Wednesday, July 8, 2026 3:37 am

सड़कों को लेकर विभाग जल्द शुरू करेगा पायलेट प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़-1 जनवरी से लागू होगा नया एसओआर

रायपुर। लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया गया है। नए एसओआर में नई मशीनरी और निर्माण की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इनसे गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ ही ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम कम होगा। राज्य में 1 जनवरी 2025 से नया एसओआर लागू होगा। सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए छत्तीसगढ़ में भी पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract/Output and Performance Based Maintenance Contract) लागू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा जल्दी ही पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने नए एसओआर के विमोचन के मौके पर आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने के बाद इनमें और आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रचलित एसओआर 1 जनवरी 2015 से लागू है। उस समय इसमें 2014 में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्री की दर एवं मशीनरी की दर शामिल की गई थी, जिनमें अब दस वर्षों के बाद बहुत अधिक परिवर्तन आ चुका है। नवीन दर अनुसूची वर्तमान में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्रियों की दर एवं मशीनरी की दर के आधार पर तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि वर्ष-2015 में जारी की गई दर अनुसूची उस समय प्रचलित सभी टैक्सेस (Taxes) को समावेशित करते हुये तैयार की गई थी। नए एसओआर में देश में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. को समाहित किया गया है। ठेकेदार अपनी निविदा दर जी.एस.टी. सहित देंगे जिससे ठेकेदार को पृथक से जी.एस.टी. का भुगतान नहीं करना होगा, परन्तु कार्य की लागत में जी.एस. टी. का प्रभाव सम्मिलित रहेगा। दरों को जी.एस.टी. के प्रभाव के बिना रखे जाने से समय-समय पर जी.एस.टी. की दरों में होने वाले परिवर्तन के कारण ठेकेदार को कार्य करने में जोखिम नहीं रहता है। जी.एस.टी. का प्रभाव सम्मिलित प्रचलित जी.एस.टी. की दरों को प्राक्कलन में जोड़ा जाएगा। ऐसा करने से ठेकेदारों पर वित्तीय जोखिम नहीं आएगा। साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि विगत 10 वर्षों में कई नवीन तकनीक (New technology), नए मटेरियल एवं आई.आर.सी. द्वारा विभिन्न कार्यों की कार्यविधि में परिवर्तन किया गया है। इन नवीन तकनीकों और मटेरियल्स के उपयोग का प्रावधान भी नवीन एस.ओ.आर. में किया गया है। इनमें सीमेंट एवं केमिकल से स्वाइल स्टेबलाईजेशन, पेव्हमेंट व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल शीटिंग का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेन, प्रीकास्ट बाक्स कल्वर्ट, फाउंडेशन कार्य में आर.सी.सी. के उच्च ग्रेड एम-40, एम-45, एम-50 का उपयोग, सब-स्ट्रक्चर कार्य में प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर और नॉइज बैरियर जैसी नई चीजें शामिल हैं। नवीन दर अनुसूची लागू होने से निर्माण कार्यों के डी.पी.आर./ प्राक्कलन में कार्य लागत का आंकलन वास्तविक होगा एवं कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की जाने वाली राशि कार्य करते समय पुनरीक्षित स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने में सार्थक परिणाम मिलेगा। साव ने बताया कि सड़कों के संधारण के लिए वर्तमान पद्धति में सड़क के वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त होने की संभावना के अनुसार पूर्वानुमान लगाकर निविदाएं आमंत्रित कर ठेकेदारों का चयन कर संधारण कार्य किया जाता है। कई बार ऐसी स्थिति होती है कि सड़क खराब रहती है, परन्तु संधारण हेतु एजेंसी उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने एवं संधारण में विलम्ब होता है। कई बार एजेंसी निर्धारित होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य समय पर नहीं करने के कारण भी सड़कें गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त रहती हैं। recent visitors 61

