Thursday, July 9, 2026 10:44 pm

पीथमपुर में दो कंटेनर गायब होने का गलत स्टेटस डालने वाले दो गिरफ्तार, हर जगह पुलिस है तैनात

धार पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर अफवाहों का दौर जारी है। दो दिन से चल रहे बवाल के बाद रविवार को शांति बनी रही, पर शनिवार रात एक कंटेनर को खोलने की अफवाह से फिर शांति बिगड़ने जैसी स्थिति बनी। पुलिस ने कंटेनर को लेकर गलत स्टेटस डालने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया है। रविवार को अफवाहों का दौर खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन ने जनप्रतिनिधि व विरोध करने वाले संगठन प्रमुखों को रि-सस्टेनेबिलिटी (रामकी) कंपनी का दौरा कराया, जहां उन्हें बताया गया कि सभी कंटेनर सुरक्षित हैं। रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश पटेल, डॉ. हेमंत हिरोले, राजेश चौधरी, गणेश जैसवाल, संदीप रघुवंशी, लालू शर्मा, बंशी वर्मा, परमेश्वर रघुवंशी को पुलिस व प्रशासन अपनी गाड़ी में कंपनी परिसर लेकर गए। सभी को 12 कंटेनर गिनवाए गए और उन पर लगी तांबे की सील भी दिखाई गई। इसके बाद भस्मक भी दिखाया गया। पुलिस ने कचरे के संबंध में भ्रामक पोस्ट करने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया है। रविवार को भरत मीणा निवासी फकीर मोहल्ला पीथमपुर ने वॉट्सएप स्टेटस तथा गोवर्धन पंवार निवासी गांव खंडवा ने पीथमपुर इंस्टाग्राम आईडी पर स्टेटस डाला था। इसमें लिखा था कि पीथमपुर की जनता सुनो जो 12 कंटेनर आए थे उसमें से दो कंटेनर गायब हो गए हैं। कहां गए वे कंटेनर। recent visitors 51

सौरभ शर्मा केस में सामने आया सच, होनी थी हेल्थ डिपार्टमेंट में अनुकंपा नियुक्ति

ग्वालियर ग्वालियर। पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के लिए पूरे मध्य प्रदेश मे तृतीय श्रेणी पद खाली नहीं था। यह बात हैरान करने वाली है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने 2016 में यही जानकारी दी थी। इससे साफ है कि सौरभ शर्मा को परिवहन आरक्षक बनाने के लिए जोड़-तोड़ की गई थी। ग्वालियर के तत्कालीन सीएमएचओ की ओर से 2016 में स्वास्थ्य आयुक्त को पत्र लिखा गया था कि सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर ग्वालियर जिले में कोई तृतीय श्रेणी पद खाली नहीं है। मार्गदर्शन मांगा गया इस पत्र के माध्यम से मार्गदर्शन मांगा गया था। इसी पत्र को भेजे जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी भेजी गई कि तृतीय श्रेणी पद खाली नहीं है। इसी आधार पर कलेक्ट्रेट ग्वालियर से पत्र चला। 2016 में पूरे प्रदेश में कोई भी तृतीय श्रेणी पद खाली नहीं था, यह संभव नहीं हो सकता है। मूल रूप से सौरभ को स्वास्थ्य विभाग में तृतीय श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाना थी, क्योंकि सौरभ के पिता इसी विभाग में कार्यरत थे। काली कमाई में लगातार हो रहे खुलासे बता दें कि परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति से लेकर काली कमाई में लगातार खुलासे हो रहे हैं। सौरभ शर्मा अभी तक लापता है और जांच एजेंसियों लगातार पड़ताल कर रही है। सौरभ शर्मा की नियुक्ति में भी बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है, सौरभ के पिता स्वास्थ्य विभाग में थे और सेंट्रल जेल में चिकित्सक रहे। इसी कारण सबसे पहले सौरभ ने स्वास्थ्य विभाग में आवेदन दिया लेकिन ग्वालियर में तृतीय श्रेणी पद सीएमएचओ की ओर खाली न होना बताया गया। सीएमएचओ की ओर से पत्र तत्कालीन स्वास्थ्य आयुक्त को भेजा गया। इसके बाद सौरभ को स्वास्थ्य विभाग में ही किसी अन्य जिले में तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जाना चाहिए थी। फर्जी निकले शपथ पत्र तो एफआईआर क्यों नहीं परिवहन विभाग में सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर सौरभ शर्मा, मां उमा शर्मा और भाई सचिन शर्मा के नाम के तीन शपथ पत्र नियुक्ति दस्तावेजों में सामने आ चुके हैं। तीनों के शपथ पत्र में परिवार में 2013 से भाई सचिन की नौकरी को छिपाया गया। इससे यह साफ हुआ कि नियुक्ति फर्जी हुई। इस मामले में परिवहन मुख्यालय के अधिकारियों की ओर अभी तक कोई एफआईआर नहीं कराई गई है। recent visitors 45

