मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा

विशेष लेख नवाचारों से मध्यप्रदेश बनेगा माइनिंग केपिटल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवाचारों से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार माइनिंग में नवाचार कर रही है। प्रदेश में सबसे पहले क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक्स को नीलामी में रखा गया है। सबसे अधिक खनिज ब्लॉक्स की नीलामी कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर आ गया है। प्रदेश की समृद्ध खनिज सम्पदा और नई खनन नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। खनिज संसाधनों के उपयोग से न केवल राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश में कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट और बॉक्साइट जैसे खनिजों का विशाल भण्डार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले खनिज राजस्व संग्रह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, प्रदेश में पहली बार खनिज राजस्व संग्रह 5 अंकों में पहुंच गया। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस अवधि में 4 हजार 958 करोड़ 98 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जबकि वर्ष 2024-25 में यह प्राप्ति 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश मुख्य खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक संख्या में नीलामी करने में देश में प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में स्ट्रैटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल पर देश की आत्म-निर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे इन खनिजों की आयात पर निर्भरता कम हो सके। प्रदेश द्वारा इस खनिज समूह के अंतर्गत अभी तक ग्रेफाइट के 8 खनिज ब्लॉक, रॉक-फॉस्फेट खनिज के 6 ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। मुख्य खनिज के 20 ब्लॉकों की नीलामी के लिये विभाग द्वारा 9 अगस्त, 2024 को निविदा आमंत्रण सूचना-पत्र (NIT) जारी की गयी है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण खनिज गोल्ड के 4 ब्लॉक, मैग्नीज खनिज के 16 ब्लॉक एवं कॉपर का एक ब्लॉक अभी तक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा जनवरी-2024 में एक्सप्लोरेशन नीति प्रभावशील की गयी। इस नीति के तहत मध्यप्रदेश राज्य द्वारा क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक नीलामी में रखे गये हैं। मध्यप्रदेश केंद्र सरकार की इस नीति का क्रियान्वयन करने वाला पहला राज्य बन गया है। खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में स्ट्रेटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल, मुख्यत: रॉक-फास्फेट, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट, प्लेटिनम एवं दुर्लभ धातु (आरईई) के लिये कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 क्षेत्रों पर अन्वेषण कार्य किया गया। प्रदेश में जिला खनिज विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य, जिसमें पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, स्वच्छता, कौशल विकास और वृद्ध, विकलांग कल्याण के लिये 16 हजार 452 परियोजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं, जिनकी लागत 4406 करोड़ रुपये है। इनमें से 7 हजार 583 परियोजना लागत 1810 करोड़ रुपये का कार्य पूर्ण हो गया है। अवैध खनन को रोकने के लिये ई-चेकगेट की स्थापना प्रदेश में खनिज के अवैध परिवहन रोकने के लिये एआई आधारित 41 ई-चेकगेट स्थापित किए जा रहे हैं। ई-चेकगेट पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहन की जाँच की जा सकेगी। परियोजना में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में खनिज परिवहन के लिये महत्वपूर्ण 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर तथा जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस वर्ष तक सभी 41 ई-चेकगेट की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। अवैध खनन की रोकथाम के लिये उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना प्रारंभ की गयी है। इस परियोजना के माध्यम से 7 हजार खदानों को जियो टैग देकर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी। परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर 3-डी इमेजिंग तथा वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आँकलन किया जा सकेगा। माइनिंग में नवाचारों से प्रदेश की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित होगी, साथ ही इससे मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर खनिज उत्पादक राज्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार निजी क्षेत्र को प्रदेश के प्रचुर खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिये प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हाल ही में भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में कई बड़ी कम्पनियों ने माइनिंग सेक्टर में निवेश की इच्छा जताई है। कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने खनिज क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये कई सुधार किये हैं। इनमें पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, पर्यावरण-अनुकूल खनन और स्थानीय समुदायों को मुनाफे में भागीदारी देने जैसे कदम शामिल हैं। प्रदेश में है देश का एकमात्र हीरा भण्डार प्रदेश के पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरे का भण्डार है। हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है। मलाजखण्ड कॉपर खदान भारत की सबसे बड़ी ताम्बा खदान है। इस खदान से प्रतिदिन 5 से 10 हजार ताम्बा निकाला जाता है। भारत के कुल ताम्बा भण्डार का 70 प्रतिशत ताम्बा मध्यप्रदेश में है। राज्य में स्थित सासन कोयला खदान भी अपने विशाल खनन उपकरणों के लिये प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। प्रदेश में लाइम-स्टोन, डायमण्ड और पाइरोफ्लाइट जैसे खनिज संसाधन हैं। मध्यप्रदेश के जिलों में खनिज के भण्डार हैं, जिसमें सतना, रीवा और सीधी में लाइम-स्टोन, बॉक्साइट, ग्रेफाइट, गोल्ड और ग्रेनाइट, सिंगरौली में कोयला, गोल्ड और आयरन, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में कोयला, कोल बेड, मिथेन और बॉक्साइट, छतरपुर, सागर और पन्ना में डायमण्ड, रॉक फास्फेट, आयरन, ग्रेनाइट, लाइम, डायस्पोर और पाइरोफ्लाइट, जबलपुर और कटनी में बॉक्साइट, डोलोमाइट, आयरन, लाइम-स्टोन, मैग्नीज, गोल्ड और मार्बल, नीमच और धार में लाइम-स्टोन, बैतूल में कोयला, ग्रेफाइट, ग्रेनाइट, लीड और जिंक, छिंदवाड़ा में कोयला, मैग्नीज और डोलोमाइट, बालाघाट में कॉपर, मैग्नीज, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन और बॉक्साइट, मण्डला और डिण्डोरी में डोलोमाइट और बॉक्साइट, ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन, फ्लेग-स्टोन और क्वार्ट्ज, झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फस्फेट, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन, मैग्नीज और ग्रेफाइट … Read more