लैपटॉप या विंडोज कंप्यूटर में स्क्रीनशॉट लेने के स्मार्ट तरीके

हम सभी ने मोबाइल में स्क्रीन शॉट तो लिया हैं परन्तु आज हम माइक्रोसॉफ्ट के प्लेटफॉर्म में स्क्रीन शॉट की बात करेंगे। पहले पूरे स्क्रीन को कैपचर करना, फिर उसे माइक्रोसॉफ्ट पेंट ऐप में पेस्ट करना। कहीं से भी यह प्रक्रिया सुगम नहीं लगती। इसके बाद हमने स्क्रीनशॉट लेने के और तरीके के बारे में खोजबीन शुरू की। क्या आपको पता है कि विंडोज डिवाइस पर स्क्रीनशॉट लेने कई बेहतर तरीके हैं। 1. पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को फाइल पर सेव करने का तरीका विंडोज पर पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को सीधे फाइल में स्टोर ऐसे करें 1. विंडोज बटन के बाद प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। ऐसे करने के बाद स्क्रीनशॉट आपके कंप्यूटर के पिक्चर्स लाइब्रेरी में स्टोर हो जाएगा। 2. स्क्रीनशॉट खोजने के लिए एक्सप्लोरर को लॉन्च करें। इसके बाद बायें वाले हिस्से में पिक्चर्स पर क्लिक करें। अब स्क्रीनशॉट फोल्डर को खोलें, यहां पर आपको स्क्रीनशॉट मिल जाएंगे। 2. स्क्रीनशॉट को क्लिपबोर्ड पर सेव करने का तरीका आसानी से स्क्रीनशॉट लेने के लिए इस तरीके को अपनाएं 1. प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। यह स्क्रीन को क्लिपबोर्ड पर कॉपी कर लेता है। 2. अब एमस पेंट, वर्ड या किसी ऐसे ऐप को खोलें जो इमेज को हैंडल कर सकता है। 3. अब कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं। इसके बाद ऐप पर स्क्रीनशॉट को पेस्ट कर दें। 4. अब आप इस फाइल को अपनी पसंद की जगह पर स्टोर कर सकेंगे। 3. ओपन विंडोज का स्क्रीनशॉट लेने का तरीका अगर आप किसी ऐप, या विंडो का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं तो इस तरीके को अपनाएं। 1. जिस ऐप का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं उसे खोलें। सुनिश्चित करें कि वह ऐप बैकग्राउंट नहीं फोरग्राउंड में है, यानी उस ऐप का पेज दिख रहा है। 2. अब ऑल्ट प्लस प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। 3. अब एमएस पेंट या अपनी पसंद के किसी भी ऐप खोलें। 4. कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं। 5. ऐसा करने के बाद ओपन विंडो का स्क्रीनशॉट पेंट में स्टोर हो जाएगा। इसके बाद आप स्क्रीनशॉट को अपनी पसंद के किसी भी जगह पर स्टोर कर सकेंगे।   recent visitors 56

रोहित शर्मा सिडनी में लेंगे संन्यास, इस दिन खेलेंगे करियर का आखिरी मैच?

मुंबई मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया की हार के बाद बड़ी खबर सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रोहित शर्मा जल्द टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं. दावा है कि रोहित शर्मा सिडनी टेस्ट के बाद संन्यास ले लेंगे. सिडनी टेस्ट का आगाज 3 जनवरी से होगा. ये मुकाबला अगर पूरे पांच दिनों तक चला तो 7 जनवरी रोहित शर्मा के टेस्ट करियर का आखिरी दिन हो सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उच्च अधिकारियों और चयनकर्ताओं के बीच रोहित की टीम में जगह को लेकर चर्चाएं चल रही हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कप्तान चयनकर्ताओं को मनाने की कोशिश करेंगे कि अगर भारत WTC फाइनल में पहुंचता है तो उन्हें खेलने दिया जाए. हालांकि, इसके होने की संभावना कम है, इसलिए सिडनी में उनका आखिरी मैच हो सकता है. रोहित का आखिरी टेस्ट सिडनी में? टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई और चयनकर्ता रोहित शर्मा के संन्यास की बातें करने लगे हैं. लेकिन टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा सेलेक्टर्स को मनाने में जुटे हैं. रोहित शर्मा दरअसल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना चाहते हैं, अगर टीम इंडिया पहुंची तो वो मुकाबला उनका आखिरी मैच हो सकता है. वैसे इसकी संभावना कम है, ऐसे में सिडनी रोहित का आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है. बड़ी बात ये है कि रोहित शर्मा पर ये रिपोर्ट मेलबर्न टेस्ट में हार के तुरंत बाद आई है. मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया को 184 रनों से हार मिली. एक समय ऐसा था जब टीम इंडिया ये टेस्ट ड्रॉ करा सकती थी. टी ब्रेक तक भारतीय टीम के 3 ही विकेट गिरे थे लेकिन इसके बाद ऋषभ पंत एक खराब शॉट खेलकर आउट हुए और फिर भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई. यशस्वी जायसवाल ने 84 रनों की पारी खेली उनके अलावा कोई और बल्लेबाज विकेट पर टिकने की ज़हमत नहीं दिखा सका. ढलान पर रोहित का टेस्ट करियर कप्तान रोहित शर्मा का खेल टेस्ट क्रिकेट में लगातार नीचे की तरफ जा रहा है. घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों सीरीज में टीम इंडिया के क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा. इस सीरीज की 3 मैचों में कप्तान के बल्ले से महज 91 रन निकले थे. मौजूदा सीरीज में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने तीन मैच खेला है और दो में हार मिली. 3 मैच की 5 पारी में उन्होंने सिर्फ 31 रन बनाए हैं. उन्होंने 3, 6, 10, 3 और अब 9 रन बनाए हैं. रोहित शर्मा के बल्ले से 15 रन तक का स्कोर नहीं आया. रोहित शर्मा का शर्मनाक प्रदर्शन रोहित शर्मा का ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बुरा हाल है. ये खिलाड़ी इस सीरीज में 3 मैचों में 31 ही रन बना सका है. रोहित का बैटिंग एवरेज 6.20 है. रोहित क्रीज पर टिकने के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं. मेलबर्न टेस्ट में तो उनका एक फैसला टीम इंडिया पर बहुत भारी पड़ा. उन्होंने केएल राहुल को ओपनिंग से हटाकर खुद वो जगह ली और ना तो वो चले और ना ही केएल राहुल रन बना पाए. केएल राहुल तीसरे नंबर पर खेलते हुए दोनों पारियों में फेल रहे. रोहित शर्मा की बैटिंग देखकर ऐसा लग रहा है कि अब टेस्ट क्रिकेट में उनके दिन ज्यादा बचे नहीं हैं. इसीलिए अब उनके संन्यास की खबरें आने लगी हैं.   recent visitors 50

