दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 12 गंभीर, राजस्थान-दौसा में ट्रक से बस भिड़ने से 30 यात्री घायल

दौसा। राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर आज सुबह अत्यधिक कोहरे के कारण बस और ट्रेलर की भिड़ंत में करीब 30 यात्री घायल हो गए। कुछ गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि बस मध्य प्रदेश के उज्जैन से देश की राजधानी दिल्ली की ओर जा रही थी। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर नांगल राजावतान के नजदीक पिलर नंबर 198 के पास लाडली का बास गांव के पास एक वोल्वो बस ट्रक से टकरा गई। नांगल राजावतान की डिप्टी एसपी चारुल गुप्ता ने बताया कि यह हादसा घने कोहरे के कारण हुआ है। उज्जैन की तरफ से आ रही वोल्वो बस आगे चल रहे ट्रक में जा टकराई। धार्मिक नगरी उज्जैन से लौट रहे थे यात्री बस में सवार घायल बृजमोहन और उमेर खान ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ उस समय सभी लोग नींद में थे। बृजमोहन ने बताया कि वह उज्जैन दर्शन करके दिल्ली लौट रहे थे। अचानक झटका लगा तो पता लगा कि बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे के बाद जैसे तैसे यात्री बस के पीछे के दरवाजे से बाहर निकले। घायलों को उपचार के लिए दौसा के जिला अस्पताल में लाया गया, जहां से 9 गंभीर घायलों को जयपुर के एसएमएस के लिए रेफर कर दिया गया। महाकाल ही नहीं चिंतामण और काल भैरव के भी किए थे दर्शन बस में सवार बृजमोहन ने बताया कि सभी दर्शनार्थी इस वर्ष बाबा महाकाल के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत करना चाहते थे। इसीलिए वह बस से धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे थे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही उनके सेनापति काल भैरव, बाबा मंगलनाथ, चिंतामन गणेश, मां हरसिद्धि व अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन किए थे। साथ ही शिप्रा तट पर होने वाली संध्या आरती भी देखी थी। recent visitors 72

जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप – मुख्यमंत्री डॉ.यादव जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद रैन बसेरों का निरीक्षण करें विधानसभा वार समीक्षा की जाए इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें। पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए। ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा। इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,‍जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है। अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा। बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर … Read more

यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण की करेंगे सतत निगरानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2015 में किया जा चुका है ट्रायल रन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 49

केंद्र सरकार उन तीन कृषि कानूनों को ‘पॉलिसी’ कहकर पिछले दरवाजे से लागू करने की कोशिश कर रही है: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच किसानों के मुद्दे पर ठन गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खत को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी से लेकर आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जोरदार पलटवार किया है। पूर्व सीएम केजरीवाल ने तो यहां तक दावा किया है कि केंद्र सरकार उन तीन कृषि कानूनों को 'पॉलिसी' कहकर पिछले दरवाजे से लागू करने की कोशिश कर रही है, जिन्हें विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। शिवराज का लेटर सामने आने के कुछ देर बाद अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है और उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया। केजरीवाल ने लिखा, 'पंजाब में किसान कई दिनों से धरने और अनिश्चित अनशन पर बैठे हैं। इनकी वही मांगे हैं जो केंद्र सरकार ने तीन साल पहले मान ली थी, लेकिन अभी तक लागू नहीं की। बीजेपी सरकार अब अपने वादे से मुकर गई। बीजेपी सरकार किसानों से बात तक नहीं कर रही। उनसे बात तो करो। हमारे ही देश के किसान हैं। बीजेपी को इतना ज्यादा अहंकार क्यों है कि किसी से बात भी नहीं करते? पंजाब में जो किसान अनिश्चित अनशन पर बैठे हैं, भगवान उन्हें सलामत रखें लेकिन यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार होगी।' इसी के साथ 'आप' प्रमुख ने दावा किया कि केंद्र सरकार वापस लिए गए कृषि कानूनों को 'पॉलिसी' के रूप में फिर से लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा, 'देशभर के किसानों की जानकारी के लिए मैं बता दूं कि जो तीन काले कानून केंद्र ने 3 साल पहले किसानों के आंदोलन की वजह से वापिस लिए थे, उन्हें 'पालिसी' कहकर केंद्र सरकार पिछले दरवाजे से दोबारा लागू करने की तैयारी कर रही है। इस पॉलिसी की कॉपी उनके विचार जानने के लिए केंद्र ने सभी राज्यों को भेजी है।' केजरीवाल ने यह दावा ऐसे समय पर किया है जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि 'आप' की सरकार को केंद्र की योजनाओं को लागू कर किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए। शिवराज ने मुख्यमंत्री आतिशी लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि दिल्ली में आप पार्टी की सरकार किसानों के प्रति बेहद उदासीन है और किसानों के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में कोई संवेदना नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आतिशी ने कभी किसानों के हित में उचित निर्णय नहीं लिए। चौहान ने कहा कि 10 साल से दिल्ली में आप की सरकार है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने हमेशा किसानों के साथ केवल धोखा किया है। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं किया। इस कारण से दिल्ली के किसान केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप पार्टी सरकार का किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया है। शिवराज ने कहा कि दिल्ली के किसान एकीकृत बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज ग्राम कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। केंद्र की कृषि योजनाएं लागू नहीं होने से किसान नर्सरी और टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल उपरांत प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, नए बाग, पाली हाउस एवं कोल्ड चैन की सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं के लाभ नहीं ले पाए। किसानों को कृषि विकास योजना को लागू नहीं होने से कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल विविधीकरण के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित किसान उपकरण का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक दाम देना पड़ रहा है। दिल्ली में किसानों के लिए बिजली की उच्च दरें निर्धारित कर रखी है। यमुना से लगे गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। कृषि मंत्री ने पत्र में कहा कि राजनैतिक प्रतिस्पर्धा किसान कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए। किसान कल्याण सभी सरकारों का कर्तव्य हैं। इसलिए दलगत राजनीति से उठकर आप पार्टी की सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने चाहिए। recent visitors 69

