मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- ई-मंडी योजना एक जनवरी से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ई-मंडी योजना एक जनवरी 2025 से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड) अपनी महत्वपूर्ण ई-मंडी योजना का विस्तार कर रहा है। पूर्व से ई-मंडी योजना 42 मंडियों में क्रियाशील है। मंडियों को सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिये प्रदेश में निरंतर कार्य किया जा रहा है। ई-मंडी योजना से किसान मंडियों में अपनी उपज के विक्रय के लिये स्वयं अपनी पर्ची बना सकेंगे। मंडी ऐप से किसानों को सुविधा होगी। उन्हें उपज विक्रय के लिये या प्रवेश पर्ची के लिये लाईन में नहीं लगना होगा। ई-मंडी योजना के तहत मंडी प्रांगण में प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल तथा भुगतान तक की कार्यवाही कंप्यूटराइज्ड रहेगी। मंडियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि 01 अप्रैल 2025 से सभी 259 मंडियां ई-मंडी के रूप में कार्य करें। मोबाइल ऐप से प्रक्रिया होगी सरल मंडी ऐप के द्वारा किसान भाइयों के लिये प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। किसानों को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है कि वह मंडी आने से पहले मंडी में अपनी प्रवेश पर्ची स्वयं अपने मोबाइल से बना सकते हैं। एक बार प्रवेश पर्ची बन जाने पर बार-बार उन्हें अपना संपूर्ण डाटा मंडी में देने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रवेश पर्ची बन जाने से किसान सीधे मंडी प्रांगण के नीलामी स्थलों पर जाकर अपनी कृषि उपज की नीलामी करा सकते हैं। नीलामी की कार्यवाही भी मिलेगी मोबाइल पर नीलामी की कार्यवाही की जानकारी किसानों को मोबाइल पर भी प्राप्त होगी। तुलावटी भाईयों को ई-मंडी योजना का प्रशिक्षण दिया गया है। वे एंड्रॉयड मोबाइल पर की गई तौल का फाइनल वजन दर्ज करेंगे और उन्हें कोई भी जानकारी लिखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। साथ ही व्यापारी साथियों को भी भुगतान पत्रक बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ई-मंडी योजना में व्यापारी की आईडी पर रेडीमेड भुगतान पत्रक प्रदर्शित होगा। व्यापारी को उनके द्वारा किसानों को किये जा रहे भुगतान की सिर्फ एंट्री ही करनी होगी। रियल टाइम होगा उपज रिकार्ड का संधारण ई-मंडी योजना से किसानों द्वारा मंडी में विक्रय की जा रही कृषि उपज का रिकार्ड संधारण रियल टाइम ऑनलाइन होगा। इससे मंडियों में भीड़-भाड़ भी नहीं होगी और असुविधा भी नहीं होगी। किसान भाइयों को प्रवेश, अनुबंध, तौल तथा भुगतान करने के बाद उनके मोबाइल पर एसएमएस तथा व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होगा। किसानों को यह जानकारी रहेगी कि उनकी उपज किस व्यापारी द्वारा कितने दाम पर खरीदी गई है।   recent visitors 68

