Saturday, July 4, 2026 10:48 pm

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र स्मार्ट मीटर य़ोजना का प्रभावी संचालन कर रही, अब तक 9.20 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित

भोपाल डिजिटल इंडिया की दिशा में तेजी से बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी स्मार्ट मीटर य़ोजना का प्रभावी संचालन कर रही है। अब तक पश्चिम मप्र में 9 लाख 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर स्थापित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा स्मार्ट मीटर इंदौर, उज्जैन, रतलाम में लगाए गए हैं। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि अत्याधुनिक स्मार्ट मीटरों की तेजी से स्थापना हो रही है। वर्तमान में इंदौर जैसे महानगर के अलावा उज्जैन, रतलाम जैसे अन्य बड़े नगर, जिला मुख्यालयों, नपा क्षेत्रों मे बिजली उपभोक्ताओं के यहां प्राथमिकतापूर्वक निःशुल्क स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इंदौर शहर में अब तक 4 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उज्जैन शहर में करीब 82 हजार, रतलाम शहर में 81 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं देवास शहर में 55 हजार, खरगोन शहर में 44250 स्मार्ट मीटर स्थापित हो चुके हैं। रतलाम, धार, झाबुआ, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, खंडवा, बड़वानी, आगर, बुरहानपुर क्षेत्र में अब भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक पश्चिम मप्र में 9.20 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इन मीटरों की स्थापना के बाद रीडिंग बिलिंग संबंधी विवादों में व्यापक कमी आई हैं, ये स्मार्ट मीटर बिजली कंपनी के "ऊर्जस" ऐप पर लाइव हैं। उपभोक्ता कहीं से भी अपने घर की "ऊर्जस" ऐप पर खपत देख सकता हैं। स्मार्ट मीटर से संबंद्ध उपभोक्ताओं की बिल भुगतान नहीं करने पर यदि बिजली बंद की जाती हैं, तो कैशलेस बिजली बिल भुगतान होने के तुरंत बाद बिजली ऑटोमेटिक चालू हो जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तर नहीं जाना होता, न ही किसी कर्मचारी को भुगतान रसीद दिखाने की जरूरत होती है।   recent visitors 61

रिटायरमेंट पार्टी में सायलेंट अटैक से पत्नी की मौत, राजस्थान-कोटा में बीमार पत्नी के लिए लिया वीआरएस

कोटा। कोटा में 50 वर्षीय महिला की अपने पति की सेवानिवृत्ति की पार्टी में अचानक मौत हो गई। दंपति के करीबी लोगों ने बताया कि देवेंद्र संदल अपनी पत्नी दीपिका की देखभाल के लिए समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। बता दें कि दीपिका की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कुर्सी पर बैठ गईं तथा सामने मेज पर गिर गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि कोटा के दादाबाड़ी में शास्त्री नगर के निवासी देवेंद्र ने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अपनी कार्यावधि के पूरा होने से तीन साल पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का अनुरोध किया था। उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी दे दी गई और मंगलवार को पद पर उनका आखिरी दिन था। recent visitors 73

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति से शेष रही 16 परियोजनाओं के समूह को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इनकी लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि स्वीकृत परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इंदौर, देवास आगर मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ के 1865 ग्रामों के 4 लाख 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। साथ ही चंबल दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिए सचिव भारत सरकार एवं दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव के बीच मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 28 जनवरी 2024 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केंद्र द्वारा वित्त पोषित है, जिसकी लागत का वहन 90% केंद्र और 10% राज्यों द्वारा किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रयोजन अंतर्गत मध्यप्रदेश की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ आकलित की गई है। परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में कुल 21 परियोजना प्रस्तावित थी, जिनमें से पाडोन-एक एवं पाडोन-दो सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर पाडोन वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं पावा सिंचाई परियोजना तथा कटीला सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर कटीला पावा वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, इस प्रकार 19 परियोजनाओं का कार्य सम्मिलित है। इनमें से 2 परियोजना उज्जैन जिले की चितावद वृहत सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति 2066.93 करोड़ रूपये 5 अक्टूबर 2023 को और सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना के लिये 614.53 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष 16 परियोजनाओं को मंत्रि-परिषद द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मध्यप्रदेश राज्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये कुल अनुमानित लागत 35000 करोड़ आकलित की गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में धनवाडी वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, नैनागढ बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कटीला-पवा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, श्यामपुर बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पार्वती कॉम्प्लेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जेठला (वैलेंसिंग रिजरवायर) वृहद सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कुम्भराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पाडोन वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (पाडोन-1 एवं पाडोन-2 बैराज), रंजीत सागर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कालीसिंध कॉम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, लखुंदर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, बछौड़ा देपालपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सीकरी सुल्तानपुर मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनचिरी मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं चम्बल नहर प्रणाली के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण शामिल है।   recent visitors 58

