मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल, 50 हजार से अधिक आबादी भूमि के रहवासियों को मिलेेंगे भूमि संबंधी रिकार्डस

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के साथ रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वामित्व योजना के तहत पूरे देश में 57 लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड का वितरण करेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 17 जिलों के 50 हजार से अधिक सम्पत्ति मालिकों के भूमि संबंधी रिकार्डस शामिल हैं। स्वामित्व योजना में मालिकाना हक के साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान करने के लिए जिलों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। इन जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा, उपमुख्यमत्री विजय शर्मा दुर्ग, कृषि मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री केदार कश्यप राजनांदगांव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बलौदाबाजार-भाटापारा, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सरगुजा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अलावा 7 अन्य जिलों कोण्डागांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती में भी स्वामित्व कार्डों का वितरण होगा। स्वामित्व योजना के हैं कई लाभ स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है। इस योजना में ड्रोन सर्वे और जीआईएस मानचित्रों की सहायता से भूमि रिकार्डस को सटीक बनाया जाएगा। भूमि संबंधी सर्टिफिकेट मिलने से भूमि संबंधी विवादों मे कमी आएगी। सम्पत्ति की खरीदी बिक्री और हस्तान्तरण आसान हो जाएगा। भूमि मालिकों को बैंकऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।   योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 से स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हुई थी। देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। recent visitors 71

प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विचार मंथन द्वितीय सत्र सार्थक रहा मंथन: 2024, मंत्रीगण के मिले महत्वपूर्ण सुझाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर हुआ गंभीर विचार-विमर्श प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश अगला मंथन शिविर विभागीय स्तर पर होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूरे दिन चला मंथन-2024 का आयोजन सार्थक रहा। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवा, गरीब, महिला और किसान, इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही चार मिशन कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन का महत्व प्रतिपादित किया है। सुशासन को दृष्टिगत रखते हुए आज सम्पन्न मंथन शिविर बैठक में विस्तृत विचार- विमर्श किया गया है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार इस तरह की विमर्श बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर गुरूवार को गंभीर विचार-विमर्श हुआ है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक जनकल्याण राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा की गई , प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य करेगा। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश बनेगा सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कार्य और रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ होने से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य की संभावनाओं और कृषि एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों को गति मिलने से बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में हब भी बनेगा। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र और आईटी में भी हब बनेगा। संभाग स्तर पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे। हरित अर्थ व्यवस्था, स्वच्छता, सुशासन के ठोस प्रयासों से राज्य के विकास को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के उपयोग में आगे है। ओंकारेश्वर में प्रारंभ फ्लोटिंग सोलर प्लांट एक उदाहरण है। नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बावई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण की इकाइयों को स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। किसानों को सस्ती ही नहीं मुफ्त बिजली देने का कार्य नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपायों से संभव हो रहा है। यह क्रांतिकारी परिर्वतन है। मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा     टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।     युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।     मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।     प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।     इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।     विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।     समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।     कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।     मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।     सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।     मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।     नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।     वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।     कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।     दीर्घ अवधि की योजना … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।   recent visitors 137

पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई

लोक निर्माण मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल से की मुलाकात लोक निर्माण मंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात अध्ययन यात्रा पर पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई भोपाल मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से गांधीनगर में मुलाकात की। मंत्री सिंह के नेतृत्व में विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 26 और 27 दिसम्बर को गुजरात की दो दिवसीय अध्ययन यात्रा पर है। मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अपने व्यस्त कार्यक्रम से प्रतिनिधिमंडल को समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल के पास सड़क एवं भवन विभाग का प्रभार है, बैठक में सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने गुजरात में अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गुजरात के इन सफल प्रयासों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस योजना तैयार की जाएगी। मंत्री सिंह ने बताया कि अध्ययन यात्रा में गुजरात की निविदा शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, क्योंकि गुजरात इस क्षेत्र में आदर्श कार्य करने में अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निविदा शर्तों में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि गुजरात की यह अध्ययन यात्रा मध्यप्रदेश में सड़क और भवन निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इस यात्रा को राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गुजरात सड़क एवं भवन विभाग ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपनी योजनाओं, नीतियों, नवाचारों, नवीन निर्माण तकनीकों और बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, कोर रोड नेटवर्क, ग्रीन हाईवे पहल, मास्टर प्लान 2031, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), गुणवत्ता नियंत्रण, सड़क निर्माण में ग्लास ग्रिड, जियो ग्रिड और कॉपर स्लैग जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल था। प्रतिनिधिमंडल को आईटी आधारित प्रबंधन प्रणाली के तहत रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम और पॉट होल रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी तकनीकों के माध्यम से निर्माण परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रक्रिया का अवलोकन भी किया, जो निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में गुजरात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन दल में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज जैन, प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल, प्रमुख अभियंता (भवन विकास निगम) अनिल श्रीवास्तव, और अन्य इंजीनियर शामिल थे। मंत्री सिंह के कार्यालय से राहुल सिंह राजपूत, रितेश जैन और सुशिवानी राजपूत ने भी भाग लिया।   recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुए मंथन शिविर में विभिन्न प्रेजेंटेशन देखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए।     मंथन: 2024 के अंतर्गत किसान कल्याण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि सचिव के प्रेजेंटेशन के पश्चात कहा कि किसान संगठनों से भी चर्चा कर सुझाव प्राप्त किए जाएं। मत्स्य-पालन और पशुपालन के लिए किस तरह सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए संभाग स्तर पर मेले लगाकर कई कृषि तकनीक और लाभकारी फसलों की जानकारी दी जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जाएं। अन्य राज्यों में कृषि क्षेत्र के श्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर राज्य में लागू करें।     आदर्श,श्रेष्ठ और नवाचार आधारित कृषि कार्यों में संलग्न कृषक सम्मानित भी किए जाएं।     मंथन:2024 के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े नगरों और महानगरों में अधोसंरचना विकास की दृष्टि से भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के प्रयास हों।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के नवकरणीय ऊर्जा के प्रेजेंटेशन के बाद निर्देश दिए कि एक लाख किसानों को सौर ऊर्जा पम्प के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभियान संचालित करें। योजना को जमीन पर उतारें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव उद्योग के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि संभाग स्तर की अगली कॉन्क्लेव 16 जनवरी को शहडोल में होगी। पूर्व में हुए कॉन्क्लेव में निवेश से संबंधित निर्णयों और प्रस्तावों का फॉलो-अप लिया जा रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मुख्य सचिव‍ अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिकता की शक्ति का उपयोग कार्यशैली में करने, संवेदनशीलता बरतते हुए, क्रियान्वयन पर जोर दिया है। सुशासन प्राथमिकता हो, कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो। प्रधानमंत्री मोदी ने आधारभूत संरचना को भी सशक्त करने पर बल दिया है।     मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रिफार्म, परफार्म, ट्रांस्फार्म और इन्फार्म की प्रक्रिया का महत्व बताते हुए त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय की जरूरत बताई।     मुख्य सचिव ने चक्रीय अर्थ-व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण की प्राथमिकता की भी जरूरत बताई।   recent visitors 52

