यूका के कचरे का पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध, पीथमपुर और सागौर में आज शहर बंद का ऐलान

महू-पीथमपुर पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध दिन पर दिन तेज हो रहा है। गुरुवार तड़के कचरा पहुंचने के बाद विरोध में अब एकता नजर आने लगी है। साथ ही विरोध के स्वर भी मुखर हो रहे हैं। पीथमपुर के छत्र छाया गेट के सामने प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम करने का प्रयास भी किया। गुरुवार को विरोध रैली के बाद शुक्रवार को पीथमपुर बंद का आह्वान किया गया था। जिसके चलते शुक्रवार सुबह से ही पूरा पीथमपुर बंद है। सभी बाजार, मोहल्ले व मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बंद के समर्थन में पीथमपुर के उद्योगों ने भी अपने उद्योग बंद कर दिए हैं। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा नष्ट करने के लिए पीथमपुर लाया गया है। जिसे रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया जाएगा। इसे लेकर पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पीथमपुर में लोगों और विभिन्न संगठनों ने कचरा यहां जलाए जाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। करीब 40 युवा तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इधर, पीथमपुर बचाओ समिति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का ऐलान किया गया है। स्थानीय नेताओं बंद के समर्थन के लिए घर-घर जाकर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का विरोध करने वाले लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों के साथ बैठक की है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरी सीएम से बात हुई है। सरकार जवाबदेही से काम कर रही हैं। पहले भी हुआ था चक्काजाम करने का प्रयास इसके साथ ही पुलिस भी पूरे पीथमपुर के हर क्षेत्र में नजर बनाए रखी हुई है। शुक्रवार को दो तीन जगह विरोध के रूप में कुछ लोगों ने चक्काजाम करने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण चक्काजाम का प्रयास सफल नहीं रहा। सभी छोटी से लेकर बड़ी दुकानें व होटलें भी पीथमपुर में बंद हैं। इसी तरह सागौर में भी सुबह से ही सभी व्यापार व दुकानें बंद रहीं। विरोध शांतिपूर्ण रूप से हो इसके लिए पीथमपुर में हर जगह पर पुलिस तैनात की गई है।   सीएम बोले- यूनियन कार्बाइड के कचरे पर राजनीति न करें इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सारे सुझावों के बाद हमने भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर भिजवाया है। इस घटना को 40 साल हो चुके हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कई सारी आशंकाओं का अपने आप में उत्तर मिल जाता है। इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- recent visitors 43

मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह के पिता से बात कर दी बधाई, कहा आदित्य की पढ़ाई के लिए करेंगे हर संभव मदद

 मुख्यमंत्री ने लेफ्टिनेंट नर्सिंग ऑफिसर वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित आदित्य सिंह के देश सेवा के जज्बे को सराहा फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री ने वीणा साहू से फोन पर बात कर उनकी उपलब्धि के लिए दी बधाई, कहा आपने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह के पिता से बात कर दी बधाई, कहा आदित्य की पढ़ाई के लिए करेंगे हर संभव मदद साधारण परिवार के इन युवाओं की उपलब्धि ने प्रदेश को गौरवान्वित किया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही छत्तीसगढ़ की बेटी वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित बस्तर संभाग के फरसगांव के आदित्य सिंह के भारतीय सेना में जाने के जज्बे की सराहना की है। ये दोनों युवा साधारण परिवार से हैं, साधारण पृष्ठभूमि के इन युवाओं ने देश की सेवा और भारतीय सेना में शामिल होने के अपने जुनून और जज्बे के चलते यह मुकाम हासिल किया है। वीणा साहू बालोद जिले के जमरूवा गांव के किसान चेतन साहू की बेटी हैं। वीणा साहू का सपना मिलिट्री में जाने का था, जो उन्होंने अपने लगन और मेहनत से पूरा कर दिखाया। आदित्य सिंह के पिता जयप्रकाश सिंह जनरल स्टोर चलाते हैं। आदित्य के पिता एयरफोर्स में जाना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनका यह सपना उनके बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया है। मुख्यमंत्री साय ने वीणा साहू से फोन पर बात कर उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी और उनका उत्साहवर्धन किया। वीणा साहू छुट्टियों में अपने घर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारा स्वाभिमान है, छत्तीसगढ़ की शान हैं। उन्होंने वीणा साहू से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है, छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। आपकी यह उपलब्धि प्रदेश के असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। वीणा साहू ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर बनकर हम उन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो देश की सेवा करते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह की इस उपलब्धि के लिए उनके पिता से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदित्य की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्वित करने वाला पल है, आदित्य को भी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री ने आदित्य के पिता से कहा कि आदित्य की पढ़ाई की चिंता न करें, जो भी जरूरी होगा सहयोग करेंगे। आदित्य ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा देश और प्रदेश की सेवा में सदैव तत्पर हैं। recent visitors 26

बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य : मुख्यमंत्री

रायपुर इस वर्ष जब मैं नये साल में अखबार पढ़ रहा था तो समाचारपत्रों के मुख्य पृष्ठ में बस्तर सुर्खियों में था। यह सुर्खियां किसी माओवादी हिंसा को लेकर नहीं थी, यह सुर्खियां बस्तर में पहुंचे विकास के उजाले को लेकर थी। बस्तर से माओवादी आतंक अब सिमट गया है। बस्तर की पहचान अब बदल गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है। बस्तर में आम जनता के उम्मीदों, विचारों और समस्याओं का आइना बनकर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के आप सभी के प्रयासों को नमन है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता के उच्च आदर्शों का पालन कर सरकार के अच्छे काम की जानकारी जनता को दें तथा कमियों को भी बताएं। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करने में बस्तर के पत्रकारों कीे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और पदाधिकारियों को नये दायित्व के निर्वहन के साथ ही नववर्ष के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे। recent visitors 50

मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया

भोपाल मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों को भारत के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार “अर्जुन अवार्ड’’ से सम्मानित किया जायेगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस बड़ी उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। दोनों खिलाड़ियों की लगन, मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार को हासिल करने के काबिल बनाया है। सारंग ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि हमारे अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगी। उल्लेखनीय है कि रुबीना जबलपुर की रहने वाली है और कई साल से एमपी शूटिंग एकेडमी भोपाल में ट्रेनिंग ले रही हैं, वहीं कपिल परमार सीहोर के रहने वाले हैं। दोनों खिलाड़ी पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट हैं। कपिल परमार ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में 5 सितंबर 2024 को मेंस के -60 किग्रा J1 वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी के साथ वे जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रुबिना ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। रुबिना एमपी की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने पैरालंपिक में पदक हासिल किया है। राष्ट्रपति 17 जनवरी को पुरस्कार प्रदान करेंगी युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने आज राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 की घोषणा की। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को 17 जनवरी, 2025 सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। उल्लेखनीय है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने विभिन्न खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है। 'खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार' पिछले चार वर्षों की अवधि में अच्छे प्रदर्शन तथा नेतृत्व, खेल कौशल और अनुशासन की भावना दिखाने के लिए दिया जाता है। अर्जुन अवार्ड के लिए आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे और खिलाड़ियों/प्रशिक्षकों/ संस्थाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी. रामसुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा विचार किया गया और इसमें प्रख्यात खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता में अनुभव रखने वाले गणमान्य व्यक्ति और खेल प्रशासक शामिल थे।   recent visitors 48

दिव्यांगजन को चिन्हित करने विशेष शिविरों का आयोजन 7 से 13 जनवरी तक होगा

भोपाल मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा भोपाल शहर के दिव्यांगों के चिन्हांकन, परीक्षण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर 7 जनवरी से 13 जनवरी 2025 तक आयोजित किये जायेंगे। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण डॉ. आर.आर. भोसले ने बताया कि एडीआईपी योजना के तहत इन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांगजनों का शत-प्रतिशत चिन्हित कर  उन्हें सहायक उपकरण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाएगा।  भोपाल में 7 जनवरी को भेल दशहरा मैदान में, 8 जनवरी को सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड वार्ड-19 और बाजपेई नगर योगा सेंटर, वार्ड-10  में 9 जनवरी को जोन कार्यालय जोन-21 में, 10 जनवरी को अशोका गार्डन दशहरा मैदान में, 11 जनवरी को कार्यालय प्रांगण कोलार वार्ड 82 तथा 13 जनवरी को अन्य निर्धारित स्थानों पर शिविर लगाये जायेंगे।   recent visitors 45