सुशासन दिवस के अवसर पर नालंदा परिसर में कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का युवाओं ने वाचन किया

रायपुर देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती में उनके कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का राजधानी के युवाओं ने वाचन किया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया और हिंदी में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए उनके भाषण पर भी अपने विचार प्रकट किए। यह अवसर था राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस का। जनसंपर्क विभाग की ओर से नालंदा परिसर  में 'खुशहाल एक साल' इवेंट का आयोजन किया गया जिसमें नालंदा परिसर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा न केवल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जीवन यात्रा, कविता संग्रह और विचारों से रूबरू हुए, बल्कि  छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे राज्य सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रति भी जागरूक हुए। मनोरंजन और खेल – खेल में युवाओं को अपने प्रदेश के बारे में बहुत कुछ जानने का मौक़ा मिला। सबके बीच अपने विचार व्यक्त करने से झिझकने वाले युवाओं ने भी हल्के फुलके वातावरण में संकोच करना बंद कर ख़ुशी-ख़ुशी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। युवाओं ने राज्य में संचालित महतारी वंदन योजना, नियद नेल्ला नार योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, कृषक उन्नति योजना, पर्यटन, छत्तीसगढ़ की बोलियों, आभूषणों आदि के बारे में पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने  में तत्परता दिखाई । छत्तीसगढ़ में  मिलने वाले खनिज, प्रदेश की लोक कला, खान -पान, गौरवशाली इतिहास संबंधी प्रश्नों को भी विभिन्न गतिविधियों के बीच में पूछा गया और इस दौरान  सही उत्तर देने वाले युवाओं को विभिन्न डिस्काउंट कूपन, बिहान के उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। डिस्काउंट वाउचर में नालंदा परिसर में स्थित लाइब्रेरी के मासिक शुल्क में ५० प्रतिशत की छूट ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं के एस्पिरेंट्स को खूब लुभाया । इससे उनका उत्साह और बढ़ गया और उन्होंने इवेंट की समाप्ति तक पूरे उमंग के साथ आयोजन में हिस्सा लिया । उल्लेखनीय है कि खुशहाल एक साल इवेंट का यह छठवाँ आयोजन था। इससे पहले भी रायपुर शहर के विभिन्न स्थलों में इवेंट आयोजित किया गया जिसमें युवाओं ने भरपूर रुचि और उत्साह के साथ आयोजन की सफलता में अपनी सहभागिता प्रदान की थी। recent visitors 67

प्रदेश के 250 विद्यार्थियों ने अहमदाबाद के औद्योगिक संस्थानों का किया भ्रमण

भोपाल प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के 250 विद्यार्थियों ने गुजरात राज्य के अहमदाबाद स्थित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण किया है। विद्यार्थियों का यह एक्सपोजर विजिट उनके कौशल उन्नयन के लिये किया गया था। विद्यार्थियों का एक्सपोजर विजिट स्कूल शिक्षा विभाग की स्टार्स परियोजना में आयोजित किया गया। एक्सपोजर विजिट में 150 विद्यार्थी ऐसे थे, जिन्होंने नवम्बर माह में आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रदर्शनी में सहभागिता की थी। भ्रमण दल में ऐसे विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया था, जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की सत्र 2023-24 की व्यावसायिक शिक्षा संकाय की परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। भ्रमण दल में व्यावसायिक संकाय से जुड़े शिक्षकों को भी शामिल किया गया था। प्रदेश में नई शिक्षा नीति-2020 में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की अनुशंसा की गई है। विभाग द्वारा इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासकीय विद्यालयों में समयानुकूल व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3 लाख विद्यार्थियों ने 14 ट्रेड्स में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है।   recent visitors 62

