Wednesday, July 8, 2026 2:01 pm

इंदौर में गाय पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर हमला, 20 से ज्यादा वहनों में तोड़ फोड़

इंदौर इंदौर नगर निगम कर्मचारियों पर हमला और गाड़ियों में तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई है. नगर निगम कर्मचारियों पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. नगर निगम की टीम ने अवैध बाड़ों को तोड़कर कई जानवरों को पकड़ा था और उन्हें दो गाड़ियों में भरकर ले जा रही थी. इस दौरान जब निगम की टीम रास्ते में थी, तभी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों को रोक लिया और उन पर जमकर पत्थरों और लाठियों से हमला किया. हमलावरों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और निगम कर्मचारियों को भी पुलिस के सामने पीटा. इस हमले में निगम कर्मचारियों को चोटें आई हैं. घटना स्थल पर पुलिस ने स्थिति को काबू किया. नगर निगम उपायुक्त ने इस हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं. दरसअल, इंदौर नगर निगम का मदाखलत अमला बुधवार सुबह जोन नंबर-14 पर दत्ता नगर और सूर्य देव नगर में बने गायों के दो तबेलों में कार्रवाई करने पहुंचा था. जहां से गायों को भरकर कांजी हाउस ले जाया जा रहा था. जब निगम के मदाखलत दस्ते गायों को ट्रकों में भरकर ले जा रहे थे, इस बीच 300 से 400 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बीच रास्ते में निगम की गाड़ियों को रोक लिया और लाठी डंडे से  निगम की गाड़ियों पर हमला बोल दिया. इस हंगामे के संबंध में निगम उपायुक्त लता अग्रवाल ने  बताया कि निगम की टीम सुबह दत्त नगर और सूर्यदेव नगर के नगर में रहवासियों की शिकायत पर अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. जहां पर भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में हमला कर निगम कर्मियों के साथ मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ द्वारकापुरी थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई है. आगे के कार्रवाई निगम आयुक्त और महापौर की सलाह पर की जाएगी.   पुलिस के सामने निगमकर्मी को पीटा कार्रवाई के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने द्वारकापुरी थाने को घेरा और निगम उपायुक्त लता अग्रवाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. कार्यकर्ता गाली गलौज करने लगे. द्वारकापुरी थाने का पुलिस बल मूकदर्शक बनकर खड़े हुए देखता रहा. किसी प्रकार से पुलिस कर्मियों ने उपद्रवी कार्यकर्ताओं को रोकने की सख्ती नहीं दिखाई. उपद्रवी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही लाठी-डंडों से निगमकर्मी को बुरी तरह पीटा.  recent visitors 39

