समझौता राशि जमा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही

समझौता राशि जमा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही धारा 135 एवं 138 के प्रकरणों को विशेष न्यायालयों में कराया जाएगा दर्ज भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में सतर्कता एवं अन्य जॉंच दलों द्वारा विद्युत चोरी एवं अनधिकृत विद्युत उपयोग करने के मामलों में दर्ज विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के समस्त ऐसे प्रकरणों जिनमें विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि के जमा नहीं की जा रही है, उन प्रकरणों को विशेष न्यायालय में दर्ज कराये जाने की कार्यवाही की जाएगी। इससे संबंधित विशेष न्यायालयों में दर्ज करने पर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति / उपभोक्ता के विरूद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्यवाही की जा सकेगी। कंपनी ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं, जिनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के अंतर्गत अनधिकृत विद्युत उपयोग अथवा विद्युत चोरी के मामले दर्ज हैं, से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नियमानुसार निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि कंपनी के खाते में जमा करायें और होने वाली कार्यवाही से बचें।   recent visitors 45

प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की अधिसूचना संबंधित कलेक्टर्स द्वारा जारी कर दी गई है। इसमें बैतूल जिले के 91, डिंडौरी के 86, मंडला के 75, खरगौन के 65, बड़वानी के 64, खंडवा के 51, सीहोर के 49, छिंदवाड़ा के 48, बालाघाट के 46, हरदा के 42, बुरहानपुर के 37, सिवनी के 28, नर्मदापुरम के 24, भोपाल के 14, धार के 13, देवास के 12, सिंगरौली के 11, नरसिंहपुर के 10, रायसेन के 7, टीकमगढ़ एवं जबलपुर के 5-5, सागर के 4, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, कटनी और गुना के 1-1 गांव शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कुल 827 वन ग्राम बचे थे। इनमें से 792 को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जा चुका है। शेष 35 वन ग्रामों के वीरान/विस्थापित होने अथवा डूब क्षेत्र में होने से परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं रही। इस प्रकार विस्थापित होने वाले गांव को छोड़कर प्रदेश के सभी वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर दिया गया है। इन 792 ग्रामों के राजस्व नक्शा बनाने का कार्य राजस्व विभाग द्वारा शुरू कर दिया है। भू-अभिलेख और नक्शा पूरे हो जाने से अब ग्रामवासियों को बड़ी सहूलियत होगी। अब यह सुविधाएं मिल सकेंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्राम के राजस्व ग्राम में परिवर्तित हो जाने से ग्रामवासियों को अनेक सुविधाएं और विकास की सौगातें मिल सकेंगी। बँटवारा और नामांतरण होने के साथ फसलों की गिरदावरी भी हो सकेगी। प्राकृतिक आपदा पर फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा, आँगनवाड़ी एवं विद्यालय भवन स्वीकृत हो सकेंगे और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। बिजली, पानी, सड़क और तालाबों आदि सुविधाओं का निर्माण भी हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से वनवासियों के कल्याण के लिये कार्य का अवसर भी मिलेगा।   recent visitors 47

सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने केस में राम रहीम सिंह को नोटिश थामकर माँगा जवाब, बड़ी मुश्किलें, क्या है मामला

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने हत्या के एक मामले में बरी किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर याचिका पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार ने नोटिस जारी कर 2002 के मर्डर मामले में बरी किए गए चार अन्य लोगों से भी जवाब मांगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरे के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में पिछले साल 28 मई 2024 को गुरमीत सिंह और चार अन्य को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि चूंकि इस मामले की सुनवाई पहले से ही जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की अगुवाई वाली पीठ कर रही है, इसलिए इस मामले को अब आगे की कार्यवाही के लिए उनकी पीठ के सामने लिस्ट किया जाएगा। क्या है मामला? 10 जुलाई 2002 को हरियाणा के कुरूक्षेत्र की खानपुर कॉलोनी में रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की वजह उस गुमनाम चिट्ठी से जुड़ी है, जिसमें सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में गुरमीत राम रहीम द्वारा महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों को उजागर किया गया था। शक था कि डेरा के तत्कालीन प्रबंधक रंजीत सिंह ने उस चिट्ठी का प्रचार प्रसार करवाया था। उस चिट्ठी में यह भी बताया गया था कि डेरा में कैसे महिला अनुयायियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था। इस चिट्ठी के सार्वजनिक होने के बाद बड़े पैमाने पर लोगों में आक्रोश पैदा हुआ था। recent visitors 76

भारतीय नौसेना के दो अधिकारी के पैराशूट उतरने के दौरान आपस में उलझ गए, रामकृष्ण बीच पर गिरे, बाल-बाल बचे

