दबंगों ने गुना जिले में एक सहरिया परिवार पर किया हमला, झोपड़ी की तहस-नहस

गुना गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के ग्राम करीली में बीती रात दबंगों ने एक सहरिया परिवार पर कहर ढा दिया। सर्द में रात करीब दो बजे दो ट्रैक्टरों से पहुंचे 15-20 लोगों ने गहरी नींद में सो रहे सहरिया परिवार की झोपड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिए। अचानक हुए हमले से परिवार उठकर अपनी जान बचाते हुए भागा, तो दबंगों ने उन्हें घेर लिया और दो घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की। प्रेमबाई पत्नी हरिसिंह सहरिया ने बताया कि बरखेड़ा नहर के पास हमारी जमीन पर बनी झोपड़ी में मेरे अलावा पति हरि सिंह, बेटा सोनू, देवर ज्ञानी सिंह, भतीजा राजू, देवरानी विद्दी बाई सो रहे थे। इसी बीच रात दो बजे गांव के पूर्व सरपंच, उसके दो बेटे और 15-20 रिश्तेदार दो ट्रैक्टरों से आए। उन्होंने ट्रैक्टरों से हमारी 10 बीघा गेहूं की फसल को उजाड़ दिया। झोपड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। बिजली करंट से हमें मारने के लिए डीपी के पास ले गए, लेकिन बिजली चली जाने से उनके मंसूबे पूरे नहीं हुए। इसके बाद एक दबंग ने हमारे मुंह पर कथित पेशाब की। रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी दी। सुबह पुलिस आई इसके बाद हरि सिंह, ज्ञानी सिंह और राजू को थाने ले गई। दर्द से कराह रही महिला ने बताया कि दबंगों ने हमें घेरकर रातभर मारा। हम लोग खेत में ही पड़े रहे। recent visitors 38

मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय से और समय देने का अनुरोध करने का निर्णय लिया