प्रधानमंत्री के ’सुरक्षित महाकुम्भ’ की परिकल्पना के आवश्यक प्रबन्ध करें, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में की महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रयागराज मेंजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आई0सी0सी0सी0 सभागार में महाकुम्भ-2025की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में चल रहेसभी टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। प्रदेश पुलिस को इण्टेलिजेंस को और बेहतर करने तथा भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथलगातार संवाद-समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के समयमें प्रयागराज के आस-पास माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाकुम्भ से पहलेउनके गुर्गों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’सुरक्षित महाकुम्भ’ कीपरिकल्पना की है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा बलों कीतैनाती के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिन 20 हजारपुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है, उन सभी का प्रशिक्षण जरूर करा लिया जाए। उन्होंनेमहाकुम्भ में फायर सेफ्टी, घाट सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता आदि के सम्बन्ध में की2जा रही व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केदृष्टिगत एण्टी ड्रोन सिस्टम की उपलब्धता भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए किमेला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का आवागमन न हो। प्रयागराज नगर में ट्रैफिक जाम केसमाधान के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपेट्रोलिंग बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे।अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और मीरजापुर की ओर से बड़ी संख्या में लोगों का आगमनहोगा। इसलिए शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों केनवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों को पूरा कर लिया जाए। इसमें किसी प्रकार कीकोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इन मार्गों परयदि कहीं भी अतिक्रमण किया गया हो, तो प्रभावी कार्यवाही करते हुए उसे हटायाजाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज महाकुम्भ की ओर आने वाले सभी मार्गोंके नवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिए 05 जनवरी, 2025 की अंतिम तारीख तयकी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेतु निगम के 14 में से 12 सेतुओं का कार्य पूर्ण होगया है। यह संतोषजनक है। शेष दो सेतुओं का कार्य 05 जनवरी, 2025 तक पूरा करलिया जाए। संगम नोज पर ड्रेजिंग के कार्य में और तेजी की अपेक्षा है। 30 दिसम्बर,2024 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र मेंजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रत्येक दशा में 30 दिसम्बर, 2024तक पूरा कर लिया जाए। हर सेक्टर में 24×7 शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कीजाए। सड़कों की मरम्मत एवं डिवाइडर की साज-सज्जा आदि का कार्य इसी माह केअन्त तक पूरा कर लें।मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जो पाण्टून पुल अभी तक क्रियाशील नहीं हुएहैं, उन्हें प्रत्येक दशा में एक सप्ताह में तैयार करा लिया जाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्रीजी के इस एक दिवसीय दौरे के साथ ही प्रयागराज नगर में सूबेदारगंज सेतु पर एक3तरफ से आवागमन प्रारम्भ हो गया। तय समय-सीमा के अनुसार, पुल की एक लेन को31 दिसम्बर, 2024 और दूसरी लेन को मकर संक्रांति से पहले पूरा किया जाना था।लेकिन, यह काम एक सप्ताह पहले ही पूरा कर दिया गया। सूबेदारगंज पुल के निर्माणमें 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।मुख्यमंत्री जी ने अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन कीअद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नियमानुसार सभीको आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों कीओर से महाकुम्भ में अपने शिविर स्थापित करने के अनुरोध मिल रहे हैं, इस सम्बन्ध मेंयथोचित निर्णय तत्काल ले लिया जाए। नई संस्थाओं को भूमि आवंटन करने से पूर्वउनका सत्यापन भी कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति सेसाक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भीहोगा। ’स्वच्छ महाकुम्भ’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों कोप्रयागराज की स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिए कि महाकुम्भ के दृष्टिगत 7,000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहांडेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंनेनिर्देश दिए कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर, यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़बनाए रखा जाए। recent visitors 97

राज्य जलमार्ग परिवहन समिति का गठन

भोपाल मध्यप्रदेश शासन ने राज्य में जलमार्ग परिवहन के विकास और प्रबंधन के लिए राज्य जलमार्ग परिवहन समिति का गठन किया है। यह समिति भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार बनाई गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति में मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग एवं IWAI द्वारा मनोनीत सदस्य को सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के सदस्य अभियांत्रिकी, पश्चिम रेल्वे भोपाल द्वारा मनोनीत सदस्य और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।   recent visitors 60