Wednesday, July 8, 2026 3:15 pm

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने ब्लड टेस्टिंग मशीन एवं ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का किया उद्घाटन, राजस्थान-किशनगढ़बास में 14 करोड़ से बना कृषि महाविद्यालय

जयपुर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में 14 करोड़ रुपये की लागत से बने कृषि महाविद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री ने किसानों और छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और क्षेत्र में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने की बात कही। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव सहित उपस्थित अतिथि गणों ने कृषि आधारित 'अरोरा पुस्तिका' का विमोचन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष जीवनभर कुछ न कुछ देते हैं और हमें इन्हें संरक्षित करने के लिए प्रेरित होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया। निवेश नीति और किसानों के विकास पर जोर— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निवेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अभी भी बहुत काम किया जाना है। उन्होंने उड़ीसा के काले चावल की बढ़ती मांग और इसके उदाहरण से किसानों को फसलों के विविधीकरण पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि भारत में खाद्यान्न तेल आज भी बड़ी मात्रा में आयात किया जा रहा है। उन्होंने देश को खाद्यान्न तेल में आत्मनिर्भर बनाने का आवाह्न किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक रोजगार उत्पन्न किया जा सके। उन्होंने फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देते हुए माइक्रो इरिगेशन तथा कम पानी में बेहतर पैदावार प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वन मंत्री ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोबनेर के कुलपति बलराज सिंह और कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एमपी यादव की सराहना की। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में गार्डन, सड़क, सोलर प्लांट सहित अन्य विकास कार्यों को करवाने की बात भी कही। राज्य वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के जीवन स्तर को सुधारने हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि भूमि की उर्वरक क्षमता को जांचने हेतु सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच सुविधा दी जा रही है ताकि किसान मृदा अनुसार उपज बोकर अधिक पैदावार प्राप्त कर सके। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती— केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने खैरथल स्थित सेटेलाइट अस्पताल में 8.5 लाख की ब्लड टेस्टिंग मशीन और 77 लाख की लागत से बनी ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट का भी उद्घाटन किया। यह कदम स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा। इस दौरान उन्होंने सेटेलाइट हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया तथा वार्ड में उपस्थित मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। इस अवसर पर तिजारा विधायक श्री महंत बालकनाथ, किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया, श्री कर्ण नरेन्द्र यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री बलराज सिंह, कलेक्टर श्री किशोर कुमार, खैरथल एसपी मनीष चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 48

धीरेंद्र शास्त्री बोले – भारत में रहने वाले ईसाई और मुसलमान हिंदू, 8वी-9वी पीढ़ी से पहले रामलाल, श्यामलाल थे

छतरपुर हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले बागेश्वर धाम के पीठधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत में रहने वाले ईसाई और मुस्लिमों को हिंदू बताया है। साथ ही कहा कि उनकी 8वी-9वी पीढ़ी के लोग पहले रामलाल, श्यामलाल थे। क्रिसमस से एक दिन पहले आयोजित कथा में उन्होंने यह बयान दिया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।   दरअसल, कल बागेश्वर धाम से महाराष्ट्र के जलगांव यात्रा के पहले धीरेंद्र शास्त्री की कथा का आयोजन हुआ था। इस दौरान उन्होंने कहा, “देश में रहने वाले ईसाई और मुस्लिम भी हिन्दू हैं। ईसाई और मुसलमानों की 8 वीं 9 वीं पीढी हिन्दू थी। सभी पहले राम लाल,श्याम लाल थे। सब सनातनी हैं। कोई पराया नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “हमनें प्रण कर लिया है की जब तक जिएगे हम नहीं सुधरेंगे। हम हिन्दू राष्ट्र बनाकर ही मानेंगे। हम तो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अपने लिए नहीं लड़ रहे। तुम्हारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी और अपनी बहन-बेटियों को सुरक्षित रखना है तो घर से बाहर निकलना पड़ेगा।” recent visitors 20

केन बेतवा लिंक परियोजना : पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, बुंदेलखंड में रचा इतिहास

