Sunday, July 5, 2026 4:43 pm

प्रयागराज महाकुम्भ की शुरुआत से पहले सज रही संगम नगरी, एयरपोर्ट से संगम नगरी तक 16 KM लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर तैयार…

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है. संगम नगरी को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा और 550 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा VVIP कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है. लोगों का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता से भी ध्यान खींच रहा है. बता दें कि संगम की रेती पर कुंभ मेला की शुरुआत से पहले सज रही नगरी में प्रयागराज एयरपोर्ट (Prayagraj Airport) से संगम तक 16 किलोमीटर लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर (VVIP Corridor) बनाया गया है. इस वीवीआईपी कॉरिडोर को बनाने में 550 करोड़ रुपये की लागत आई है. वीवीआईपी कॉरिडोर में पड़ने वाले चौराहों पर नटराज, नंदी, ऋषि-मुनियों की कलाकृतियां लगाई गई हैं. वहीं प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं, जो चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक हैं. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां बताई गई हैं, यहां 84 स्तंभ उन्हीं के प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. सड़कों के किनारे पौधे लगाए गए हैं, जिनमें फूलों के भी पौधे शामिल हैं. यहां आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक समय इस सड़क से गुजरने से डर लगता था, क्योंकि यहां सन्नाट पसरा रहता था, लेकिन एयरपोर्ट से जुड़ने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही, साथ ही आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से सड़क का कायाकल्प हो गया. 84 विशेष स्तंभ भी लगाए गए हैं  प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं. ये चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक है. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां होती हैं, 84 स्तंभ 84 लाख योनियों का प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे इन खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. यही नहीं सड़कों के किनारे पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं, जिसमें फूलों के भी पौधे भी शामिल हैं. जिसकी वजह से सड़क की खूबसूरती बढ़ गई है. कभी इस सड़क पर सन्नाटा पसरा रहता था   आपको बता दें, एक समय था इस सड़क से लोग गुजरने से डरते थे, क्योंकि इन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था. लेकिन एयरपोर्ट पर जाने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही साथ ही सड़क पर आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से इस सड़क का कायाकल्प भी हो गया. हर कोई इस सड़क से गुजरने वाला अब इस काम की जमकर तारीफ कर रहा है.   recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे चंबल अभयारण्य का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव पर्यटन की दिशा में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज शनिवार 4 जनवरी से वन्य-जीव पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल अभयारण्य का भ्रमण कर चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर पर्यटन सुविधाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति ने मध्यप्रदेश को कई वरदान दिए हैं। सघन वन, वृक्षों की विविधता के साथ ही वन्य-प्राणियों की भी विविधता मध्यप्रदेश में देखने को मिलती है। वनों और वन्य-प्राणियों से मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बनी है। मध्यप्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला प्रदेश है। चीता पुनर्स्थापन करने वाला मध्यप्रदेश एक मात्र प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में ही नहीं पूरे विश्व में सर्वाधिक घड़ियाल चंबल नदी में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग तीन हजार घड़ियाल हैं, तो इनमें से 85 प्रतिशत चंबल नदी में हैं। करीब चार दशक पहले घड़ियालों की गणना का कार्य शुरू हुआ, जिससे घड़ियालों के इतनी बड़ी संख्या में चंबल में होने की जानकारियां सामने आईं। जनवरी और फरवरी महीने में अनुकूल तापमान का अनुभव कर घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं और उस वक्त घड़ियालों और मगरमच्छों की गिनती आसानी से हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। पर्यटकों में यह चंबल बोट सफारी के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में इसे वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन को संरक्षित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभयारण्य लगभग साढ़े पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पहाड़ियों और रेतीले समुद्र तटों से यह धरती भरी हुई है। यह वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसका मुख्यालय मुरैना में है। घड़ियालों और गंगा डॉल्फिनों का निवास स्थान, पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। घड़ियाल, लाल मुकुट वाले कछुए और डॉल्फ़िन यहाँ पाए जाते हैं। अन्य जानवर जो (दुर्लभ) श्रेणी में हैं, उनमें मगरमच्छ, चिकने-लेपित ऊदबिलाव, धारीदार लकड़बग्घा और भारतीय भेड़िये हैं, जो संरक्षण सूची की अनुसूची-1 में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल नदी में कछुआ परिवार की 26 दुर्लभ प्रजातियों में से 08 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें भारतीय संकीर्ण सिर एवं नरम खोल वाला कछुआ, तीन धारीदार छत वाला कछुआ और मुकुटधारी नदी वाला कछुआ शामिल हैं, जो यहां की पहचान है। शीतकाल है घड़ियाल देखने का उपयुक्त समय चंबल में घड़ियाल अभयारण्य देखने के लिए यात्रा का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से जून तक रहता है। शीतकाल में घड़ियाल देखने और यह क्षेत्र घूमने का सबसे अच्छा समय माना गया है। राष्ट्रीय चंबल वन्य-जीव अभयारण्य में प्रकृति को देखने की बहुत सी गतिविधियाँ होती हैं। घड़ियाल, डॉल्फ़िन, अन्य सरीसृप, जल निकायों और सुंदर परिदृश्य की फोटोग्राफी नाव की सवारी से की जा सकती है। यहाँ की घाटियों और नदियों के किनारे पगडंडियों पर चलना प्रकृति को करीब से देखने का मौका देता है। चंबल नदी लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी है। पर्यटक चंबल घड़ियाल सफारी अभयारण्य का आनंद उक्त क्षेत्र के निकटवर्ती नगरों में रहवास सुविधा का उपयोग ले सकते हैं।   recent visitors 61

