मार्क टेलर ने दावा किया, रोहित शर्मा को ड्रॉप किया जाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन सच्चाई यही है

नई दिल्ली रोहित शर्मा के सिडनी टेस्ट मैच से 'ड्रॉप या ऑप्ट' वाले मसले पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर का भी बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि रोहित शर्मा को ड्रॉप किया जाना कोई अपराध नहीं है, क्योंकि उनकी फॉर्म बहुत ज्यादा खराब रही है। मार्क टेलर ने ये भी दावा किया है कि टीम मैनेजमेंट भले ही यह बात कबूल नहीं कर रहा कि उनको ड्रॉप किया गया है, लेकिन सच्चाई यही है, क्योंकि कोई भी कप्तान सीरीज के निर्णायक मैच में खुद को बाहर नहीं रखता। इस समय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से आगे है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने कहा कि एक कप्तान निर्णायक टेस्ट में बाहर रहने का फैसला नहीं करता और रोहित को खराब फॉर्म के कारण बाहर किया गया है। मार्क टेलर ने ‘ट्रिपल एम क्रिकेट’ पर कहा, ‘‘यह एक बार फिर मुद्दे से भटकने जैसा है। किसी टीम का कप्तान सीरीज के आखिरी टेस्ट के लिए खुद को आराम नहीं देता या बाहर नहीं रखता। वह भी निर्णायक टेस्ट में। इसमें कोई शक नहीं कि उन्हें बाहर किया गया है। वे सिर्फ बता नहीं रहे हैं। इसके मायने यह नहीं हैं कि वह हमेशा के लिए बाहर हैं। खराब फॉर्म में होने के कारण वह बस इस टेस्ट मैच से बाहर हैं और यह कोई अपराध नहीं है। दुर्भाग्य से यह प्रोफेशनल स्पोर्ट है।’’ मेलबर्न में खेला गया बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच रोहित शर्मा का आखिरी टेस्ट कहा जा रहा था और अब ये सच साबित होता नजर आ रहा है। भारतीय टीम के लिए सिडनी टेस्ट मैच में कप्तान के तौर पर जसप्रीत बुमराह नजर आए। रोहित शर्मा टीम शीट में भी नहीं थे। भारत का अगला टेस्ट जून में है। अगर भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल 2025 में भी पहुंच जाए तो भी 11 जून से मुकाबला है। ऐसे में अगले 6 महीने वे रेड बॉल क्रिकेट नहीं खेलेंगे। रोहित शर्मा लगातार टेस्ट क्रिकेट में फेल रहे हैं और यही कारण है कि वे अब टेस्ट टीम से बाहर हैं। recent visitors 110

CISF के जवानों के आत्महत्या के मामलों में भारी गिरावट, देखिए आंकड़े, योग-खेलकूद से कम हुआ तनाव…

नई दिल्ली सीआईएसएफ में कार्यरत जवानों द्वारा विभिन्न मामलों को लेकर किए जाने वाले आत्महत्या के मामलों में 40 फीसदी से भी अधिक की कमी आई है। 2024 में बल में पांच सालों में सबसे कम 15 जवानों ने सुसाइड किया। सीआईएसएफ का दावा है कि यह कमी उनके द्वारा जवानों को खुश रखने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए किए जा कई तरह के प्रयासों से आ पाई है। जिसका परिणाम यह सामने आ रहा है कि पिछले साल सीआईएसएफ में पांच सालों में सबसे कम सुसाइड के मामले सामने आए। जो की एनसीआरबी के 2022 में जारी नेशनल सुसाइड रेट 12.4 प्रति लाख से कम होकर 9.87 प्रति लाख रह गई है। क्या कहते हैं आंकड़े? सीआईएसएफ से मिले आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पांच सालों में बल में सबसे अधिक 2022 में 26 सुसाइड सामने आए थे। जो की बल के हिसाब से 18.12 प्रति लाख रहा था। जो अब घटकर 9.87 प्रति लाख रह गया है। बल में जवानों द्वारा की गई आत्महत्या के मामलों की एम्स से स्टडी कराई गई थी। उसमें जवानों द्वारा आत्महत्या करने के मुख्य कारणों में लंबे समय तक परिवार से दूर रहते हुए अकेलापन, न्यूक्लियर फैमिली की वजह से परिवार का सपोर्ट ना मिलना, दुखी करने वाली खबरों का स्मार्ट फोन पर जल्दी से ट्रांसमिशन होना, आर्थिक स्थिति खराब होना, अपनी भावनाओं को व्यक्त ना कर पाना, एचआईवी, कैंसर और स्किन जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने जैसे बड़े कारण रहे। कई बार बल में तैनाती और कार्य से संबंधित दबाव की वजह से भी ऐसे मामले सामने आए।   'पांच सालों में 730 जवानों ने आत्महत्या की' सीआईएसएफ के डीआईजी दीपक वर्मा ने बताया कि वैसे, एनएसजी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में पिछले पांच सालों में 730 जवानों ने आत्महत्या की। इनमें सीआईएसएफ ने अपने बल के जवानों द्वारा किसी भी सूरत में आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें सभी यूनिट के कमांडिंग अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वह अपने जवानों को जानें और अपने जवानों की सुनें योजना के तहत अपने जवानों से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को सुने और उनका समाधान करें।   कैसे कम हुए सुसाइड केस? तनाव कम करने के लिए योग में ट्रेंड किए गए 650 ट्रेनरों द्वारा हर यूनिट में योग क्लास शुरू करना। खेलकूद की प्रतियोगिताएं कराना, अगर किसी जवान को छुट्टी और काम के दबाव से संबंधित कुछ समस्या है तो उसका समाधान करने समेत उनकी पोस्टिंग से जुड़ी तमाम समस्याओं का हर संभव निपटारा करना। छुट्टियों और कार्य के दबाव प्रोजेक्ट मन के तहत जवानों से 24 घंटे सातों दिन टेली परामर्श देना। जिसमें सितंबर 2024 तक 4200 जवानों ने इसका लाभ उठाया। पोस्टिंग को लेकर जवानों को उनकी पसंद की पोस्टिंग देने वाली योजना शुरू करना। सीआईएसएफ में आत्महत्या के मामले   साल आत्महत्या 2020 18 2021 21 2022 26 2023 25 2024 15   recent visitors 91

