ। दिल्ली सरकार का क्या पक्ष? दिल्ली सरकार की ओर से सीनियर वकील शादान फरासत ने अदालत को बताया कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, स्टोरेज और बिक्री के साथ वितरण और उपयोग पर व्यापक बैन लगाया गया है। लेकिन ये उपाय तभी प्रभावी हो सकेंगे, जब एनसीआर राज्य भी ऐसे बैन लगाएं। क्योंकि इन राज्यों से पटाखे दिल्ली में लाए जा सकते हैं। अदालत को बताया गया कि राजस्थान के एनसीआर इलाकों में पटाखों पर पूर्ण बैन लगाया गया है। साथ ही, हरियाणा में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। अदालत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 5 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए, दिल्ली सरकार ने एनसीटी दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, ऑनलाइन मार्केटिंग प्लैटफॉर्म के माध्यम से डिलिवरी और फोड़ने पर तत्काल प्रभाव से पूरे वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। अदालत ने कहा कि एक बार के लिए हम सुझाव देते हैं कि दिल्ली मॉडल का पालन किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2025 को होगी, जिसमें पटाखों के प्रतिबंध पर अतिरिक्त निर्देशों पर विचार किया जाएगा। क्या है मामला सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लागू करने में कमी पर चिंता व्यक्त की थी। 12 दिसंबर को कोर्ट ने दिल्ली सरकार और एनसीआर राज्यों को पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण, और उपयोग पर पूरे वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जोर देकर कहा था कि यह प्रतिबंध वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है। पहले कोर्ट ने यह भी कहा था कि कोई भी धर्म प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देता और नागरिकों के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का आह्वान किया था। recent visitors 53

नेशनल हाईवे-46 पर चलते ट्रक में अचानक लगी आग, ड्राइवर-क्लीनर ने कूदकर बचाई जान

 गुना मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा थाना क्षेत्र के चालपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे-46 पर एक बड़ा हादसा टल गया। चलते ट्रक में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रक में आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। ड्राइवर और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी जान बचाई। घटना आज दोपहर की है। जब एक ट्रक चालपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे 46 से गुजर रहा था। अचानक ट्रक के केबिन से धुआं उठने लगा। और जल्द ही आग ने पूरे केबिन को अपनी लपटे में ले लिया। ड्राइवर और क्लीनर ने बिना देरी किए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं बिना ड्राइवर के ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे के बीच में बनी नाली में जाकर रुक गया। ट्रक आग की लपटों से घिर गया, जिससे हाईवे पर मौजूद लोग घबरा गए। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे बढ़कर पानी का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि आग तेज होने के कारण उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों ने यातायात को संभालने में मदद की। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। और दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। हालांकि, आग ने ट्रक के केबिन और कुछ अन्य हिस्सों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट माना जा रहा है। हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई है। समय पर आग पर काबू पा लिया गया। recent visitors 100

दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी :CM योगी

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है. सीएम योगी ने अयोध्या में कहा,'विश्व मानव सभ्यता को बचाना है तो सनातन का सम्मान करना होगा. हमारे ऋषि-मनीषियों ने हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही. दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी है.' सीएम योगी ने आगे कहा,'क्या कभी ऐसा हिंदुओं के साथ हुआ है? क्या हुआ बांग्लादेश में, उससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्या हुआ था! कभी काशी विश्वनाथ धाम, कभी अयोध्या में, कभी संभल में कल्कि अवतार की हरिहर भूमि तो कभी भोजपुर में. हर समय हिंदुओ के मंदिरों को तोड़ा गया.' रिक्शा चला रहा था औरंगजेब का खानदान औरंगजेब पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा,' औरंगजेब का खानदान पता चला कोलकाता के पास रिक्शा चला रहा था. कभी उसने ईश्वर की दुर्गति नहीं की होती तो उसकी औलादों को ये दिन न देखना पड़ता.' 'हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे' बता दें कि मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर सीएम योगी पहले से ही मुखर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने संभल हिंसा को लेकर कहा था कि संभल में 1947 से लेकर अबतक 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई. जो लोग आज संभल में मारे गए लोगों के लिए घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने इन हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे. उन्होंने कहा कि संभल हिंसा में शामिल एक भी दोषी नहीं बचेगा. सीएम ने इस दौरान संभल में अबतक हुए दंगों का पूरा इतिहास भी याद दिलाया था. बहराइच हिंसा पर भी बोले थे CM योगी सीएम योगी ने बहराइच में शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जिस निर्दोष रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या हुई, उसकी हत्या घर में अंदर ले जाकर हुई. अंदर से फायरिंग की गई. हिंदू मोहल्ले से अगर मुस्लिम जुलूस निकल सकता है तो मुस्लिम मोहल्ले से हिंदू शोभा यात्रा क्यों नहीं निकल सकती. मुस्लिम पर्व त्योहार के जुलूस हिंदू इलाकों से निकल सकते हैं तो हिंदू पर्व त्योहार के जुलूस मुस्लिम इलाके से क्यों नहीं निकल सकती.   recent visitors 111

