Monday, July 6, 2026 2:14 am

शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया संवाद, राजस्थान-कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं

जयपुर। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि कोटा समेत समूचा हाड़ौती अंचल पर्यटन की विपुल सम्भावनाएं समेटे हुए है। कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट एक यूनिक डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। पर्यटन विकास के लिए सरकार के स्तर पर हर सम्भव प्रयास एवं सहयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर आयोजित हाड़ौती पर्यटन विकास पर संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर रही थी। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में पर्यटन विकास के लिए सबकुछ है। कोटा और बूंदी जिलों में कई हैरिटेज स्थल हैं। यहां अध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ वाईल्ड लाईफ और एडवेंचर पर्यटन की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। हमें इन खूबियों की वैश्विक स्तर पर ब्राडिंग करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति जारी की जाएगी जिसमें पर्यटन विकास के विविध आयामों को ध्यान में रखा जायेगा। हाड़ौती के पर्यटन के विकास के लिए पर्यटक अथवा ट्रेवल मार्ट के आयोजन किए जाने चाहिए जिनसे यहां पर्यटन स्थलों का प्रभावी तरीके से प्रमोशन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। एयरपोर्ट बनने के बाद कनेक्टिविटी होने से देश-विदेश के पर्यटक अच्छी तादाद में यहां आ सकेंगे। सड़कों की स्थिति में भी व्यापक सुधार लाया गया है और आगे भी इस दिशा में ठोस कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि देवो भवः की भावना राजस्थानवासियों में कूट-कूटकर भरी है। इसी का नतीजा है कि पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। इस बार राजस्थान में पर्यटकों की बम्पर आवक हुई है जो उत्साहजनक है। राईजिंग राजस्थान में भी सबसे ज्यादा एमओयू पर्यटन क्षेत्र में हुए हैं। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक एवं संवेदनशीलता के साथ हमारी भावनाओं को समझा है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले बजट में हमारी अपेक्षाएं अवश्य पूरी होंगी। इस अवसर पर एडीएम सीलिंग श्री कृष्णा शुक्ला, एडीएम सिटी श्री अनिल कुमार सिंघल एवं अन्य अधिकारी, होटल एसोसिएशन एवं पर्यटन से जुड़े कोटा-बूंदी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री हुसैन खान ने कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं हाड़ौती में पर्यटन की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के कोटा सम्भाग के श्री अशोक माहेश्वरी ने भी कोटा में रिवर फ्रंट सहित अन्य पर्यटक स्थलों को रेखांकित करते हुए पर्यटन विकास की सम्भावनाओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया और सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान एवं व्यापार महासंघ, व्यापार महासंघ अध्यक्ष श्री क्रांति जैन, होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रणविजय सिंह ने उप मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। लाइन प्रोड्यूसर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री सुभाष सोरल ने फिल्म व वेब सीरीज की शूटिंग के मध्यनजर जिलों में एकल खिड़की उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया ताकि राजस्थान में अधिक से अधिक निर्माता शूटिंग के लिए आकर्षित हो। recent visitors 215