कवर्धा प्रवास पर डिप्टी सीएम शर्मा ने ग्रामीणों के साथ सजाई चौपाल

रायपुर डिप्टी सीएम विजय शर्मा आज एक दिवसीय कवर्धा प्रवास पर थे. इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल जमाई, जहां ग्रामीणों के साथ खुशनुमा माहौल में हास-परिहास के साथ चर्चा करते हुए अपने जमीन से जुड़े होने का अहसास कराया. अनौपचारिक चौपाल के दौरान ग्रामीण बुजुर्ग महिला ने छत्तीसगढ़ भाषा में उप मुख्यमंत्री को देने वाले तो आप हो साहब कह कर उनका कृतज्ञता ज्ञापित किया गया, लेकिन विजय शर्मा ने हंसी-ठिठोली के बीच अपने आप को साहब न कहते हुए ग्रामीणों का आशीर्वाद लेकर पुण्य अर्जित करने की बात कही. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूरे वाकये का वीडियो अपने फेसबुक एकाउंट में शेयर किया है. आप भी माहौल का आनंद लिजिए. recent visitors 56

सिडनी टेस्ट से रोहित शर्मा ड्रॉप, आखिरी मैच से किए गए बाहर, संन्यास की अटकलें भी तेज

सिडनी भारत और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) का आख‍िरी टेस्ट स‍िडनी में 3 जनवरी से होना है। सिडनी में होने वाला यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजे शुरू होगा, वहीं टॉस 4:30 पर होना है। लेकिन इस मुकाबले में भारतीय टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा बाहर बैठ सकते हैं।  वहीं उनकी जगह जसप्रीत बुमराह कप्तानी करते हुए नजर आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार- शुभमन गिल प्लेइंग 11 में वापसी के लिए तैयार हैं। केएल राहुल यशस्वी जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार- शुभमन गिल प्लेइंग 11 में वापसी के लिए तैयार हैं. केएल राहुल यशस्वी जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें और अंतिम टेस्ट के लिए आराम दिया जा सकता है। उनकी जगह तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह शुक्रवार सुबह सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर टॉस के लिए उतर सकते हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें और आखिरी टेस्ट से बाहर कर दिया गया है। तीन जनवरी से सिडनी में खेले जाने वाले इस निर्णायक मैच में रोहित तो प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी। मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग-डे टेस्ट गंवाने के बाद से ही रोहित शर्मा के संन्यास लेने की अफवाहें मीडिया में तैर रही थी। मगर अब इतना तो तय हो चुका है कि हिटमैन सिडनी टेस्ट में नहीं खेलेंगे। उनके संन्यास की पुष्टि हम नहीं करते। रोहित की जगह कौन करेगा कप्तानी? हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रोहित शर्मा की जगह जसप्रीत बुमराह आखिरी टेस्ट में कप्तानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीरीज में भारत ने एकमात्र टेस्ट मैच में पर्थ में जीता है, उस मुकाबले में भी रोहित की गैरमौजूदगी के चलते कप्तानी जसप्रीत बुमराह ही संभाल रहे थे। पिछले पूरे साल रोहित शर्मा का बल्ले से प्रदर्शन कमजोर रहा है। मौजूदा बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में रोहित ने पांच पारियों में 6.20 की औसत से सिर्फ 31 रन बनाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित की जगह गंभीर पहुंचे पांचवें टेस्ट से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब भारत के कोच गौतम गंभीर पत्रकारों से बातचीत करने पहुंचे। तब उन्होंने रोहित के खेलने की पुष्टि नहीं की थी। गंभीर से दो बार स्पष्ट रूप से पूछा गया तो उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'हम विकेट को देखेंगे और कल अंतिम एकादश की घोषणा करेंगे। रोहित के साथ सबकुछ ठीक है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी अपारंपरिक है। टीम के कप्तान की जगह हेड कोच प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया है तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हमें कल प्लेइंग इलेवन तय करने के लिए विकेट को देखना होगा।' 2024 में शांत रहे टेस्ट कप्तान रोहित का बल्ला रोहित शर्मा ने पिछले साल 14 मैच में 24.76 की औसत से दो शतक और दो अर्धशतक के साथ सिर्फ 619 रन बनाए। मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन बनाने के बाद से रोहित रन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। धर्मशाला में उस शतकीय पारी के बाद, रोहित 15 पारियों में 10.26 की औसत से सिर्फ 154 रन ही बना पाए हैं, इसमें बेंगलुरु में न्यूजीलैंड के खिलाफ 52 रन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी शामिल है। recent visitors 53