विशाखापट्टनम भारतीय नौसेना के दो अधिकारी ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन के रिहर्सल के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए। उनके पैराशूट उतरने के दौरान आपस में उलझ गए, जिससे वे विशाखापट्टनम के रामकृष्ण बीच के पानी में आ गिरे। गनीमत रही कि दोनों अधिकारी सुरक्षित बच गए। हादसा उस वक्त हुआ जब पूर्वी नौसेना कमान के ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन की तैयारी चल रही थी। वीडियो में देखा गया कि दोनों अधिकारी पैराशूट लिए आसमान में उड़ रहे थे। उनमें से एक के पास राष्ट्रीय ध्वज था। लेकिन उतरने के दौरान उनके पैराशूट आपस में ही उलझ गए और वे समुद्र में गिर गए। रेस्क्यू ऑपरेशन नौसेना की एक बोट पास में ही मौजूद थी, जिसने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के समय रिहर्सल देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मुख्य कार्यक्रम कल भारतीय नौसेना का ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन कल (4 जनवरी) को विशाखापट्टनम के रमा कृष्णा बीच पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू होंगे, जबकि मेजबानी पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल राजेश पेंढरकर करेंगे। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां इस डेमोंस्ट्रेशन में नौसेना की अत्याधुनिक क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें युद्धपोत, पनडुब्बियां, विमान, नौसेना का बैंड और मरीन कमांडो (मार्कोस) द्वारा आकर्षक प्रदर्शन शामिल होगा। यह आयोजन आंध्र प्रदेश के लोगों और भारतीय नौसेना के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। नौसेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना की तैयारी और प्रतिबद्धता का परिचायक है। recent visitors 68

ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री डहरिया बोले- लखमा जैसे ईमानदार कही नहीं मिलेंगे, डिप्टी सीएम साव ने कहा- सभी पर समान रूप से जांच करती है एजेंसी

रायपुर विधायक देवेंद्र यादव के बाद कवासी लखमा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है. ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ED चाहती तो कार्रवाई पहले भी कर सकती है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बस्तर के मजबूत कड़ी को तोड़ने की कोशिश है. लखमा जैसे ईमानदार आदमी कही नहीं मिलेंगे. आदिवासी आदमी है, वो निर्दोष साबित होंगे. इस मामले में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है. डहरिया ने कहा, विधानसभा में लखमा जी अच्छा बोलते हैं. प्रदेश के आदिवासी और गरीब तबके की आवाज उठाते हैं. कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. ये कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की साजिश है. गिरफ्तारी के बाद पार्टी की रणनीति पर डहरिया ने कहा, बिना जांच के कोई एजेंसी किसी को दोषी नहीं बता सकती. यदि ऐसा होता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता तय करेंगे आगे क्या करना है. जांच में सहयोग करें लखमा : अरुण साव कांग्रेस के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. जो जानकारी है वो जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है. जांच के जो तथ्य है, उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए. लखमा के बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कवासी लखमा को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है तो जांच में सहयोग करें. अगर आप निर्दोष हैं तो उस तरह की बात कीजिए. ईडी सभी बातों पर विचार करेगी. केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रक्रिया पर रखें भरोसा डिप्टी सीएम साव ने भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ का एक-एक व्यक्ति इस बात को जानता है कि प्रदेश में शराब घोटाला हो रहा था. कैसे शराब दुकानों में दो-दो काउंटर बने थे. नकली होलोग्राम का उपयोग किया गया था. कांग्रेस सरकार में एक आर्गनाइज क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर शराब घोटाले को अंजाम दिया गया. ये छत्तीसगढ़ के आम लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ये जांच कांग्रेस सरकार के रहते हुए शुरू हुई थी. जांच एक सतत प्रकिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रकिया पर सभी को भरोसा करना चाहिए. जो तथ्य हैं वह ईडी को बताना चाहिए. शराब घोटाला : कवासी और उनके बेटे के घर से ईडी को मिला है सबूत बता दें कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के साथ उनके बेटे कवासी हरीश और तत्कालीन ओएसडी जयंत देवांगन से ईडी ने पूछताछ शुरू कर दी है. 28 दिसंबर को कवासी लखमा के साथ-साथ उनके पुत्र के निवास में छापा मारा था, जिसमें ईडी ने नकद लेन-देन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी, जिसके साथ ही संपत्ति की जानकारी देने आज तक का समय दिया था. recent visitors 55

मैं भी कोई शीशमहल बनवा सकता था, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है, पीएम ने कसा केजरीवाल पर तंज