खजुराहो  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखी। यह राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति के तहत पहली परियोजना है। इससे मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। इस परियोजना की लागत लगभग 44,605 करोड़ रुपये है। इससे 2,000 गांवों के 7.18 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा। साथ ही, 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी बनेगी। यह परियोजना बुंदेलखंड का कायाकल्प करेगी। बुंदेलखंडी बोली से भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में बुंदेलखंडी बोली में किया, उन्होंने कहा- वीरों की धरती बुंदेलखंड में रहबे वाले, सबई जनन को हमारी तरफ से हाथ जोड़कर राम-राम पहुंचे। सीएम मोहन यादव की सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस एक साल में एमपी में विकास को एक नई गति मिली है। यहां आज हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजना की शुरुआत हुई है। सुशासन पर लोगों को भरोसा है पीएम ने कहा हमारे लिए सुशासन दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। यह भाजपा सरकारों की पहुंचान है। देश की जनता ने तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई। एमपी में आप सभी लगातार भाजपा को चुन रहे हैं। इसलिए क्योंकि सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। हमारी सरकार ने विकास में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं विद्वानों से आग्रह करुंगा कि देश की आजादी से अब तक किसकी सरकार ने क्या काम किया। मैं दावे से कहता हूं, देश में जब-जब भाजपा को जहां-जहां भी सेवा करने का मौका मिला है, हमने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनहित के कार्यों में सफलता पाई है। आजादी के बाद सबसे पहले नदी जल का महत्व बाबा साहब आंबेडकर ने समझा पीएम ने कहा भारत के लिए नदी जल का महत्व सबसे पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समझा। भारत में जो नदी घाटी परियोजनाएं बनीं, इसके पीछे उन्हीं का विजन था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उनके इस योगदान के लिए किसी को पता नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बीच नदी जल को लेकर विवाद चल रहा है। जिस समय कांग्रेस की सकरार थी वो इस विवाद को सुलझा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अटलजी की सरकार ने पानी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार जाते ही कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां नदियों को जोड़ने की दो परियोजनाएं चल रही हैं। 21वीं सदी में वहीं देश आगे बढ़ पाएगा जिसके पास पर्याप्त जल होगा। पानी होगा तभी खेत-खलिहान होंगे। पानी होगा तभी उद्योग-धंधे होंगे। इसलिए खास है यह परियोजना     केन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध बनाया जाएगा।     2 टनल का निर्माण कर बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जाएगा।     केन नदी पर दौधन बांध से 221 किमी लंबी लिंक नहर के द्वारा एमपी यूपी राज्यों के 14 जिलों को लाभ मिल सकेगा।     मध्य प्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया के 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।     केन- बेतवा परियोजना से उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। जिससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।     परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख एवं उत्तर प्रदेशकी 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।     परियोजना के अंतर्गत चंदेल कालीन तालाबों को सहेजने का कार्य होगा। मध्य प्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों में चंदेल कालीन 42 तालाबों का मरम्मत जीर्णोधार किया जाएगा।     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में परियोजना के कियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मध्य 22 मार्च 2021 को त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।     केन बेतवा लिंक परियोजना की लागत राशि 44 हजार 605 करोड़ रूपये है।     परियोजना का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत के अनुपात में रहेगा।     परियोजना से 8.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी, 02 हजार ग्रामों के लगभग 7 लाख 18 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। परियोजना से मिटेगा सूखा और पलायन का कलंक बुंदेलखंड का सूखा और पलायन लोगों की कमर तोड़ता रहा है। परिवारों को पलायन करने पर यह सूखा मजबूर करता रहा है। लेकिन केन बेतवा परियोजना बुंदेलखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। क्योंकि दौधन बांध से लेकर केन बेतवा तक परियोजना आकार लेगी और बुंलेखंड का सूखा मिटाएगी। सूखाग्रस्त बुंदेलखण्ड क्षेत्र में भूजल स्तर की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्याटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पीएम मोदी 'भागीरथ' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के शिलान्यास समारोह में पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'सरकार, समाज और व्यवस्था' पर ध्यान देने के लिए आदर्श बताया। उन्होंने पीएम मोदी के जयपुर वाले बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को दूसरे देशों के लिए आदर्श बनना चाहिए। सीएम यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राज्यों के बीच समन्वय नहीं बनाया और बुंदेलखंड की तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'वे कभी बुंदेलखंड का भला नहीं सोचते हैं। जो हो रहा है यह सिर्फ मोदीजी ही कर सकते हैं।' रैली में पहले पहुंचे सीएम यादव कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शिरकत की। उनके साथ कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा भी शामिल हुए। कई कैबिनेट मंत्री जैसे प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, तुलसी सिलावट और … Read more

देश के टॉप 10 धार्मिक नगरी में मनेगा नए साल का जश्न, ट्रेन और फ्लाइट्स में सीटें फुल

