रील के नाम पर फिर तमाशा, एक शख्स को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है, फाड़ दी ट्रेन की सीट

नई दिल्ली सोशल मीडिया पर फेम कमाने और वायरल होने के चक्कर में कई यूजर किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। ताजा मामला भारतीय रेल से जुड़ा है, जहां एक शख्स को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि शख्स कौन है। साथ ही रेलवे की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट एक वीडियो में नजर आ रहा है कि एक युवक खुले आम ट्रेन की सीटों को फाड़ रहा। मामला ट्रेन के सामान्य कोच का लग रहा है। यह साफ नहीं है कि घटना किस ट्रेन की है और न ही स्थान को लेकर जानकारी स्पष्ट हो सकी है। सोशल मीडिया यूजर इस युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही यूजर्स युवक को 'गद्दार' करार दे रहे हैं। पहले भी हुई ट्रेन में तोड़फोड़ रेलवे यात्री का ट्रेन को नुकसान पहुंचाने का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में एक और वीडियो सामने आया था, जहां गेट नहीं खोले जाने से भड़के एक युवक ने अंत्योदय एक्सप्रेस के दरवाजे का पत्थर मार कांच तोड़ दिया था। घटना उत्तर प्रदेश के बस्ती रेलवे स्टेशन की बताई जा रही थी। साथ ही कुछ लोग खिड़की की ग्रिल तोड़कर बोगी में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। क्या वजह जानकार भीड़ को बड़ी वजह मान रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों का कहना है, 'ट्रेन में क्षमता से ज्यादा भीड़ हैं, तो अंदर मौजूद यात्री और लोगों को चढ़ने से रोकने के लिए कोच को बंद कर लेते हैं। इसके चलते बस्ती रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को नाराज कर दिया था।' recent visitors 234

अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 26/11 मुंबई हमले में शामिल तहव्वुर राणा को जल्द जाएगा भारत को सौपा जायेगा

नई दिल्ली 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों में शामिल पाकिस्तान मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत सैंपा जा सकता है। राणा को भारत लाने की प्रक्रिया राजनयिक चैनलों के माध्यम से चल रही है। आपको बता दें कि अगस्त 2024 में अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि राणा को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बैक चैनल बातचीत जारी है। अदालत ने तब राणा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने मुम्बई आतंकी हमलों में अपनी संलिप्तता के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने का विरोध किया था। अदालत ने यह माना कि भारत ने राणा के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत किए थे, जिससे यह साबित होता है कि प्रत्यर्पण आदेश सही था। राणा का नाम मुम्बई पुलिस ने 26/11 हमलों के संबंध में अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने के आरोप हैं। चार्जशीट में यह भी कहा गया कि राणा ने मुम्बई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मदद की थी, जिसने हमलों के लिए मुम्बई में जगहों की रेकी की थी। अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non-Bis in Idem अपवाद है। यह तब लागू होता है जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले ही दोषी ठहराया या बरी किया जा चुका हो। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन-बिस इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता। 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों के लगभग एक साल बाद एफबीआई ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुम्बई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी और पाकिस्तान के आतंकवादियों को हमले को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया था। recent visitors 45

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।   recent visitors 32

विधानसभा अध्यक्ष के निरीक्षण का असर, राजस्थान-अजमेर के अस्पताल में अब इमरजेंसी वार्ड में ही होगी सोनोग्राफी

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्वासुदेव देवनानी द्वारा रविवार को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के औचक निरीक्षण का असर अब सामने आ रहा है। देवनानी की नाराजगी और कार्रवाई के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब इमरजेंसी वार्ड में ही सोनोग्राफी कराने का निर्णय लिया है। इससे परेशानी में अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गत रविवार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लटका देखकर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोनोग्राफी कक्ष का ताला खुलवाकर मरीजों को राहत दिलवाई थी। उन्होंने अस्पताल को निर्देश दिए थे कि आमजन को राहत प्रदान करने के लिए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में लगाकर प्रशिक्षित स्टॉफ लगाया जाए। उन्होंने अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए थे। देवनानी के निर्देश और उनकी नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में ही लगाने का निर्णय किया है। यह सोनोग्राफी मशीन लगने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बहुत राहत मिलेगी। recent visitors 47