नक्सलियों ने नारायणपुर में किया IED ब्लास्ट, 2 जवान गंभीर रूप से घायल

रायपुर आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से घायल दो जवानों को रायपुर लाया गया है. राजधानी के एक निजी अस्पताल में घायल जवानों का इलाज जारी है. दरअसल, नारायणपुर में आज नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया जिसके चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए. घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसके बाद दोनों घायल जवानों को बेहतर उपतार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया है. जानकारी के अनुसार, आज सुबह नारायणपुर के थाना कोहकामेटा क्षेत्रांतर्गत पुलिस कैंप कच्चापाल से डीआरजी और BSF का बल नक्सल गश्त सर्चिंग के लिए कच्चापाल तोके मार्ग में रवाना हुए थे. तभी लगभग 08:30 बजे ग्राम कच्चापाल से 03 किमी. पश्चिम दिशा में माओवादियों द्वारा आईईडी ब्लास्ट किया गया. घटना में डीआरजी नारायणपुर के 02 जवान- आरक्षक जनक पटेल एवं आरक्षक घासीराम मांझी घायल हो गये, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल नारायणपुर लाया गया. recent visitors 53

JCCJ का कांग्रेस में होगा लय!, इन तीन कारणों से लिया फैसला, अमित जोगी की वापसी पर भूपेश बघेल ने बता दी अपनी राय

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) का विलय कांग्रेस में हो सकता है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेणु जोगी ने इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस दीपक बैज को लेटर लिखा है। रेणु जोगी और अमित जोगी के कांग्रेस में शामिल होने की खबरों की बीच सियासत एक बार फिर से गर्म हो गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सीनियर लीडर भूपेश बघेल ने कहा कि इस संबंध में प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व और सेंट्रल नेतृत्व चर्चा करेगा। रेणु जोगी ने अपने लेटर में लिखा है कि दोनों पार्टियों की विचारधारा एक जैसी है। आइए जानते हैं आखिर राज्य के पहले सीएम अजीत जोगी की पार्टी का विलय कांग्रेस में क्यों हो सकता है। क्या लिखा है रेणु जोगी ने अपने लेटर में दीपक बैज को लिखे लेटर में रेणु जोगी ने लिखा- 'निवेदन है कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी द्वारा गठित छत्तीसगढ़ की एकमात्र मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल 'जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)' कांग्रेस विचारधारा की है। हमारी पार्टी की कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिथा है कि हमारी पार्टी का अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में विलय कर सभी पदाधिकारी गण एवं सदस्य छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस पार्टी में प्रवेश करना चाहते हैं। हमारा विनम्र अनुरोध स्वीकार कर हमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रवेश कराने की कृपा करें।' इस लेटर में रेणु जोगी के साथ अमित जोगी के भी साइन हैं। क्या कहा भूपेश बघेल ने? रेणु जोगी के लेटर के बाद सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- पार्टी गुण दोष के आधार पर विचार करेगी। उन्होंने आयोजन दिया है। उनके प्रवेश को लेकर साथियों के विचार हैं इसे लेकर स्टेट और सेंट्रल लीडरशिप को बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरे इस संबंध में क्या विचार हैं मैं इसे पार्टी को बता दूंगा। किस कारण से विलय का लिया फैसला अजीत जोगी का निधन 29 मई 2020 को हुआ। अजीत जोगी के निधन के चार साल बाद उनकी पत्नी ने कांग्रेस में वापसी का फैसला किया है। रेणु जोगी कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीत चुकी हैं। आइए जानते हैं कांग्रेस में विलय के क्या कारण हैं? पार्टी में कम होता अस्तित्व अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ की सियासत में जमीनी पकड़ थी। अजीत जोगी के निधन के बाद पार्टी के अस्तित्व पर लगातार सवाल उठते रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सभी विधानसभा सीटों पर उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं मिले। खुद अमित जोगी और रेणु जोगी भी चुनाव हार गईं। अमित जोगी भूपेश बघेल के खिलाफ पाटन से चुनाव लड़े बड़ा नाम होने के बाद भी करीब 4200 वोट हासिल कर सके। 2023 के चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। पार्टी में लगातार होती टूट अजीत जोगी के निधन के बाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में लगातार टूट होती रही। अमित जोगी और रेणु जोगी अपनी पार्टी के भरोसेमंद कार्यकर्ताओं को साथ नहीं रख पाए। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले धर्मजीत सिंह ने भी अमित जोगी का साथ छोड़ दिया और बीजेपी में शामिल हो गए। बेटे को सेट करने की कोशिश में रेणु जोगी अजीत जोगी के निधन के बाद पार्टी हासिए में चली गई। ऐसे में रेणु जोगी अपने बेटे अमित जोगी के राजनीतिक भविष्य को सेट करना चाहती हैं। जोगी परिवार कभी गांधी परिवार का खास हुआ करता था। कांग्रेस विचारधारा के कारण रेणु जोगी ने यह फैसला किया है। recent visitors 44