Sunday, July 5, 2026 12:01 am

आप पार्टी के नेताओं का आरोप है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में महिला वोटरों को नकदी बांटी गई, की शिकायत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भाजपा नेताओं प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा पर दिल्ली के महिला वोटरों पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत ईडी दफ्तर जाकर की है। आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में महिला वोटरों को नकदी बांटी गई है। शिकायत देने के बाद संजय सिंह ने दावा किया कि ईडी कर्मचारियों की ओर से उनको शिकायत के संबंध में एक रीसिविंग भी मिली है। शिकायत की रीसिविंग मिलने का दावा संजय सिंह ने शिकायत देने के बाद ईडी दफ्तर से बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने केवल शिकायत दी है। किसी अधिकारी ने हमें कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया है। इस मामले में ईडी क्या कार्रवाई करेगी इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। ईडी के अधिकारियों ने शिकायत की आधिकारिक प्राप्ति मिलने की बात कही है। उनकी ओर से मुझे रीसिविंग भी दी गई है। 1,100 रुपये बांटने का आरोप एक दिन पहले ही दिल्ली की सीएम आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा के विंडसर प्लेस स्थित आवास पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली महिलाओं को 1,100-1,100 रुपये बांटे गए हैं। यही नहीं उनका यह भी दावा था कि इन महिलाओं की मतदाता पहचान-पत्र की जानकारी भी दर्ज की गई है। क्या बोले परवेश वर्मा? वहीं प्रवेश वर्मा ने आतिशी के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके दिवंगत पिता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की ओर से गठित गैर सरकारी संगठन ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ के एक अभियान के तहत यह एक रकम जरूरतमंद लोगों को बांटी गई है। नई दिल्ली सीट पर दिग्गज करेंगे दो-दो हाथ सनद रहे परवेश वर्मा का दाव है कि BJP ने उन्हें नई दिल्ली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है। बता दें कि नई दिल्ली सीट से राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विधायक हैं। वह साल 2013 से ही यहां से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इन चुनावों में इस सीट पर तगड़ी चुनावी लड़ाई के आसार हैं। कांग्रेस ने पूर्वी सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को यहां से उतारा है। recent visitors 85

साल 2024: साल बदलने के बाद भी नहीं भूलेंगे ये हादसे, जिन्होंने पूरे देश को हिला कर रख दिया