भोपाल  यूनियन कार्बाइड (यूका) के रासायनिक कचरे का निष्पादन धार जिले के पीथमपुर में करने को लेकर उठे विवाद के बीच सरकार ने तय किया है कि हाईकोर्ट से इसके लिए समय मांगा जाएगा। सोमवार को मुख्य सचिव की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें जनभावनाओं का हवाला दिया जाएगा। कहा जाएगा कि पहले लोगों को समझाया जाएगा और सहमति बनाकर ही कचरा जलाने का काम किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा को लोगों से संवाद करने का दायित्व दिया गया है। प्रशासन भी भ्रांतियों को दूर करने का काम कर रहा है। भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर पूरी कार्रवाई हो रही है। इसको लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें पहले दूर किया जाएगा और इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जब त्वचा रोग, पानी की गुणवत्ता और फसल खराब होने की जानकारी आई तो केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड और एम्स का दल भेजकर 12 गांवों में जांच कराई गई। यहां कहीं भी मापदंड से अधिक मात्रा में कोई चीज नहीं पाई गई। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट भी ऐसी ही हैं। हर राज्य में रासायनिक कचरे के निष्पादन के लिए एक स्थान नियत है। कचरा मानकों के अनुसार पीथमपुर भेजा गया पीथमपुर में यह काम हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट में जब यूनियन कार्बाइड के कचरे का मामला गया तो चार मार्च 2013 को निर्देश दिए गए कि 10 टन हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि से रासायनिक कचरे के निष्पादन का काम प्रायोगिक तौर पर पीथमपुर में किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 2013 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया। हाईकोर्ट जबलपुर ने तीन दिसंबर 2024 को राज्य शासन एवं राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को रासायनिक कचरा यूनियन कार्बाइड स्थल से पीथमपुर चार सप्ताह के भीतर सुरक्षित परिवहन करने के निर्देश दिए थे। इसके पालन में कचरा मानकों के अनुरूप भेजा गया। जलाया जा चुका है 10 टन कचरा मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि के कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल 2014 को निर्देश दिए कि यूनियन कार्बाइड का 10 टन कचरा का पीथमपुर में ट्रायल रन किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2015 में सफलतापूर्वक ट्रायल रन किया। बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की सभी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। इसमें यह सामने आया कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण कोई नुकसान होना स्पष्ट नहीं हुआ है। उसके बाद ही न्यायालय ने आगे बढ़ने और कचरे को नष्ट करने के निर्देश दिए। इसके परिपालन में कचरे का परिवहन किया जा चुका है। अब इसे जलाने के लिए परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जाएगा। कचरे में 60 प्रतिशत मिट्टी है यूनियन कार्बाइड का 358 टन कचरा निकला है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक तो स्थानीय मिट्टी है। 40 प्रतिशत सेवन नेपथाल, रिएक्टररेसीड्यूस और प्रोसेस पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। सेवन नेपथाल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। इसका जहरीलापन 25 साल में लगभग पूरी तरह समाप्त हो जाता है। कचरे की निपटान की प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया गया होगा। पीथमपुर में कचरे के निष्पादन की पूरी वीडियोग्राफी कराया जाएगी। निष्कर्ष को शपथ-पत्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। कोई भ्रमित न हो, वैज्ञानिकों की देखरेख में होगी प्रक्रिया मुख्य सचिव ने बताया कि किसी को भ्रमित नहीं होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर वैज्ञानिकों की देखरेख में सारा काम हो रहा है। यूनियन कार्बाइड का कचरा पहले निष्पादित किया जा चुका है, यह जानकारी कम ही लोगों को थी। जब तथ्य सामने आए तो जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया। अधिकारियों के साथ भी वर्चुअली संवाद कर उन्हें भी तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी ताकि वे भी आमजन को वास्तविकता से अवगत करा सकें। सामाजिक संगठनों को भी विश्वास में लिया जाएगा ताकि कहीं कोई भ्रम की स्थिति न रहे। कचरा निष्पादन में लगेंगे छह महीने मुख्य सचिव के अनुसार, कचरा निष्पादन में छह माह का समय लगेगा। इसकी प्रक्रिया निर्धारित है। 800 से 1000 डिग्री पर कचरा जलाया जाता है। जो भी गैस निकलेगी, वो विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार मानकों के अनुरूप होगी। कचरा जलने के बाद जो राख बनेगी, उसे कैप्सूल में रखा जाएगा। इसकी भी प्रक्रिया निर्धारित है। इतना विरोध होगा अंदाजा नहीं था सूत्रों के अनुसार, सरकार को यह अंदाजा नहीं था कि कचरा जलाने को लेकर इतना विरोध होगा। यह बताया गया था कि लोगों को इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है पर जनभावनाओं का आकलन करने में चूक हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, स्थानीय विधायक नीना वर्मा, महाधिवक्ता, प्रमुख सचिव विधि, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। यूका की भूमि के उपयोग पर फिलहाल विचार नहीं मुख्य सचिव ने बताया कि फिलहाल यूका की भूमि के उपयोग को लेकर कोई विचार नहीं किया गया है। वहां स्मारक बनाया जाए या फिर ग्रीन एरिया विकसित करें या फिर अन्य उपयोग, सभी से विचार-विमर्श करके उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। दो बार कचरे का हो चुका निष्तारण, पैरामीटर मानक सीमा में  मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि 2014 में रामकी प्लांट में कचरे के निष्तारण का ट्रायल रन हो चुका है। इस पर  नीरी, आईसीटी और सीपीसीबी ने अध्ययन भी किया था। इस ट्रायल रन के लिए कोच्चि के हिन्दुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड से 10 मीट्रिक टन कचरा मंगाया गया था। वो कचरा भी  यूनियन कार्बाइड के कचरे की तरह था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। इसके बाद 2015 में भोपाल यूनियन कार्बाइड का 10 मीट्रिक टन कचरा जलाकर उसका निष्तारण किया गया था। इस पर सीपीसीबी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया कि कचरे के निपटान का वातावरण पर कोई नुकसान नहीं हुआ।  आसपास के 12 गांवों के लोगों का स्वास्थ्य … Read more

चंदन गुप्ता हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा, आरोपियों को न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन से मिली फंडिंग!