सुकून के साथ करियर की उड़ान भरे मानव अधिकारों में

भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानव अधिकार एक चिर-परिचित क्षेत्र है। परन्तु, यह जानना व समझना सचमुच महत्वपूर्ण है कि मानव अधिकारों की पकड़ व समझ आपको बेहतर भविष्य के साथ-साथ मानवता के कल्याण का सहभागी भी बना सकती है। राजगार विशेषज्ञ मनु सिंह बताते हैं कि मानवाधिकार राष्ट्रीयता, निवास-स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या नैतिक स्रोत, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति से परे सभी व्यक्तियों में निहित अधिकार हैं। हम सभी, बिना किसी भेदभाव के अपने मानवाधिकार के समान रूप से हकदार हैं। ये अधिकार परस्पर संबंधी, एक-दूसरे पर आश्रित होते हैं। सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रायः समझौतों, प्रचलित अंतर्राष्ट्रीय विधि, सामान्य सिद्धांतों तथा अंतर्राष्ट्रीय विधि के अन्य स्रोतों के रूप में विधि द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा इनका आश्वासन दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि व्यक्तियों या समूहों के मानवाधिकारों तथा मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए कई रूपों में कार्य करने एवं कई कृत्यों से दूर रहने के दायित्व निर्धारित करते हैं। आखिर मानव अधिकार क्या हैं? सबसे पहले यह जान लें कि मानवाधिकार संविधान में निम्नलिखित बातें शामिल हैंः-सुरक्षा अधिकार-जो व्यक्तियों की, हत्या, जनसंहार, उत्पीड़न तथा बलात्कार जैसे अपराधों से रक्षा करते हैं। स्वतंत्रता अधिकार-जो विश्वास एवं धर्म, संगठनों, जन-समुदायों तथा आंदोलन जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। राजनीतिक अधिकार-जो स्वयं को अभिव्यक्ति, विरोध, वोट देकर तथा सार्वजनिक कार्यालयों में सेवा द्वारा राजनीति में भाग लेने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। उपयुक्त कार्यवाही अधिकार-जो मुकदमे के बिना कैद करने, गुप्त मुकदमे चलाने तथा अधिक सजा देने जैसी विधिक प्रणाली के दुरूपयोग से रक्षा करते हैं। समानता अधिकार-जो समान नागरिकता, विधि के समक्ष समानता एवं पक्षपात रहित होने का आश्वासन देते हैं। कल्याण अधिकार (ये आर्थिक तथा सामाजिक अधिकारों के रूप में जाने जाते हैं)। जिनमें शिक्षा का तथा अत्यंत निर्धनता और भुखमरी से रक्षा का प्रावधान है। सामूहिक अधिकार-जो विजाति-संहार के विरुद्ध एवं देशों द्वारा उनके राष्ट्रीय क्षेत्रों तथा संसाधनों के स्वामित्व के लिए समूहों को रक्षा प्रदान करते हैं। पारस्परिक निर्भरता व निष्पक्षता सभी मानवाधिकार अविभाज्य हैं, भले ही वे नागरिक या राजनीतिक अधिकार हों, ऐसे ही अधिकार विधि के समक्ष जीवन, समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार, कार्य करने, सामाजिक सुरक्षा तथा शिक्षा के अधिकार और इसी तरह विकास एवं स्व-निर्धारण के अधिकार अहरणीय, परस्पर एक दूसरे पर निर्भर और परस्पर जुड़े हुए हैं। एक अधिकार में सुधार लाने से अन्य अधिकारों के विकास में सहयता मिलती है। इसी तरह एक अधिकार के हरण से अन्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निष्पक्षता अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि में एक मजबूत सिद्धांत है। यह सिद्धांत सभी बड़े मानवाधिकार समझौते में व्याप्त है और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलनों जैसे कि सभी प्रकार के जातीय भेदभावों के उन्मूलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभावों ने उन्मूलन से जुड़े सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत सभी मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के संबंध में सभी पर लागू होता है और यह सिद्धांत, लिंग, जाति, रंग तथा ऐसे अन्य वर्गों की सूची के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। समानता का सिद्धांत निष्पक्षता के सिद्धांत का पूरक है। यह सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा में उल्लिखितय इस अनुच्छेद-1 में उल्लिखित इस तथ्य से भी प्रकट होता है कि सभी मनुष्य जन्म से ही स्वतंत्र होते हैं तथा मान-सम्मान तथा अधिकारों में भी समान होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी भी मानवाधिकार अधिकारों तथा दायित्वों-दोनों को अपरिहार्य बनाते हैं। राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत दायित्वों तथा कार्यों को, मानवाधिकारों को आदर देने, उनकी रक्षा करने तथा उन्हें पूरा करने वाला मानते हैं। आदर देने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मानवाधिकारों के प्रयोग में हस्तक्षेप करने से अथवा उसके प्रयोग को घटाने से बचना चाहिए। रक्षा के दायित्वों के संबंध में राष्ट्रों को, मानवाधिकारों के दुरूपयोगों से व्यक्तियों या समूहों की रक्षा करनी चाहिए। पूरा करने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मूल मानवाधिकारों के प्रयोगों के कारगर बनाने के लिए सकारात्मक रूख अपनाना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर, जब कि हम अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं, हमें अन्यों के मानवाधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकार संगठन भारत में मानवाधिकार अभी भी अपने विकास चरण में है। फिर भी इस क्षेत्र में विशेषज्ञता कर रहे छात्रों के लिए अनेक अवसर खुले हुए हैं। विकलांगों, अनाथ, दीन-हीन, शरणार्थियों, मानसिक विकलांगों तथा नशीले पदार्थ सेवियों के साथ कार्य करने वाले समाजसेवी संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार व्यवसायी सामान्यतः मानवाधिकार एवं नागरिक स्वतंत्रता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्थापित गैर-सरकारी संगठनों में भी कार्य कर सकते हैं। ये गैर-सरकारी संगठन मानवाधिकार सक्रियतावाद, आपदा एवं आपातकालीन राहत, मानवीय सहायता बाल एवं बंधुआ मजदूरों, विस्थापित व्यक्तियों, संघर्ष समाधान तथा अन्यों में सार्वजनिक हित के मुकदमेबाजी के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों को, मानवाधिकार में विशेषज्ञता करने वाले व्यक्तियों की निररंतर तलाश रहती है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संगठन भी शामिल हैं। भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। पाठ्यक्रम अवधि … Read more