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी को 4500 करोड़ रुपए का तोहफा दिया है। 1675 गरीबों को फ्लैट, डीयू के दो नए कैंपस, सावरकर कॉलेज समेत कई बड़ी सौगात देते हुए पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा कि वह भी अपने लिए कोई 'शीशमहल' बनवा सकते थे, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है। अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे, भाजपा उसे शीशमहल कहती है। पीएम मोदी ने अशोक विहार के रामलीला मैदान में परियोजनाओं के उद्घाटन और लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा, ‘देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर नहीं बनाया। लेकिन बीते 10 सालों में 4 करोड़ से अधिक गरीबों के घर का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीशमहल बना सकता था। लेकिन मेरे लिए तो मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, यही एक सपना था।’ पीएम मोदी ने यह भी वादा किया कि दिल्ली में सभी झुग्गीवासियों को पक्का मकान दिया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘मैं आप सबको भी कहता हूं आप जब भी लोगों के बीच जाएं। लोगों को मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं मेरी तरफ से उनको वादा करके आना, मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। उनको वादा करके आना आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा, उनको पक्का घर मिलेगा।’ पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी को 'आपदा' करार देते हुए कहा कि अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। पीएम ने आप सरकार पर घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि अब दिल्ली के कोने-कोने से आवाज निकल रही है। पीएम ने कहा,'दिल्लीवालों ने आपदा के खिलाफ जंग छेड़ दी है। दिल्ली का वोटर दिल्ली को आप-दा से मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, दिल्ली का हर बच्चा कह रहा है, दिल्ली के हर गली से आवाज आ रही है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।' recent visitors 67

आतंकी संगठन सें संबंध रखने वाले जब्बार के घर की अमेरिकी पुलिस ने ली तलाशी, बम बनाने का सामान बरामद

वॉशिंगटन अमेरिका के न्यू ऑर्लियांस में हमला करने वाले शम्सुद्दीन जब्बार के घर से संदिग्ध चीजें मिली हैं। आतंकी संगठन आईएसआईएस सें संबंध रखने वाले जब्बार के घर की अमेरिकी पुलिस ने तलाशी ली है। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि उत्तरी ह्यूस्टन स्थित जब्बार के घर में बम बनाने के सामान हैं। इसके अलावा टेबल पर कुरान रखा हुआ है। इसका जो पेज खुला है, उस पर ऐसी बातें लिखी हैं जो हिंसा का महिमामंडन करती हैं। गौरतलब है कि नए साल के दिन जब्बार ने किराए की एक फोर्ड एफ-150 को लोगों के ऊपर चढ़ा दिया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी। जब्बार के घर के अंदर का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया गया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि जब्बार के बेडरूम में विस्फोटक बनाने के सामान रखे हैं। पास में ही कुरान रखी है। इसकी आयत 9:111 खुली है, जिस पर लिखा है, ‘वे अल्लाह की राह में लड़ते हैं, मारते हैं और मर जाते हैं…’ इस आयत को अक्सर अतिवादियों द्वारा अपनी हिंसा के पक्ष में ढाल बनाया जाता है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी बात से प्रेरित होकर जब्बार हिंसा के रास्ते पर चला होगा। हमले से कुछ मिनट पहले फेसबुक पर पोस्ट किए गए अपने वीडियोज में भी जब्बार ने इसी आइडियोलॉजी की बात की है। वह आईएसआईएस से प्रभावित होने की बात कहता है और अपने परिवार को भी धमकी देता है। जब्बार के घर में छापेमारी के दौरान एफबीआई को तमाम संदिग्ध चीजें मिली हैं। इन सबको देखने से लगता है कि वह पूरी तरह से आतंकवाद के रास्ते पर था। इसके अलावा भी उसके घर में जो सामान मिले हैं, वह दिखाते हैं कि उसका निजी जीवन भी बिखरा हुआ था। पिछले बेडरूम में बच्चों के खिलौने रखे हुए हैं। गौरतलब है कि उसकी 15 और 20 साल की दो बेटियां हैं। हमले से कुछ घंटे पहले जब्बार ने अपने पड़ोसियों से बात की थी। इसमें उसने कहा था कि वह न्यू ऑर्लियांस अपनी नई आइटी की नौकरी के लिए जा रहा है। जब्बार कभी अमेरिकी सेना में स्टाफ सार्जेंट था। उसने सेना की नौकरी करते हुए 10 साल बिताए थे। हालांकि बाद में उसके लिए जिंदगी कठिन होती चली गई। दो बार तलाक होने से जब्बार के आर्थिक हालात काफी मुश्किल हो गए थे। रियल एस्टेट का भी उसका करियर नाकाम रहा था और आईटी स्पेशलिस्ट के तौर पर भी उसे काफी संघर्ष करना पड़ा था। आईएसआईएस से जब्बार के संबंधों और इस तरह की घटना में शामिल होने को लेकर उसका भाई भी हैरान है। recent visitors 86