शहर के पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की भूमिका निभायेंगीं “शक्ति दीदी”

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ग्वालियर जिले में "शक्ति दीदी" के नाम से जिला प्रशासन द्वारा यह प्रेरणादायी पहल की गई है। जिन महिलाओं को “शक्ति दीदी” के रूप में फ्यूल वर्कर के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है, वे ऐसी महिलायें हैं जो अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। पेट्रोल पंप संचालकों ने इस सराहनीय पहल में सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वे अपने पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी के रूप में अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी रोजगार देंगे। ग्वालियर शहर के पाँच व्यस्ततम पेट्रोल पंपों पर नए साल के दूसरे दिन गुरुवार को पाँच महिलाओं ने ‘शक्ति दीदी’ के रूप में फ्यूल डिलेवरी वर्कर का मोर्चा संभाला। ग्वालियर के पड़ाव आरओबी के समीप स्थित वैश्य एण्ड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने श्रीमती जयहालदार को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह संस्कृति पेट्रोल पंप न्यू कलेक्ट्रेट पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने श्रीमती रानी शाक्य, दर्शन फ्यूल स्टेशन पिंटो पार्क पर अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने श्रीमती प्रीति माझी एवं सांई राम पेट्रोल पंप चेतकपुरी पर एडीएम टी.एन. सिंह ने श्रीमती निशा परिहार का स्वागत कर उन्हें शक्ति दीदी का दायित्व सौंपा। महिला फ्यूल वर्कर के रूप में तैनात शक्ति दीदी की ड्यूटी की अवधि प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रहेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सुविधा पेट्रोल पंप की “शक्ति दीदी” श्रीमती मीना जाटव का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें। जिला प्रशासन सहयोग के लिये सदैव तत्पर रहेगा। साथ ही पुलिस के सहयोग से आपकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर शहरवासियों का आह्वान किया कि वे पेट्रोल पंपों पर अपने वाहन में तेल भरवाते समय फ्यूल वर्कर की भूमिका निभा रही शक्ति दीदी का सम्मान और हौसला अफजाई करें, जिससे उनका मनोबल बढ़े।   recent visitors 46

प्रदेश पर्याप्त बिजली उपलब्धता के साथ आगे बढ़ रहा, उपलब्ध क्षमता 23788 मेगावॉट हुई