पंजाबी सिंगर बी प्राक पहुंचे महाकालेश्वर मंदिर

उज्जैन मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। फेमस सेलिब्रिटी से लेकर विदेशी पर्यटक भी बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आते हैं। इसी कड़ी में अपनी आवाज से समा बांधने वाले पंजाबी सिंगर बी प्राक (B Praak) महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां सुबह भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। टीम के साथ भस्म आरती में शामिल हुए सिंगर बी प्राक सिंगर बी प्राक अपनी टीम के साथ बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। नंदी हाल में बैठकर उन्होंने भगवान के दर्शन किए। अर्पित पुजारी ने पूजा संपन्न करवाई। पुजारी ने उन्हें फूलों की माला पहनाई और आशीर्वाद दिया। पूजा के दौरान बी प्राक भक्ती में लीन दिखे और ताली बजाकर झूमते नजर आए। उन्होंने माथे पर चंदन भी लगाया था। दर्शन व्यवस्था की तारीफ की दर्शन के बाद बी प्राक ने कहा, “जय महाकाल। यहां दर्शन करने आए हैं। यहां की व्यवस्थाएं बहुत अद्भुत है। सबने इतने बढ़िया से दर्शन करवाए। महाकाल का आशीर्वाद हम सब पर बरसा है। पुजारी समेत सभी लोगों ने आशीर्वाद दिया। यहां आकर जो अनुभव हुआ है, उसे शब्दों में मैं क्या कोई भी बयान नहीं कर सकता है। उसके लिए आपको महाकाल के दर्शन करने पड़ेंगे। महाकाल को देखते ही आपके अंदर ताकत आ जाएगी। आपको ऐसा लगेगा कि यहां या तो आप हैं या फिर महाकाल, बाकि कोई नहीं।” धार्मिक हैं सिंगर बी प्राक बता दें कि सिंगर बी प्राक काफी धार्मिक हैं। वे राधा रानी की काफी पूजा करते हैं। साथ ही अलग-अलग मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। कई धार्मिक कार्यक्रमों में उन्हें भजन गाते हुए भी देखा गया है। recent visitors 137

बिना फ्रिज के कैसे रखें खाद्य पदार्थ सुरक्षित

अगर आप अपने घर से दूर रहते हैं जहां आप के पास फ्रिज की व्यवस्था नहीं है, तो उस दौरान फल और सब्जियों को सुरक्षित रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यही नहीं अगर रात का बचा हुआ भोजन सुबह तक चलाना हो तो भी बड़ी कठिनाई आती है। बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बिजली का खर्चा बचाने के लिये भी फ्रिज का इस्तमाल नहीं करते। मगर दूध या मीट आदि अगर ठंडे स्थान पर ना रखा जाए तो वह जल्दी खराब हो जाता है। हांलाकि ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास फ्रिज नहीं है तो कोई खाद्य पदार्थ सुरक्षित नहीं रह सकता। आप अपने खाने को बड़ी ही आराम से सुरक्षित रख सकते हैं, हमारे ये टिप्स पढ़ कर। हम आपको ऐसे आसान से उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप रसोई में बचे हुए भोजन या फिर साग-सब्जियों को बिल्कुल सुरक्षित रा सकते हैं। आइये जानते हैं वह उपाय… पानी का भरा कटोरा सब्जियों को अगर सुरक्षित रखना हो तो उसे ठंडे पानी के कटोरे में रखें। इससे पानी में रखी हुई सब्जी जल्दी खराब नहीं होगी। लेकिन कोशिश करें कि इन्हें कुछ ही दिनों में खा कर खतम कर दें नहीं तो यह लंबे समय नहीं चलेंगी। ठंडी हवा में अगर रात में खाना बच जाए तो उसे कटोरे में रख कर किसी खुली हुई खिड़की के सामने रख दें, जिससे ठंडी हवा के बहाव से वह खराब ना हो। यदि आपके घर पर कूलर या एसी की व्यवस्था तो भी यह काम आसानी से किया जा सकता है। बर्फ का कटोरा भोजन को किसी बर्फ से भरे कटोरे में रख कर लंबे समय तक आराम से चलाया जा सकता है। बस आपको कहीं से बर्फ का इंतजाम अपने आप करना होगा। वैसे मार्केट में आइस क्यूब्स कम दामों में उपलब्ध हो जाती हैं। ऐसा नहीं है कि आप बर्फ में केवल सब्जियां और फलों को ही सुरक्षित रख सकती हैं बल्कि कई और भी खाद्य पदार्थ भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं। सुखा कर कुछ खाद्य पदार्थ को आप सूरज की धूप में सुखा कर भी कई दिनों तक चला सकती हैं।   recent visitors 117

