Wednesday, July 8, 2026 6:14 am

नाबार्ड की ओर से स्पेशलिस्ट पदों पर भर्ती निकाली गई, 5 जनवरी तक कर सकते हैं अप्लाई, जाने डिटेल

नई दिल्ली सरकारी नौकरी की तलाश में लगे युवाओं के लिए खुशखबरी है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट की ओर से स्पेशलिस्ट पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रॉसेस 21 दिसंबर से शुरू कर दी गई है जो निर्धारित अंतिम तिथि 5 जनवरी 2025 तक जारी रहेगी। जो भी अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे बिना देरी करते हुए तुरंत ही ऑफिशियल वेबसाइट www.nabard.org पर जाकर या इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन से पहले अभ्यर्थी पात्रता की जांच अवश्य कर लें। कौन ले सकता है भर्ती में भाग इस भर्ती में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का पदानुसार ग्रेजुएट/ बीई/ बीटेक/ एमटेक/ एमसीए/ एमएसडब्ल्यू आदि किया हो। इसके साथ ही अभ्यर्थी न्यूनतम उम्र 24 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 55 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। कैसे होगा चयन इस भर्ती में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग लेना होगा। इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को एक्सपीरियंस, शैक्षिक योग्यता आदि के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जायेगा। भर्ती विवरण इस भर्ती के माध्यम से कुल 10 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से ETL डेवलपर के लिए 01 पद,डाटा साइंटिस्ट के लिए 02 पद, सीनियर बिजनेस एनालिस्ट के लिए 01 पद, बिजनेस एनालिस्ट के लिए 01 पद, UI/UX डेवलपर के लिए 01 पद, स्पेशलिस्ट डाटा मैनेजमेंट के लिए 01 पद, प्रोजेक्ट मैनेजर- एप्लीकेशन मैनेजमेंट के लिए 01 पद, सीनियर एनालिस्ट- नेटवर्क / SDWAN Operations के लिए 01 पद, सीनियर एनालिस्ट- साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन के लिए 01 पद आरक्षित है। कैसे करें आवेदन     इस भर्ती में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.nabard.org पर विजिट करें।     वेबसाइट के होम पेज पर करियर बटन पर क्लिक करके अगले पेज पर भर्ती से सम्बंधित अप्लाई लिंक पर क्लिक करें।     अब आप Click here for New Registration पर क्लिक करके पंजीकरण कर लें।     इसके बाद अन्य जानकारी के साथ हस्ताक्षर एवं फोटोग्राफ अपलोड करें।     अंत में निर्धारित आवेदन शल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।   recent visitors 69

वृंदावन ग्राम योजना से गोवंश संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, दुग्ध उत्पादन, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर फोकस

भोपाल  ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश के 313 विकासखंडों में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार उन ग्रामों का चयन करेगी, जहां न्यूनतम जनसंख्या दो हजार और कम से कम पांच सौ गोवंश होंगे। इसका एक आधार पशुओं के लिए चारे, पानी के साथ परिवहन की अच्छी व्यवस्था भी रखा गया है। ग्राम का चयन प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर करेंगे। योजना के पर्यवेक्षण के लिए जिला अधिकारियों की समिति भी बनाई जाएगी। देश में दूध का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है। प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित खेती रोजगार देने के साथ अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और इसे विस्तार देने के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में एक वृंदावन ग्राम बनाने का निर्णय लिया है। गोवंश संरक्षण, संवर्धन इस ग्राम में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, प्राकृतिक खेती के लिए जैविक खाद के उपयोग, उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम चिन्हित करने और पर्यवेक्षक के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। मार्केटिंग के साथ ब्रांडिंग पर रहेगा जोर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वृंदावन ग्राम में गाय से प्राप्त उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए स्व-सहायता समूह तैयार किए जाएंगे। इन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। स्थानीय, राष्ट्रीय मेल, किसान बाजारों और प्रदर्शनी में उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। चारा उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा चारा उत्पादन के लिए कृषि विभाग किसानों को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए फसल की जानकारी दी जाएगी। गोचर भूमि का संरक्षण और विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित कराया जाएगा। राज्य बजट के साथ सीएसआर का होगा उपयोग वृंदावन ग्राम के लिए वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति राज्य के बजट के अलावा विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से कराई जाएगी। इसके लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग जिलों से प्राप्त विभिन्न कंपनियों के कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के प्रस्तावों पर समन्वय करेगा। recent visitors 180

