रायपुर-बिलासपुर सहित कई जिलों में बदलाव, छत्तीसगढ़-नये साल से पहले 13 एडिशनल एसपी के तबादले

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नए साल से पहले पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव किया है। 13 एडिशनल एसपी का ट्रांसफर किया गया है। रायपुर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ पंकज चंद्रा को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 13 वाहिनी बांगो कोरबा भेजा गया है। वहीं श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी है। एएसपी जयंत वैष्णव को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बघेरा दुर्ग, बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार को जांजगीर यातायात एएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कांकेर एएसपी प्रशांत शुक्ला को रायपुर यातायात एएसपी की जिम्मेदारी दी गई है। एएसपी  विवेक शुक्ला को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अटल नगर नवा रायपुर भेजा गया है। इधर रायपुर डीआरएम की पोस्टिंग रद्द कुछ दिन पूर्व ही रायपुर रेल मंडल में नए डीआरएम को पदस्थ किया गया था, लेकिन रेल मंत्रालय ने अपने आदेश को रद्द करते हुए आईआरटीएस अधिकारी दयानंद को रायपुर रेल मंडल का नया डीआरएम नियुक्त किया गया है। recent visitors 58

खुद को मंदिर में किया बंद, छत्तीसगढ़-सक्ती में 11वीं की छात्रा ने अपनी जीभ काटकर भगवान शिव को चढ़ाई

सक्ती। सक्ती जिले से एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा की छात्रा ने कथित तौर पर अंधविश्वास के कारण अपनी जीभ काट ली। जिले के ग्राम देवरघटा के अचरीपाली में 16 वर्षीय छात्रा ने अपनी जीभ काट कर भोले बाबा को समर्पित किया है। मंदिर परिसर में खून फैला हुआ है, खुद को मंदिर के अंदर बंद कर साधना में बैठ गई है। वहीं, पुलिस वालों को गांव के लोगों ने मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया। मामला डभरा थाना क्षेत्र का है। सोमवार की सुबह 7 बजे छात्रा ने घर के पास तलाब के किनारे बने भोले बाबा के मंदिर में अपनी जीभ को काट कर समर्पित कर दी। छात्रा ने नोट भी लिखा है। घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिलने पर टीम के साथ प्रशानिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हुए थे। मगर उन्हें मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया। वहीं, गांव के लोगों ने मंदिर के चारों तरफ को घेर लिया। छात्रा के माता-पिता को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा समझाया गया और उसे अस्पताल ले जाने की बात की। लेकिन छात्रा के माता-पिता ने साफ इनकार कर दिया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, 108 एम्बुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद हैं। recent visitors 62

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे recent visitors 305

सेंसेक्स और निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन को गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर की शुरुआत खराब रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE SENSEX) खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. बाजार में गिरावट के बीच बीएसई के 30 में से 26 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन मंगलवार को BSE का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,248.13 के लेवल से गिरकर 77,982.57 के लेवल पर ओपन हुआ था. शुरुआती कारोबार में ही ये 450 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,779.99 के स्तर तक आ गया. दूसरी ओर Sensex की तरह ही NSE के निफ्टी 50 में भी गिरावट देखने को मिली और ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,644.90 के लेवल से टूटकर 23,560 के स्तर पर ओपन हुआ. इसके बाद ये गिरावट और बढ़ी, जिसके चलते Nifty 100 अंक से ज्यादा गिरकर 23,527.85 के लेवल पर आ गया. Zomato से TCS तक ये 10 शेयर धराशायी शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के दौरान गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पोर्ट्स से लेकर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस और टाटा ग्रुप की टीसीएस तक के शेयर टूटे. लेकिन सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स के बारे में बात करें, तो लार्ज कैप में शामिल Tech Mahindra Share (2.27%), Infy Share (1.94%), TCS Share (1.83%) और Zomato Share (1.70%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से AWL Share (7.28%), Godrej India Share (4.70%), AU Bank Share (4.46%), Bharti Hexa Share (2.78%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर Ease My Trip का रहा जो 9.44% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, इसके अलावा IXIGO Share 3.74% टूटकर ट्रेड कर रहा था. सोमवार को भी टूटा था मार्केट इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई थी. हालांकि लंबी गिरावट के बाद पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार (Stock Market) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. लेकिन सप्ताह के पहले दिन बाजार में आई गिरावट के बीच मार्केट क्लोज होने पर निफ्टी50 करीब 168 अंक गिरकर 23644 पर क्‍लो‍ज हुआ था, तो वहीं सेंसेक्‍स 450 अंक फिसलकर बंद हुआ था. निफ्टी बैंक में भी 335 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी. recent visitors 74

अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस समय एक दूसरे पर धड़ाधड़ हमले कर रहे हैं. डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान में घुसे अफगान के तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी चौकियों पर बम बरसा रहे हैं. इस बीच खबर आई कि तहरीकए-ए-तालिबान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी सेना के एक पोस्ट पर कब्जा कर लिया. लेकिन अब इसे लेकर पाकिस्तानी सेना की सफाई आई है. अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि टीटीपी ने इस वीडियो को खुद जारी किया है. लेकिन अब पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि सेना की इस चौकी को हमले से कुछ समय पहले ही खाली कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि यहां से सैन्यकर्मियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था. यह प्रक्रिया सिर्फ बाजौर तक सीमित नहीं थी बल्कि उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान में भी इसी तरह सैन्यकर्मियों को चौकियों से हटा दिया गया था. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तालिबानी लड़ाकों को पाकिस्तानी पोस्ट पर हथियारों के साथ जश्न मनाते देखा जा सकता है. उन्होंने आर्मी पोस्ट से पाकिस्तान का झंडा उखाड़कर टीटीपी का झंडा भी लहरा दिया. अफगानी तालिबानी लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच क्यों ठनी? पाकिस्तानी सेना और अफगान लड़ाकों के बीच यह विवाद उस समय गहरा गया, जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हाल ही में वजीरिस्तान के मकीन इलाके में पाकिस्तानी सेना के 30 जवानों को मार गिराया था. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक करके यह संदेश देने की कोशिश की थी कि वह अपने सैनिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं करेगा. अफगान तालिबान के पास भारी मात्रा में हथियार और दुर्गम इलाकों में छिपने की क्षमता है. उनके पास एके-47, मोर्टार, रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों का विशाल भंडार है. इसके अलावा, तालिबानी लड़ाके उन पहाड़ों और गुफाओं से हमले करते हैं, जिनके बारे में पाकिस्तानी सेना को जानकारी तक नहीं है. शहबाज शरीफ सरकार पहले से ही आर्थिक संकट, सीपैक प्रोजेक्ट में देरी और बलूचिस्तान में अलगाववाद जैसी समस्याओं से जूझ रही है. इन मुद्दों ने सरकार और सेना दोनों को कमजोर किया है. अब तालिबान के साथ टकराव ने इस संकट को और बढ़ा दिया है. तालिबान की ताकत कितनी है? इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के पास इस समय एक लाख 50 हजार एक्टिव लड़ाके हैं. तालिबान ने अफगानिस्तान के लिए अब तक रक्षा बजट का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है. अफगानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद सेना को औपचारिक रूप देने के लिए स्पेशल फोर्स और आठ इन्फैंट्री कोर के अंतर्गत तीन बटालियन की नींव रखी गई. तालिबान का मैनपावर सोर्स कबाइली इलाकों में बसे कबीले और उनके लड़ाके हैं. इसके अलावा कट्टर धार्मिक संस्थाएं, मदरसे भी उनके विचार को सपोर्ट कर रहे हैं. लेकिन इन सबसे ज्यादा पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की सीक्रेट मदद तालिबान के लिए मददगार साबित हो रही है. अमेरिकी खुफिया आकलन भी जमीनी हालात को साफ करते हैं जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के 6 महीने के भीतर अफगानिस्तान सरकार का प्रभुत्व खत्म हो जाएगा और तालिबान का शासन आ सकता है.   recent visitors 57

रेलवे ने महाकुंभ में 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया, 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी