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देर रात रैन बसेरा का दौरा किया, लोगों से की बात और बांटे कंबल

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देर रात गांधीनगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित रैन बसेरा गृह का दौरा किया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की और कंबल बांटे। इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, जिस तरह से हम इस मौसम में देख रहे हैं कि लोग ठंड से परेशान हैं, किसी को कोई  परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री सद्भावना केंद्र के माध्यम से बी हम सभी लोगों की मदद कर रहे हैं। हमारी नगर पालिका ने नाइट शेल्टर होम बनाए हैं और उन्होंने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखा और विश्वास जताया कि 2025 में सभी प्रदेशवासी नयी ऊर्जा, नए संकल्प और नए उत्साह के साथ विकसित राजस्थान की ओर अग्रसर होंगे तथा नववर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहेगा। सीएम ने लिखा पत्र मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा, ‘‘वर्ष 2024 हमारे देश और राजस्थान के लिए अनेक उपलब्धियों और गर्व से भरा रहा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।’’ उन्होंने कहा कि इसी वर्ष 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और करोड़ों देशवासियों की अभिलाषा पूरी हुई।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘राजस्थान के लिए भी 2024 उपलब्धियों का वर्ष रहा। वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पीकेसी) लिंक परियोजना की सौगात हमें इस वर्ष मिली। साथ ही, देवास परियोजना का काम शुरू होने तथा यमुना जल समझौते से प्रदेश के विकास तथा जल संकट के स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।’’ मुख्यमंत्री ने पेपरलीक पर क्या कहा? मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘सरकार बनते ही हमने युवाओं को पेपरलीक के अभिशाप से मुक्ति दिलाते हुए भर्ती माफिया तंत्र का अंत किया और पेपरलीक मुक्‍त परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार भर्ती परीक्षाओं का दो साल का कैलेंडर जारी कर युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से रोजगार भी प्रदान किए। शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने ‘राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन’ का सफल आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। recent visitors 53

गरियाबंद में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र के सोरनामाल जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. डीआरजी, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने इस एनकाउंटर में तीन नक्सलियों को मार गिराया है. सर्च ऑपरेशन के लिए कुल तीन सौ सैनिक देर रात निकले थे. ओडिशा के नवरंगपुर से आए सैनिकों ने भी घेराबंदी की है. यह सर्च ऑपरेशन खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किया गया था. पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि अब तक तीन नक्सली मारे गए हैं. कब होगा नक्सलवाद का खात्मा? हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने साल 2026 तक पूरी तरह से नक्सलवाद को खत्म करने की बातें कही थीं. इसके बाद से पूरे छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज हो गए हैं. वहीं, केंद्र को मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जनवरी 2024 से नवंबर तक कुल 257 नक्सलियों को ढेर किया गया. 861 को गिरफ्तार किया गया और 789 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटे. इसके अलावा 2010 के सर्वाधिक मृत्यु के स्तर 1005 से 90 फीसदी घट कर सितंबर, 2024 तक 96 फीसदी थी. ये चार दशकों बाद साल 2022 में पहली बार मृत्यु की तादाद 100 से कम दर्ज की गई है. साथ ही टॉप 14 नक्सली लीडर न्यूट्रलाइज्ड किया जा चुका है. वहीं, माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में सेक्योरिटी वैक्यूम को खत्म करके साल 2019 से 279 नए कैम्पों की स्थापना द्वारा सुरक्षा ग्रिड का विस्तार किया गया है. recent visitors 40

