ब्लैकफोनः इस फोन का दुरुपयोग संभव नहीं

अधिकांश लोगों को मोबाइल फोन खो जाने का उतना अफसोस नहीं होता जितना कि उसमें मौजूद डेटा के खो जाने या फिर गलत हाथों में पहुँच जाने को होता है। बड़ी कंपनियों के अधिकारियों और सरकारी नौकरशाहों के लिए तो यह बेहद चिंता का मुद्दा बन जाता है, जिनके फोन में कई संवेदनशील जानकारियाँ, सूचनाएँ, फोन नंबर आदि हो सकते हैं। इन्हीं चिंताओं के मद्देनजर एक अदद ऐसे स्मार्टफोन की तलाश लंबे समय से की जाती रही है जो या तो गुम ही न हो पाए और अगर गुम हो जाए तो कम से कम उसमें मौजूद डेटा गलत हाथों में न पड़ने पाए। बहरहाल, हैकर तो हैकर हैं। उनके हाथ में अगर कोई फोन पहुँच जाए तो भले ही उसमें सिक्यूरिटी के कितने भी ठोस इंतजाम क्यों न हों, आपके डेटा की सुरक्षा की गारंटी नहीं ली जा सकती। कहते हैं कि सुरक्षा के इंतजाम एक कदम आगे बढ़ते हैं तो अपराधी तत्व दो कदम आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में एक नये स्मार्टफोन ने इस समस्या के समाधान की उम्मीद जगाई है। इस फोन का नाम है- ब्लैक फोन और इसे बनाया है मशहूर विमान-निर्माता कंपनी बोइंग ने। बोइंग ने हाल ही में इस फोन का प्रदर्शन किया, जो है तो किसी भी आम-फहम स्मार्टफोन जैसा ही, लेकिन फर्क यह है कि वह एक अदृश्य सुरक्षा आवरण से लैस है। ब्लैक फोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर वह गलत हाथों में पड़ जाता है तो वह अपने भीतर मौजूद सारी सूचनाओं को खुद ही नष्ट कर देता है। जब कोई शख्स कई बार कोशिश करने के बाद भी सही पासवर्ड डालने में नाकाम रहता है और उसके बाद वह स्मार्टफोन के केस को खोलने की कोशिश करता है, तो फोन में मौजूद सुरक्षा प्रणाली समझ जाती है कि कोई व्यक्ति उसके अनधिकृत इस्तेमाल की कोशिश कर रहा है। नतीजा? तीस सैकंड के भीतर ही समूचे डेटा को डिलीट करने के साथ-साथ यह फोन अपनी संचार तथा संचालन प्रणाली को भी निष्क्रिय कर देता है जिससे वह इस्तेमाल के काबिल नहीं रह जाता। जेम्स बॉन्ड की किसी फिल्म की पटकथा जैसा लगता है ना? ब्लैकफोन को बड़े सरकारी अधिकारियों और बड़े कारोबारियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसके जरिए किए जाने वाले सभी टेलीफोन कॉल एनक्रिप्टेड होते हैं यानी कोई खुफिया एजेंसी या हैकर संचार नेटवर्क में सेंध लगाकर उन्हें सुन नहीं सकता। यह गूगल के एंड्रोइड ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है और सीडीएमए, जीएसएम तथा एलटीई (4जी) नेटवर्कों में काम कर सकता है। वाइ-फाई और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी भी मौजूद है। इसका आकार आइफोन से थोड़ा बड़ा है और इसमें ड्युअल सिम कार्ड मौजूद हैं। इसकी बैटरी सोलर पावर से भी चार्ज हो सकती है।   recent visitors 68