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, 'भारत रत्न' पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा जगत की समृद्धि से राष्ट्र उत्थान के लिए समर्पित महामना का व्यक्तित्व और कृतित्व अविस्मरणीय है। माँ भारती की सेवा में अमूल्य योगदान देने वाले पं. मदन मोहन मालवीय का देश सदैव ऋणी रहेगा।   recent visitors 84

सालभर धार्मिक स्थलों पर खूब गए लोग, Oyo की रिपोर्ट ने बताया किन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा बुकिंग

नईदिल्ली  साल 2024 में पुरी, वाराणसी, हरिद्वार अग्रणी धार्मिक गंतव्य रहे. ओयो रूम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में पुरी, वाराणसी और हरिद्वार सबसे अधिक यात्रा किए जाने वाले आध्यात्मिक गंतव्य रहे हैं जबकि हैदराबाद के लिए सबसे अधिक बुकिंग दर्ज की गई है.   यात्रा प्रौद्योगिकी मंच ओयो की ‘ट्रैवलपीडिया-2024’ रिपोर्ट जारी की गई, जिसे पूरे साल में ओयो के प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस साल धार्मिक पर्यटन पर विशेष जोर रहा जिसमें पुरी, वाराणसी और हरिद्वार शहरों के लिए सर्वाधिक बुकिंग दर्ज की गई.  इनके अलावा देवघर, पलानी और गोवर्धन में भी पर्याप्त वृद्धि देखी गई. सबसे ज्यादा बुकिंग ओयो की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर बुकिंग के मामले में शीर्ष स्थान पर रहे जबकि उत्तर प्रदेश ने यात्रा के लिए सबसे लोकप्रिय राज्य के रूप में अपना स्थान बनाए रखा. महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक यात्रा परिदृश्य में प्रमुख योगदानकर्ता बने हुए हैं. पटना, राजमुंदरी और हुबली जैसे छोटे शहरों के लिए बुकिंग में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. ओयो ने कहा,  इस साल छुट्टियों के दौरान यात्रा गतिविधियों में भी उछाल देखा गया. जयपुर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसके बाद गोवा, पुदुचेरी और मैसूर जैसे सदाबहार पसंदीदा स्थान हैं. हालांकि, मुंबई में बुकिंग में गिरावट देखी गई . ओयो के वैश्विक मुख्य सेवा अधिकारी श्रीरंग गोडबोले ने कहा,  2024 वैश्विक यात्रा परिदृश्य में बदलाव का साल रहा है. हमने देखा है कि यात्री व्यवसाय या अवकाश के लिए किस तरह लचीलेपन और अनुकूलनशीलता को अपना रहे हैं.  recent visitors 117

जाने कब बनता है वासुकी कालसर्प दोष?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2025 कई राशि के जातकों के लिए मंगलकारी साबित हो सकता है। अगले साल कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। मायावी ग्रह राहु और केतु भी अपनी स्थिति बदलेंगे। राहु और केतु के राशि परिवर्तन से मीन और कन्या राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। वहीं, सिंह और कुंभ राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन क्या आपको पता है कि वासुकी कालसर्प दोष कब लगता है और यह कितना खतरनाक होता है? आइए, वासुकी कालसर्प दोष के बारे में सबकुछ जानते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातक को जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा क्षेत्र में जल्द सफलता नहीं मिलती है। परिवार में कलह की स्थिति रहती है। धैर्य में कमी होने लगती है। आत्मबल कमजोर होने लगता है। व्यक्ति लाख चाहकर न खुश रह पाता है और न ही सफल हो पाता है। कुल मिलाकर कहें तो वासुकी कालसर्प दोष शुभ नहीं होता है। वासुकी कालसर्प दोष मायावी ग्रह राहु के तीसरे भाव और केतु के नौवें भाव में रहने से कुंडली में वासुकी कालसर्प दोष बनता है। हालांकि, राहु और केतु के मध्य सभी शुभ और अशुभ ग्रहों का रहना जरूरी है। इसके लिए योग्य ज्योतिष से कालसर्प दोष का विचार कराना चाहिए। कालसर्प दोष का निवारण अनिवार्य यानी जरूरी है। इसके बाद व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति आती है। उपाय ज्योतिषियों का कहना है कि वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातकों को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही हर मंगलवार के दिन लाल रंग की चीजों का दान करें। इसके अलावा, राहु और केतु के बीज मंत्र का जप करना चाहिए। भगवान शिव की रोजाना पूजा करें। देवों के देव महादेव की पूजा करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। हालांकि, वासुकी कालसर्प दोष का निवारण कराना उत्तम है। इसके लिए अपनी सुविधा अनुसार समय पर वासुकी कालसर्प दोष का निवारण करा लें। recent visitors 87