आंखों के नीचे डार्क सर्कल खत्म करने के घरेलू और असरदार उपाय

डार्क सर्कल पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें सोने, हार्मोन्स में परिवर्तन होने, अव्यवस्थित लाइफस्टाल होने या फिर हेरेडेट्री होने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं। इसके उपायों के लिए बाजार में कई बहुत से ऐसे रासायनिक उत्पाद मौजूद है जो डार्क सर्कल को खत्म करने में कारगर है परंतु सेंसटिव स्किसन वाले इन उत्पादों को यूज नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर डार्क सर्कल्स को दूर किया जा सकता है: 1. एक खीरा लें और इसे ब्लेंड कर लें। अब इसके गूदे में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं और पेस्ट बनाने के लिए इसे फिर से ब्लेंड करें। अब इस पेस्ट को डार्क सर्कल पर लगाएं और 15 मिनट के लिए लगा रहने दें। अब पानी से धो लें। 2. डार्क सर्कल दूर करने के लिए टमाटर सबसे कारगर उपाय है. ये नेचुरल तरीके से आंखों के नीचे के काले घेरे को खत्म करने का काम करताहै. साथ ही इसके इस्तेमाल से त्वचा भी कोमल और फ्रेश बनी रहती है. टमाटर के रस को नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर लगाने से जल्दी फायदा होता है. 3. डार्क सर्कल दूर करने के लिए आलू का भी प्रयोग किया जा सकता है. आलू के रस को भी नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिला लें. इस मिश्रण को रूई की सहायता से आंखों के नीचे लगाने से काले घेरे समाप्त हो जाएंगे. 4. ठंडे टी-बैग्स के इस्तेमाल से भी डार्क सर्कल जल्दी समाप्त हो जाते हैं. टी-बैग को कुछ देर पानी में डुबोकर रख दें. उसके बाद इसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. कुछ देर बाद इसे निकालकर आंखों पर रखकर लेट जाएं. 10 मिनट तक रोज ऐसा करने से फायदा होगा. 5. ठंडे दूध के लेप से भी आंखों के नीचे का कालापन दूर हो जाता है. कच्चे दूध को ठंडा होने के लिए रख दें. उसके बाद कॉटन की मदद से उसे आंखों के नीचे लगाएं. ऐसे दिन में दो बार करने से जल्दी फायदा होगा. 6. संतरे के छिलके को धूप में सुखाकर पीस लें. इस पाउडर में थोड़ी सी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर लगाने से काले घेरे खत्म हो जाएंगे. 7. दही से काले घेरे कम करने के लिए दो चम्मच दही में दो चम्मच नींबू का रस मिलाएं। अब इस पेस्ट को आंखों के नीचे डार्क सर्कल पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा छोड़ दें। अब पानी से इसे धो लें। बेहतरीन परिणाम के लिए इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार लगाएं।   recent visitors 81

RBI ने साल 2024 में इन बैंकों का किया लाइसेंस रद्द, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