सीबीए प्लेयर्स ऑफ द मंथ चुने गए जू जी और केनेथ लॉफ्टन

बीजिंग ग्वांगडोंग सदर्न टाइगर्स के पॉइंट गार्ड जू जी और शंघाई शार्क्स के पावर फॉरवर्ड केनेथ लॉफ्टन को शुक्रवार को चीनी बास्केटबॉल एसोसिएशन (सीबीए) लीग का प्लेयर्स ऑफ द मंथ चुना गया है। ग्वांगडोंग टीम के लिए चोटों और अधूरे रोस्टर के बावजूद, जू ने दिसंबर 2024 में 14 मैचों में 39 मिनट प्रति गेम में औसतन 19.3 अंक, 4.0 रिबाउंड, 7.9 असिस्ट और 1.9 स्टील के साथ अपनी टीम की मदद की। उन्होंने इस दौरान औसतन 3-पॉइंट रेंज से 3.2 शॉट लगाए। लॉफ्टन ने प्रति गेम 31 मिनट में 23.7 अंक, 12.8 रिबाउंड, 7.1 असिस्ट, 1.6 स्टील और 1.3 ब्लॉक के प्रभावशाली आँकड़ों के साथ विदेशी खिलाड़ी श्रेणी के लिए सम्मान जीता। उन्होंने 12 मैचों में आठ डबल-डबल और दो ट्रिपल-डबल हासिल किए। लॉफ्टन के हरफनमौला प्रदर्शन से प्रेरित होकर, शंघाई, जो कभी अपने शुरुआती 11 मैचों में से 10 हारने के बाद 20-टीम सीबीए स्टैंडिंग में सबसे नीचे बैठा था, 24वें राउंड तक 11 गेम की जीत की लकीर पर सवार है, और दिसंबर में इसका 11-1 रिकॉर्ड लीग में सर्वश्रेष्ठ था। शुक्रवार को ही, झेजियांग लायंस के गार्ड सन मिंगहुई को सीबीए डिफेंसिव प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। 11वें और 24वें राउंड के बीच के खेलों के लिए मासिक पुरस्कार के दूसरे संस्करण में, सन ने 4.7% की स्टील प्रतिशत के साथ लीग में सर्वश्रेष्ठ 2.6 स्टील का औसत हासिल किया, जो लीग में चौथे स्थान पर है। पिछले महीने सन द्वारा खेले गए 11 खेलों में से 10 में जीत दर्ज करते हुए, झेजियांग वर्तमान में 21-4 के रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर है।   recent visitors 59

सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव ने यूनियन कार्बाइड कचरा निस्तारण मामले में एनजीटी भोपाल में याचिका की दायर