2024 में Swiggy से सबसे ज्यादा मंगाया गई डिश, हर सेकंड मिले 2 ऑर्डर

मुंबई स्विगी ने 2024 के लिए अपनी साल के अंत की रिपोर्ट जारी की है, जो विभिन्न खाद्य-संबंधी रुझानों के बारे में जानकारी देती है। (ध्यान दें कि सभी आँकड़े 1 जनवरी, 2024 और 22 नवंबर, 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा पर आधारित हैं)। पिछले साल की तरह, बिरयानी भारत में ऑर्डर की जाने वाली सबसे लोकप्रिय डिश बन गई है – विशेष रूप से इस डिलीवरी ऐप के माध्यम से। स्विगी ने 2024 में 83 मिलियन बिरयानी ऑर्डर किए। इसने बताया कि इसका मतलब है कि देश में प्रति मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर की गईं (लगभग हर सेकंड में 2 ऑर्डर)। बिरयानी के बाद, स्विगी ने डोसा की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला, जिसके इस साल 23 मिलियन ऑर्डर किए गए। स्विगी ने सबसे पसंदीदा डिश के बारे में अन्य आँकड़े भी दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चिकन बिरयानी इस व्यंजन का सबसे पसंदीदा संस्करण है। इस साल स्विगी को इसके लिए 49 मिलियन ऑर्डर मिले। इन स्विगी ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा भारत के दक्षिणी राज्यों के लोगों का है। हैदराबाद 2024 में 9.7 मिलियन बिरयानी ऑर्डर के साथ "बिरयानी लीडरबोर्ड" में सबसे ऊपर है। इसके बाद बेंगलुरु (7.7 मिलियन ऑर्डर) और चेन्नई (4.6 मिलियन) का स्थान है। हर मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर साल 2024 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2025) की शुरुआत होने वाली है. इस बीच फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने साल 2024 खत्म होने से पहले अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 1 जनवरी 2024 से 22 नवंबर 2024 के बीच किए गए ऑर्डर में सबसे फेवरेट व्यंजनों के बारे में बताया गया है. 8.3 करोड़ ऑर्डर्स के साथ Biryani इस साल भी भारत में ऑर्डर किए जाने वाले सबसे पसंदीदा डिश बनी है. स्विगी के मुताबिक, देश में हर मिनट 158 प्लेट बिरयानी के ऑर्डर मिले हैं.  बिरयानी के ऑर्डर में सबसे आगे हैदराबाद रहा है, जहां पर 97 लाख बिरयानी ऑर्डर की गईं. डोसा दूसरे पायदान पर पहुंचा बिरयानी के बाद सबसे ज्यादा जो डिश ऑर्डर की गई है, वो Dosa है, जिसके ऑर्डर का आंकड़ा 1 जनवरी से 22 नवंबर के बीच 23 मिलियन या 2.3 करोड़ ऑर्डर रहा है. Swiggy की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म की क्विक डिलीवरी सर्विस, बोल्ट ने भी सुर्खियां बटोरीं. बीकानेर में, मिठाई के शौकीन व्यक्ति को महज 3 मिनट में आइसक्रीम के तीन फ्लेवर मिले, जो स्विगी के संचालन की