कासगंज यूपी के कासगंज में चंदन गुप्ता हत्याकांड के बाद हुई हिंसा में आरोपियों को विदेशी और भारतीय एनजीओ से फंडिंग का खुलासा हुआ है. एनआईए विशेष कोर्ट ने इस मामले में आदेश जारी करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क, लंदन और भारत से संचालित एनजीओ ने आरोपियों को फंडिंग की. कोर्ट ने इस फंडिंग के स्रोत और इसके उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए सरकार से जांच की सिफारिश की है. जानकारी के अनुसार, NIA Special Court के Order में देश और विदेश के सात NGO का नाम सामने आया है. चंदन गुप्ता के हत्यारोपियों की मदद के लिए न्यूयॉर्क और लंदन से चल रहे एनजीओ ने फंडिंग की थी. New York की Alliance for justice and accountability, वॉशिंगटन से संचालित Indian American Muslim council और लंदन से संचालित South Asia solidarity Group ने फंडिंग की थी. NIA स्पेशल कोर्ट के फैसले में विदेश के साथ-साथ भारत से संचालित हो रहे तीन NGO का भी जिक्र है, जिन्होंने आरोपियों को फंडिंग की थी. इनमें मुंबई का एनजीओ Citizens for justice and Peace, नई दिल्ली (New Delhi) का एनजीओ People Union for civil liberties और लखनऊ से संचालित Rihai मंच ने आरोपियों की मदद की थी. कोर्ट ने अपने फैसले में आशंका जाहिर की कि इन तमाम एजेंसियों की फंडिंग कहां से हो रही है और इनका सामूहिक उद्देश्य क्या है. गैर जरूरी तरीके से न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप रोकने के लिए कोर्ट ने फैसले की कॉपी गृह मंत्रालय और भारत काउंसिल आफ इंडिया को भेजने के लिए भी कहा है. बता दें कि बीते शुक्रवार को चंदन गुप्ता हत्याकांड में सभी 28 आरोपियों को NIA कोर्ट लखनऊ ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. NIA कोर्ट के आदेश की कॉपी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ-साथ बार काउंसिल आफ इंडिया को भी भेजी जाएगी. कौन-कौन दोषी ठहराए गए? एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड के मामले में आसिफ कुरैशी उर्फ हिटलर, असलम कुरैशी, असीम कुरैशी, शबाब, साकिब, मुनाजिर रफी, आमिर रफी, सलीम, वसीम, नसीम, बबलू, अकरम, तौफीक, मोहसिन, राहत, सलमान, आसिफ, आसिफ जिम वाला, निशु, वासिफ, इमरान, शमशाद, जफर, शाकिर, खालिद परवेज, फैजान, इमरान, शाकिर, जाहिद उर्फ जग्गा को दोषी ठहराया है. कौन-कौन आरोपी हुए बरी? एनआईए कोर्ट ने आरोपी नसरुद्दीन और आरोपी असीम कुरैशी को बरी कर दिया है. इन दोनों को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी किया है. इसी के साथ अजीजुद्दीन नाम के आरोपी की मौत हो गई थी. साल 2018 में कर दी गई थी चंदन गुप्ता की हत्या बता दें कि कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी. छह साल 11 महीने बाद एनआईए की विशेष अदालत ने 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से दो को बरी किया गया और एक की मृत्यु हो चुकी थी. इस मामले में बीते शुक्रवार को 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है.   recent visitors 60

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने बुमराह, अपनी चोट पर पहली बार बोले, कभी-कभी आपको अपने…