दोनों प्रदेशों के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नवीन तकनीकों पर विस्तार से की चर्चा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में गुजरात अध्ययन यात्रा पर गए दल ने दूसरे दिन गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) एवं अहमदाबाद साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा किया। अध्ययन दल ने गुजरात सड़क एवं भवन विकास विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माण क्षेत्र में उपयोग की जा रही नवीनतम तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भास्कराचार्य संस्थान की सेवाओं की सराहना  मंत्री सिंह ने भास्कराचार्य संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही आईटी सेवाओं की सराहना करते हुए इन्हें अनुकरणीय बताया। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग में इन्हें लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने भास्कराचार्य संस्थान की तकनीकी क्षमताओं और सेवाओं को बेहतरीन बताया। मंत्री सिंह ने मुख्य अभियंता एवं अधिकारियों को एक दिन और रुककर संस्थान में प्रशिक्षण लेने और इन तकनीकों को बेहतर तरीके से समझने के निर्देश दिए। भू-सूचना विज्ञान संस्थान संस्थान के प्रमुख टीपी सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और जी.आई.एस तकनीक पर आधारित पीएम गतिशक्ति परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान BISAG-N संस्थान ने मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग को विभिन्न प्रकार के आईटी समाधानों और जीआईएस बेस्ड एप्लीकेशन की सेवाएं कम लागत पर प्रदान किए जाने की जानकारी दी। साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा  मंत्री सिंह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी दौरा किया। उन्होंने 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को शहरी विकास, नदी संरक्षण, पर्यावरण सुधार और सौंदर्य के साथ नवीनतम निर्माण तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है।  भ्रमण के दौरान रिवर फ्रंट निर्माण के लिये गठित कंपनी के कार्यालय में दिये गये प्रेजेंटेशन में रिवर फ्रंट की शुरुआत, निर्माण में आने वाली चुनौतियां, चरणबद्ध निर्माण प्रक्रिया, और भविष्य की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में साबरमती रिवर फ्रंट की कुल लंबाई 22 किलोमीटर से भी अधिक होगी और यह दुनिया का सबसे लंबा रिवर फ्रंट बनेगा।  मंत्री सिंह ने साबरमती नदी पर बने अटल ब्रिज की भी सराहना की। उन्होंने इसे निर्माण तकनीक का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि 80 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ब्रिज आधुनिक तकनीकी, अद्भुत सौंदर्य और कलाकृति का शानदार नमूना है। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों के साथ की मीटिंग  दूसरे दिन सत्र की शुरुआत मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रेजेंटेशन से हुई। लोक निर्माण विभाग ने अपने संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण में प्रदेश में अपनाई गयी नई तकनीकों, नवाचारों और आईटी परियोजनाओं की जानकारी दी। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों ने भी मध्यप्रदेश में नियोजित एवं क्रियान्वित नवाचारों को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। सड़क पुल एवं भवन निर्माण के दौरान आने वाली सामान्य समस्याओं पर दोनों राज्यों के अधिकारियों ने चर्चा कर अपने समाधान एक-दूसरे से साझा किये।  मंत्री सिंह ने गुजरात के दो दिवसीय अध्ययन के अनुभवों और तकनीकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा इस तरह की अध्ययन यात्राओं और परिचर्चाओं को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों में नई तकनीकों और सर्वोत्तम प्रेक्टिसेज़ का समावेश हो सके।   recent visitors 54

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कर्मचारी हित में लिया गया निर्णय: कर्मचारियों के मासिक भत्तों में किया गया संशोधन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कर्मचारियों के हित में नई पहल करते हुए शासन द्वारा कर्मचारियों के मासिक भत्तों में संशोधन किया गया है। इससे कर्मचारियों का कार्य प्रदर्शन बेहतर हो सकेगा। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है।     राज्य सरकार द्वारा संशोधित भत्ते के लिए राजस्व निरीक्षकों, विक्रय अमीन, सहायक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (ग्राम सेवक), सहायक विकास विस्तार अधिकारी, पशु चिकित्सा के क्षेत्र सहायक,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हैंड पंप तकनीशियनों के वर्तमान दर 350 रुपए प्रति माह को संशोधित कर 1200 रुपए प्रति माह यात्रा भत्ता दिया जाएगा। इसी तरह जिला और तहसील स्तर के राजस्व विभाग के भृत्य एवं जमादार,वन विभाग और राजस्व विभाग के चेन मैन, न्यायिक एवं वाणिज्यक कर विभाग के प्रोसेस सर्वर तथा ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत पटवारियों के वर्तमान दर 300 रुपए प्रति माह में संशोधन कर 1000 रुपए प्रति माह यात्रा भत्ता दिया जाएगा। यात्रा भत्ता की अन्य शर्तें एवं नियम यथावत रहेंगे। recent visitors 44

मनमोहन सिंह की अंत्येष्टि को लेकर राजनीति शुरू, कांग्रेस की मांग डॉ. मनमोहन सिंह का भी स्मारक बनाया जाए

