जनसुनवाई में 37 आवेदकों ने कलेक्टर को बताई अपनी समस्याएं

अनूपपुर  कलेक्टर हर्षल पंचोली ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा केंद्र में अधिसूचित सेवाओं के आवेदन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही अधिकारी प्राप्त करें। ऑफलाइन मोड पर कोई भी आवेदन स्वीकार न करें तथा यदि ऐसे आवेदन प्राप्त होते हैं तो आवेदनों को लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों को लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन देने हेतु समझाईश भी दी जाए। जनसुनवाई में कलेक्टर ने अधिकारियों से मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान अंतर्गत जनकल्याण शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज कराकर प्रतिदिन मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें।   जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सहायक कलेक्टर महिपाल सिंह गुर्जर, संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय, जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त सुसरिता नायक सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।     जनसुनवाई में कलेक्टर हर्षल पंचोली के समक्ष 37 आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम सिलवारी टोला निवासी संतोष कुमार बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने, जिले के ग्राम पंचायत गोड़ारू निवासी रोहित कुमार जायसवाल ने ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा खेत तालाब योजना अंतर्गत फर्जी मस्टर रोल निकालने, तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम बसनिहा निवासी कल्याण सिंह ने भूमि का नक्शा तरमीम कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम पिपरिया निवासी रामप्रकाश पटेल ने राजस्व संबंधी नकल प्रदाय किए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम अमलई निवासी बिजोड़हिन केवट ने बी.पी.एल. कार्ड बनवाए जाने, जमुना कालरी अनूपपुर निवासी विष्णु सिंह कुशवाहा ने भूमि के नक्शे में सुधार किए जाने सहित अन्य आवेदकों ने विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। recent visitors 54

न्यूजीलैंड ने सबसे पहले किया नव वर्ष 2025 का स्वागत, ऑकलैंड में जोरदार जश्न

ऑकलैंड दुनिया में सबसे पहले नए साल का आगाज किरीटीमाटी द्वीप (Christmas Island) पर 3.30 बजे हुआ। यह द्वीप प्रशांत महासागर में स्थित है और किरिबाती रिपब्लिक का हिस्सा है।यहां का समय भारत से 7.30 घंटे आगे है, यानी जब भारत में 3:30 बजे होते हैं, तो किरीटीमाटी में नया साल शुरू हो जाता है। इसके बाद चैथम द्वीप न्यूजीलैंड में भी नए साल का जश्न शुरू हो गया है। जैसे ही घड़ी में रात के 12 बजेंगे वैसे ही पुराना साल विदा हो जाएगा और नए साल का स्वागत होगा। सबसे आखिरी में नए साल का जश्न दक्षिण प्रशांत में अमेरिकी समोआ और नीयू द्वीप में होता है। अलग-अलग टाइम जोन के कारण कई देश अलग-अलग समय पर नए साल का जश्न मनाएंगे। भारत से पहले 41 देश ऐसे हैं, जहां नया साल मनाया जाता है। न्यूजीलैंड में नए साल पर जगमगा उठा सिडनी हार्बर ब्रिज नए साल के स्वागत में सिडनी में खास तैयारी की गई है. सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस पर ‘फैमिली फायरवर्क्स’ का शानदार प्रदर्शन हुआ. ये नए साल के आगाज पर की गई. इससे पहले यह शो हर साल रात से तीन घंटे पहले भी आयोजित किया गया. जिससे परिवार के लोग और बच्चे भी इस खूबसूरत नजारे का आनंद ले सकें. किरीटीमाटी द्वीप पर सबसे पहले नए साल का आगाज किरीटीमाटी द्वीप (Christmas Island) पर सबसे पहले नए साल का आगाज हुआ. भारतीय समयानुसार आज दोपहर 3.30 बजे ही यहां 2025 का आगाज हो गया. यह द्वीप प्रशांत महासागर में स्थित है और किरिबाती रिपब्लिक का हिस्सा है. यहां का समय भारत से 7.30 घंटे आगे है, यानी जब भारत में 3:30 बजे होते हैं, तो किरीटीमाटी में रात के 12 बजते हैं.   न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आतिशबाजी के साथ New Year2025 का स्वागत न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आतिशबाजी के साथ New Year 2025 का स्वागत किया गया. ऑकलैंड के प्रसिद्ध  क्लॉक टावर रोशनी से जगमगता नजर आया. नए साल को हो गया आगाज, न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मना जश्न न्यूजीलैंड ने साल 2025 का स्वागत आतिशबाजी के साथ किया. ऑकलैंड में लोगों ने नए साल का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. भारत में रात 12 बजे के बाद नए साल की जश्न मनाया जाएगा. recent visitors 63