गति को प्रदर्शित करता है. इस साल मिठाइयों में रसमलाई और सीताफल आइसक्रीम पसंदीदा रहे. एक व्यक्ति खा गया ₹50000 का पास्ता बिरयानी में चिकन बिरयानी सबकी पहली पसंद बनी. तो इसके साथ ही स्विगी के ग्राहकों के फेवरेट फूड लिस्ट में पास्ता को भी शामिल किया गया है, इसकी लोकप्रियता ऐसी रही, कि बेंगलुरु के एक अकेले यूजर ने ही अलग-अलग टेस्ट की पास्ता डिश पर 49,900 रुपये खर्च डाले. रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात को 12 से 2 बजे के बीच ऑर्डर की जाने वाली सबसे पसंदीदा डिश में चिकन बर्गर पहली, जबकि बिरयानी दूसरी थी. मुंबई के कपिल ने पहुंचाए सबसे ज्यादा ऑर्डर स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि साल 2024 वास्तव में स्वादिष्ट रोमांच से भरपूर वर्ष रहा. हमें अपनी इस यात्रा के केंद्र में होने पर गर्व है, जिससे भारत भर में लाखों लोगों को उनके पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका स्विगी के जरिए मिला. उन्होंने कहा कि स्विगी के डिलीवरी पार्टनरों (Swiggy Delivery Partners) वास्तव में 2024 के गुमनाम नायक बने, जिन्होंने सामूहिक रूप से 1.96 अरब किलोमीटर की यात्रा डिलीवरी करने के दौरान की. स्विगी ने अपनी रिपोर्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की लिस्ट में टॉप पर कपिल कुमार पांडे रहे, जिन्होंने मुंबई में 10,703 डिलीवरी पूरी की और कोयंबटूर की कलीश्वरी एम 6,658 ऑर्डर के साथ महिला डिलीवरी पार्टनर्स में सबसे अव्वल रहीं. स्विगी के अनुसार, रात 12 से 2 बजे के बीच की भूख मिटाने के लिए बिरयानी दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद थी। चिकन बर्गर पहली पसंद थे। ट्रेनों में सबसे ज़्यादा ऑर्डर किए जाने वाले खाने में बिरयानी भी शामिल थी (स्विगी ने IRCTC के साथ मिलकर ट्रेन रूट पर खास स्टेशनों पर डिलीवरी के लिए एक समर्पित फीचर का इस्तेमाल किया है)। साल की शुरुआत में, स्विगी ने यह भी खुलासा किया था कि भारत में रमज़ान 2024 के दौरान प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बिरयानी की लगभग 6 मिलियन प्लेटें ऑर्डर की गईं। सबसे ज़्यादा ऑर्डर हैदराबाद शहर में किए गए, जहाँ इस अवधि के दौरान स्विगी पर बिरयानी की एक मिलियन से ज़्यादा प्लेटें ऑर्डर की गईं (अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें )। स्विगी की साल के अंत की रिपोर्ट से एक और दिलचस्प जानकारी एक ख़ास खाने के शौकीन के इस व्यंजन के प्रति प्रेम के बारे में थी। कोलकाता में एक स्विगी उपयोगकर्ता ने 1 जनवरी, 2024 को सुबह 4.01 बजे बिरयानी ऑर्डर की, जिसने साल की एक स्वादिष्ट शुरुआत को चिह्नित किया! recent visitors 172