 जबलपुर  नागरिक उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे और सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव ने यूनियन कार्बाइड कचरा निस्तारण मामले में एनजीटी भोपाल में याचिका दायर की है। यह याचिका शनिवार को दायर की गई, जिस पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट में पूर्व से दायर जनहित याचिका पर संज्ञान आधार पर सोमवार को सुनवाई निर्धारित है। इसके साथ इंदौर बेंच में दायर याचिका को संलग्न करके विचार किया जाएगा। इधर सरकार कचरा जलाने हाईकोर्ट से मांगेगी समय मध्य प्रदेश सरकार हाई कोर्ट में शपथ पत्र देकर यूनियन कार्बाइड के कचरे के निस्तारण के लिए समय मांगेगी। इसके लिए जन जागरण को आधार बनाया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि हम पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही कर रहे हैं। हर स्तर पर संवाद किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार के कोई भ्रम की स्थिति ना रहे। यूनियन कार्बाइड का भी 10 टन कचरा पूर्व में वहां जलाया जा चुका है और उसके जो निष्कर्ष निकलकर सामने आए थे वह सभी मानकों के अनुरूप थे तभी सुप्रीम कोर्ट ने आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अभी कचरा जलाने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इधर उपभोक्ता मंच के नाजपांडे ने अपनी एनजीटी की याचिका में सवाल उठाया है कि यूनियन कार्बाइड कचरे के निस्तारण में नुकसान नहीं होगा, यह सरकार स्पष्ट करे। यह भी बताए कि कया कार्यवाही नियमानुसार हुई है? सरकार इस सिलसिले में शपथपत्र प्रस्तुत करे। वैज्ञानिक रिपोर्ट भी सार्वजनिक करे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल इस संबंध में निर्देश जारी करें। शपथपत्र के साथ घोषणा करें युनियन कार्बाइड के जहरीले कुचरे के निस्तारण मे भूमि, जल तथा वायु में कोई विपरीत परिणाम नहीं होगा तथा वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 का पालन हुआ, यह शपथपत्र के साथ मुख्य सचिव, मप्र शासन घोषणा करें। आयुक्त, नगर निगम, भोपाल, धार तथा पीथमपुर भी शपथपत्र प्रस्तुत करें कि उस क्षेत्र के लोगों को नुकसान नहीं होगा। नागरिकों के जीवन के अधिकार का संरक्षण होना चाहिए प्रदेश सरकार कचरे के निस्तारण पर वैज्ञानिक रिपोर्ट अखबारों में प्रकाशित कर उसे सार्वजनिक करें। अधिवक्ता प्रभात यादव ने याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया कि नागरिकों के जीवन के अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए, इसकी गारंटी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदान की गई है। कचरे के जलने पर लगा ब्रेक, जानिए पूरे मामले की A to Z… भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने फिलहाल इस पर ब्रेक लगा दिया है। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार रात इमरजेंसी बैठक में कहा कि, हाईकोर्ट के सामने सभी परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को रखेंगे। कोर्ट का आदेश आने तक यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाया जाएगा। आइये जानते हैं यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से लेकर इसे रोकने तक की A to Z कहानी…। दरअसल, साल 2004 में उच्च न्यायालय जबलपुर (Jabalpur High Court ) में आलोक प्रताप सिंह ने जनहित याचिका दायर की। इस याचिका में उच्च न्यायालय से मांग की गयी कि यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड भोपाल परिसर (UCIL) में संग्रहित रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का विनिष्टीकरण किया जाये एवं उस पर होने वाले व्यय कि प्रतिपूर्ति यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन (यूसीसी)/ डॉउ केमिकल से किया जाये। यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल परिसर (UCIL) में बिखरे रासायनिक पदार्थों को जून-2005 में एकत्रित कर एक सुरक्षित शेड में मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण बोर्ड की सुपरविजन में रखा गया। जबलपुर हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2008 को आदेश पारित कर निर्देश दिये गये कि विनिष्टीकरण की कार्यवाही राज्य शासन द्वारा समय सीमा 6 सप्ताह मे सुनिश्चित की जाये यदि कोई किसी प्रकार व्यवधान पैदा करता है तो अवमानना संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। गैस राहत विभाग एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल भोपाल द्वारा सीपीसीबी की गाइडलाइन का पालन करते हुए जून-2008 में लाइम स्लज 39.6 एमटी. को सीपीसीबी की गाइडलाइन अनुसार सफलतापूर्वक लैंडफिल टीएसडीएफ, पीथमपुर जिला-धार में किया गया। समय-समय पर कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मार्च 2013 को निर्देश दिये कि, 10 मेट्रिक टन हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल राज्य में कोचिन से परिवहन कर टीएसडीएफ की पीथमपुर में ट्रायल रन की जाए-केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2013 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल 2014 को निर्देश दिये गये 10 मेट्रिक टन यूनियन कार्बाइड टीएसडीएफ की पीथमपुर में ट्रायल रन की जाए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 2015 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया। जबलपुर उच्च न्यायालय 3 दिसंबर 2024 के आदेश में राज्य शासन एवं राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को केमिकल वेस्ट यूनियन कार्बाइड स्थल से पूर्व निर्धारित स्थल पर 4 सप्ताह के भीतर सुरक्षित परिवहन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने की गई कार्यवाही केन्द्रीय प्रदूषण निवारण मण्डल नई दिल्ली द्वारा शेष बचे 337 मेट्रिक टन रासायनिक यूसीआईएल वेस्ट के विनिष्टीकरण के लिए RFP 4 दिसंबर 2017 को तैयार कर सचिव, भारत सरकार, रसायन एवं पेट्रोरसायन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक 5 दिसंबर 2017 को राज्य शासन को उपलब्ध कराया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण निवारण मण्डल से प्राप्त RFP का परीक्षण कर निविदा जारी करने के लिए निविदा प्रपत्र तैयार किया। इसके बाद यह काम करने के लिए संचालक गैस राहत एवं पुनर्वास की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। 23 सितम्बर 2021 को निविदा प्रकाशित की गयी जिसमें दो निविदाकारों मेसर्स पीथमपुर इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्राईवेट लिमिटेड, पीथमपुर जिला-धार म.प्र. एवं मेसर्स सेन्चुरी ईको सोल्यूशन प्राईवेट लिमिटेड, बैंगलुरु, कर्नाटक द्वारा निविदा प्रस्तुत की गयी। इस कार्य के लिए पीथमपुर कम्पनी की निविदा उपयुक्त पाई गई। विभाग द्वारा कार्रवाई से पता चला कि, भोपाल में लगभग 358 टन यूनियन कार्बाइड का कचरा निकला है। इसमें 60% से ज्यादा केवल स्थानीय मिट्टी है एवं लगभग 40% सेवन नेपथॉल, रिएक्टररेसीड्यूस और समी प्रोसेस पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। सेवन नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। इसका जहरीलापन 25 साल में लगभग पूर्तः समाप्त हो जाता है। स्पष्ट है कि घटना को 40 साल बीत चुके हैं, इसलिए बचे हुए कचरे में कोई हानिकारक तत्व नहीं है। विभाग … Read more