भारत में जल्द दस्तक देगा iQoo नए Z9 Turbo Endurance एडिशन

नई दिल्ली iQoo ने नए स्मार्टफोन को लाने की तैयारी कर दी है। नए एडिशन का नाम Z9 Turbo Endurance दिया गया है। नए वैरिएंट में बेहतरीन बैटरी लाइफ मिलने वाली है। क्योंकि इसमें 6400 mAh बैटरी दी गई है जो यूजर एक्सपीरियंस काफी अच्छा देने वाली है। यानी यूजर्स को कोई परेशानी नहीं होगी। बैटरी कैपेसिटी में यूजर्स को कई शानदार अपडेट्स मिले हैं। Z9 Turbo के मुकाबले इस फोन में 400 mAh ज्यादा दी गई है। पावर के लिहाज से भी ये काफी पॉजिटिव साउंड करता है। फोन में फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 8s Gen 3 चिपसेट दिया जाता है। यानी यूजर्स को परफॉर्मेंस भी काफी अच्छी मिलती है। दमदार प्रोसेसर के साथ शानदार डिस्प्ले Endurance Edition में स्लिम डिजाइन दिया जाता है। साथ ही सिलिकॉन-कार्बन बैटरी मिलती है। बड़ी बैटरी के साथ फोन का डिजाइन काफी मदद करता है। iQoo की तरफ से फोन 'Flying Blue' कलर ऑप्शन में दिया जाता है। क्लासिक ब्लैक, व्हाइट और ब्लू में आपको ऑप्शन दिया जाता है। Z9 Turbo में यूजर्स को 6.78 इंच AMOLED डिस्प्ले मिलती है। यानी डिस्प्ले में यूजर्स को Full HD+ रेजोल्यूशन दियाजाता है और 144Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। विजुअल और व्यू एक्सपीरियंस भी आपको काफी अच्छा मिलता है। कब हो सकता है लॉन्च कैमरा सिस्टम भी अपग्रेड किया गया है। फोन में 50MP का प्राइमरी सेंसर कैमरा मिलता है और 8MP अल्ट्रावाइड लेंस भी दिया जाता है। फोटोग्राफी एक्सपीरियंस भी आपका काफी अच्छा होने वाला है। फोन में 80W वायर फास्ट चार्जिंग मिलती है। पावर अप भी आसानी से किया जा सकता है। अब बात करें कि ये फोन लॉन्च कब हो सकता है तो आपको बता दें कि ये फोन अगले महीने लॉन्च किया जा सकता है। चीन में ये फोन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होगा। भारत मार्केट में भी ये फोन बहुत जल्द उपलब्ध होगा। हालांकि अभी तक कीमत को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स की मानें तो जनवरी में ये फोन भारत में दस्तक दे सकता है। recent visitors 87

कल से शुरू होगी इसरो के अनूठे रिकॉर्ड कायम करने वाले मिशन ‘स्पैडेक्स’ की उलटी गिनती

चेन्नई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्ष 2024 शानदाई विदाई देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये अपने दोहरे रिकॉर्ड कायम करने वाले ‘स्पैडेक्स’ अंतरिक्ष मिशन के लिए उलटी गिनती काम कल से शुरू करेगा। इसके तहत पहली अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक पर – स्पैडेक्स उपग्रह से जुड़ी डॉकिंग और अनडॉकिंग श्रृंखला है और दूसरा पीएसएलवी-सी60 प्रक्षेपण यान पर पीओईएम-4 के हिस्से के रूप में 24 वैज्ञानिक प्रयोगों का पीएसएलवी का चौथा चरण शामिल है। पीएसएलवी-सी60 स्पैडेक्स मिशन का प्रक्षेपण 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा के पहले अंतरिक्ष बंदरगाह पर पैड से 2158 बजे निर्धारित है। पीएसएलवी मिशन के लिए उलटी गिनती का काम जो आम तौर पर 24 से 25 घंटे का होता है, कल से शुरू होने की उम्मीद है, जिसके दौरान चार चरण वाले वाहन में प्रणोदक भरने का कार्य किया जाएगा। इसरो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, प्रक्षेपण के करीब एक कदम और बढ़ाते हुये स्पैडेक्स के प्रक्षेपण यान के साथ दो उपग्रह एकीकृत हो गए है। कहा गया, “एकीकरण मील का पत्थर है, एसडीएससी शार ‘लिफ्टऑफ़’ के एक कदम और करीब स्पैडेक्स उपग्रहों को पीएसएलवी-सी60 के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है।” बताया गया,“ पीएसएलवी-सी60 पर पहली बार पीआईएफ सुविधा में पीएस 4 (चौथे चरण इंजन) तक पूरी तरह से एकीकृत कर इसे पहले लॉन्च पैड पर ले जाया गया।” इसरो अपने पहले सफल अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के साथ वर्ष 2024 की शानदार विदाई करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि यह अग्रणी मिशन भारत को चौथा देश बनने के लिए प्रेरित करेगा। इससे दुनिया को पता चलेगा कि देश जटिल अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल कर रहा है” इसरो के लिए यह एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मिशन होगा जिसके तहत अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के लिए दो उपग्रह चेज़र और टारगेट वाले स्पैडेक्स लॉन्च के अलावा, स्पैडेक्स मिशन के साथ पीएसलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल-4 (पीओईएम-4) पर अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 24 वैज्ञानिक प्रयोग किये जायेंगे।   recent visitors 53