नई दिल्ली साल 2024 कई मायनों में खास रहा है तो कई मायनों में भुला देने लायक भी रहा है। इस साल कई ऐसे हादसे हुए हैं, जिनका असर न केवल प्रभावित क्षेत्रों पर पड़ा, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों ने देश को शोक में सराबोर करते हुए कई परिवारों को अपूरणीय क्षति दी। कुछ हादसों में किसी के घर का चिराग बुझ गया, तो वहीं कई माताओं और बहनों का सुहाग उजड़ गया। नजर डालते हैं इस साल के पांच बड़े और दिल दहला देने वाले हादसों पर, जिन्होंने देशवासियों को हिला कर रख दिया। जयपुर अग्निकांड : अजमेर रोड पर भांकरोटा स्थित पुष्पराज पेट्रोल पंप के पास 20 दिसंबर की सुबह करीब 5.30 बजे एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर में आग लग गई। इस हादसे में कुछ लोग जिंदा जल गए तो वहीं 30 के करीब लोग झुलस गए। आग लगने की वजह से हाईवे पर 20 से ज्यादा वाहन आग की चपेट में आ गए। टैंकर के पीछे चल रही एक स्लीपर बस भी जलकर खाक हो गई। टैंकर में आग लगने के बाद हुए धमाके की आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि 300 मीटर के दायरे में कई वाहन पूरी तरह जल गए और कई ईंधन टैंक रुक-रुक कर फटते रहे। आग को और फैलने से रोकने के लिए राजमार्ग के नीचे से गुजरने वाली एलपीजी पाइपलाइन को भी बंद करना पड़ा था। 30 से अधिक एंबुलेंस और दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया था। हादसे में जान गंवाने वाले परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया था। मुंबई नाव हादसा : मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास 18 दिसंबर को उस वक्त एक बड़ा हादसा हुआ था, जब गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा आइलैंड जा रही नीलकमल नामक पैसेंजर बोट से नौसेना की स्पीड बोट टकरा गई थी। यह घटना दोपहर बाद तीन से चार बजे के बीच की थी। नौसेना की बोट में इंजन टेस्टिंग का काम चल रहा था। अचानक बोट में खराबी आई और वह नीलकमल से टकरा गई। नीलकमल बोट में 100 से ज्यादा लोग सवार थे, जो गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा आइलैंड की ओर जा रही थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। वायनाड भूस्खलन : केरल के वायनाड में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। वायनाड के चार गांवों में हुए भीषण भूस्खलन में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सौ से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। इस त्रासदी में जान-माल का भी भारी नुकसान हुआ था। भूस्खलन में मरने वालों के लिए दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान भी किया गया था। हाथरस सत्संग भगदड़ : हाथरस के सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई को नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के सत्संग में भगदड़ मची थी। इस भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, बाबा का काफिला निकालने के लिए सेवादरों ने भीड़ को रोक दिया था। इस दौरान उनकी चरण रज लेने की होड़ में लोग गिरते गए। इस मामले में पुलिस ने 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इस पूरे मामले की जांच के लिए योगी सरकार ने एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया था। इस हादसे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर सहित अन्य सेवादारों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, प्राण घातक हमला करने, गंभीर चोट पहुंचाने, लोगों को बंधक बनाने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इन पर यह भी आरोप था कि सत्संग में 80 हजार लोगों के जुटने की शर्त का उल्लंघन कर ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटाई गई। कंचनजंगा रेल हादसा : पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में 17 जून की सुबह लगभग नौ बजे एक मालगाड़ी ने सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कंचनजंगा एक्सप्रेस की कई बोगियां पटरी से उतर गई। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ढाई-ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। recent visitors 70

पिछले 70 घंटे से बच्ची भूखी-प्यासी है तीन साल की चेतना , अभी तक निकाला नहीं जा सका, अब सुरंग बनाई जाएगी

जयपुर राजस्थान के कोटपूतली में चार दिन के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी तीन साल की चेतना को बोरवेल ने निकाला नहीं जा सका है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मगर हर बीतते पल के साथ लोगों की उम्मीदें भी कम होती जा रही हैं। इसकी वजह यह है कि बोरवेल में गिरने के बाद बच्ची तक खाना और पानी पहुंचाया नहीं जा सका। पिछले 70 घंटे से बच्ची भूखी-प्यासी है। वहीं हादसे के बाद से मां धोली देवी ने भी कुछ नहीं खाया है। खेलते हुए बोरवेल में गिरी बच्ची तीन साल की चेतना पिछले चार दिन से 150 फुट गहरे बोरवेल में फंसी है। गुरुवार को बच्ची को बचाने का अभियान जारी रहा। दरअसल, सोमवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सरुंड थाना अंतर्गत बडियाली ढाणी में अपने पिता के कृषि फार्म में खेलते समय चेतना बोरवेल में गिर गई थी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मदद से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। बोरवेल के बगल में 170 फुट गहरा खड्ढा खोदा जा चुका है। अब रैट माइनर्स को इस गड्ढे में उतारा जाएगा। इसके बाद होरिजेंटल खुदाई की जाएगी। सलामती के लिए प्रार्थना भी जारी उधर, मां धोली देवी समेत सभी लोग चेतना की सलामती की खातिर प्रार्थना करने में जुटे हैं। शुरुआत में रिंग की मदद से बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने की कोशिश की गई। दो दिन तक लगातार कोशिशों के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद बुधवार सुबह एक पाइलिंग मशीन घटनास्थल पर लाई गई। इसके माध्यम से बोरवेल के समानांतर 170 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया। सुरंग से बच्ची तक पहुंचेंगे विशेषज्ञ सरुंड एसएचओ मोहम्मद इमरान का कहना कि अब एक होरिजेंटल सुरंग बनाई जाएगी। इसके माध्यम से विशेषज्ञ लड़की तक पहुंचेंगे। बच्ची को बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बोरवेल संकरा होने की वजह से सफलता नहीं मिली है। मौके पर डॉक्टरों की एक टीम एंबुलेंस के साथ मौजूद है। कलेक्टर भी घटनास्थल पर पहुंचीं कोटपूतली-बहरोड़ जिले की कलेक्टर कल्पना अग्रवाल बुधवार देर रात गांव पहुंचीं। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। अग्रवाल ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। काफी तैयारी के बाद खेत तक पाइलिंग मशीन पहुंची है। बता दें कि दो सप्ताह पहले दौसा जिले में एक पांच साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था। यहां रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग 55 घंटे तक चला। मगर जब तक बच्चे को बाहर निकाला गया तब तक वह जिंदगी की जंग हार चुका था। recent visitors 120