पत्रकार से दुर्व्यवहार और धमकी मामले वनमंत्री केदार कश्यप के दिशा निर्देश पर तत्काल कार्रवाई

पत्रकार से दुर्व्यवहार और धमकी मामले वनमंत्री केदार कश्यप के दिशा निर्देश पर तत्काल कार्रवाई पत्रकार से दुर्व्यवहार करने वाला वनविभाग का अधिकारी हुआ लाइन अटैच, वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर आदेश जारी रायपुर  इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकार के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। नरेश चन्द्र देवनाग, वनक्षेत्रपाल परिक्षेत्र अधिकारी सीतानदी, उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व, गरियाबंद के द्वारा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के संवाददाता से अभद्र व्यवहार किया है, जो कि एक शासकीय सेवक के लिये कर्तव्य के प्रति अशोभनीय कृत्य है। छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अनुसार शासकीय लोक सेवक को ऐसा कोई भी कृत्य नहीं करना चाहिए जो कि शासकीय सेवा में अशोभनीय हो। उक्त घटना की सूक्ष्मतापूर्वक जॉच कर, तथ्यात्मक जॉच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु उपनिदेशक उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व को आदेशित किया गया है। मामले में विभाग ने नरेश चन्द्र देवनाग, वनक्षेत्रपाल परिक्षेत्र अधिकारी सीतानदी, उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व, गरियाबंद को तत्काल प्रभाव से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, धमतरी वनमंडल के पद पर पदस्थ किया है। वहीं मामले को लेकर वनमंत्री केदार कश्यप जी ने कहा है कि भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार पत्रकारों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 91

बार्सिलोना के कोच फ्लिक ने ओल्मो और पॉ विक्टर के टीम में शामिल नहीं होने से जताई नाराजगी

मैड्रिड एफसी बार्सिलोना के कोच हांसी फ्लिक ने स्वीकार किया कि वह उस स्थिति से खुश नहीं हैं, जिसके कारण क्लब सीजन के दूसरे भाग के लिए स्पेन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डेनी ओल्मो और फॉरवर्ड पॉ विक्टर को पहली टीम में शामिल नहीं कर पाया है। नए साल की पूर्वसंध्या से पहले वित्तीय निष्पक्ष खेल आवश्यकताओं को पूरा करने में बार्सिलोना की असमर्थता का मतलब था कि दोनों खिलाड़ियों को बार्का की पहली टीम के दल से हटा दिया गया था, नियमों के अनुसार एक खिलाड़ी को एक ही क्लब के साथ एक सत्र में दो बार पंजीकृत नहीं किया जा सकता है। इसका प्रभावी रूप से मतलब है कि ओल्मो एक मुफ्त हस्तांतरण पर क्लब से दूर जा सकते हैं, और हालांकि खिलाड़ी के एजेंट ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि उनका क्लब छोड़ने का कोई इरादा नहीं है, जब तक कि स्पेनिश फुटबॉल महासंघ के लिए अपील सफल नहीं होती है। शनिवार को कोपा डेल रे के तीसरे दौर के मुकाबले से पहले निचली लीग बारबास्ट्रो के खिलाफ़ होने वाले मैच से पहले कोच ने कहा, ईमानदारी से कहूँ तो मैं इस स्थिति से खुश नहीं हूँ, लेकिन हालात ऐसे ही हैं और हम पेशेवर हैं। मैं फ़ुटबॉल पर ध्यान केंद्रित करता हूँ, हमें कोच बनना है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना है – सभी को अपना काम करना है। उन्होंने कहा कि वे क्लब के अध्यक्ष जोआन लापोर्टा के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैं आशावादी हूँ, लेकिन अक्सर आपको निर्णय होने तक इंतज़ार करना पड़ता है। मुझे पूरा भरोसा है कि क्लब अपना काम करेगा। फ्लिक ने प्रेस को बताया कि उन्होंने ओल्मो और विक्टर से भी बात की है, उन्होंने कहा, यह आसान स्थिति नहीं है, लेकिन वे दोनों बार्सा के लिए खेलना चाहते हैं और वे हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।   recent visitors 50