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे। इस अवसर पर सुश्री भारती ने कहा कि बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदलने वाली विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना अभिनन्दनीय है। इस परियोजना की मंजूरी कई वर्ष से लंबित थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। सुश्री भारती ने कहा कि बाढ़ और सूखा दोनों अपनी तरह की समस्याएं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में यह समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इन दोनों समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण उपाय नदी जोड़ो परियोजना है। केन-बेतवा नदी जोड़ो सामान्य परियोजना न होकर अर्थव्यवस्था को बदलने वाली परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से साकार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत और सम्मान किया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री भारती ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास जाकर ही उन्हें केन- बेतवा परियोजना से भूमि-पूजन पर धन्यवाद देना चाहती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रहपूर्वक कहा कि वे स्वयं ही भेंट करने आ रहे है। उनके आगमन एवं बुंदेलखंड अंचल के साथ संपूर्ण प्रदेश की समृद्धि की दृष्टि से केन-बेतवा परियोजना की शुरुआत में डॉ. यादव की महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हुई है। वर्षों से लंबित परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक वर्ष के कार्यकाल में ही संभव बना दिया।   recent visitors 84

11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में होगा आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) और विज्ञान भारती द्वारा संयुक्त रूप से 11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। यह मेला विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। चार दिवसीय मेले में विभिन्न कार्यक्रमों, संवाद सत्रों, वर्कशॉप और विशेषज्ञ व्याख्यानों से विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ावा दिया जाएगा। मेले के शुभारंभ दिवस आज ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान’ और प्रतिभागियों ‘सीधा संवाद’ किया जाएगा। ‘सीखो-कमाओ योजना वर्कशॉप’ और ‘विज्ञान भारती परिचय एवं नवाचार मार्गदर्शन’ सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 28 दिसंबर को विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें उन्हें आधुनिक विज्ञान शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। 29 दिसम्बर को विद्यार्थी संवाद’ और ‘आईकेएस (भारतीय ज्ञान प्रणाली) पर विशेषज्ञ व्याख्यान’ प्रमुख आकर्षण होंगे। मेले का समापन 30 दिसम्बर को होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। बीवीएम-2024 का केंद्रीय विषय "विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार" है। बीवीएम एक ऐसा अद्वितीय मंच प्रदान करता है, जो संवाद के अवसर तो प्रदान करता ही है, साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों का दुर्लभ अनुभव भी देता है। बीवीएम के प्रमुख आकर्षणों में वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, ग्रामीण प्रौद्योगिकी, विद्यार्थियों-वैज्ञानिकों का संवाद, उद्घाटन सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित पेवेलियन्स जैसे क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी पेवेलियन, हस्तशिल्प पेवेलियन, औषधीय पौधों का पेवेलियन, कृषि-प्रौद्योगिकी पेवेलियन, प्रमुख वैज्ञानिकों की जीवनी पर पेवेलियन, विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पवेलियन आदि भी होंगे। विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन/संस्थाएँ जैसे डीएई, इसरो, डीआरडीओ, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीआईएल, सीएसआईआर प्रयोगशालाएँ और कृषि परिषदें अपने सफलतापूर्वक किए गए कार्यों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित की गई हैं।     recent visitors 235