नवा रायपुर बन रहा आईटी हब, अब तक 260 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

रायपुर राज्य सरकार नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित कर रही है। आने वाले दिनों में यहां आईटी के क्षेत्र में 10,000 नए रोजगार उपलब्ध होने की संभावना है। वर्तमान में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनसे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है। सीएसएम टेक्नोलाजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। सरकार की योजना नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। आईटी व आईटी-इनबेल्ड सर्विसेस का हो रहा विकास राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का विकास हो रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनमें युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है। recent visitors 88

राजधानी में मां-बेटी की हत्या से फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर राजधानी से लगे रावांभाठा और धनेली में पिछले दो दिनों में मां और बेटी की लाश मिली है। बुधवार को जहां रायपुर-बिलासपुर रोड किनारे नाली में 14 साल की किशोरी की लाश मिली थी, वहीं गुरुवार को उसकी मां हमीदा बेगम धनेली स्थित घर में मृत पाई गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मां-बेटी की एक ही जगह पर हत्या कर दोनों के शव को अलग-अलग फेंका गया है। हत्याकांड में किसी करीबी के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल की टीम ने घंटों जांच की। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सबूत नहीं लगा है। दरअसल, किशोरी की लाश की शिनाख्त होने पर पुलिस छानबीन में जुटी हुई थी। तभी आसपास लोग यह बताने के लिए उसके घर पहुंचे, तो दरवाजा बाहर से बंद था। ताक-झांक करने पर हमीदा बेगम अंदर औंधे मुंह पड़ी दिखाई दी। तब लोगों ने पुलिस को खबर दी। पुलिस को मां-बेटी की हत्या किए जाने के सबूत मिले हैं। इन्हें किसने मारा और हत्या के क्या कारण थे, इसकी जांच में चल रही है। खमतराई और धरसींवा पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए आसपास के दस से अधिक लोगों से पूछताछ की। इस दौरान लोगों में कई तरह की चर्चाए होती रही। दीवार, जमीन पर मिले खून के छींटे पुलिस के अनुसार, रायपुर-बिलासपुर हाईवे से लगी धनेली बस्ती में सड़क किनारे पीएम आवास में 14 साल की किशोरी और उसकी मां रहती थी। यहां बिजली का कनेक्शन भी नहीं मिला। किशोरी पड़ोसियों के घर जाकर मोबाइल फोन चार्ज किया करती थी। महिला के पति की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी है। जहां महिला की लाश मिली, पुलिस ने कमरे के भीतर किसी को जाने नहीं दिया। जमीन और दीवार पर खून के छींटे मिले हैं। जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि धारदार हथियार या भारी चीज से वारकर महिला को मारा गया होगा। बेटी की हत्या कैसे की गई इसकी जांच चल रही है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराया गया है। recent visitors 49

संध्या थिएटर भगदड़ मामले अल्लू अर्जुन को कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत

हैदराबाद 'पुष्पा 2' के दिग्गज एक्टर अल्लू अर्जुन को शुक्रवार को हैदराबाद की नामपल्ली अदालत ने जमानत दे दी। एक्टर को संध्या थिएटर भगदड़ से जुड़े मामले में जमानत मिली। यह घटना 4 दिसंबर को हुई, जब अल्लू अर्जुन संध्या थिएटर में 'पुष्पा 2' के प्रीमियर में शामिल हुए। एक्टर की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई और जब उन्होंने अपनी कार से फैंस की तरफ हाथ हिलाया। इसके बाद ही अराजकता फैल गई। इससे रेवती नाम की महिला की दुखद मौत हो गई और उसका बच्चा घायल हो गया। घटना के सिलसिले में अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 50,000 के मुचलके पर उन्हें चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी और रिहा कर दिया। रेवती के परिवार की शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बच्चे के लिए दिए गए 2 करोड़ 24 दिसंबर को, घायल बच्चे के पिता भास्कर ने बताया कि उनके बेटे ने 20 दिनों की देखभाल के बाद रिएक्शन देना शुरू कर दिया है। उन्होंने सपोर्ट के लिए अल्लू अर्जुन और तेलंगाना सरकार का आभार भी जताया। अगले दिन, 25 दिसंबर को फिल्ममेकर और अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद ने घायल बच्चे श्री तेज और उसके परिवार के लिए 2 करोड़ के वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की। वेकेशन पर जाएंगे अल्लू अर्जुन रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संध्या थिएटर भगदड़ मामले में पुलिस अधिकारी से जांच कराने को कहा और मामले पर आवश्यक कार्रवाई की भी बात कही गई थी। बता दें कि इस घटना से परेशान अल्लू अर्जुन एक वेकेशन की भी प्लानिंग कर रहे हैं और खबरें हैं कि ये मामला सुलझते ही वो लॉन्ग वेकेशन पर जाएंगे। recent visitors 61

एप्पल सितंबर 2025 में आईफोन 17 सीरीज़ का लॉन्च करेगा

नई दिल्ली Apple पहले से ही साल के सबसे बड़े iPhone लॉन्च की तैयारी कर रहा है, जो सितंबर 2025 में होने वाला है। इस बार आईफोन 17 सीरीज़ में चार मॉडल शामिल होने की अफवाह है: आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स, जो इनोवेटिव डिज़ाइन, बेहतर फीचर्स और एक नया मिड-टियर मॉडल पेश करेंगे, जो स्टैंडर्ड और प्रो वेरिएंट्स के बीच की खाई को पाट सकता है। एप्पल सभी चार मॉडलों में महत्वपूर्ण डिज़ाइन अपग्रेड्स लाने की योजना बना रहा है। आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स में मजबूत एल्युमिनियम और ग्लास का संयोजन हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड आईफोन 17 के अधिक मिनिमलिस्टिक लुक में आने की संभावना है। एक प्रमुख आकर्षण है स्टैंडर्ड मॉडल पर होरिजेंटल कैमरा लेआउट, जो एप्पल के लिए पहली बार होगा। वहीं, आईफोन 17 एयर अपने सिंगल, सेंट्रली-प्लेस्ड कैमरा के साथ अलग और स्टाइलिश लुक प्रदान कर सकता है। डिस्प्ले में भी सुधार की उम्मीद है, जिसमें सभी मॉडलों में प्रोमोशन टेक्नोलॉजी के जरिए 120Hz रिफ्रेश रेट दिया जाएगा, जिससे पिक्चर और भी स्मूथ हो जाएगी। आईफोन 17 सीरीज़ के अंदर नेक्स्ट जेनरेशन A19 चिप होने की संभावना है, जो 3nm प्रोसेस पर आधारित होगा और सुपरफास्ट परफॉर्मेंस और दक्षता का वादा करता है। प्रो मॉडलों में 12GB रैम होने की अफवाह है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड मॉडल में 8GB रैम शामिल हो सकता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए, प्रो मैक्स में तीन 48MP लेंस के साथ एक ट्रिपल-कैमरा सेटअप हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर में सिंगल 48MP रियर कैमरा हो सकता है। पूरी सीरीज़ में, एप्पल फ्रंट कैमरा के रेजोल्यूशन को 24MP तक दोगुना कर सकता है, जिससे सेल्फी और वीडियो की गुणवत्ता बेहतर होगी। आईफोन 17 एयर एप्पल का अब तक का सबसे पतला स्मार्टफोन बनने की तैयारी में है, जिसकी मोटाई केवल 6.25mm होगी। इसे एक मिड-टियर विकल्प के रूप में पोजिशन किया जा रहा है, जो 'प्लस' मॉडल की जगह ले सकता है। इसकी 6.6-इंच डिस्प्ले और मिनिमलिस्ट डिज़ाइन उन उपयोगकर्ताओं को आकर्षित कर सकता है, जो किफायती कीमत में अत्याधुनिक फीचर्स की तलाश में हैं। एप्पल संभवतः सितंबर 2025 में अपने फॉल इवेंट के दौरान आईफोन 17 सीरीज़ का अनवील करेगा। कीमतें कितनी हो सकती हैं ? आईफोन 17 एयर: एक बजट-अनुकूल मिड-रेंज विकल्प स्टैंडर्ड आईफोन 17: 79,900 रुपए से शुरू प्रो मॉडल्स: 1,19,900 रुपए से शुरू recent visitors 72

