Monday, July 6, 2026 8:11 am

प्रदेश में स्मार्ट सिटी योजना में 7 शहरों में 1253.65 करोड़ रूपये के कार्य

भोपाल स्मार्ट सिटी योजना के माध्यम से शहरों का समुचित विकास, आर्थिक सुधार और नागरिकों की जीवनशैली में सुधार के कार्य प्रमुख रूप से किये जा रहे हैं। योजना में पिछले एक वर्ष में सातों स्मार्ट सिटी शहरों में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये की 81 कार्य पूरे किये जा चुके हैं। वर्तमान में 828 करोड़ के 43 कार्य प्रगति में है। प्रदेश के 7 शहरों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना शहर शामिल है। सीआईटीआईआईएस में 2 शहरों का चयन स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा 'द सिटी इन्वेस्टमेंटस् टू इनोवेट इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन' (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 अंतर्गत राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये के मान से अनुदान राशि प्राप्त होगी। चैंलेज कंपोनेंट-2 के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिये भेजा है। जबलपुर-इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मान केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास कार्य और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि विकास कार्य प्रगति पर हैं। जबलपुर और पीथमपुर के प्रस्ताव केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार इन्क्यूबेशन ऑफ न्यू सिटीज चैलेंज के अंतर्गत जबलपुर टैक्सटाइल एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर एवं पीथमपुर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप सेक्टर-7 के प्रस्ताव तैयार कर नई दिल्ली भेजे गये हैं। चयनित शहर को व्हीजीएफ के रूप में एक हजार करोड़ रूपये की राशि प्राप्त होगी। उज्जैन शहर में यूनिटी मॉल केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत 'एक जिला-एक उत्पाद' के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिट मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को अपने उत्पादों के विक्रय के लिये उपर्युक्त स्थान प्राप्त होगा। यह कार्य अगस्त 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। recent visitors 34