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अंत्येष्टि को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार का स्थान निगमबोध घाट में तय कर दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा है कि जिस स्थान पर उनका अंतिम संस्कार हो वहीं पर स्मारक भी बनना चाहिए। कांग्रेस के कहना है कि जिस तरह से राजघाट में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार हुआ और उनका स्मारक बनाया गया, उसी तरह डॉ. मनमोहन सिंह का भी स्मारक बनाया जाए। केंद्र का कहना है कि स्मारक के लिए ट्रस्ट बनाया जाएगा और फिर भूमि भी आवंटित की जाएगी। वहीं कांग्रेस के आरोपों के बाद लोग पार्टी के नरसिम्हा राव की याद दिला रहे हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को याद करना चाहिए कि किस तरह से उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में नहीं करने दिया गया और फिर 10 साल की सरकार के दौरान उनका स्मारक भी नहीं बनवाया गया। पीवी नरसिम्हा राव और कांग्रेस में क्यों आ गई थी खटास पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने अपनी किताब '1991 हाउ पीवी नरसिम्हा राव मेड हिस्ट्री' में लिखा कि नरसिम्हा राव ही देश के पहले एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर थे। उन्हे भी नहीं पता था कि वह प्रधानमंत्री बनने वाले थे। राजीव गांधी की हत्या के बाद वह अपना बैग पैक कर हैदराबाद जाने को तैयार थे। लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया गया। हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद ही कांग्रेस के साथ उनके रिश्ते खराब होने लगे। हालात ऐसे हो गए कि 2004 में उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार भी दिल्ली में नहीं किया जा सका। इसके अलावा कांग्रेस के अन्य प्रधानमंत्रियों की तरह उनके शव को कांग्रेस मुख्यालय में भी नहीं रखा गया। उनका शव अंतिम यात्रा के वाहन पर कांग्रेस मुख्यालय के बाहर ही आधा घंटा इंतजार करता रहा लेकिन मुख्यालय के गेट नहीं खुले। 23 दिसंबर 2004 को नरसिम्हा राव का निधन हुआ था। उस समय यूपीए की सरकार थी और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे। नरसिम्हा राव ही वह शख्स थे जिन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह को डायरेक्ट एंट्री से वित्त मंत्री बना दिया था। उस समय के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने नरसिम्हा राव के बेटे प्रभाकरा से कहा कि उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया जाए। हालांकि परिवार का कहना है किअन्य प्रधानमंत्रियों की तरह उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में ही होना चाहिए क्योंकि उनकी कर्मभूमि दिल्ली ही रही है। नरसिम्हा राव के परिवार से कई बड़े नेताओं ने अपील की कि उनका अंतिम संस्कार हैदारबाद में ही करवाया जाए। जब परिवार नहीं तैयार हुआ तो सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस के दिग्गज प्रणव मुखर्जी 9 मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचे। डॉ. मनमोहन सिंह ने उनके बेटे से पूछा कि उन्होंने अंत्येष्टि को लेकर क्या सोचा है। जब उन्होंने दिल्ली में अंत्येष्टि करने की इच्छा जताई तो डॉ. सिंह ने सोनिया गांधी से कुछ बात की। कांग्रेसी नेताओं ने आश्वासन दिया कि उनका स्मारक दिल्ली में बनवाया जाएगा। इसके बाद परिवार उनके शव को हैदराबाद ले जाने को तैयार हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के लिए अलग से स्मारक बनाने की मांग पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कड़ी आलोचना की है। शर्मिष्ठा ने कहा कि जब उनके पिता (प्रणब मुखर्जी) का 2020 में निधन हुआ था, तब कांग्रेस नेतृत्व ने न तो कोई शोक सभा आयोजित की और न ही कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक बुलाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले में उन्हें गुमराह किया था। आपको बता दें कि डॉ. मनमोहन सिंह का निधन 92 वर्ष की आयु में 27 दिसंबर को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में हुआ। खरगे ने प्रधानमंत्री से उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए एक स्मारक बनाने की अपील की थी। शर्मिष्ठा ने बताया कि एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने उन्हें यह बताया था कि भारत के राष्ट्रपति के लिए शोक सभा का आयोजन नहीं किया जाता है। उन्होंने इसे पूरी तरह बेतुका और निराधार करार दिया और कहा कि वह अपने पिता के डायरी में पढ़ चुकी हैं कि जब पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन का निधन हुआ था, तो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी और शोक संदेश खुद प्रणब मुखर्जी ने तैयार किया था। इसके अलावा शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सीआर केसवन के एक पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें यह बताया गया था कि कांग्रेस ने पार्टी के अन्य नेताओं को सिर्फ इसलिए नजरअंदाज किया क्योंकि वे गांधी परिवार के सदस्य नहीं थे। इस मुद्दे पर डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे डॉ. संजय बारू की किताब 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पुस्तक का भी उल्लेख किया गया, जिसमें यह जिक्र किया गया था कि कांग्रेस नेतृत्व ने कभी पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के लिए दिल्ली में कोई स्मारक नहीं बनाया, जिनका 2004 में निधन हो गया था। पुस्तक में यह भी दावा किया गया था कि कांग्रेस ने नरसिम्हा राव के दाह संस्कार को दिल्ली में करने के बजाय हैदराबाद में करने की कोशिश की थी। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर इंतजार करता रहा शव पूर्व पीएम नरसिम्हा राव का शव वाहन सजाया गया। तिरंगे से लिपटी उनके पार्थिव शरीर को तोप गाड़ी में रखा गया और वाहन कांग्रेस मुख्यालय के बाहर रुक गया। आधा घंटा शव वाहन वहीं खड़ा रहा लेकिन कांग्रेस मुख्यालय के गेट नहीं खुले। सोनिया गांधी समेत अन्य नेताओं ने बाहर आकर उन्हें श्रद्धांजलि दे दी। इसके बाद उनका वाहन एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। 'द हाफ लायन' में विनय सीतापति लिखते हैं कि कांग्रेस और गाँधी परिवार को यह नहीं पसंद था कि आर्थिक सुधारों का क्रेडिट उन्हें दिया जाए। इसके अलावा उनका मानना था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिरने के पीछे भी नरसिम्हा राव की मिलीभगत थी। ऐसे में कांग्रेस के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं थे। 2004 के बाद 2014 तक यूपीए की सरकार रही लेकिन नरसिम्हा राव का स्मारक दिल्ली में नहीं बनाया गया। बाद में मोदी … Read more

