Sunday, July 5, 2026 2:13 am

सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, एमपी कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने धान उत्पादक किसानों को बोनस देने का संकल्प लिया था। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट बैठक में हुए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, किसान हित में यह बड़ा कदम उठाया गया है। केन- बेतवा, पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजनाओं से जुड़ी 19 अन्य सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।   कैबिनेट में यह भी फैसला हुआ है कि मध्य प्रदेश में लोग ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना सकेंगे। भारत के महा रजिस्ट्रार कार्यालय ने इसके लिए प्रारूप नियम तैयार किया है। इसी के आधार पर मध्य प्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2024 तैयार किया गया है। इसके अनुसार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक का उपबंध किया गया है। इसमें गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी। क्षिप्रा किनारे बनेगा 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 29 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जाएगा। यह क्षिप्रा नदी के दायीं किनारे पर शनि मंदिर से नागदा बाय पास तक बनेगा। इसकी लागत 771 करोड रुपये आएगी।   मध्य प्रदेश कैबिनेट के अन्य अहम फैसले प्रदेश में 100 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को संचित बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। केन बेतवा, पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना की 19 में से 16 योजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। जनजाति क्षेत्र के समेकित विकास के लिए धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रदेश के 52 जिलों के आदिवासियों को लाभान्वित किया जाएगा। सभी पंचायत में अटल ग्रामीण सेवा सदन बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी। पॉलिटेक्निक यूनानी चित्र सहित शिक्षण संस्थानों में इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों किसी से बस्ती को महंगाई सूचकांक से जोड़ने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है। इससे पहले प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिए समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है। recent visitors 53

मुख्यमंत्री साय ने कहा- देश को आजादी दिलाने में जनजातीय समाज के वीर सपूतों का अमूल्य योगदान

रायपुर हमारा देश और समाज हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ेे, समाज की नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की करे, उद्यमशीलता की तरफ बढ़े, इसके लिए समाज को निरंतर जागरूक होकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमेशा इसी एकजुटता पर बल देते हैं। हम सब एकजुट रहेंगे और माँ भारती की सेवा करने संकल्पित रहेंगे तो हमारा प्रदेश और देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा के ग्राम घुघरी में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय नागवशी समाज के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा, गुण्डाधुर, रानी दुर्गावती, वीर नारायण जैसे वीर सपूतों ने अपनी वीरता से देश को आजादी दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज की इन महान विभूतियों के गौरव को लोगों तक पहुंचाने एवं उनका मान बढ़ाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में गुम इन शहीदों के योगदान को सामने लाने के लिए  नवा रायपुर में जनजातीय योद्धाओं को समर्पित स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के आदिवासी जन नायकों द्वारा लड़े गए 13 महान संग्रामों का वर्णन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर घुघरी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख, खड़ा नाला में पुल निर्माण, ढ़ोड़की में व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार एवं बगीचा में एक करोड़ रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नागवंशी समाज की बहु प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए घुघरी में उनकी देवभूमि को संरक्षित करने हेतु सामुदायिक वनाधिकार पट्टा प्रदान किया गया। इसके साथ ही मात्रात्मक त्रुटि के कारण वंचित रह गए 40 बच्चों को मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागवंशी समाज के आराध्य भगवान महादेव-पार्वती एवं नाग देव की पूजा कर प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा ही जनजातीय कल्याण और उत्थान के लिए सर्वप्रथम आदिमजाति कल्याण विभाग का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के कल्याण हेतु बिजली, पानी, राशन वितरण, आवास, स्वास्थ्य, आयुष्मान कार्ड निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के विकास को दुगुनी गति प्रदान की गई है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए हमारे जनजातीय समाज के मुख्यमंत्री द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय, नागवंशी समाज के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे। recent visitors 47

पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं।    देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव  को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने   ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि    जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे।     हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 74

President मुर्मू ने 17 बच्चों को दिए बाल पुरस्कार, पीएम मोदी ने बच्चों से की मुलाकात

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार कला, संस्कृति और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण साहस और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। यह पुरस्कार सात श्रेणियों में दिए जाते हैं- कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण। इस बार 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए सात लड़कों और 10 लड़कियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के तहत बच्चों को एक पदक, प्रमाण पत्र और उद्धरण पुस्तिका प्रदान की गई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खूब सारी बातें कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लिया हिस्सा इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में वीर बाल दिवस मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जिसमें बच्चों को भारत के भविष्य की नींव के रूप में सम्मानित किया जाता है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज युवाओं को राष्ट्र के विकास से जुड़े हर क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं। हम हर क्षेत्र में नए बदलाव और चुनौतियां देख सकते हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की जरूरत है। 'तीन साल पहले हमारी सरकार ने शुरुआत की थी' प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम तीसरे वीर बाल दिवस के आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। तीन साल पहले हमारी सरकार ने वीर साहिबजादों के बलिदान की अमर स्मृति में वीर बाल दिवस मनाने की शुरूआत की थी। अब ये दिन करोड़ों देशवासियों के लिए, पूरे देश के लिए राष्ट्रीय प्रेरणा का पर्व बना है। इस दिन ने भारत के कितने ही बच्चों और युवाओं को अदम्य साहस से भरने का काम किया है।' बच्चों को दिया सफलता का मंत्र प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, '26 दिसंबर का वो दिन, जब छोटी सी उम्र में हमारे साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की आयु कम थी, लेकिन उनका हौसला आसमान से भी ऊंचा था। साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के हर लालच को ठुकराया, हर अत्याचार को सहा। जब उन्हें दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया, तो साहिबजादों ने उसे पूरी वीरता से स्वीकार किया… साहिबजादों ने प्राण देना स्वीकार किया, लेकिन आस्था के पथ से विचलित नहीं हुए… वीर बाल दिवस का ये दिन हमें सिखात है कि चाहे कितनी भी विकट स्थितियां आएं, देश और देशहित से बड़ा कुछ नहीं होता। देश के लिए किया गया हर काम वीरता है।'   recent visitors 51