मनमोहन सिंह: आर्थिक सुधारों के जनक और एक दृढ़ राजनेता

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन को राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने सिंह की प्रशंसा करते हुए शुक्रवार को कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद वह देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे। मोदी ने एक प्रतिष्ठित सांसद के रूप में उनकी सराहना करते हुए कहा कि सिंह का जीवन उनकी ईमानदारी और सादगी का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री ने सुधारों के प्रति सिंह की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि देश के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंह का जीवन भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमेशा एक सीख के रूप में काम करेगा कि कैसे कोई व्यक्ति अभावों और संघर्षों से ऊपर उठकर सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा, शनिवार को होगी अंत्येष्टि  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेताओं तथा अन्य हस्तियों ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटे पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर फूलों से सजे ताबूत में रखा गया, जहां दलगत भावना से ऊपर उठकर नेताओं ने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह पार्टी मुख्यालय में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और फिर वहीं से सुबह साढ़े नौ बजे उनकी अंतिम यात्रा भी शुरू होगी। राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी की पूर्व प्रमुख सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि दी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव प्रियंका गांधी और अन्य नेता भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया और कहा कि उन्हें एक दयालु इंसान, विद्वान अर्थशास्त्री और आर्थिक सुधारों के जरिए देश को एक नए युग में ले जाने वाले नेता के रूप में याद किया जाएगा। मोदी ने एक वीडियो संदेश में सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि उनका जीवन भविष्य की पीढ़ियों को सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों से ऊपर उठकर ऊंचाइयों को प्राप्त किया जाता है। मोदी ने कहा, ‘‘डॉ. सिंह का निधन राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। विभाजन के दौरान भारत आने के क्रम में बहुत कुछ खोने के बावजूद उन्होंने इन उपलब्धियों को हासिल किया।’’ उनका कहना था, ‘‘डॉ. सिंह का जीवन भविष्य की पीढ़ियों को सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों से ऊपर उठकर महान ऊंचाइयों को प्राप्त किया जाए।’’ भारत में आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। वह 92 साल के थे। मनमोहन सिंह को बृहस्पतिवार की शाम तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार देर रात एम्स से उनके आवास पर ले जाया गया। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जीवन पर अपनी छाप छोड़ी है और उनके निधन से राष्ट्र ने एक प्रख्यात राजनेता, जानेमाने अर्थशास्त्री और एक प्रतिष्ठित को नेता खो दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की स्मृति में एक शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल ने दो मिनट का मौन रखकर डॉ० मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी।’’ कांग्रेस नेता सिंह 2004 से 2014 तक, 10 वर्ष देश के प्रधानमंत्री रहे और उससे पहले उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में मदद की। वह वैश्विक वित्तीय और आर्थिक क्षेत्रों में एक प्रसिद्ध नाम थे। उनकी सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई), शिक्षा का अधिकार (आरटीई) और मनरेगा जैसी युग परिवर्तनकारी योजनाओं की शुरूआत की। हमेशा नीली पगड़ी पहनने वाले सिंह को 1991 में नरसिम्हा राव सरकार में भारत का वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति शुरू करने में उनकी भूमिका को अब दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है। मनमोहन सिंह: आर्थिक सुधारों के जनक और एक दृढ़ राजनेता  पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत में आर्थिक सुधारों के जनक, उसे लाइसेंस राज से मुक्त कराने वाले और देश को उस स्थिति से उबारने वाले उद्धारक के रूप में याद किया जाएगा जब इसका स्वर्ण भंडार भी गिरवी रख दिया गया था। एक दृढ़ राजनेता के तौर पर पहचान बनाने वाले डा. मनमोहन सिंह मौजूदा भारत के शिल्पकार और विद्वता के धनी इंसान थे। विनम्र, विद्वान, मृदुभाषी और आमसहमति में यकीन रखने वाले मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। कांग्रेस नेता के रूप में उन्होंने 2004-2014 तक 10 वर्षों के लिए देश का नेतृत्व किया और उससे पहले वित्त मंत्री के रूप में देश के आर्थिक ढांचे को तैयार करने में मदद की। वह वैश्विक स्तर पर वित्तीय और आर्थिक क्षेत्र की एक मशहूर शख्सियत थे। उनकी सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई), शिक्षा का अधिकार (आरटीई) और मनरेगा जैसी युग परिवर्तनकारी योजनाओं की शुरूआत की। मनमोहन सिंह ने अभावों के बीच अपने जीवन की शुरूआत की। कभी बिजली से वंचित अपने गांव में मिट्टी के तेल के दीये की मंद रोशनी में पढ़ाई करने वाले मनमोहन सिंह … Read more

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में उपार्जित धान की मिलिंग के लिये अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत

भोपाल राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में उपार्जित धान की मिलिंग के लिये अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी लाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने, राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल को केन्द्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान करने एवं प्रदेश में उपार्जित धान की भारत सरकार द्वारा मिलिंग के लिये निर्धारित समयावधि में मिलिंग कराये जाने के उद्देश्य से अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत की गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं। मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग के लिये मिलिंग प्रोत्साहन राशि 50 रुपये प्रति क्विंटल पर म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन में जमा करने के लिये नियत की गई है। इसमें भारतीय खाद्य निगम को परिदान के बंधन को नहीं रखा जायेगा। मिलिंग अनुपात 40 प्रतिशत से अधिक एवं अधिकतम 80 प्रतिशत म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन तथा 20 प्रतिशत से अधिक एवं 60 प्रतिशत के मध्य भारतीय खाद्य निगम को परिदान किये जाने पर 50 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त 40 रूपये प्रति क्विटल अपग्रेडेशन राशि के रूप में दी जायेगी। मिलिंग अनुपात अधिकतम 40 प्रतिशत म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन तथा 60 प्रतिशत से अधिक भारतीय खाद्य निगम को परिदान किए जाने की सहमति पर 50 रूपये प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त 120 रुपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि के रूप में दी जायेगी। विभिन्न विकल्पों अनुसार मिलिंग की अपग्रेडेशन राशि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान की मिलिंग के लिये लागू की जायेगी। मिलर द्वारा मिल की निर्धारित क्षमता का न्यूनतम 30 प्रतिशत अथवा जिले में उपलब्ध धान की मात्रा के आधार पर कलेक्टर द्वारा निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत तक कस्टम मिलिंग करने पर यह राशि दी जायेगी। मिलर द्वारा निर्धारित न्यूनतम मात्रा की मिलिंग नहीं किये जाने पर नियमानुसार दाण्डिक कार्रवाई की जायेगी। साथ ही मिलर को देय मिलिंग प्रोत्साहन राशि एवं अपग्रेडेशन राशि में अनुपातिक रूप से कटौती की जायेगी। इसके अंतर्गत 15 प्रतिशत से अधिक एवं 30 प्रतिशत से कम मिलिंग करने वाले मिलर्स से प्रोत्साहन राशि एवं अपग्रेडेशन राशि की 25 प्रतिशत कटौती की जायेगी। इसी प्रकार 15 प्रतिशत एवं उससे कम मिलिंग करने वाले मिलर्स से प्रोत्साहन राशि एवं अपग्रेडेशन राशि की 50 प्रतिशत कटौती की जायेगी। recent visitors 76