बिलासपुर सर्दियों की छुट्टियों के साथ नए साल को अनोखे अंदाज में मनाने के लिए छत्तीसगढ़ के लोग बेताब हैं। बीते कुछ वर्षों से धार्मिक यात्रा का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। 23 दिसंबर से 28 दिसंबर तक सरकारी और निजी स्कूलों की छुट्टियों के कारण अयोध्या, वैष्णो देवी, रामेश्वरम, उज्जैन महाकाल और जगन्नाथ पुरी जैसे तीर्थ स्थलों की बुकिंग तेजी से बढ़ी है। ट्रेनों और फ्लाइट्स में सीटें लगभग बुक हो चुकी हैं। निजी टैक्सियों की भी भारी डिमांड है। देश के टॉप 10 धार्मिक नगरी में कदम रखने को सभी उत्साहित हैं। न्यायधानी बिलासपुर की ट्रैवल एजेंसियों ने इस बार 40 प्रतिशत तक बुकिंग में वृद्धि दर्ज की है। श्रद्धालु न केवल धार्मिक स्थलों पर आस्था का अनुभव करेंगे, बल्कि नववर्ष का स्वागत भी इन पवित्र स्थलों पर करने की योजना बना चुके हैं। खासकर युवाओं और परिवारों में धार्मिक पर्यटन का उत्साह देखने लायक है। बिलासपुर से जुड़ी प्रमुख ट्रेनों और यात्रा विकल्पों ने यहां के पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा दी है। सबसे ज्यादा यात्री ट्रेनों पर निर्भर हैं। बिलासा एयरपोर्ट और रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट प्रमुख हवाई अड्डा है। ट्रैवल्स एजेंसियों की मानें तो हर साल दिसंबर से जनवरी के बीच पर्यटन स्थलों में 30-40 प्रतिशत तक भीड़ बढ़ जाती है। भारत के अलग-अलग राज्यों व शहरों के मंदिर और पर्यटन स्थलों में जाना हर किसी का सपना होता है। 80 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है साईं ट्रेवल्स एजेंसी के संचालक शरद पांडेय का कहना है कि इस बार धार्मिक पर्यटन की जबरदस्त मांग है। अयोध्या, वैष्णो देवी और रामेश्वरम के लिए 80 प्रतिशत तक बुकिंग हो चुकी है। ट्रेन की सीटें भी लगभग फुल हैं। साल के ये 30 दिन सबसे खास ट्रेवल मैनेजर प्रिंस आनंद का कहना है कि दिसंबर और जनवरी के बीच ये 30 दिन सबसे खास होते हैं। हर साल सर्दियों की छुट्टियों में पर्यटन स्थलों पर सबसे अधिक भीड़ होती है। बिलासपुर से छूटने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ है। इन दिनों होटल मिलना आसान नहीं है। धर्मशाला या अन्य गेस्ट हाउस भी बुक हो चुके हैं। यह कहना है लोगों का     आनंददायक यात्रा होगी हम परिवार के साथ रामेश्वरम दर्शन करने जा रहे हैं। शीतकालीन छुट्टियों में यह यात्रा काफी आनंददायक होगी। काफी उत्साहित हूं। -दीक्षा मंडल, मोपका     धार्मिक यात्रा में सुकून विशाखापट्टनम में नरसिंह भगवान की यात्रा की योजना बनाई है। ट्रेन टिकट बुक हो चुका है। धार्मिक यात्रा में सुकून मिलता है। -सुदीप यादव, रेलकर्मी     जगन्नाथ पुरी जा रहे हैं हर साल की तरह इस बार भी परिवार के साथ जगन्नाथ पुरी जा रहे हैं। यह समय धार्मिक यात्रा के लिए सबसे अच्छा है। नए वर्ष की प्रतीक्षा है। -ऋषि मौर्य, बिजनेसमैन यात्रा के दौरान बरतें सावधानियां     यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ और टिकट की डिजिटल और प्रिंट कॉपी साथ रखें।     ट्रैफिक और भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के समय से पहले घर से निकलें।     यात्रा के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जरूरत की सभी दवाइयों को साथ रखें।     नकद राशि लेकर चलने के बजाय डिजिटल भुगतान का अधिक इस्तेमाल करें।     यात्रा के दौरान अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें और अपना सामान सुरक्षित रखें। यह सामान जरूर साथ रखें     आईडी प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड, टिकट की कॉपी।     कपड़े: मौसम के अनुसार गर्म कपड़े, बारिश से बचाव के लिए छाता।     खाने-पीने का सामान: हल्के स्नैक्स, पानी की बोतल।     इलेक्ट्रानिक उपकरण: मोबाइल चार्जर, पावर बैंक।     स्वास्थ्य किट: जरूरी दवाइयां सैनिटाइजर, मास्क।   recent visitors 40

केंद्रीय मंत्रियों एवं मध्यप्रदेश के सीएम से की मुलाकात, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे नई दिल्ली