मुंबई  ग्राहकों के हित में और नियमों का उल्लंघन होने पर भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा सख्त कदम उठाता है। इस साल आरबीआई ने 11 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया है। ये बैंक हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। जमा राशि स्वीकार करने और लेनदेन पर भी रोक लग चुकी है। आरबीआई ने एक नोटिस जारी करते हुए इन सभी बैंकों का चालू रहना जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक बताया था। इनके पास  प्राप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थी। ऐसे में बैंकिंग में अधिनियम 1949 के कई प्रावधानों का उल्लंघन होता है। यह बैंक अपने वित्तस्थित के साथ जमा कर्ताओं को पुनर्भुगतान करने में भी असमर्थ थे। इसलिए सार्वजनिक हित को देखते हुए इन सभी बैंकों का लाइसेंस रद्द किया था। साल 2024 में इन बैंकों का लाइसेंस रद्द हुआ     दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश     श्री महालक्ष्मी मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दाभोई, गुजरात     द हिरीयुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हिरीयुर, कर्नाटक     जय प्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, बसमथनगर, महाराष्ट्र     सुमेरपुर मर्केंटाइल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सुमेरपुर, पाली राजस्थान     पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गाजीपुर, यूपी     द सिटी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र     बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वाराणसी     शिम्शा सहकारी बैंक नियमित, मद्दूर, मंडया, कर्नाटक     उरावकोंडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश     द महाभैरब को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तेजपुर, असम क्या ग्राहकों को मिले पैसे? जानें नियम (RBI Rules) DICGC अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत जब भी किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है। तब प्रत्येक ग्राहक जमा बीमा और गारंटी निगम से 5 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होता है। recent visitors 88

योगा करने से पहले और बाद में इन बातों का रखें ध्यान

योग संस्कृत शब्द 'यूजी' से बना है। योग शब्द का शाब्दिक अर्थ- जुड़ना या मिलना होता है। योग से सेहत को बेशुमार लाभ पहुंचता है। नियमित योग करने से दिमाग को शांति मिलती है और तनाव कम होता है। लेकिन योग करते समय कुछ बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है। शारीरिक और मानसिक व्यायाम के रूप में योग पूरी दुनिया में जोर-शोर से अपनाया जा रहा है। भारत में प्राचीन काल से लोग योग करते आए हैं। योग के लिए नियम और अनुशासन बेहद जरूरी हैं। नियमित रूप से और सही तरीके से योग करना सेहत के लिए न सिर्फ फायदेमंद होता है बल्कि घातक बीमारियों को खत्म करने में भी मददगार होता है। कठिन आसान से न करें शुरुआत हल्के आसन के चयन से योगासन की शुरूआत करनी चाहिए। पहले से प्रैक्टिस के बावजूद भी आसान योगासन शुरूआत करें। बिना शरीर को तैयार किए आप कठिन योग करने लगेंगे तो चोट लगने का डर रहता है। सही समय योग सूरज उगने से पहले और सूर्य डूबने के बाद किसी भी समय किया जा सकता है लेकिन दिन के समय योग न करें। योगासन सुबह के समय करने से अधिक लाभ मिलता है। मगर फिर भी अगर आप किसी कारण से सुबह योग नहीं कर पाएं तो शाम या रात को खाना खाने से आधा घंटा पहले भी कर सकते हैं। यह ध्यान रखें कि आपका पेट भरा न हो। इसलिए भोजन करने के 3-4 घंटे बाद और हल्का नाश्ता लेने के 1 घंटे बाद आप योगास करें। योगासन के दौरान न पीएं ठंडा पानी योग करते समय बीच में ठंडा पानी पीना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। योग के दौरान शारीरिक गतिविधि के बाद शरीर गर्म हो जाता है। ऐसे में ठंडा पानी पीने से सर्दी जुकाम, कफ और एलर्जी की शिकायत हो सकती है। इसलिए योगासन के समय और बाद में नार्मल पानी ही पीएं। बीमारी में न करें अगर आपको कोई भी गंभीर समस्या, जोड़ों, कमर, घुटनों में अधिक दर्द है तो योग करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा योग करने के दौरान बाथरूम नहीं जाना चाहिए बल्कि अपने शरीर का पानी पसीने के जरिए बाहर निकलना चाहिए। गलत पोज न करें इन्स्ट्रक्टर द्वारा बताए अनुसार ही योग करें। गलत आसन करने से कमर दर्द, घुटनों में तकलीफ या मसल्स में खिंचाव हो सकता है। इसके अलावा पीठ, घुटने या मसल्स की प्रॉब्लम हो तो योग करने से पहले ट्रेनर से सलाह जरूर ले। तुरंत बाद न नहाएं योगासन करने के तुरंत बाद न नहाएं बल्कि कुछ समय बाद स्नान करें। क्योकि किसी भी व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधि के बाद शरीर गर्म हो जाता है और आप एकदम से नहाएंगे तो सर्दी-जुकाम, बदन दर्द जैसी तकलीफ हो सकती है। इसलिए योग करने के एक घंटे बाद ही नहाएं। योगासन के समय ध्यान केंद्रित करना योगासन करते समय अपने मोबाइल फोन ऑफ कर दें। क्योंकि इसे करते समय आपका ध्यान इधर-उधर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा हंसी मजाक का माहौल न बनाए इससे आपसे योग में कोई गलत स्टेप हो सकता है। योग के लिए एक्सपर्ट से लें सलाह अक्सर लोग योग  करने के लिए टीवी या कोई किताब पढ़ने लगते हैं लेकिन योग हमेशा किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए योग कर रहें तो भी एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।   recent visitors 62