प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या, युवती की जल्द शादी थी, युवक पहले से विवाहित

भिलाई एक प्रेमी जोड़े ने गुरुवार की देर रात सुपेला अंडरब्रिज के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार की सुबह पुलिस को घटना की जानकारी हुई। जिसके बाद सुपेला पुलिस ने उनके शवों को चीरघर भिजवाया। दोपहर बाद उनकी पहचान हो सकी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था। युवती की दो महीने बाद शादी होने वाली थी। वहीं युवक पहले से शादीशुदा था। सुपेला पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय युवती श्रेया फर्नांडिज बीएमवाय चरोदा और 30 वर्षीय युवक राहुल कुमार सिंह हॉस्पिटल सेक्टर का रहने वाला था। श्रेया आकाशगंगा सुपेला के एक मोबाइल दुकान में काम करती थी। वहीं राहुल शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। दोनों ने गुरुवार की रात को ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। क्रिसमस सेलिब्रेशन पर निकली थी बाहर दोनों की पहचान होने के बाद पुलिस की सिर्फ श्रेया के परिवार वालों से बात हो सकी है। श्रेया के परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि वो गुरुवार की सुबह घर से स्कूटी लेकर निकली थी। गुरुवार को घर पर क्रिसमस सेलिब्रेशन रखा गया था। शाम को उसके घर वालों ने उसे फोन किया तो उसका मोबाइल बंद बताने लगा। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई। वहीं मृतक राहुल के परिवार वालों से पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच कब से संबंध था और इस घटना का कारण क्या है, ये स्पष्ट नहीं हो सका है। सुपेला पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। recent visitors 29

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बनाये 9 नये वितरण केन्‍द्र, ग्रामीण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार और निर्माण कार्यों को गति देने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए 9 नए वितरण केन्‍द्र बनाये हैं। इन केन्‍द्रों के बनने से ग्रामीण क्षेत्र के हजारों उपभोक्‍ताओं को लाभ मिलेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि विदिशा वृत्त के गंजबासौदा संभाग में पथरिया, आनंदपुर तथा पठारी में नया वितरण केन्‍द्र बनाया गया है। मौजूदा बगरौदा, लटेरी तथा कुरवाई वितरण केन्‍द्र यथावत कार्यरत रहेंगे। राजगढ वृत्त के जीरापुर व ब्‍यावरा संभाग में दो नये वितरण केन्‍द्र जीरापुर-1 तथा गिंडोरहट बनाये गये हैं। यहाँ पर मौजूदा जीरापुर, सुठालिया वितरण केन्‍द्र यथावत कार्य करते रहेंगे। वहीं बैतूल वृत्त के अंतर्गत भौरा तथा चूनाहजूरी नए वितरण केन्‍द्र बनाए गए हैं, जबकि शाहपुर तथा चिचौली वितरण केन्द्र पूर्ववत कार्य करते रहेंगे। कंपनी ने रायसेन वृत्त में खरवाई तथा शिवपुरी वृत्त में सतनवाडा को नया वितरण केन्‍द्र बनाया है, जबकि रायसेन (ग्रामीण) तथा शिवपुरी (ग्रामीण) वितरण केन्‍द्र पहले की तरह कार्य करते रहेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपेक्षा जताई है कि इन नए वितरण केन्‍द्रों से ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार आयेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि नव निर्मित वितरण केन्‍द्रों से जहाँ एक ओर उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी वहीं दूसरी ओर निर्बाध एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति में आवश्यक सुधार होगा।   recent visitors 128