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली के दो दिवसीय प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों श्री अमित शाह एवं श्री पीयूष गोयल तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। शर्मा ने सर्वप्रथम सोमवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजस्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार मुलाकात की। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के मध्य राजस्थान में विभिन्न विकास परियोजनाओं, उद्योग क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं एवं राज्य के समग्र आर्थिक विकास पर विस्तार से बातचीत हुई। इसी क्रम में श्री शर्मा मंगलवार को ही नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिले। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, पारस्परिक सहयोग एवं आर्थिक संबंधों के विषय में विस्तृत चर्चा की गई। recent visitors 102

मैंने कहा कि ये कहां लिखा गया है कि चार्टर में हराम वाले ही जाएंगे, राम वाले नहीं जाएंगे : कुमार विश्वास

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में  'अटल गीत गंगा' कार्यक्रम हुआ, जिसमें हिंदी कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) भी पहुंचे थे. कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. कुमार ने एक बार फिर से रामायण और महाभारत को लेकर बयान दिया. इससे पहले उनके इसी तरह के बयान पर विवाद छिड़ गया था. लखनऊ में बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा, "फिर कह रहा हूं, अपने बच्चों को रामायण पढ़ाओ, महाभारत पढ़ाओ और इसलिए पढ़ाओ की फायदा होगा, मुझे हुआ. मैंने महाभारत पढ़ी थी, तो मुझे पता था कि मित्र अगर दुर्योधन निकल जाए तो उसके रथ से उतर कर भागो, नहीं तो करण की तरह मारे जाओगे. मत पढ़ो उस कारण से, जो मैंने कहा था. इस कारण से पढ़ लो." कुमार विश्वास ने आगे कहा, "मैंने अयोध्या जाने के लिए चार्टर कर लिया, उसकी फोटो लग गई. तो कहा जाने लगा कि ये राम पर बोलते हैं और चार्टर पर जा रहे हैं. इस पर मैंने कहा कि ये कहां लिखा गया है कि चार्टर में हराम वाले ही जाएंगे, राम वाले नहीं जाएंगे." कुमार विश्वास पर क्यों हुआ था विवाद? कुमार विश्वास ने मेरठ के एक कार्यक्रम में कहा था, "अपने बच्चों को सीता जी की बहनों और भगवान राम के भाइयों के नाम याद कराइए. एक संकेत दे रहा हूं, जो समझ जाएं, उनकी तालियां उठें. अपने बच्चों को रामायण पढ़वाएं और गीता सुनवाएं. अन्यथा ऐसा ना हो कि आपके घर का नाम तो रामायण हो, मगर आपके घर की लक्ष्मी को कोई और उठाकर ले जाए." कुमार विश्वास का बयान सुनकर कहा गया कि उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा और उनकी बेटी सोनाक्षी को निशाने पर लिया है. क्योंकि शत्रुघ्न सिन्हा के घर का नाम रामायण है, उनके बेटों के नाम लव और कुश है. इसी साल सोनाक्षी सिन्हा ने एक्टर जहीर इकबाल के साथ इंटरफेथ शादी भी की है. इस दौरान दोनों के अलग-अलग धर्मों से होने पर खूब बवाल भी मचा था. सोशल मीडिया पर कपल को ट्रोल किया गया था. सफाई भी दिए थे कुमार विवाद होने के बाद एक इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने सफाई देते हुए कहा, "मैं गाजियाबाद, नोएडा में रहता हूं. वहां हर घर में किसी का नाम रामायण है, किसी का साकेत, नंदावन, गोकुल तो किसी का नाम श्रीधाम है. हमारे यहां यही 5-6 नाम होते हैं, इसी को लोग चुन लेते हैं. ईश कृपा या ऐसा कुछ रख लेते हैं."   recent visitors 97

‘महर्षि दयानंद व्यक्ति न होकर बड़े समाज सुधारक थे’, राजस्थान-सीकर में राज्यपाल बागडे हुए द्वि जन्म शताब्दी समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती युग प्रवर्तक मनीषी थे। वह व्यक्ति नहीं संस्था थे। देश को रूढ़ियों से मुक्त कराने वाले समाज सुधारक थे। बागडे मंगलवार को महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वि जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर श्री श्याम गौशाला पिपराली सीकर में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल बागडे ने  कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महज एक व्यक्ति नहीं होकर बहुत बड़े समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्य का रास्ता अपनाने की बात कही। उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण एवं भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। उन्होंने  सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का काम किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने  शिक्षा के महत्व को समझते हुए  इंसान को  सदाचारी बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि हम हमारे पुराने ज्ञान को संजोए रखते हुए नए ज्ञान को एकत्र करें, यही हमारी भारतीय संस्कृति है। इस दौरान उन्होंने देश निर्माण में नई शिक्षा नीति के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अहिल्या बाई होलकर के समाज सुधार में अतुल्य योगदान करने की बात कही। recent visitors 107