स्विफ्ट डिजायर ने हासिल किया माइलस्टोन, 30 लाख से ज्यादा यूनिट का प्रोडक्शन, 16 साल से भारत की नंबर-1 सेडान कार

मुंबई मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हाल ही में अपनी लोकप्रिय सेडान डिजायर के साथ एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है मारुति डिजायर ने 30 लाख यूनिट्स के संचयी उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल 17 सालों से कम समय में हासिल हुई है, जो इस सेडान की लोकप्रियता और भारत में सबसे पसंदीदा सेडान के रूप में इसकी स्थिति को दर्शाती है। मार्च 2008 में लॉन्च हुई डिजायर ने लगातार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर खुद को अपडेट किया है। मारुति सुजुकी की सेडान कैटेगिरी में मजबूती से अपनी जगह बनाई है। मारुति डिजायर का सफर मारुति डिजायर ने अपना पहला 10 लाख यूनिट का आंकड़ा अप्रैल 2015 में पार किया था। इसके बाद 20 लाख यूनिट का आंकड़ा जून 2019 में और 30 लाख यूनिट का आंकड़ा दिसंबर 2024 में हासिल किया है। सालों से इस सेडान ने चार जेन के रूप में अपडेट मिले हैं। 2008: पहली जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2012: दूसरी जेनरेशन का आगमन। 2017: तीसरी जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2024: चौथी जेनरेशन की डिजायर का डेब्यू, जिसमें प्रोग्रेसिव डिजाइन, दो-टोन इंटीरियर्स और कई नए फीचर्स हैं। सेडान सेगमेंट में लीडर मारुति डिजायर लॉन्चिंग के बाद से ही कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में मार्केट लीडर बनी हुई है। लगातार पिछले 16 सालों से भारत की नंबर 1 सेडान का खिताब अपने नाम किए हुए है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2008 के बाद से हर दूसरी कॉम्पैक्ट सेडान जो भारत में बेची गई है, वह डिजायर है। यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी है, जो इसे हर सेगमेंट के ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती है। ग्लोबल मार्केट में सफलता और निर्यात मारुति डिजायर ने भारतीय सीमाओं के बाहर भी अपना प्रभाव छोड़ा है। अक्टूबर 2008 से 48 देशों में इसका निर्यात किया जा रहा है। अब तक, 2.6 लाख यूनिट्स लैटिन अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व जैसे देशों में भेजी जा चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में डिजायर मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला मॉडल बना। प्रबंध निदेशक ने क्या कहा? मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी टकेउची ने कहा कि हम अपने ग्राहकों के आभारी हैं, जिनके विश्वास और समर्थन के कारण डिजायर ने 30 लाख उत्पादन का यह माइलस्टोन हासिल किया है। उनका फीडबैक हमें हमेशा बेहतर और इनोवेशन बनाने के लिए प्रेरित करता है। नई डिजायर एडवांस डिजाइन, एडवांस फीचर्स और शानदार माइलेज के साथ नए मानक स्थापित करती है। डिजायर ने हमारे लिए सेडान सेगमेंट में 16 सालों तक लगातार नेतृत्व बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। 2024 में लॉन्च हुई नई डिजायर ने 5-स्टार भारत NCAP सुरक्षा रेटिंग हासिल की है, जो इसे अब और भी बड़े सेल्स टारगेट की ओर बढ़ा रहा है। डिजायर की विश्वसनीयता और प्राइस इसे भारतीय ग्राहकों के लिए हमेशा की पहली पसंद बनाए रखते हैं। recent visitors 125