WMO ने चेतावनी दी 2024 का रिकॉर्ड तोड़ने वाला तापमान 2025 में भी जारी रहेगा

नई दिल्ली नए साल 2025 दुनिया के सबसे अधिक गर्म तीन साल में से एक हो सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी कि 2024 का रिकॉर्ड तोड़ने वाला तापमान अगले साल भी जारी रहेगा। इसकी वजह है कि ग्रीनहाउस गैस का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई तक बढ़ रहा है। इससे भविष्य में और भी अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। 2025 के लिए यूके मौसम कार्यालय के दृष्टिकोण में यह चेतावनी शामिल है। यह बताता है कि यह ग्लोबल एवरेज तापमान के लिए तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक होने की संभावना है। यह 2024 और 2023 के ठीक पीछे होगा। साल 2023 में रिकॉर्ड गर्मी WMO ने पहले ही अनुमान लगा लिया है कि 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल होगा। यह अब लगभग तय है कि पहली बार पेरिस समझौते की सीमा 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक होगी। यह पूर्व-औद्योगिक (1850-1900) के स्तर से ऊपर है। यह 2023 में रिकॉर्ड तोड़ 1.45 डिग्री सेल्सियस के बाद है, जो कि रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को अपने नए साल के संदेश में कहा कि आज मैं आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट कर सकता हूं कि हमने अभी-अभी जानलेवा गर्मी का एक दशक झेला है। रिकॉर्ड पर शीर्ष दस सबसे गर्म साल पिछले दस सालों में हुए हैं, जिसमें 2024 भी शामिल है। कम करना होगा उत्सर्जन डब्लूएमओ के इस अवलोकन का उल्लेख करते हुए कि 2015-2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म दस साल होंगे। गुटेरेस ने कहा कि यह वास्तविक समय में जलवायु का टूटना है। हमें बर्बादी की इस राह से बाहर निकलना होगा – और हमारे पास खोने के लिए समय नहीं है। 2025 में, देशों को उत्सर्जन में नाटकीय रूप से कमी करके और नवीकरणीय भविष्य की ओर संक्रमण का समर्थन करके दुनिया को सुरक्षित रास्ते पर लाना होगा। जैसे-जैसे वैश्विक तापमान बढ़ता है और अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ अधिक बार और गंभीर होती जाती हैं। डब्लूएमओ ने अत्यधिक गर्मी के जोखिमों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की बढ़ती आवश्यकता पर भी जोर दिया। तापमान तस्वीर का केवल एक हिस्सा वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन और क्लाइमेट सेंट्रल की एक नई रिपोर्ट का हवाला दिया। इसने उल्लेख किया कि जलवायु परिवर्तन ने 29 चरम मौसम की घटनाओं में से 26 को तीव्र कर दिया है। इससे 2024 में कम से कम 3,700 लोगों की मौत हो गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। गर्मी का एक डिग्री का हर अंश मायने रखता है और जलवायु चरम सीमाओं, प्रभावों और जोखिमों को बढ़ाता है। WMO महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि तापमान तस्वीर का केवल एक हिस्सा है। जलवायु परिवर्तन चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और प्रभावों के रूप में लगभग दैनिक आधार पर हमारी आंखों के सामने होता है। उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई हालांकि, वैश्विक मौसम निकाय ने बार-बार स्पष्ट किया है कि एक या एक से अधिक वर्षों में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान का मतलब यह नहीं है कि पेरिस समझौते में बताए गए 'पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान वृद्धि को सीमित करने के प्रयासों को जारी रखना' पहुंच से बाहर है। WMO ने कहा कि पेरिस समझौते में उल्लिखित तापमान वृद्धि के स्तर के बढ़ने को एक विस्तारित अवधि, आमतौर पर दशकों या उससे अधिक समय तक के बढ़ने के रूप में समझा जाना चाहिए। हालांकि समझौता स्वयं एक विशिष्ट परिभाषा प्रदान नहीं करता है। recent visitors 71

गलत खाते में फंड ट्रांसफर पर लगेगी लगाम, RTGS-NEFT में बड़ा बदलाव, RBI के इस कदम से कैसे होगा फायदा?

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए कदम उठाया है। इसके तहत केंद्रीय बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से एक ऐसी सुविधा विकसित करने को कहा है जिससे आरटीजीएस और एनईएफटी का उपयोग करने वाले ग्राहकों को उस बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की अनुमति मिल सके जिसमें पैसा भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2025 से प्रभाव में आएगी। रिजर्व बैंक ने सोमवार को एक सर्कुलर में कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) यानी वास्तविक समय पर भुगतान से जुड़ी प्रणाली और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण (NEFT) प्रणाली से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे एक अप्रैल, 2025 से पहले यह सुविधा प्रदान करें। अभी यूपीआई और आईएमपीएस व्यवस्था के तहत पैसा भेजने वालों को प्रक्रिया शुरू करने से पहले लाभार्थी के नाम को सत्यापित करने की सुविधा है। आरबीआई ने एक ऐसी ही सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे आरटीजीएस या एनईएफटी प्रणाली का उपयोग करके लेनदेन शुरू करने से पहले पैसा भेजने वाले को लाभार्थी के बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी। आरबीआई ने एनपीसीआई को यह सुविधा विकसित करने और सभी बैंकों को इसमें शामिल करने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि जो बैंक आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के भागीदार हैं, वे अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। धोखाधड़ी पर लगाम यह सुविधा लेनदेन करने के लिए बैंक शाखाओं में आने वाले व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय बैंक के सर्कुलर में कहा गया है कि इस पहल का मकसद आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली का उपयोग कर पैसा भेजने वालों के लिए गड़बड़ी और धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। इस व्यवस्था के तहत पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले उस बैंक खाते का नाम सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी, जिसमें पैसा स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे गलतियों और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। इस सुविधा के जरिये पैसा भेजने वालों की तरफ से दर्ज लाभार्थी की खाता संख्या और आईएफएससी के आधार पर बैंक के ‘कोर बैंकिंग सॉल्यूशन’ (सीबीएस) से लाभार्थी के खाते का नाम प्राप्त किया जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘लाभार्थी बैंक के जरिये प्रदान किया गया लाभार्थी खाता नाम प्रेषक को दिखाया जाएगा। यदि किसी कारण से लाभार्थी का नाम प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है, तो प्रेषक अपने विवेक से पैसा भेजने को लेकर कदम उठा सकता है।’ कैसे होगा समाधान आरबीआई ने कहा कि एनपीसीआई इस सुविधा से संबंधित कोई भी आंकड़ा नहीं रखेगा। विवाद की स्थिति में, पैसा भेजने वाला बैंक और लाभार्थी बैंक लुकअप संदर्भ संख्या और संबंधित लॉग के आधार पर मामले का समाधान करेंगे। ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के लाभार्थी खाता नाम देखने की सुविधा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। recent visitors 86