नरसिंहपुर अस्पताल में महिला डॉक्टर से सैलरी और छुट्टियों के एवज में 5 हजार की मांग की थी, लोकायुक्त पुलिस ने किया अरेस्ट

नरसिंहपुर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए पी सिंह को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह मामला नरसिंहपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक महिला डॉक्टर से उसके साथ एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। छुट्टियों के एवज में रिश्वत जानकारी के अनुसार डॉ. ए पी सिंह ने नरसिंहपुर जिले के एक अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर से उसकी सैलरी और छुट्टियों के एवज में 5 हजार रुपये की मांग की थी। महिला डॉक्टर ने इस भ्रष्टाचार को लोकायुक्त पुलिस के से की थी। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाकर महिला डॉक्टर से रिश्वत की रकम महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के जरिए ली जाती थी, और यही वजह है कि ऑपरेटर भी इस मामले में सह आरोपी बन गई है।   लोकायुक्त की कार्रवाई जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. ए पी सिंह को तब पकड़ लिया, जब वह रिश्वत की राशि महिला डॉक्टर से ले रहा था। इसके अलावा, कंप्यूटर ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया, जो रिश्वत की रकम के लेन-देन में शामिल थी। recent visitors 63

बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी-मानव द्वंद प्रबंधन पर हुई कार्यशाला

भोपाल उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत ईको-सेंटर, ताला में हाथी-मानव द्वंद प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला अध्ययन प्रवास, समीक्षा और भविष्य के रणनीति निर्धारण पर आधारित थी। कार्यशाला में प्रवास पर गये दल प्रभारियों द्वारा जंगली हाथियों के प्रबंधन विषय पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रेजेंटेशन में रहवास विकास, मानव-वन्य-प्राणी द्वंद को कम करने के उपाय, कॉरिडोर मैनेजमेंट, 24×7 कंट्रोल रूम, ई-निगरानी, जन-जागरूकता और विभिन्न आधुनिक तकनीकों को सम्मिलित किया गया। कार्यशाला में विभिन्न वन मण्डलों के वन मण्डलाधिकारियों ने उनके वन मण्डल में जंगली हाथी प्रबंधन, हाथी मूवमेंट और हाथी-मानव द्वंद संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। डब्ल्यू.आर.सी.सी.एस. एवं डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ. द्वारा भी हाथी-मानव द्वंद के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया गया। कार्यशाला में समस्त प्रतिभागियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये गये। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री शुभरंजन सेन एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री एल. कृष्णमूर्ति द्वारा हाथी-मानव द्वंद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हाथी मित्र दलों को पुरस्कृत किया गया। क्षेत्र संचालक, बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, संजय टाइगर रिजर्व, वन मण्डलाधिकारी सतना, मण्डला, कटनी, शहडोल, उत्तर शहडोल, डिण्डौरी, अनूपपुर, उमरिया एवं अध्ययन प्रवास पर गये उप वन मण्डलाधिकारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी-सह-डब्ल्यू.आर.सी.एस., डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ. (एनजीओ) आदि उपस्थित रहे।   recent visitors 72

श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने केबल कार रोपवे प्रोजेक्ट काम किया शुरू, दुकानदारों ने 72 घंटे का बंद का किया आह्वान