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में नष्ट होगा, भोपाल से ले जाने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

भोपाल  यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में रखा 40 साल से रखा 337 मिट्रिक टन कचरे का का निपटान पीथमपुर में किया जाएगा। इसके लिए भोपाल से पीथमपुर तक 250 किमी तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। कचरे को 12 कंटेनरों से पशिष्ट की पैकिंग, लोडिंग और परिवहन सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ किया जाएगा। कंटेनर्स के साथ पुलिस सुरक्षा बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा क्विक रिस्पॉस टीम रहेगी। यह कंटेनर लीक प्रूफ फायर रेजिस्टेंट हैं। प्रति कंटेनर में दो प्रशिक्षित ड्राइवर नियुक्त हैं। इन कंटेनरों का मूवमेंट जीपीएस से मॉनिटर किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर भोपाल, सीहोर, देवास, इंदौर से धार होते हुए पीथमपुर के बीच बनेगा।   यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को भरने का काम रविवार को शुरू हुआ। इसको कंटेनरों में पैक करने के लिए दो सौ से ज्यादा मजदूरों की ड्यूटी लगाई गई। इनकी तीस-तीस मिनट की शिफ्ट लगाई गई,जिससे उनको किसी प्रकार का नुकसान ना हो यह सुनिश्चित किया जा सके। मजदूरों को पीपीई किट दी गई और उनका बल्ड प्रेशर नापने की मशीन भी रखी गई। 2015 में किया 10 मीट्रिक टन कचरे का निपटान सीपीसीबी की कॉनिटरिंग में सभी निर्धारित पैरामीटर अनुसार सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए 10 मीट्रिक टन अपशिष्ट विनिष्टिकरण का ट्रॉयल रन-2015 में किया गया। शेष बचे 337 मीट्रिक टन रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का निष्पादन सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुक्रम में तथा उच्च न्यायालय द्वारा गठित ओवर साइट कमेटी/टास्क फोर्स कमेटी के निर्णय 19 जून 2023 के अनुक्रम में किया जा रहा है।     पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। मजदूरों की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस रहेगी जिससे आपात स्थिति में काफिले के साथ मौजूद स्टाफ को ज़रूरत पड़ने पर त्वरित मेडिकल सहायता उपलब्ध हो सकेगी. सभी केमिकल को विशेष तरह के बैग्स में भरा जा रहा है, जिसमें लीकेज नहीं होता. कचरा हटाने के लिए जो मजदूर लगाए गए हैं, उन सब का हेल्थ चेकअप किया गया है। एक मजदूर को सिर्फ 30 मिनट काम करना होगा, जिसके बाद दोबारा काम शुरू करने से पहले उसे आराम करने का समय दिया जाएगा. एक ट्रक में 30 टन कचरा डाला जाएगा. हर मजदूर को सुरक्षा किट और मास्क के साथ ही फैक्ट्री में प्रवेश दिया जा रहा है। पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट  मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।    recent visitors 54

घुसपैठ कर भारत आई प्रधान बनी बांग्लादेशी महिला? TMC नेता पर लगे फर्जी दस्तावेजों से नागरिकता हासिल करने के आरोप