पूर्व पीसीसी चीफ साहू ने बीजेपी पर किया पलटवार, दीपक बैज के साथ आरोपी सुरेश की फोटो की वायरल करने को बताया निंदनीय

रायपुर बस्तर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में सियासी बयानबाजी शुरु हो गई है. जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सुबह मामले को लेकर फेसबुक पोस्ट किया. इधर भाजपा ने हत्या मामले में आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ फोटो को सोशल मीडिया में शेयर किया है. जिसमें भाजपा ने बताया कि सुरेश चंद्राकर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का खास आदमी है. वहीं अब पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया है. पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की मौत पर राजनीति को निंदनीय बताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में पत्रकारों की भी हत्या की जा रही है. पूरे प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. दोषी चाहे कोई भी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए. दीपक बैज बस्तर सांसद रहे हैं, कोई भी उनके साथ फोटो खिंचा सकता है, इसका ये मतलब नहीं कि वे उसे संरक्षण दे रहे हैं. बीजेपी सरकार कानून व्यवस्था संभाल नहीं पा रही सिर्फ आरोप लगाती है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. recent visitors 156

जसप्रीत बुमराह को टीम के चिकित्सक और सुरक्षा अधिकारी के साथ मैदान के बाहर जाता देखा गया, चोट ने बढ़ाई चिंता

सिडनी सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन लंच के बाद एक ओवर डालने के बाद ही भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह मैदान के बाहर चले गए। उन्हें टीम के चिकित्सक और सुरक्षा अधिकारी के साथ मैदान के बाहर जाता देखा गया। मैदान से बाहर जाने के पहले बुमराह ने इस पारी में कुल 10 ओवर की गेंदबाज़ी करते हुए 33 रन देते हुए दो विकेट लिए थे। इस दौरे पर बुमराह के कार्य प्रबंधन को लेकर काफ़ी चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने इस सीरीज़ में अब तक 152.1 ओवर की गेंदबाज़ी की है और 13.06 की औसत से 32 विकेट लिए हैं। वह अब बिशन सिंह बेदी को पछाड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ भी बन गए हैं। बुमराह ने दूसरे दिन पहले सत्र के अंतिम पांच ओवर में से तीन ओवर मैदान के बाहर बिताए थे और फिर अंतिम दो ओवर के लिए वह मैदान में वापस आए थे। लंच के बाद उन्होंने गेंदबाज़ी की और एलेक्स कैरी को परेशान भी किया लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह मैदान के बाहर चले गए। मेलबर्न टेस्ट में बुमराह ने 52 ओवर की गेंदबाज़ी की थी जो कि उनके अब तक के टेस्ट करियर में एक मैच में डाले गए सर्वाधिक ओवर थे। हालांकि इस टेस्ट के बाद ख़ुद तत्कालीन भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बुमराह के कार्य प्रबंधन को लेकर चिंता व्यक्त की थी। भारत के पास इस मैच में कोई उपकप्तान नहीं है क्योंकि ख़ुद बुमराह ही टीम के उपकप्तान थे और रोहित की अनुपस्थिति में वह टीम की अगुवाई कर रहे थे। ऐसा प्रतीत हुआ कि बुमराह की अनुपस्थिति में विराट कोहली टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लंच ब्रेक के दौरान भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि उन्होंने ख़ुद ही बाहर बैठने का फ़ैसला किया और इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ़ किया कि उनका फ़िलहाल संन्यास लेने का इरादा नहीं है।   recent visitors 54