Monday, July 6, 2026 2:34 pm

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सोयाबीन का उपार्जन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के अलावा किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए किसानों के साथ चर्चा कर योजना बनाई जाएगी। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अधिक लाभ है, इसलिए किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रवृत्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में सोयाबीन उपार्जन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एवं कृ‍षि उत्पादन आयुक्त श्री मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास श्री एम. सेलवेन्द्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उपार्जन के बाद भुगतान भी जल्द से जल्द हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन कर उन्हें जल्द से जल्द भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या बारदाने की समस्या न आने पाए। उपार्जित सोयाबीन का उठाव और भंडारण विधिवत तरीके से हो और उपज को ओला-पाला एवं बारिश से बचाया जाये। 31 दिसम्बर तक होगा सोयाबीन उपार्जन बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी दी कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से किया जा रहा है, जो 31 दिसम्बर तक चलेगा। गत 26 दिसम्बर तक 2 लाख 4 हजार किसान अपना सोयाबीन बेच चुके हैं। इन किसानों से 5 लाख 89 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। आगामी 31 दिसम्बर तक करीब साढ़े 6 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में भोपाल संभाग में सर्वाधिक 180198.04 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। उज्जैन संभाग में 149974.54 लाख मीट्रिक टन, सागर संभाग में 93495.33 लाख मीट्रिक टन एवं नर्मदापुरम संभाग में 93287.44 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 892 रूपए प्रति क्विंटल है। किसानों को 1957.1 करोड़ रूपए उपार्जन राशि का भुगतान अब तक किया जा चुका है।   recent visitors 56

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देर रात भोपाल के रैन बसेरों में पहुँचकर जरूरतमंदों और महिलाओं को वितरित किए कंबल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को सभी रैन बसेरों में राम-रोटी प्रारंभ करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रूके हैं। महिलाओं से चर्चा की, उन्हें भी कंबल दिए रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रूकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 44

न्यूड वीडियो के आधार पर युवती के साथ पढ़े युवक ऐंठे 5.80 लाख

भिलाई स्मृति नगर पुलिस ने बाजार चौक उतई के रहने वाले समीर वर्मा और राहुल वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों पर युवती से ठगी और ब्लैकमेलिंग करने का आरोप है। पहले आरोपियों ने अपने पिता की बीमारी का बहाना बनाकर रुपये लिए। इसके बाद फिर पीड़िता से रुपयों की मांग की। युवती ने जब रुपये न होने की बात कही, तो आरोपितों ने उसके न्यूड वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जब पीड़िता के परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। स्मृति नगर चौकी पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि आरोपित समीर वर्मा और पीड़िता पूर्व परिचित हैं। दोनों एक स्कूल में पढ़ते थे। चार दिसंबर 2023 को आरोपित समीर ने पीड़िता को फोन कर कहा कि उसके पिता को लकवा मार गया है और ब्रेन हेमरेज हो गया है। दोबारा पैसे देने से मना करने पर किया ब्लैकमेल उसने इलाज के लिए मदद के तौर पर उससे रुपये मांगे। पीड़िता ने विभिन्न किस्तों में उसे करीब दो लाख रुपये यूपीआई के जरिये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़िता ने रुपये न होने की बात कहते हुए मना किया, तो समीर के बड़े भाई राहुल ने उसे कहा कि उसके छोटे भाई के पास उसकी न्यूड वीडियो है। आरोपित राहुल ने उसे कहा कि यदि वह उन्हें रुपये नहीं देगी, तो वे वीडियो उसके दोस्तों और परिवार वालों के पास भेज देंगे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत ही आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। रायपुर के कारोबारी ने उद्योगपति से की ठगी वहीं, भिलाई के एक स्टील कारोबारी से भी ठगी की खबर सामने आई है। भिलाई-तीन के उद्योगपति से 38 लाख 23 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। पीड़ित की ग्राम जरवाय में वशिष्ठ वेंचर्स एलएसपी नाम से कंपनी है। उन्होंने रायपुर के रहने वाले आरोपित गौरव कुमार को स्टील खरीदने के लिए 66 लाख 91 हजार 901 रुपये दिए थे। आरोपित ने 28 लाख 68 हजार 831 रुपये का माल भेजा और बाकी रुपये गबन कर गया। शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत प्राथमिकी की है। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता पंकज शर्मा ने घटना की शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। recent visitors 43

उत्‍तराखंड में बनने जा रहा 51 फीट गहरा यह डाइविंग पूल देश का सबसे गहरा पूल होगा, 53 करोड़ की लागत से होगा तैयार