जप्तशुदा लावारिस वाहनों की नीलामी 20 जनवरी को

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी पुलिस अधीक्षक जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के प्रतिवेदन में दिये गये जिले के अनुभागों में जप्तशुदा लावारिस वाहनों की नीलामी किये जाने हेतु 20 जनवरी 2025 को समय 12ः00 बजे स्थान थाना मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में किया जाना प्रस्तावित है। अतएव उक्त नीलामी प्रक्रिया में जिला स्तरीय नीलामी समिति एवं ऑफसेट मूल्य तय करने हेतु समिति के अधिकारी, कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। जिसमें जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक सदस्य, अपर कलेक्टर सदस्य, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग सदस्य, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग विद्युत एवं यांत्रिकी सदस्य, सर्व अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सदस्य, जिला परिवहन अधिकारी नोडल अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सदस्य, सर्व थाना प्रभारी सदस्य, सर्व मुख्य नगर पालिका, नगर पंचायत अधिकारी सदस्य तथा मैकेनिक को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। recent visitors 36

पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने का विरोध, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आत्मदाह की कोशिश

 पीथमपुर धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में भोपाल से लाए गए यूनियन कार्बाइड के कचरा का विरोध बढ़ता जा रहा है. इसके विरोध में पहले से घोषित आज बंद को व्यापक समर्थन मिला रहा है. विरोध में दो प्रदर्शनकारियों ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. फिलहाल उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.   दरअसल, शुक्रवार सुबह से ही पीथमपुर के बाजार बंद हैं. चाय पानी की दुकानें बंद रखकर रहवासियों ने इस बंद को समर्थन दिया है. यहां छोटी-छोटी दुकानें भी बंद हैं.   इधर, कुछ बंद समर्थकों ने धनगड, बस स्टैंड और आजाद चौक पर पहुंचकर सड़कें जाम करने का प्रयास किया था. लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से झड़प हुई. पुलिस ने कुछ बंद समर्थकों पर लठियां चलाईं, हल्का बल प्रयोग कर उन्हें समझाइश देकर रवाना किया.   वहीं, गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठे संदीप रघुवंशी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. जबकि सैलाना विधायक कमलेश डोडियार भी धरना स्थल पर ही मौजूद हैं. सैलाना MLA कमलेश डोडियार भी प्रदर्शन में शामिल हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र में कारखाने चालू हैं. कर्मचारी और मजदूरों के आवागमन में कोई बाधा नहीं हो रही है. बसों का संचालन भी हो रहा है. क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा धार के लाठीचार्ज पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेर लिया है. एमपी कांग्रेस ने पूछा है, ''क्या मध्यप्रदेश में लोकतंत्र शेष है या नहीं? पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरा जलाने का विरोध करने पर लाठी, MPPSC के खिलाफ आंदोलन पर युवाओं को जेल. इस सरकार ने विरोध को केवल दमन करना सीख लिया है! मोहन सरकार के अराजक राज में हक अधिकार की बात करना दुश्वार है.'' कांग्रेस राजनीति कर रही: डिप्टी CM धार में यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर हुए लाठीचार्ज पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कचरा अब हानिकारक नहीं है और घटना के 25 साल बाद भी इसका असर खत्म नहीं हुआ है. पीथमपुर में भी कचरे को जलाने से कोई नुकसान नहीं है, इसलिए वहां के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस यूनियन कार्बाइड के नाम पर राजनीति कर रही है. 337 टन जहरीला कचरा भोपाल से भेजा गया 250 किमी दूर भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन जहरीला कचरा गुरुवार तड़के इंदौर के पास स्थित पीथमपुर की एक औद्योगिक अपशिष्ट निपटान इकाई में पहुंचा दिया गया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जहरीले अपशिष्ट को 12 सीलबंद कंटेनर ट्रकों में भोपाल से 250 किलोमीटर दूर धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की अपशिष्ट निपटान इकाई में भेजा गया. एक निजी कंपनी द्वारा संचालित इस यूनिट के आस-पास बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. डधर, स्थानीय नागरिक समूहों ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट नहीं किए जाने की मांग को लेकर इस औद्योगिक कस्बे में विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है. करीब 1.75 लाख की आबादी वाले पीथमपुर में शुक्रवार को बंद का आह्वान भी किया गया है. नागरिकों ने जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट किए जाने से इंसानी आबादी और पर्यावरण पर दुष्प्रभावों की आशंका जताई है. प्रदेश सरकार ने इस कचरे के सुरक्षित निपटान के पक्के इंतजामों का भरोसा दिलाते हुए हुए इन आशंकाओं को खारिज किया है. दरअसल, पीथमपुर धार लोकसभा क्षेत्र में आता है. इस क्षेत्र की लोकसभा में नुमाइंदगी करने वाली सावित्री ठाकुर केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री हैं. ठाकुर ने बताया कि हम जन प्रतिनिधि राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पीथमपुर के नागरिकों का पक्ष पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से उचित कदम उठाए जाने का आग्रह किया जाएगा. पीथमपुर, राज्य के प्रमुख शहर इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर है. इंदौर के नागरिक भी यूनियन कार्बाइड कारखाने का जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाए जाने का विरोध कर रहे हैं. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मांग की है कि इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट किए जाने की योजना पर फिर से विचार किया जाना चाहिए और इस सिलसिले में राज्य सरकार की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की जानी चाहिए। बता दें कि भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से अत्यधिक जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था. इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे. इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में से एक माना जाता है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तीन दिसंबर को इस कारखाने के जहरीले कचरे को स्थानांतरित करने के लिए चार सप्ताह की समय-सीमा तय की थी और सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर उसके निर्देश का पालन नहीं किया गया, तो अवमानना की कार्यवाही की जाएगी. राज्य के गैस राहत और पुनर्वास विभाग के निदेशक स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में शुरुआत में कचरे के कुछ हिस्से को जलाकर देखा जाएगा और इसके ठोस अवशेष (राख) की वैज्ञानिक जांच की जाएगी ताकि पता चल सके कि इसमें कोई हानिकारक तत्व तो बचा नहीं रह गया है. उन्होंने बताया कि भस्मक में कचरे के जलने से निकलने वाले धुएं को चार स्तरों वाले विशेष फिल्टर से गुजारा जाएगा ताकि आस-पास की वायु प्रदूषित न हो और इस प्रक्रिया के पल-पल का रिकॉर्ड रखा जाएगा.  कचरे के भस्म होने और हानिकारक तत्वों से मुक्त होने के बाद इसके ठोस अवशेष (राख) को दो परतों वाली मजबूत ‘मेम्ब्रेन’ (झिल्ली) से ढक कर 'लैंडफिल साइट' में दफनाया जाएगा ताकि यह अपशिष्ट किसी भी तरह मिट्टी और पानी के संपर्क में न आ सके.   recent visitors 62