महाकाल मंदिर में बड़ा एक्शन, प्रशासक बने एडीएम अनुकूल जैन, गणेश धाकड़ को हटाने का बाद दी जिम्मेदारी

उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने पुष्टि की है कि महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ को उनके पद से हटा दिया गया है. हालांकि, उनके स्थान पर नया प्रशासक कौन होगा, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है. वही महाकालेश्वर मंदिर की आय से हेरफेर के मामले में आरोपी बनाए गए दो कर्मचारियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. 2 बार मंदिर समिति के प्रशासक रहे हैं धाकड़ महाकाल मंदिर का अगला समिति प्रशासक कौन होगा इसे लेकर संशय है. ये फैसला भोपाल से लिया जाएगा या स्थानीय स्तर पर, इसे लेकर भी चर्चा जारी है। इस पर कलेक्टर नीरज सिंह का कहना है कि जल्द ही मामले में स्पष्टता आएगी. गौरतलब है कि गणेश धाकड़ को 14 अगस्त 2024 को महाकाल मंदिर समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया था. यह उनका दूसरा कार्यकाल था। इससे पहले वे 2021 से 2022 तक करीब एक वर्ष तक इसी पद पर रह चुके थे. धाकड़ ने कहा, मुझे कोई जानकारी नहीं वहीं महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक पद से हटाए जाने के सवाल पर गणेश धाकड़ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें अब तक स्थानांतरण से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. वहीं इस घटनाक्रम को लेकर मंदिर से जुड़े अधिकारी और स्थानीय लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है. पूर्व मे भी मिला था प्रभार बताया जाता है कि एडीएम अनुकूल जैन एडीएम का पद संभालने के साथ ही जिला प्रोटोकॉल की व्यवस्थाओं के संबंध में महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े रहते हैं। पूर्व में भी 13 अगस्त को उन्हें एक दिन के लिए महाकालेश्वर मंदिर का प्रशासक बनाया गया था, जिसके बाद गणेश धाकड़ को मंदिर का प्रशासक बना दिया गया था।   अवैध वसूली करने वाले रिमांड पर महाकालेश्वर मंदिर में अवैध वसूली करने वाले राजकुमार, अभिषेक भार्गव, रितेश शर्मा, राजेंद्र सिसोदिया को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है. महाकाल थाना पुलिस के मुताबिक अभी तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दो लोग निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी है. recent visitors 49