गणतंत्र दिवस नहीं इस बार ‘वीर बाल दिवस’ पर बहादुर बच्चों को मिलेगा पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित

नई दिल्ली पहली बार गणतंत्र दिवस के बजाय देश के बाल पुरस्कार आगामी 26 दिसंबर को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के अवसर पर दिए जाएंगे। इस बार पुरस्कृत होने वाले सभी 17 बच्चों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी सम्मानित यह सम्मान सिर्फ वीरता के लिए ही नहीं बल्कि कला-संस्कृति, अन्वेषण, विज्ञान व तकनीकी, समाज सेवा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी दिए जाएंगे। हालांकि इस समारोह का मुख्य केंद्र 'वीर बाल दिवस' ही होगा। 17 बच्चों को मिलेगा पुरस्कार केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने मंगलवार को एक बयान जारी करके बताया कि भारत के बच्चों की उपलब्धियों और साम‌र्थ्य को सम्मानित करते हुए आगामी गुरुवार को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के लिए इस साल 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 17 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार समारोह में सात श्रेणियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सात लड़कों और दस लड़कियों को सम्मानित किया जाएगा। recent visitors 60

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कल मध्य प्रदेश जायेंगे और खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के दृष्टिकोण से देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से रोजगार के कई अवसरों का सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। वह 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों की आधारशिला भी रखेंगे। ये भवन स्थानीय स्तर पर सुशासन के लिए ग्राम पंचायतों के कार्य और जिम्मेदारियों के व्यावहारिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के सरकार के मिशन में योगदान देगी। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी मदद करेगी। recent visitors 58

मध्य प्रदेश में 12वीं पास के लिए बिजली कंपनी में नौकरी का मौका, फटाफट कर दें अप्‍लाई

भोपाल मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड में नौकरी का सुनहरा मौका है. अगर आप भी निर्धारित मापदंड पूरा करते हैं, तो ऑफ‍िस असिस्‍टेंट समेत अन्‍य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. इस वैकेंसी के बारे में पूरी डिटेल्‍स mponline.gov.in पर देखी जा सकती है. इस बात का ध्‍यान रखें कि 23 जनवरी 2025 से पहले इन पदों के लिए अप्‍लाई कर दें.  कितने पदों पर वैकेंसी मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड ने कुल 2573 पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इसमें कुछ वैकेंसी जनरेशन कंपनी ट्रांसमिशन कंपनी और पॉवर मैनेजमेंट कंपनी आदि के लिए है. कई रिपोर्ट में बताया गया है कि इन कंपनियों में ग्रुप सी और ग्रुप डी की भर्तियां निकली हैं. इसके तहत कार्यालय सहायक श्रेणी 3, लाइन परिचालक, सुरक्षा उप निरीक्षक, सीनियर इंजीनियर मैकेनिकल, सीनियर इंजीनियर सिविल आदि के पदों पर नियुक्‍तियां होनी हैं. इसके अलावा टेक्‍निशियन, रेडियोग्राफर, ईजीसी टेक्‍निशियन, अग्निशमक आदि पदों पर भी नौकरियां हैं.  कौन कर सकता है अप्‍लाई मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड में निकली इन भर्तियों के लिए सामान्‍य योग्‍यता 12वीं पास रखी गई है मतलब इंटरमीडिएट परीक्षा पास अभ्‍यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. लेकिन कुछ पदों के लिए उससे संबंधित योग्‍यता मांगी गई है. अगर आपके पास संबंधित विषय में डिग्री डिप्‍लोमा है, तो ही आवेदन कर सकते हैं. अलावा अभ्‍यर्थी की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए. आवेदन mponline.gov.in के माध्‍यम से की जा सकती है.  सेलेक्‍शन और सैलेरी मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड इन पदों के लिए ऑनलाइन टेस्‍ट कराएगा. इसके बाद फ‍िजिकल टेस्‍ट भी होगा, जिसके आधार पर फाइनल सेलेक्‍शन होगा. सेलेक्‍ट होने वाले उम्‍मीदवारों को 19500 से लेकर 42700 तक की सैलेरी मिलेगी. recent visitors 70

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के 25 दिसंबर को जन्मदिन पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशती है। अटल जी का छत्तीसगढ़ से और छत्तीसगढ़ के लोगों से हमेशा आत्मीय लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में अटल जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास और यहां के लोगों की समृद्धि के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया।  अटल जी के  सपनों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी तेजी से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। हमने अटल जी की स्मृति में इस रजत जयंती वर्ष को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसके अंतर्गत राज्य में अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ एक ओजस्वी वक्ता और कवि हृदय सरल व्यक्तित्व थे। अटल जी की याद में उनका जन्मदिन ’सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। अटल जी का सपना था – एक सशक्त, समृद्ध और खुशहाल भारत। उसी सपने को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ आज शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस के अवसर पर हम सभी को अटल जी के दिखाए रास्तों पर चलकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना योगदान देकर अटल जी के स्वर्णिम भारत के स्वप्न को पूर्ण करने में सहभागी बनने के लिए दृढ़संकल्पित होना चाहिए। recent visitors 51