जम्मू  वैष्णो देवी यात्रा के पहले पड़ाव कटरा में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि रोपवे प्रोजेक्ट के विरोध कर रहे स्थानीय दुकानदारों ने 72 घंटे का बंद का आह्वान किया है। हालांकि दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के लिए होटल खुले हैं। मंदिर के ट्रैक पर भी पिट्ठू और पालकीवाले नजर नहीं आए। बुधवार को कटरा संघर्ष समिति के विरोध प्रदर्शन के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था। स्थानीय पुलिस अफसरों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा था इसलिए बलप्रयोग किया गया। वैष्णो देवी में रोपवे पर क्या है विवाद श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के लिए केबल कार रोपवे प्रोजेक्ट काम शुरू किया है। इसके पूरे होने के बाद भक्त ताराकोट से सांझीछत सिर्फ 8 मिनट में पहुंच जाएंगे। इसके बाद उन्हें माता के दरबार तक पहुंचने के लिए सिर्फ दो किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ेगी। 350 करोड़ का यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा होगा और इसके लिए कई जगह पर काम शुरू हो गए हैं। रोपवे से सांझीछत जाने वाले भक्त वाणगंगा, अर्द्धकुमारी, चरण पादुका नहीं जा सकेंगे। बोर्ड ने आस्ट्रिया के केबल केबिन मंगाने का ऑर्डर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट का स्थानीय दुकानदार, घोड़ेवाले, पिट्ठू वाले और पालकी वाले विरोध कर रहे हैं। उन्हें कटरा संघर्ष समिति का समर्थन भी हासिल है। संघर्ष समिति का दावा, दो लाख लोग हो जाएंगे बेरोजगार श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का कहना है कि यात्रा मार्ग पर करीब 10 हजार घोड़े, पिट्ठू और पालकी वाले काम करते हैं। इस रूट पर करीब 2500 छोटी-बड़ी दुकानें हैं, जिसमें भोजनालय, ड्राई फ्रूट शॉप भी शामिल हैं। रोपवे प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद करीब दो लाख कारोबारी सीधे तौर से प्रभावित होंगे। पिट्ठू, पालकी और घोड़े वाले दैनिक मजदूर को रोजाना एक से दो हजार रुपये की कमाई होती है। ड्राई फ्रूड व्यापारी का कारोबार भी चौपट हो जाएगा।  मगर पैदल यात्री आएंगे ही नहीं तो कमाई कैसे होगी। समिति का कहना है कि बाणगंगा और अर्द्धकुमारी में पड़ाव के बिना यात्रा भी अधूरी मानी जाती है। श्राइन बोर्ड भक्तों की आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का कहना है कि रोप-वे को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर बनाया जा रहा है। इससे वृद्ध, बीमार और बच्चों को फायदा मिलेगा। जो भक्त कटरा, बाणगंगा और अर्द्धकुमारी का दर्शन करना चाहेंगे, वह 13.5 किलोमीटर के पारंपरिक मार्ग से पैदल ही जाएंगे। संघर्ष समति की चेतावनी, होटल वाले नहीं लें नई बुकिंगश्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति और कटरा संघर्ष समिति से जुड़े कारोबारी बोर्ड के दलील से सहमत नहीं है और पिछले एक महीने से प्रदर्शन जारी है। बुधवार को कारोबारियों ने मार्च निकाला, जिस पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा है कि इस समस्या पर समाधान के लिए कारोबारियों से बातचीत जारी थी, मगर लाठीचार्ज के बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस का कहना है कि रोपवे का मामला वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड से संबंधित है और इसका जिला प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे पर संघर्ष समिति को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के बजाय बोर्ड से बातचीत करनी चाहिए। recent visitors 199

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हरिद्वार के आचार्य ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हरिद्वार से आए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी गिरि महाराज ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। स्वामी जी निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख हैं। आचार्य महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि आप जन कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंदने कहा कि उज्जैन में साधु-संतों को स्थाई आश्रम के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय प्रशंसनीय है। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि वे उज्जैन में गौशाला स्थापित करेंगे। स्थाई आश्रम होने से साधु-संतों का अब आगमन आसानी से होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आचार्य स्वामी कैलाशानंद को शॉल और श्रीफल से सम्मानित कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने बताया कि वे उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आए हैं। आचार्य जी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज कुंभ में आने का आमंत्रण भी दिया।   recent visitors 92