भोपाल प्रदेश हर बिजली उपभोक्ता को सतत एवं निर्वाध विद्युत आपूर्ति करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश पर्याप्त बिजली उपलब्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश की रिकार्ड विद्युत उपलब्ध क्षमता 23 हजार 788 मेगावॉट है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में विभाग लगातार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी कर रहा है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि दिसम्बर-2023 से नवंबर-2024 तक कुल 10136 करोड़ यूनिट बिजली दी गई, जो कि विगत वर्ष इस अवधि में प्रदाय की गई बिजली से 1.67 प्रतिशत अधिक है। गत 20 दिसम्बर को इतिहास में आज तक की सर्वाधिक 18913 मेगावॉट बिजली आपूर्ति सफलतापूर्वक की गई। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा ड्रोन की सहायता से लाइनों की पेट्रोलिंग तथा अति उच्च दाव उप केन्द्रों का रिमोट ऑपरेशन किया जा रहा है। प्रदेश के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विगत वर्षों की तरह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये लागू टैरिफ दरों में राहत देने के लिये बिजली कंपनियों को अनुमानित 24 हजार 420 करोड़ 8 लाख रूपये की सब्सिडी देने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। यह सब्सिडी अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में दी जायेगी। अटल गृह ज्योति योजना में दिसम्बर-23 से नवंबर-24 तक लगभग 5482 करोड़ रूपये की, अटल कृषि योजना में 13042 करोड़ रूपये और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 4710 करोड़ रूपये की राहत दी गई है। अटल गृह ज्योति योजना में प्रति माह एक करोड़ से अधिक, अटल कृषि ज्योति योजना में 26 लाख 59 हजार और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 9 लाख 3 हजार कृषि उपभोक्ता प्रति माह लाभान्वित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक का सर्वाधिक 28627 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नया रिकार्ड बनाया गया है। यह पॉवर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास का सर्वाधिक ताप विद्युत उत्पादन है। ताप विद्युत गृहों द्वारा विभिन्न मापदंडों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। ताप विद्युत गृहों का इस दौरान प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) 60.3 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2019-20 के पश्चात् सर्वाधिक है। वित्तीय वर्ष 23-24 के दौरान 13 थर्मल इकाइयों ने लगातार 100 दिनों एवं अधिक सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन किया, जिनमें से दो इकाइयों ने 200 दिनों से अधिक समय तक विद्युत उत्पादन किया। प्रदेश में बिजली अधोसंरचना का लगातार विकास हो रहा है। वर्तमान में 33 के.वी. लाइंस 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। 33 के.वी. लाइंस वर्ष 2003 में 29 हजार 70 किलोमीटर, वर्ष 2008 में 33 हजार 913 , वर्ष 2011 में 38 हजार 867, वर्ष 2013 में 41 हजार 528, वर्ष 2014 में 43 हजार 910 और वर्ष 2024 में 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मार्च 2024 तक 3165 किलोमीटर 11 केव्ही लाइन का विस्तार किया गया है। यह क्रम लगातार जारी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट को लगातार 300 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। यह विद्युत यूनिट की स्थापना के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसी तरह श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (एसएसटीपीपी खंडवा) के अभियंताओं और कार्मिकों ने एक बार फिर कमाल दिखाते हुए 660 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट नंबर 3 को 200 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिये अधोसंरचना निर्माण के उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। ट्रांसमिशन व्यवस्था मजबूत करने के लिये वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 अति उच्चदाब उप केन्द्रों की स्थापना की गई है। साथ ही 26 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किये गये हैं। कुल 818.170 सर्किट किलोमीटर अति उच्चदाब लाइन का निर्माण भी किया गया है। यही नहीं 25 अतिरिक्त अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना एवं 40 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कर अति उच्चदाब उप केन्द्रों की क्षमता में 4630 एमव्हीए की वृद्धि भी की गई है। किसानों को शीघ्र स्थायी सिंचाई पंप कनेक्शन दिये जाने के उद्देश्य से स्वयं का ट्रांसफार्मर लगाये जाने की योजना लागू की गई है। योजना में किसान स्वयं अथवा समूह में निर्धारित मापदंड के अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित कर सकते हैं। योजना में नवंबर 2024 तक एक लाख 40 हजार 101 ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा चुके हैं। प्रदेश में औद्योगिक व उच्च दाब (एचटी) विद्युत उपभोक्ताओं, निम्न दाब (एलटी) औद्योगिक और गैर घरेलू उपभोक्ताओं (जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है) के लिए नये विद्युत टैरिफ में दिन के समय में (सौर ऊर्जा अवधि के घंटों के दौरान) सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की गयी खपत पर ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट तथा शाम 5 से रात्रि10 बजे के दौरान की गयी ऊर्जा खपत पर 20 प्रतिशत का सरचार्ज लागू किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को दिन के समय खपत करने पर उनके विद्युत देयकों में कमी आयी है, साथ ही उच्चतम मांग अवधि के दौरान कोयला आधारित विद्युत की मांग पर नियंत्रण हो रहा है। उन्होंने बताया है कि विद्युत वितरण कंपनियों की इस योजना से प्रदेश के कुल 10025 औद्योगिक एवं उच्च दाब उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं। इनको प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अप्रैल से अब तक 310 करोड़ 66 लाख रूपए का रिबेट प्रदान किया गया है। recent visitors 52