सिडनी  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का समापन हो गया. सिडनी में खेले गए अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हरा दिया. इसी मैच में रोहित शर्मा की जगह टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे जसप्रीत बुमराह चोटिल हो गए, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाते हुए देखा गया. कई तरह की टिप्पणियां उनकी चोट पर की गईं. लेकिन अब बुमराह ने आज रविवार को अपनी पीठ की चोट पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम पारी में “स्पाइसी विकेट” पर गेंदबाजी नहीं कर पाए.  बुमराह की यह टिप्पणी पूरी सीरीज में 151.2 ओवर में 32 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीतने के बाद आई है. बुमराह ने पोस्ट मैच समारोह में पुरस्कार लेते हुए कहा, “कभी-कभी आपको अपने शरीर का सम्मान करना चाहिए, आप अपने शरीर से नहीं लड़ सकते. यह निराशाजनक है. मैं शायद सीरीज के सबसे स्पाइसी विकेट से चूक गया.” ऑस्ट्रेलिया को अंतिम दिन जीत के लिए 162 रन बनाने थे. लेकिन बुमराह चोटिल हो गए और पूरी सीरीज में अपनी जानदार बॉलिंग से कंगारू टीम पर कहर ढाने वाले स्पीड स्टार आखिरी मैच की पहली पारी में बाहर हो गए. 31 वर्षीय जब बुमराह से चोट की चिंता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “पहली पारी में दूसरे स्पैल के दौरान मुझे थोड़ी असहजता महसूस हुई.” पहले भी चोटिल हो चुके हैं बुमराह इसी सीरीज में बुमराह को दूसरी बार और टेस्ट करियर में तीसरी बार चोट लगी है.  भारतीय टीम की अगुआई करने वाले बुमराह को पांचवें टेस्ट के दूसरे दिन चोट लग गई थी और उन्हें तुरंत स्कैन के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया था. शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए उनके साथी प्रसिद्ध कृष्णा ने बताया कि तेज गेंदबाज की पीठ में ऐंठन हुई है. बुमराह को 2022 में पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी थी, जिसके कारण वह 2023 तक लगभग एक साल तक क्रिकेट से बाहर रहे और मार्च 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई थी. सिडनी टेस्ट में कैसा रहा अंतिम दिन का हाल इससे पहले रविवार को चोटिल बुमराह ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरे दिन वार्म-अप नहीं किया. भारत के आठ विकेट गिरने के बाद वे बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन तीन गेंदों पर बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 157 रन पर आउट करने में केवल 45 मिनट में समेट दिया. भारतीय टीम ने कल के स्कोर 141 रन में केवल 16 रन पर ही चारों विकेट गंवा दिए. स्कॉट बोलैंड ने भारत की दूसरी पारी में 45 रन देकर 6 विकेट लिए जबकि मैच में कुल 10 विकेट चटकाए. ऑस्ट्रेलिया के 162 रनों के सफल पीछा के दौरान बुमराह मैदान पर नहीं उतरे. विराट कोहली की अगुवाई में भारत को एक उम्मीद दिखी, जब प्रसिद्ध कृष्णा ने 58 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट निकाल दिए. लेकिन उस्मान ख्वाजा ने 41 रन की पारी खेली, जिसके बाद ट्रेविस हेड (नाबाद 34) और पदार्पण कर रहे ब्यू वेबस्टर (नाबाद 39) ने टीम को जीत दिला दी. द. अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा WTC फाइनल का मुकाबला इस जीत के साथ भारत का लगातार तीसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. अब ऑस्ट्रेलिया जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अपने खिताब का बचाव करेगा, जो उसने 2023 में भारत को हराकर हासिल किया था. recent visitors 111

किसानों को 21 हजार करोड़ रुपये का भुगतान, छत्तीसगढ़-97.60 लाख मीट्रिक टन धान की अब तक खरीदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सिलसिला जारी है। अब तक 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। इसके साथ ही 19.34 लाख किसानों को धान खरीदी के एवज में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी के साथ-साथ तेजी से धान का उठाव हो रहा है। अब तक 65.80 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है। धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 19.34 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 21 हजार 40 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय के लिए टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) और उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते हैं। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए लगभग 65.80 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 39 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 03 जनवरी 2025 को 66392 किसानों से 3.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 83 हजार 299 टोकन जारी किए गए थे। recent visitors 63

एक दशक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंतेवाड़ा में दृष्टिबाधित बालक अंजन को दिया था हौसला