गाने के शौकीन सिर्फ 10:30 बजे तक ही तेज आवाज में म्यूजिक बजा सकते हैं, नए वर्ष पर जश्न मनाने वालों को पुलिस ने चेताया

इंदौर नए वर्ष पर जश्न मनाने वालों को पुलिस ने चेताया है। नाच-गाना और शराब पार्टी के लिए पुलिस ने कई पाबंदियां लगाई हैं। गाने के शौकीन सिर्फ 10:30 बजे तक ही तेज आवाज में म्यूजिक बजा सकते हैं। इसके बाद तो पुलिस खुद बंद करवाने पहुंच जाएगी। थर्टी फर्स्ट को लेकर पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह ने चारों जोन के डीसीपी के साथ ट्रैफिक और मुख्यालय के डीसीपी को तैयारी के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि पार्टी और नाच गाने के नाम पर हुड़दंग बर्दास्त नहीं होगा। होटल, रिसोर्ट और गार्डन में इवेंट के लिए अनुमति लेना होगी। पुलिस ने इसके लिए कई तरह की शर्ते लगाई है। डीसीपी ने रात 10:30 बजे तक ही म्यूजिक बजाने अनुमति दी है। शराब के लिए लाइसेंस की शर्तों का पालन जरूरी है। रात 11:30 बजे बाद शराब बिलकुल नहीं चलेगी। पुलिस खाना खाने वालों को जबरदस्ती नहीं उठाएगी, लेकिन शराब मिली तो होटल-बार बंद करवा दिया जाएगा। इसी तरह खुले में म्यूजिक की अनुमति ही नहीं होगी। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक पुलिस प्रमुख चौराहा पर सख्ती से चैकिंग करेगी। शराब पीकर वाहन चलाना मंजूर नहीं है। पुलिसकर्मी जगह-जगह ब्रिथएनालाइजर से चैकिंग करेगी। बायपास के फार्म हाऊस और रिसोर्ट के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। पब में युवती पर बीयर की बोतल से जानलेवा हमला विजय नगर थाना क्षेत्र में बुधवार रात मुस्लिम युवकों ने हिंदू युवती पर हमला कर दिया। सूचना पर हिंदू संगठन के पदाधिकारी पहुंचे और एक आरोपित की पिटाई कर दी। आरोपित खुद को गैंगस्टर सलमान लाला गैंग के सदस्य बता रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पंचम की फेल निवासी 22 वर्षीया युवती भमौरी स्थित फिचर्स पब में पार्टी करने आई थी। आरोपित शोएब पुत्र नौशाद खान निवासी सिल्वर कॉलोनी खजराना, शोएब उर्फ अरहान उर्फ सौयब पुत्र मो. सईद निवासी मेवाती मोहल्ला, हर्षोल उर्फ कान्हा पुत्र गोपाल पिपलोदिया निवासी काछी मोहल्ला ने युवती के सिर में बीयर की बोतल से हमला कर दिया। recent visitors 41

विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- नेशनल गेम्स-2025 के लिये खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ बेहतर सुविधा भी प्रदान करें