तेंदुलकर के नाम दर्ज हुई खास उपलब्धि, MCC ने क्लब सदस्यता से सम्मानित किया

मेलबर्न  मेलबर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने घोषणा की है कि भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इसकी मानद क्रिकेट सदस्यता स्वीकार कर ली है। एमसीसी की स्थापना 1838 में हुई थी और यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे पुराने खेल क्लबों में से एक है। वे प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) के प्रबंधन और विकास के लिए भी जिम्मेदार हैं, जो वर्तमान में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पारंपरिक बॉक्सिंग डे टेस्ट की मेजबानी कर रहा है। एमसीसी नेअपने एक्स अकाउंट पर कहा, “एक आइकन को सम्मानित किया गया। एमसीसी को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर ने खेल में उनके उत्कृष्ट योगदान को स्वीकार करते हुए मानद क्रिकेट सदस्यता स्वीकार कर ली है।” तेंदुलकर को खेल के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 1989 से 2013 तक चला। उन्होंने भारत के लिए 664 मैचों में 34,357 रन बनाते हुए 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। भारत की कप्तानी करने वाले तेंदुलकर ने मेलबर्न में भारत के लिए पांच टेस्ट और सात वनडे खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 449 और 190 रन बनाए। अब तक, वह मेलबर्न में खेले गए टेस्ट मैचों में भारत के अग्रणी रन स्कोरर हैं, जिसमें उनके नाम एक शतक और तीन अर्द्धशतक हैं। 2012 में, तेंदुलकर को ऑर्डर ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया का मानद सदस्य बनाया गया, जो यह सम्मान पाने वाले पहले गैर-ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बन गए। उसी वर्ष, उन्हें सिडनी क्रिकेट क्लब की मानद आजीवन सदस्यता भी दी गई। 2014 में, तेंदुलकर को इंग्लैंड में यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया। वह मैरीलबोन क्रिकेट क्लब के आजीवन सदस्य भी हैं, जो लंदन में लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड और मुंबई में एमआईजी क्रिकेट क्लब के संरक्षक हैं, जहां उन्होंने युवावस्था में प्रशिक्षण लिया था।   recent visitors 44

पशुधन की गणना के लिए अपने पशुओं की सही जानकारी अवश्य दें : मंत्री श्री पटेल

भोपाल भारत सरकार के निर्देशानुसार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 21वीं पशु संगणना-2024 का कार्य सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में 25 अक्टूबर 2024 से प्रारंभ हो चुका है। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री, (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने प्रदेश के सभी पशुपालकों से अपील की है कि जब पशुपालन विभाग से कर्मचारी उनके पशुधन की गिनती के लिए आएं, तो उन्हें अपने पशुओं की सही जानकारी अवश्य् दें। कोई घर-कोई पशुधन गणना से न छूटे। इस भावना से कार्य करें कि मेरे पशु मेरी जिम्मेदारी है। यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसमें सभी अपना पूरा सहयोग दें। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के कुल 55 हजार 902 ग्रामों व 7 हजार 846 शहरी वार्डों में पशुओं की गणना की जाएगी। प्रदेश में आज तक कुल 7077 ग्राम/शहरी वार्डों में सर्वे कार्य प्रारंभ हो चुका है, शेष ग्रामों /शहरी वार्डों में सर्वे कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश में पशु संगणना में 5558 प्रगणक एवं 970 सुपरवाईजर कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष-2019 की पशुगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशु थे। इसके अनुसार पशुओं की संख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है।   recent visitors 48