प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए ना केवल उत्तर प्रदेश प्रशासन बल्कि भारतीय रेलवे ने भी कमर कस ली है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के पवित्र संगम पर आगामी 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जुटा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ के लिये क्षेत्र को तमाम सुविधाओं से लैस करने के मकसद से श्रमिकों की पूरी फौज नदियों के प्रवाह को व्यवस्थित करने, सड़कों को चौड़ा करने और घाटों को समतल करने में जुटी है। वहीं रेलवे ने महाकुंभ के लिए 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसमें से 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि आसपास के 9 रेलवे स्टेशनों पर 560 टिकटिंग पॉइंट की व्यवस्था की जा रही है। प्रयागराज जंक्शन, सुबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छेओकी, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम और झूसी स्टेशन पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि इन पॉइंट्स से रोज करीब 10 लाख टिकट बांटे जा सकते हैं। महाकुंभ मेले को देखते हुए 15 दिन पहले टिकट लेने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रिंग रेल रूट पर भी ट्रेनें चलाई जाएंगी। प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज संगम- जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-माणिकपुर-चित्रकूट-झांसी रूट पर ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे 10 हजार से ज्यादा नियमित और 3 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। स्पेशन ट्रेनों में करीब 1800 छोटे रूट पर और 700 ट्रेनें लंबे रूट पर चलेंगी। इसके अलावा रिंग रूट पर 560 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की नजरिए से 18 हजार से ज्यादा आरपीएफ और एसआरपी के जवानों को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज जंक्शन पर 6 बेड वाले ऑब्जरवेशन रूम का सेटअप तैयार किया गया है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन, ग्लुकोमीटर, नेबुलाइजर और स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इनमें से 116 कैमरे एआई तकनीक से चलते हैं। कहां से चलेंगी ट्रेनें अब तक जिन स्पेशल ट्रेनें की समय सारिणी सामने आई है उनमें मैसूर से लेकर कामाख्या और वलसाड़ से राजकोट तक की ट्रेनें शामिल हैं। इसमें मैसूर-दानापुर-मैसूर एक्स्परेस, कामाख्या-टूंडला-कामाख्या एक्सप्रेस, कानपुर से्ंट्रल-भागलपुर, नाहरलगुन-टुंडला-नाहरलगुन, टाटानगर-टुंडला- टाटानागर, रांची-टूंडला-रांची. पटना-प्रयागराज-पटना. गया-प्रयागराज-गया, विश्वामित्री-बलिया-विश्वामित्री, वलसाड-दानापुर-वलसाड, वापी-गया-वापी, साबरमती-बनारस-साबरमती, भावनगर टर्मिनल-बनारस-साबरमती. अहमदाबाद-जंघई-अहमदाबाद, राजकोट-बनारस-राजकोट, वेरावल-बनारस-वेरावल ट्रेनें शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इस मेगा आयोजन को 'एकता का महाकुंभ' बताया और लोगों से समाज से नफरत और विभाजन को खत्म करने के संकल्प के साथ इस भव्य धार्मिक समागम से लौटने का आग्रह किया। महाकुंभ आगामी 13 जनवरी को 'पौष पूर्णिमा' से शुरू होगा और 45 दिनों के बाद 26 फरवरी को 'महा शिवरात्रि' पर सम्पन्न होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिये एक लाख 60 हजार टेंट और डेढ़ लाख शौचालयों की स्थापना की गई है और इनकी साफ-सफाई के लिए 15 हजार सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में पानी की सुविधा देने के लिये 1,250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 67 हजार एलईडी लाइट, दो हजार सोलर लाइट और तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नौ पक्के घाट, सात रिवरफ्रंट सड़कें और 12 किलोमीटर क्षेत्र में अस्थायी घाट निर्माणाधीन हैं। सात बस अड्डे भी बनाए जा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र को सजाने के लिए 15 लाख वर्ग फुट से अधिक के भित्ति चित्र और ‘स्ट्रीट पेंटिंग’ बनाई गई हैं। हालांकि, हर बड़ा आयोजन अपने साथ उतनी ही बड़ी चुनौतियां भी लेकर आता है। कटान की वजह से गंगा नदी अपने मूल मार्ग से दूर चली गई है और महाकुंभ के लिए उपलब्ध भूमि कम हो गई है। इसके अलावा, पांच साल के दौरान नदी के प्रवाह की जद में आ जाने से साल 2019 के कुंभ के लिए इस्तेमाल की गई 3200 हेक्टेयर जमीन कम हो गई है। recent visitors 59

हादसा : महिदपुर में सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलटी, तीन मजदूरों की हुई मौत, सभी रतलाम जा रहे थे

उज्जैन उज्जैन में मंगलवार सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। 14 घायल हैं, इनमें पांच लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल से रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज महिदपुर में चल रहा है। हादसा महिदपुर तहसील के डेलची गांव में सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। पिकअप मजदूरों को लेकर रतलाम जा रही थी। स्पीड तेज होने के चलते पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे ऊतरकर पलट गई। मजदूर नीचे दब गए।मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पिकअप के नीचे दबने से कंचन बाई (45), जसोदा बाई (35) और बाला राम (15) की मौत हो गई। माया बाई, रेखा बाई, पायल बाई, रम्भा बाई को गंभीर हालत में उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंजू बाई, हेमा बाई, साजन बाई, लक्ष्मी बाई, डाली बाई, रेखा बाई, ललिता बाई, रम्भा बाई, कमला बाई, उमराव बाई, सुगन बाई और रुक्मा बाई को महिदपुर के अस्पताल हैं। सभी महिलाएं मजदूर थीं और सुबह के समय खेतों में मटर तोड़ने के लिए अन्य गांवों में जा रही थीं। recent visitors 64