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष "उप-रजिस्ट्रार" की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   recent visitors 50

घायलों का हाल जानने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष, राजस्थान-जयपुर टैंकर हादसे में अब तक 15 की मौत

जयपुर। भांकरोटा अग्निकांड में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान दो और घायलों यूसुफ और नरेश बाबू की मौत हो गई। अब तक इस हादसे में 15 लोगों की जान जा चुकी है। घायलों का इलाज एसएमएस अस्पताल में जारी है, जहां चिकित्सा विभाग के सभी डॉक्टर कैजुअल्टी रोकने के लिए सतर्क हैं। गौरतलब है कि 20 दिसंबर को भांकरोटा में एलपीजी टैंकर फटने के बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने इसकी जांच के लिए संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया है। झुलसे हुए कई मरीजों का एसएमएस अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष घायलों के हालचाल जानने के लिए आज एसएमएस अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से उपचार की स्थिति और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आयोग अध्यक्ष ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित मदद का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। कल आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए थे कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए और हादसे के कारणों की गहन जांच की जाए। recent visitors 190

यमुनानगर जिले में बाइक सवार युवकों ने गोलियां मारना शुरू कर दी, दौड़ाकर गोलियां मारी, दो की मौत

नई दिल्ली हरियाणा का यमुनानगर जिला आज 50 राउंड फायरिंग से थर्रा गया। जिम में गए तीन युवक जब एक्सरसाइज के बाद वापस लौट रहे थे और अपनी बुलेरो कार में बैठने जा रहे थे तो उन पर हमला हुआ। बाइक सवार युवकों ने उन्हें घेर कर गोलियां मारना शुरू कर दिया और जान बचाने के लिए भागे तो दौड़ाकर गोलियां मारी गईं। दूर से ही पूरी घटना को देखने वाले कुछ लोगों का दावा है कि 50 से ज्यादा गोलियां चली थीं। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दिखता है कि युवक हमलावरों से बचने के लिए भाग रहे थे, लेकिन जान बचाना ही मुश्किल हो गया। दो युवकों की तो मौके ही मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में एडमिट है। यह घटना शहर के लखा सिंह खेड़ी इलाके में सुबह करीब सवा 8 बजे हुई। जानकारी मिलते ही एसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शुरुआती जांच की। मौके की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, लेकिन हमलावरों की पहचान करना एक चैलेंज है। फायरिंग करते दिख रहे तीनों हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। अब तक किसी गैंगस्टर या ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे साफ है कि व्यक्तिगत दुश्मनी, प्रॉपर्टी के विवाद या फिर ऐसे ही किसी मामले में यह कांड हुआ है। अब तक इस हत्या के मकसद की भी जानकारी नहीं मिली है। बीते सप्ताह ही पंचकूला में गोलीकांड हुआ था और अब यमुनानगर में ऐसा होने से कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि तीनों युवक जिम से बाहर निकलकर एक गाड़ी में बैठकर अपने घर को लौट रहे थे। लेकिन इसी बीच बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और बिना मौका दिए गोलियां बरसाने लगे। बचने के लिए युवक इधर-उधर भागे और एक ने तो बगल के अस्पताल में भी घुसने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही गोलियां लगने से वह गिर पड़ा। इस बीच बदमाश 2 युवकों की हत्या कर फरार हो गए, वहीं घायल युवक की हालत भी गंभीर बनी हुई है। दिनदहाड़े ऐसी फायरिंग से लोग खौफ में हैं। हालांकि सर्दी अधिक होने और हल्की धुंध के चलते लोग बाहर कम निकलने थे। बदमाश काफी देर तक जिम के बाहर खून की होली खेलते रहे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि मौके पर खाली पड़े गोलियों के खोल और बिखरे हुए खून के निशान देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि कैसे बदमाशों ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। जो सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। उसमें देखा जा सकता है कि, बदमाश युवकों पर कई-कई गोलियां दाग रहे हैं। युवक बच न पायें इसके चलते बदमाशों ने लौट-लौटकर युवकों को गोलियां मारीं। जबकि युवक पहले से ही जमीन पर खून से लथपथ पड़े हुए थे। यही नहीं मरे पड़े एक शख्स को तो हमलावरों ने पलटाकर भी देखा कि कहीं वह जिंदा तो नहीं बच गया है। recent visitors 81