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. भेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. भेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. संगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. यह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. भेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. लम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. यह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए. recent visitors 287

अस्पतालों में बढ़ेगी सुरक्षा व्यवस्था, छत्तीसगढ़-गिरने लगा पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में ठंड एक बार फिर बढ़ने लगी है. बारिश और ठंडी हवाओं से 2 डिग्री तक पारा गिरा है. शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक कम है. मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. पश्चिमी विभोक्ष का असर कम होने से प्रदेश में हवा की दिशा में परिवर्तन हुआ है. रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा. माना में अधिकतम तापमान 29 डिग्री, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 25.6 डिग्री, अम्बिकापुर में 26 डिग्री, जगदलपुर में 30.2 डिग्री, दुर्ग में 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 18.7, माना में 16.8 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 18 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रारोड में 13.2 डिग्री सेल्सियस, अम्बिकापुर में 13.6 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर में 18.1 डिग्री सेल्सियस और दुर्ग में 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. स्टॉफ की बढ़ेगी सुरक्षा व्यवस्था रायपुर. अस्पतालों में अब डॉक्टर और स्टॉफ की सुरक्षा व्यवस्था सख्त होगी. यह निर्देश रायपुर कमिश्नर महादेव कावरे ने बैठक में अधिकारियों को दिए हैं. इसके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है. कावरे ने अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की बात कही है. कमिश्नर ने अस्पतालों के परिसर में किसी भी अप्रिय घटना के संबंध में हेल्पलाइन नंबर 112 में आई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. राजधानी में आज बढ़ते कदम संस्था द्वारा मॉडल ब्लड बैंक के सहयोग से मरीन ड्राइव तेलीबांधा में रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है. यह शिविर शाम 4 से रात 8 बजे तक लगाया जाएगा. श्री दिगंबर जैन पंचायत ट्रस्ट और महिला व बालिका मंडल द्वारा श्री आदिनाथ बड़ा जैन मंदिर मालवीय रोड में भक्तामर काव्य की दपोर्चना एवं महाआरती का कार्यक्रम रखा गया है. यह कार्यक्रम रात्रि 8 बजे से होगा. recent visitors 98

नए साल के जश्न के बीच बिछी बर्फ की चादर, राजस्थान-माउंट आबू में पारा माइनस दो डिग्री

माउंट आबू. राजस्थान के हिल स्टेशन माउंट आबू में ठंड अपने पूरे तेवर दिखा रही है। मंगलवार सुबह लगातार दूसरे दिन शहर का तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शहर में नए साल के जश्न मनाने के लिए पर्यटक भी पहुंचे हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस बार शरद महोत्सव का आयोजन नहीं हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने नववर्ष-2025 के कार्यक्रमों को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नववर्ष के आगमन से पहले माउंट आबू के छोटे-बड़े होटल और रिसॉर्ट्स में एडवांस बुकिंग हो चुकी है। पर्यटकों की सुखद अनुभव देने के लिए होटल संचालक अपने स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर नक्की लेक, हनीमून पॉइंट, अचलगढ़, देलवाड़ा, गुरुशिखर, और पीस पार्क जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की खासी भीड़ रही। पर्यटकों ने सुबह की हल्की बर्फ और सर्द मौसम का भरपूर आनंद लिया। शहर में पुलिसकर्मी तैनात नववर्ष के जश्न के दौरान पर्यटकों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। काननू का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि नववर्ष के उपलक्ष्य में जिले में सार्वजनिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण जश्न सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने, शांतिभंग करने, और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या करें, क्या न करें – 0- शराब पीकर वाहन न चलाएं। 0- ओवर स्पीड से बचें। 0- यातायात नियमों का पालन करें। 0- उत्पात, हुड़दंग और शांतिभंग से बचें। 0- सड़क पर वाहन खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध न करें। 0- वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करें। 0- कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। recent visitors 146