चाचा ने अपनी पांच साल की मासूम भतीजी को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया, घटना के बाद आरोपी फरार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक चाचा ने अपनी पांच साल की मासूम भतीजी को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी घर से फरार हो गया। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को जिला चिकित्सालय भिनगा पहुंचाया। यहां पर मासूम का इलाज चल रहा है। जानिए पूरी घटना जानकारी के मुताबिक, यह घटना हरदत नगर गिरण्ट क्षेत्र के एक गांव की है। यहां की निवासी पांच साल की मासूम गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्र में शुक्रवार पढ़ने गई थी। जहां पहुंचा आरोपी चाचा 21 वर्षीय गोकुल ने उसे घर ले जाने के बहने अपने साथ विद्यालय के पीछे स्थित गोमती प्रसाद की बाग में ले गया। बाग ले जाकर आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घर छोड़कर फरार हुआ आरोपी मासूम बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाकर आरोपी घर और गांव छोड़कर फरार हो गया। परिजनों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मासूम को जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया। जहां उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपी की तलाश में जुट गई। आरोपी की तलाश के लिए एसपी ने टीम को लगाया है। संभल जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और उनके पिता ममलूकुर्रहमान बर्क को जान से मारने की धमकी मिली है। उनके घर के केयरटेकर कामिल द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में इस धमकी की बात सामने आई है। आरोप है कि एक युवक, जो दूसरे संप्रदाय का है, पहले 20 दिसंबर को जामा मस्जिद में घुसने की कोशिश कर चुका था, और अब वह सांसद के घर पहुंचकर उन्हें धमकी दे गया। recent visitors 75

निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार से भड़के राहुल गांधी, मनमोहन सिंह का अपमान किया, केजरीवाल ने भी केंद्र को घेरा

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका यहां निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे मनमोहन सिंह का अपमान करार दिया। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसे परंपरा का उल्लंघन बताया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है। एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं। आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना किसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए। डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था ।" सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने लिखा, "ये खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। इसके पूर्व भारत के सभी प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर किया जाता था। सिख समाज से आने वाले, पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त, 10 वर्ष भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह जी के अंतिम संस्कार और समाधि के लिए बीजेपी सरकार 1000 गज़ जमीन भी न दे सकी?" सिंह के निधन के शोक के बीच उनकी अंत्येष्टि और स्मारक स्थल को लेकर उस वक्त एक विवाद भी खड़ा हुआ जब सरकार ने उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने का फैसला किया और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का जानबूझकर का अपमान किया गया है। कांग्रेस की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होना चाहिए जहां उनका स्मारक बन सके। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। बता दें कि इससे पहले मनमोहन सिंह की तीन बेटियों में से सबसे बड़ी बेटी उपिंदर सिंह ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। देश तथा दुनिया के कई गणमान्य लोगों, राजनीतिज्ञों और आम लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य हस्तियों ने सिंह को निगमबोध घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने भी निगमबोध घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। recent visitors 66

ED ने BRS नेता केटीआर को जारी किया नोटिस, 7 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया

नई दिल्ली केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री केटी रामा राव (KTR) को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। उनके अलावा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार और हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के पूर्व मुख्य अभियंता BLN रेड्डी को भी 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई रेस के आयोजन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में समन जारी किया है। केटी रामा राव को 7 जनवरी को पेश होने के लिए समन भेजा गया है। वहीं, अरविंद कुमार और BLN रेड्डी को क्रमशः 2 और 3 जनवरी को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा गया है। यह समन केंद्रीय एजेंसी द्वारा केटीआर और अन्य दो लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद जारी किए गए हैं। BRS नेता और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे हैं। उन्हें एसीबी की शिकायत में आरोपी नंबर 1 बनाया गया है। वहीं, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार और सेवानिवृत्त अधिकारी BLN रेड्डी को क्रमशः आरोपी नंबर 2 और 3 बनाया गया है। यह जांच केटीआर पर 55 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के आरोपों से जुड़ी है, जिसमें से कुछ विदेशी मुद्रा में किए गए थे। आरोप है कि फरवरी 2023 में हैदराबाद में फॉर्मूला-ई रेस का आयोजन करने के लिए यह राशि ली गई थी। केटीआर ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा, "इसमें भ्रष्टाचार कहां है? हमने 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया। उन्होंने इस भुगतान की स्वीकृति दी।" उन्होंने इसे "सीधा और स्पष्ट" खाता बताते हुए कहा, "हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का भारतीय विदेशी बैंक में खाता है और पैसे उसी खाते से ट्रांसफर किए गए हैं।" recent visitors 51