SP सांसद जियाउर्रहमान बर्क को जोरदार झटका, हाईकोर्ट ने ठुकराई एफआईआर रद्द करने की मांग

संभल  यूपी के संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को हाई कोर्ट से झटका लगा है। शुक्रवार को अदालत ने बर्क की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सांसद बर्क को पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा। हाई कोर्ट ने फिलहाल बर्क की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। संभल पुलिस ने हिंसा मामले में सांसद बर्क को भी आरोपी बनाया है। संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इसके चलते पांच लोगों की मौत हुई और 20 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में संभल पुलिस ने बर्क को मुख्य आरोपी बनाया है। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। सांसद का तर्क है कि उनकी गिरफ्तारी से उन्हें अपूरणीय क्षति होगी और वह घटना के दौरान संभल में मौजूद नहीं थे। बर्क के अनुसार, संभल में हिंसा के दौरान वह उस समय बेंगलुरु में थे और एफआईआर के बारे में जानने के बाद उन्होंने मामले को बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली में ही रहने का फैसला किया। सांसद का कहना है कि उन्होंने समुदाय के सदस्यों से संपर्क किया और उनसे शांति बनाए रखने का आग्रह किया। बर्क पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप संभल पुलिस ने बर्क पर हिंसा से कुछ दिन पहले मस्जिद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनके बयान के बाद ही अशांति भड़की थे। इसके अलावा एफआईआर में स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का भी नाम है, जो इस घटना में कथित तौर पर शामिल है। बर्क ने अपनी याचिका में आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरोप उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा हैं। शाही जामा मस्जिद को मंदिर के ऊपर बनाए जाने के दावों के बाद बढ़े तनाव के बीच हिंसा भड़की। पत्थरबाजी और आगजनी के साथ स्थिति और बिगड़ गई, जिसमें कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। recent visitors 64