देहरादून उत्तराखंड में बढ़ रही नदी में डूबने की घटनाओं को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मुख्यालय जौलीग्रांट में 53 करोड़ की लागत से डीप डाइविंग पूल बनाया जाएगा। यहां एसडीआरएफ के जवानों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने दावा किया कि 51 फीट गहरा का यह डाइविंग पूल देश का सबसे गहरा पूल होगा, जहां पर उत्तराखंड के अलावा बाहर से भी सुरक्षा एजेंसियों के जवान प्रशिक्षण लेने के लिए आएंगे। समय-समय पर आती रहती हैं प्राकृतिक आपदाएं उत्तराखंड पर्वतीय राज्य होने के चलते यहां समय-समय पर प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। इसके अलावा चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी से कई नदियां बहती हैं और बड़ी संख्या में वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। वर्ष 2024 में पिछले छह माह में विभिन्न जगह डूबने के 372 मामले सामने आए, जिसमें से एसडीआरएफ ने 308 व्यक्तियों को सुरक्षित बचाया, जबकि 64 को बचाया नहीं जा सका। एसडीआरएफ जवानों को नदियों में सर्चिंग के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से डीप डाइविंग पूल बनाया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार की ओर से डीप डाइविंग पूल बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। विश्व बैंक से पूल बनाने के लिए 53 करोड़ रुपये की धनराशि जारी हुई है। डाइविंग पूल बनाने के लिए शासन की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही पूल के निर्माण का कार्य भी शुरू किया जाएगा। मौजूदा समय में इतना गहरा डाइविंग पूल कहीं नहीं हैं। ऐसे में जवानों को प्रशिक्षण के लिए गोवा और मुंबई भेजा जाता है। इंडियन रेस्क्यू एकेडमी पुणे के ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन को लेकर एसडीआरएफ व इंडियन रेस्क्यू एकेडमी पुणे के बीच समझौता हुआ है। बड़ी आपदा में किस तरह से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जाए व उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जा सके, इसके लिए भी जवानों को तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में एसडीआरएफ के जवानों को एकेडमी के प्रशिक्षक डीप डाइविंग पूल का प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एसडीआरएफ के जवान अन्य एजेंसियों के जवानों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण केंद्र में यह कार्य भी होंगे भवन ढहने पर खोज व रेस्क्यू बाहरी प्रदर्शन स्वान रेस्क्यू साइट विकास कार्य वाह्य सेवाएं अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली सतही जल खोज एवं बचाव पूल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव प्रशिक्षण रोपवे रेस्क्यू प्रशिक्षण अन्य उपकरण   recent visitors 47

800 साइनेजेस महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को घाट और आश्रमों तक पहुचायेंगे, अब श्रद्धालुओं को भटकना नहीं पड़ेगा

प्रयागराज इस बार महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को घाट और आश्रमों तक पहुंचने में भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महाकुंभ नगर के रास्तों की सटीक जानकारी श्रद्धालुओं को मिल सके, इसके लिए सिर्फ मेला क्षेत्र में 800 साइनेजेस लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक कुल मिलाकर 400 से अधिक साइनेजेस की स्थापना कर दी गई है, जबकि 31 दिसंबर तक सभी 800 साइनेजेस लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। प्रतिदिन 100 साइनेजेस की स्थापना का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। महाकुंभ में देश के अलग-अलग प्रांतों से करोड़ों लोग आएंगे। इसके अतिरिक्त दुनिया के कई अन्य देशों से भी श्रद्धालु यहां संगम में आस्था की डुबकी लगाने और पुण्य कमाने के लिए आएंगे। ऐसे में भाषायी समस्या न आने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी ने सीएम योगी के निर्देश पर विभिन्न भाषाओं में साइनेजेस स्थापित किए हैं। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं के साथ अन्य राज्यों की भाषाओं को भी प्रमुखता दी गई है। उल्लेखनीय है कि सीएम योगी ने बड़ी संख्या में लोगों के प्रयागराज आने की संभावनाओं को देखते हुए भाषायी समस्याओं को दूर करने के लिए निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी की ओर से यह कदम उठाया गया है। इन साइनेजेस की मदद से किसी भी राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं को घाट और आश्रमों तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। पीडब्ल्यूडी प्रयागराज के मुख्य अभियंता एके द्विवेदी ने बताया कि विभागीय टीम युद्ध स्तर पर साइनेजेस लगाने के कार्य में जुटी है। केवल मेला क्षेत्र में 800 साइनेजेस लगाने का लक्ष्य है, इसमें से 400 साइनेजेस स्थापित कर दिए गए हैं। प्रतिदिन 100 साइनेजेस स्थापित करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। हर हाल में पूरे मेला क्षेत्र में सभी 800 साइनेजेस लगाने का कार्य 31 दिसंबर से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी तरह पांटून ब्रिजों को भी तेजी से क्रियाशील किया जा रहा है। गुरुवार शाम तक 28 पांटून ब्रिज पूर्ण कर लिए गए हैं। कुछ ब्रिज में थोड़ा बहुत काम बाकी है, लेकिन जल्द ही सभी को क्रियाशील कर दिया जाएगा। शेष 2 ब्रिज भी 31 द‍िसंबर से पहले पूर्ण कर लिए जाएंगे। recent visitors 52