भड़काऊ पोस्ट पर कमेन्ट करने या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी सख्त कार्रवाई होगी : हरिनारायणाचारी मिश्र

भोपाल सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए और इसे आपसी वैमनस्यता का माध्यम बनाते देख मध्य प्रदेश पुलिस एक्शन मोड में है, पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र ने सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी ने भी सोशल मीडिया पर सामाजिक ताने बाने को तोड़ने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट की तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत सख्त एक्शन होगा, इतना ही नहीं उस भड़काओ पोस्ट पर कमेन्ट करने वाले या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर भोपाल ने एक आदेश जारी के इस आशय के निर्देश दिए हैं और अपने अधीनस्थ स्टाफ को इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है, उन्होंने आदेश में कहा, मीडिया एवं अन्य जनसामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया है कि भोपाल शहर में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) आदि के माध्यम से असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक तानेबाने को तोडने व दो समुदायों के मध्य संघर्ष / वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने हेतु तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रों व वीडियो एवं ऑडियो मैसेज का प्रसारण किया जा सकता है। सामाजिक ताना बाना बनाये रखने पुलिस हुई सख्त इस प्रकार के प्रसारण से कई बार लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने एवं एक समुदाय के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदेशों का प्रसारण किया जाता है। इससे भोपाल शहर के सामुदायिक सद्भाव एवं शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो सकती है। इसके अतिरिक्त धार्मिक भावनाओं को उभारने एवं साम्प्रदायिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास भी किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रसारण से कई बार विरूपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर डालने से भी आमजन की भावनाएं आहत होकर कई बार लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थितियां निर्मित हुई है। भड़काऊ पोस्ट की, लाइक किया, कमेंट किया, फ़ॉरवर्ड किया तो हॉग एक्शन उन्होंने आगे लिखा, यह उल्लेखनीय है कि आपत्तिजनक पोस्ट से उतनी वैमनस्यता का संचार नहीं होता है जितना कि उस पर आये कमेंट्स के कारण होता है इंटरनेट पर एक प्रकार वैमनस्यता की अभिव्यक्ति ऐसे पोस्ट के माध्यम से होती है जिस पर हर कोई बिना विचार किये एवं बिना किसी दायित्व के द्वेषपूर्ण एवं अश्लील शब्दों का प्रयोग कर धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत होगी कार्रवाई इस प्रकार के Internet Social Media Wars अभी भी सक्रिय हैं जिनसे लोक व्यवस्था एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती है। उक्त संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सोशल मीडिया पर इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध तथा महानगर भोपाल में जन सुरक्षा तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये जा रहे हैं। आदेश के तहत ये सब रहेगा प्रतिबंधित     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे-फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं करेगा।     सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।     कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोडकर भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो। किसी को आपत्ति है तो पुलिस कमिश्नर कोर्ट में जा सकता है आदेश के अंत में लिखा है कि भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है। चूंकि यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे सम्बंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश से व्यथित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में पुलिस कमिश्नर के संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा। दो महीने तक लागू रहेगा आदेश यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस ना लिया गया तो आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। recent visitors 76

मध्यप्रदेश वासियों को 2 दिन बाद कड़ाके की ठंड से मिलेगी राहत, कईं जिलों में कोहरा छाया रहेगा 

Madhya Pradesh residents will get relief from severe cold after 2 days, fog will prevail in many districts  भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के 12 जिलों में आज घना कोहरा है। वहीं, 11 जिलों में मध्यम कोहरा छाया हुआ है। कुछ जगहों पर विजिबिजिटी 100 मीटर से भी कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 दिन प्रदेश में कोहरे और तेज ठंड का असर रहेगा। इसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया- 6 और 7 जनवरी को कोहरा छंट जाएगा। दिन-रात के टेम्परेचर में बढ़ोतरी होगी। कुछ दिन उतार-चढ़ाव के बाद कड़ाके की ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। बर्फ पिघलने पर गिरेगा पारा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। अभी 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 4 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा है। कई जगहों पर विजिबिलिटी 50 मीटर तक है। वहीं, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, जबलपुर, मैहर में मध्यम से घना कोहरा है। 5 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 6 जनवरी: कुछ जिलों में कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। रातें भी ठंडी ही रहेंगी। recent visitors 266