छत्तीसगढ़ के सरगुजा और अंबिकापुर में कोल्ड वेव

रायपुर उत्तर से आने वाली शुष्क हवाओं से गुरुवार को ठंड ने अपना असर दिखाया। हालांकि शुक्रवार से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ ठंड के लिए दीवार बन जाएगा। इससे ठंड कम होगी। शुक्रवार और शनिवार को न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में है। गुरुवार को बलरामपुर प्रदेश का सबसे ठंडा रहा। यहां का तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार जनवरी में ठंड के तेवर तीखे बने रहने की संभावना है, हालांकि विक्षोभ सक्रिय होंगे लेकिन तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। आगामी दो दिनों में विक्षोभ के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने की संभावना है। चार से सात जनवरी तक तापमान लगातार बढ़ने की संभावना     प्रदेश में न्यूनतम तापमान में चार से सात जनवरी तक लगातार वृद्धि हो सकती है।     न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री के आसपास वृद्धि की संभावना है। प्रदेश में 22 दिसंबर से ठंड गायब होने लगी थी।     अब एक जनवरी से फिर पारा तेजी से गिराना शुरू हुआ था, दो दिन की ठंड में ही दिन का पारा बढ़ा है, पारा आठ डिग्री तक गिर गया है।     प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री बीजापुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया।     शुक्रवार को रायपुर में आसमान साफ रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 29 डिग्री और 12 डिग्री के आसपास रहेगा। चक्रवात हुआ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के रूप में चक्रवाती परिसंचरण ईरान के मध्य भागों पर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है, तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त बना हुआ है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर है, जिसके कारण फिर से तापमान बदल गया है। इस साल पड़ी सबसे ज्यादा ठंड पिछले 10 सालों में रायपुर में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। हालांकि इसके बाद दिसंबर का तीसरा व चौथा सप्ताह गर्म बीता। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण ऐसा हुआ। ये स्थिति न केवल रायपुर, बल्कि दूसरे इलाकों में भी रही। शुक्रवार को फिर से न्यूनतम तापमान वृद्धि की संभावना है। recent visitors 55

साक्षी सुराना बस्तर की पहली महिला पायलट बानी, बोलीं- सफलता की गारंटी है कुछ अलग करने का जुनून

दंतेवाड़ा दक्षिण बस्तर की व्यवसायिक नगरी गीदम की साक्षी सुराना बस्तर की पहली महिला पायलट बन गई हैं। साक्षी ने विंग्स एविएशन बेगमपेट हैदराबाद में पायलट का दो वर्ष का प्रशिक्षण लिया है। दो सौ घंटे के उड़ान लक्ष्य का प्रमाणपत्र प्राप्त कर विमान उड़ाने की पात्रता हासिल कर ली है। बता दें कि गीदम वही शहर है, जहां 2003 में नक्सलियों ने हमला किया था। लंबे समय तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित रहा था। पिता जवाहर और मां जयंती सुराना सहित पूरा परिवार बेटी की सफलता से अभिभूत तो गीदम गौरवांवित है। इस छोटे से कस्बे से इसके पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा और वन सेवा में युवा चयनित हो चुके हैं। साक्षी ने पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। जवाहर सुराना बताते हैं कि साक्षी ने कॉमर्स में स्नातक और बीबीए की पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सोच रही थीं। इसी दौरान कोरोना महामारी ने देश-दुनिया को चारदीवारों में कैद कर दिया। यहीं से साक्षी की सोच बदल गई। अलग करने का जुनून ही सफलता की गारंटी साक्षी बताती है कि कमरे में बंद रहने के दौरान परिवार के सदस्यों से चर्चा में पायलट बनने की इच्छा घरवालों के सामने व्यक्त की तो सभी ने सहमति दे दी। मोबाइल में पायलट बनने के लिए की जाने वाली पढ़ाई और तैयारी की जानकारी लेकर आगे बढ़ने की ठान ली थी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्होंने पायलट के प्रशिक्षण के लिए चयन परीक्षा दी। चयन होने के बाद हैदराबाद के प्रशिक्षण केंद्र में कोर्स पूरा किया। प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए साक्षी बताती हैं कि कुछ अलग करने का जुनून ही सफलता की गारंटी होती है। इसी साल से भरने लगेंगी उड़ान साक्षी ने 200 घंटे की उड़ान का प्रमाणपत्र हासिल करने के साथ ही DGCA से लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। उन्होंने एयर इंडिया में पायलट की पोस्ट के लिए अप्लाई किया है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो इसी साल से वह उड़ान भरने लगेगी। कांग्रेसी नेता और व्यावसायी जवाहर सुराना की बेटी साक्षी राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके बाबा स्वर्गीय रतनलाल सुराना भी कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। वहीं, उनकी दादी पांची देवी सुराना गीदम नगर पंचायत की अध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं। recent visitors 54