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नेशनल गेम्स-2025 के लिये खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ बेहतर सुविधा भी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाये। मंत्री श्री सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में नेशनल गेम्स-2025 के लिये खेल विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नेशनल गेम्स क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान की जायें। उन्हें ट्रेण्ड प्रशिक्षकों से ट्रेनिंग दिलवायी जाये। सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन कर गोल्ड मैडल हासिल करने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि एक जैसे गेम्स को ग्रुप में शामिल कर 4-5 ग्रुप बनाकर अलग-अलग खेल अधिकारियों को उस ग्रुप की जिम्मेदारी दी जाये। इससे खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और वह खेल अधिकारी लगातार खिलाड़ियों से सम्पर्क में रहेगा। खिलाड़ियों से निरंतर संवाद से उनको मोटिवेशन मिलेगा और उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण होता रहेगा। बैठक में बताया गया कि पिछली बार कुल 112 मैडल हासिल हुए थे, जिसमें 38 स्वर्ण, 33 रजत और 39 काँस्य पदक जीतकर मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर रहा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि संभावनाएँ बहुत हैं, प्रोत्साहन की जरूरत है। इस बार मध्यप्रदेश के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर अग्रणी स्थान हासिल करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने नेशनल गेम्स में शामिल होने वाले सभी खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भागीदारी करने वाले कोच और खिलाड़ियों को पहले से निर्धारित स्थान पर भिजवाने की व्यवस्था की जाये। बैठक में बताया गया कि आगामी नेशनल गेम्स उत्तराखण्ड में होंगे। इसमें 36 गेम्स को शामिल किया गया है। ओपनिंग सेरेमनी 28 जनवरी को देहरादून में होगी। देहरादून के साथ हरिद्वार, शिवपुरी ऋषिकेष, कोटी कॉलोनी तेहरी, रुद्रपुर, उत्तमसिंह नगर, सात ताल (भीम ताल), हल्दवानी, अल्मोड़ा, पिथोरगढ़ और टनकपुर में नेशनल गेम्स के लिये जगह निर्धारित की गयी है। बैठक में 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड-2025 की आवश्यक तैयारियों, राष्ट्रीय खेल पात्रता, खेल प्रशिक्षण शिविर, किट, रेल आरक्षण आदि पर भी चर्चा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एल. यादव, उप सचिव श्री संजय जैन सहित अन्य खेल अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 52

वर्ष-2024 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. ट्रांसको ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हॉसिल की: ऊर्जा मंत्री

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि वर्ष-2024 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हॉसिल की है ।एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष-2024 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अनेक नए आयाम स्थापित किए। ट्रांसफॉर्मेशन केपेसिटी हुई 80 हजार एम.व्ही.ए. से ज्यादा ऊर्जा मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 1729 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की। इससे प्रदेश में कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 80 हजार 774 एमवीए की हो गई है। इस वर्ष 47 नये पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये, जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पॉवर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1023 हो गई है। इसमें 400 के.व्ही. के 37,220 के.व्ही. के 215 एवं 132 के.व्ही. के 771 ट्रांसफॉर्मर क्रियाशील हैं। 176 सर्किट कि.मी. लाइनों का हुआ निर्माण इस वर्ष मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42133 सर्किट कि.मी. की हो गई है, जो प्रदेश के 416 अति उच्चदाब सब-स्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 176 सर्किट किलोमीटर लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया। पहली बार 18 हजार मेगावाट से ऊपर की डिमांड को किया हैंडल ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 18 हजार मेगावाट से ऊपर विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। 20 दिसम्बर 2024 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 18913 मेगावॉट डिमांड दर्ज की गई। इसी तरह प्रदेश में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक दिन में 3368.56 लाख यूनिट विद्युत खपत की सफलतापूर्वक आपूर्ति करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश श्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश करते हुये सिस्टम को अपग्रेड किया। विभिन्न ट्रांसमिशन एलीमेंटस को एच.एम.आई. (हयूमन मशीन इंटरफेस) तकनीक से ऊर्जीकृत और नियंत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सब-स्टेशनों को रिमोट से संचालित करने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। 400 व 132 के व्ही लाइनों की भी होगी ड्रोन पेट्रोलिंग 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टॉवरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने ट्रांसमिशन टॉवरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ की है। पेंशनर्स को ऑनलाइन सुविधा एम.पी. ट्रांसको ने अपने पेंशनर्स के लिये वेबसाइट के माध्यम से कई सुविधाएं ऑनलाइन करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। अब एम.पी. ट्रांसको के सेवानिवृत्त कार्मिक विश्व के किसी भी कोने से लाईफ सर्टिफिकेट अपलोड कर सकते हैं। साथ ही वेबसाइट के माध्यम से ही अपने पेंशन स्लिप और अपने बैंक खातों में किये गये लेन-देन की जानकारी ली जा सकती है। 2024 में एम.पी. ट्रांसको ने ऑनलाइन वेबिनारों और नॉलेज शेयरिंग कार्यशालाओं से ट्रांसको के युवा इंजीनियरों को अपडेट करने का एक सफल अभियान चलाया। इसके कारण एम.पी. ट्रांसको के वर्क कल्चर में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया है। recent visitors 42