2024 में वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा

नई दिल्ली दुनिया में 2024 में जलवायु परिवर्तन की वजह से भीषण गर्मी के दिनों में औसतन 41 दिन की वृद्धि हुई है।  एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस के अनुसार, रिकॉर्ड के हिसाब से 2024 सबसे गर्म वर्ष बनने वाला है और यह पहला वर्ष है जिसमें वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा। जलवायु वैज्ञानिकों के दो समूहों – वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (डब्ल्यूडब्ल्यूए) और क्लाइमेट सेंट्रल – की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में 2024 में भीषण गर्मी के दिनों में औसतन 41 दिन की वृद्धि हुई। छोटे द्वीपीय विकासशील देश सबसे अधिक प्रभावित हुए, जहां के लोगों को 130 से अधिक अतिरिक्त गर्म दिन का अनुभव करना पड़ा। वैज्ञानिकों ने 2024 में 219 मौसम संबंधी घटनाओं की पहचान की और उनमें से 29 का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम से कम 3,700 लोगों की मौत हुई और मौसम संबंधी 26 घटनाओं की वजह से लाखों लोग विस्थापित हुए। अध्ययन के अनुसार सूडान, नाइजीरिया, नाइजर, कैमरून और चाड में बाढ़ सबसे घातक घटना थी, जिसमें कम से कम 2,000 लोग मारे गए। अध्ययन में पता चला कि यदि ग्लोबल वार्मिंग दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाती है तो इन क्षेत्रों में हर साल इसी तरह की भारी वर्षा संबंधी घटनाएं हो सकती हैं। ग्लोबल वार्मिंग 2040 या 2050 के दशक की शुरुआत में दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकती है। डब्ल्यूडब्ल्यूए के प्रमुख और इंपीरियल कॉलेज, लंदन में जलवायु विज्ञान के वरिष्ठ व्याख्याता फ्राइडेरिक ओटो ने कहा, ‘जीवाश्म ईंधन के गर्म होने के प्रभाव 2024 की तुलना में कभी भी इतने स्पष्ट या अधिक विनाशकारी नहीं रहे हैं। हम एक नए खतरनाक युग में रह रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि चीजों को बदतर होने से रोकने के लिए हमें क्या करने की जरूरत है – जीवाश्म ईंधन जलाना बंद करें। 2025 के लिए शीर्ष संकल्प जीवाश्म ईंधन से दूर जाना होगा, जो दुनिया को एक सुरक्षित व अधिक स्थिर स्थान बनाएगा।”     recent visitors 54

छत्तीसगढ़ में दो दिन बाद गिरेगा पारा, फिर अपना रंग दिखाएगी ठंड

रायपुर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में हवा की दिशा में परिवर्तन हो गया है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। हालांकि इसकी वजह से तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद दो से चार डिग्री की गिरावट हो सकती है। यानी दो दिन बाद पारा गिरने से ठंड में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल सरगुजा संभाग में भी एक दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकती है। बना हुआ है ये सिस्टम ऊपरी हवा में चक्रीय चक्रवात दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण आंध्रप्रदेश, उत्तर तमिलनाडु तटों से सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक बना हुआ है। मध्य ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में पश्चिमी विक्षोभ समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर बना हुआ है। इसके असर से एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। दंतेवाड़ा में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान गुरुवार को बस्तर संभाग के एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुटरू, तोकापाल में 20 मिमी, बस्तर, लोहंडीगुड़ा, बकावंड में 10 मिमी बारिश हुई। रायपुर शहर में शुक्रवार को बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री दंतेवाड़ा में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया।   recent visitors 22