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के रशीदाबाद की ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून की नागिरकता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मालदा जिले में टीएमसी के नेतृत्व वाली रशीदाबाद ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून को लेकर कहा जा रहा है कि वो बांग्लादेशी अप्रवासी हैं. इतना ही नहीं उनपर आरोप है कि वो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थीं. मीडिया रिपोर्ट्स में लवली खातून का असली नाम नासिया शेख बताया जा रहा है. ऐसे में स्थानीय चुनाव में हिस्सेदारी और पंचायत प्रमुख बनने के बारे में सवाल उठना लाजमी हो गए हैं. इस संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट ने SDO से रिपोर्ट भी तलब कर ली है. चुनाव जीतने के बाद TMC में हुई शामिल चंचल की रहने वाली रेहाना सुल्ताना ने 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी. रेहाना ने 2022 में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ा था लेकिन वो लवली खातून से चुनाव हार गईं थीं. सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा,'याचिका दाखिल करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन लवली खातून से हार गईं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. खातून के चुनाव जीतने के बाद एक या दो महीने के भीतर वह टीएमसी में शामिल हो गईं.' भारत में रहकर बनवाए फर्जी दस्तावेज मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया गया था और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र, लेकिन सभी फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर ये डॉक्यूमेंट्स बने हैं. याचिकाकर्ता का दावा है कि यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि खातून ने अपना नाम और आधिकारिक रिकॉर्ड बदलने सहित अपनी पहचान बदल दी है. लवली खातून से हारी थीं रेहाना सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा कि याचिका दायर करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह लवली खातून से हार गई थीं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। खातून के चुनाव जीतने के एक या दो महीने के भीतर ही वह टीएमसी में शामिल हो गई थीं। लवली खातून पर क्या हैं आरोप? इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वकी भादुड़ी ने कहा कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर एक बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया था, और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। बांग्लादेश से आया चालाक घुसपैठिया भादुड़ी ने कहा है कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्टेटस जैसे फर्जी दस्तावेज भी बनवाए हैं। हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी। एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था। हर कोई जानता है कि उसके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक ​​कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है। वकील ने आगे सवाल उठाया कि खातून कैसे चुनाव लड़ सकती हैं, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। इस बीच लवली खातून ने द एक्सप्रेस द्वारा किए गए कॉल का जवाब नहीं दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 'पड़ोसी गांव में किसी को बनाया पिता' रेहाना के वकील भादुड़ी ने कहा,'हम स्थानीय पुलिस स्टेशन और स्थानीय प्रशासन के पास गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हम 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए.' उन्होंने कहा कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्थिति जैसे दस्तावेजों में भी हेराफेरी की है. हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी और एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था. सभी जानते हैं कि उनके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है.' यह ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश के नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से देश में घुस आए थे. recent visitors 56

वैशाली ने महिला विश्व ब्लिट्ज में कांस्य पदक जीता

न्यूयॉर्क भारत की आर वैशाली ने विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता और इस तरह से यहां रैपिड स्पर्धा में कोनेरू हम्पी के खिताब जीतने के बाद देश के खिलाड़ियों ने वर्ष 2024 के अंत में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। वैशाली ने क्वार्टर फाइनल में चीन की झू जिनर को 2.5-1.5 से हराया लेकिन सेमीफाइनल में वह चीन की एक अन्य प्रतिद्वंद्वी जू वेनजुन से 0.5-2.5 से हार गईं। इस प्रतियोगिता में पूरी तरह से चीन के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। चीन की जू वेनजुन ने हमवतन लेई टिंगजी को 3.5-2.5 से हराकर विश्व खिताब जीता। पांच बार के विश्व चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के उपाध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने वैशाली को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि यह वर्ष को समाप्त करने का एक शानदार तरीका है। आनंद ने एक्स पर लिखा, ‘‘कांस्य पदक जीतने पर वैशाली को बधाई। उसने वास्तव में शानदार प्रदर्शन किया। हमारे वाका शतरंज सलाहकार (वेस्टब्रिज आनंद शतरंज अकादमी) ने हमें गौरवान्वित किया है। यह वर्ष 2024 का समापन करने का शानदार तरीका था।’’ ओपन’ वर्ग में दुनिया के नंबर एक मैग्नस कार्लसन और रूस के इयान नेपोम्नियाचची ने ब्लिट्ज़ खिताब साझा किया, क्योंकि सडन-डेथ की तीन बाजियों के बाद भी कोई स्पष्ट विजेता नहीं बन पाया। यह पहला अवसर है जबकि खिताब दो खिलाड़ियों में बांटा गया।   recent visitors 62