आज अंजन खुद गीत लिखता है कंपोज करता है और गाता भी है प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास ने बदली जिंदगी की दिशा रायपुर एक दशक पहले अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दिव्यांग बच्चों के संस्थान 'सक्षम' के एक छोटे से दृष्टिबाधित बच्चे की प्रतिभा से मुग्ध हो गए थे। उस बच्चे का नाम था अंजन। जब अंजन ने अपना गाना सुनाया तब प्रधानमंत्री जी इतने खुश हुए थे कि उन्होंने बड़े ही स्नेहिल भाव से उसके सर पर हाथ फेरकर उसे प्रोत्साहित किया था।   देश के प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन एक बच्चे के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है,  अंजन इसका उदाहरण है। पहले अंजन दूसरों के लिखे गीत गाता था, आज अंजन  स्वयं गीत लिखता है, इसे कंपोज भी करता है और गाता भी है। अभी हाल ही में अंजन ने अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के अवसर पर एक गीत लिखा और उसे कंपोज भी किया है। अंजन की संगीत में रुचि को देखते हुए संस्थान में उसे आर्गन, कांगो और ढोलक का प्रशिक्षण दिया गया। दंतेवाड़ा में हर साल बारसूर महोत्सव का आयोजन होता है। इस बार के आयोजन में अंजन अपने रामलला पर लिखे गीत की प्रस्तुति देगा। अंजन अभी 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है, अब इस संस्थान में दसवीं तक की पढ़ाई संस्थान के भीतर ही होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर संस्थान में सभी बुनियादी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि सक्षम संस्था में शैक्षणिक व्यवस्था डीएमएफ के माध्यम से होती है।  उनका यह मानना था कि खनन प्रभावित इलाकों में विकास के कार्यों के लिए डीएमएफ के माध्यम से निधि स्थापित की जाए। आज अंजन जैसे बच्चों का सपना डीएमएफ के माध्यम से पूरा हो रहा है। जब पैदा हुआ तो दादाजी ने कहा, यह क्या करेगा इसको कहीं छोड़ दो   अंजन बीजापुर के अंदरूनी नक्सल प्रभावित इलाके का रहने वाला है। नक्सल समस्या की वजह से माता-पिता को गांव छोड़ना पड़ा। अंजन बचपन से ही दृष्टिबाधित है। जब वह पैदा हुआ तो उसके दादाजी को बड़ी निराशा हुई और उन्होंने कहा कि इसका क्या होगा, यह क्या करेगा, इसको छोड़ दो। मां बहुत प्यार करती थी। मां ने कहा कि नहीं इसे पालेंगे। बाद में सक्षम संस्था के बारे में पता चला और सक्षम में एडमिशन दिलाया। सक्षम के टीचरों को इसके गायन की प्रतिभा और संगीत में रुचि के बारे में पता चला और अब अंजन की दुनिया ही बदल गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद भी अंजन की प्रतिभा से प्रभावित हो चुके हैं। गहरी प्रतिभा और अथाह उत्साह से सबको मिलती है प्रेरणा अंजन ने आज सब बच्चों के साथ लुई ब्रेल को पुष्पांजलि दी। लुई ब्रेल ऐसे व्यक्ति है जिनकी वजह से दृष्टिबाधित बच्चे भी फर्राटे से पढ़ सकते हैं। सक्षम कैंपस में हेलेन केलर की तस्वीर भी है, जो यह बताती है कि दुनिया की सबसे अच्छी चीजों को ना देख सकते हैं न छू सकते हैं, उन्हें केवल महसूस कर सकते हैं। recent visitors 48

स्वदेशी मेला के समापन अवसर पर “लोकरंजनी” रायपुर की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति

 डॉ.पुरुषोत्तम चंद्राकर कृत "लोकरंजनी" की स्वदेशी मेला के समापन अवसर पर आकर्षक प्रस्तुति रायपुर  स्वदेशी मेला स्वावलंबन की ओर बढ़ता भारत साइंस कॉलेज मैदान रायपुर में समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ लोक कलाकार डॉ.पुरूषोत्तम चंद्राकर कृत लोकरंजनी लोक कला सांस्कृतिक मंच रायपुर द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर लोकरंजनी लोक कला मंच रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकगीत नृत्य सुआ, करमा, ददरिया, पंथी, भोजली, गौरा गौरी, राउत नाचा, विवाह गीत, की बहुत ही जीवन नैनाभीराम प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, रायपुर लोकसभा के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी, एवं विधायक श्री राजेश मुणत जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्वदेशी मेला के श्री सुनील अग्रवाल जी अध्यक्ष स्वागत समिति रविंद्र सिंह सचिव, प्रवीण मैशेरी संयोजक, अमरजीत सिंह छाबड़ा सहसंयोजक, श्रीमती मनीषा सिंह सहसंयोजक, सुब्रत चाकी प्रबंधक भारतीय विपणन विकास केंद्र उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकगीत नृत्य की शानदार प्रस्तुति के लिए डॉ रमन सिंह जी ने लोकरंजनी लोक कला मंच रायपुर के संचालक डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर का हृदय से प्रशंसा करते हुए बधाई दी। recent visitors 52