मुख्यमंत्री ने किया निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन, मई माह में होगा पूर्ण

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलेगी। यहाँ कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का गौरव कला संकुल मई माह में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 35 करोड़ रूपये की लागत वाला कला संकुल एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जमीन पर इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। कला संकुल परिसर के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। अवलोकन के दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री दिव्यांक सिंह सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर श्रीमती महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कला संकुल के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में तैयार हो रहे कला क्षेत्र के इस बड़े गौरव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को कलेक्टर श्री आशीष सिंह और श्री दिव्यांक सिंह ने कला संकुल की प्रगति के बारे में बताया। कला संकुल से मिलेगा पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा इन्दौर नगर निगम द्वारा इन्दौर शहर में कला क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को ध्यान में रखते हुए शहर के कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े अनेक कलाकारों के लिये उचित संस्थान देने के लिये यह संकुल तैयार किया जा रहा है। इससे शहर की अपनी पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन देने हेतु इन्दौर नगर निगम द्वारा जन-प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन एवं कला और संस्कृति से जुडे़ कलाकारों के साथ विचार-विमर्श कर शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जीर्ण-शीर्ण मराठी स्कूल भवन की उक्त भूमि पर सर्वसुविधा युक्त इससे कला संकुल की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कला संकुल का निर्माण अंतिम चरण में है, अगले मई माह में इस कला संकुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। इसके तैयार होने से शहर एवं देश-प्रदेश से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक और कला गतिविधियों के आयोजन के लिये बेहतर मंच मिल सकेगा। यह संकुल एक लाख 70 हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा है। तलघर के अलावा इसमें तल मंजिल, प्रथम मंजिल, द्वितीय मंजिल तथा तृतीय मंजिल है। इसमें 11850 स्क्वायर फीट का ओपन एयर एम्फीथियेटर बनाया गया है। इसकी क्षमता 500 की है। इसी तरह 6620 वर्ग फीट में एक मल्टीपरपज हॉल बनाया गया है, इसकी क्षमता 400 है। इसी तरह 550 दर्शकों की क्षमता का 7230 वर्गफीट में ऑडिटोरियम भी निर्मित किया गया है। साथ ही 1313 वर्गफीट में आर्ट गैलरी, 9092 वर्गफीट में डाँस एण्ड ड्रामा हॉल, 1314 वर्ग फीट में लायब्रेरी बनायी गयी है। भवन में रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट की व्यवस्था भी रहेगी। मराठी कला संकुल में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य आयोजनों में आने वाले कलाकारों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था होगी। यहाँ 08 शयनकक्षों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 20-20 व्यक्तियों के ठहरने के लिये 04 डोरमेट्री भी तैयार की गयी है। कला संकुल की साज-सजावट और उसे अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। तलघर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। पार्किंग का एक प्रवेश द्वार एम.जी.रोड़ मुख्य मार्ग पर और एक द्वार शिवाजी मार्केट मार्ग पर होगा। भवन में भव्य  प्रवेश पोडियम एवं स्वागत क्षेत्र का निर्माण किया गया है। संकुल का सुचारू रूप से संचालन एवं संधारण करने के लिये कला संबंधी दुकानों का निर्माण किया गया है, जिसमें 300-400 वर्गफीट की 09 दुकानें एवं 1600 वर्गफीट के डबल हाईट 04 शोरूम का निर्माण किया गया है। संकुल में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। संकुल में वातानुकूल की व्यवस्था की जायेगी। सर्व सुविधायुक्त 20 शौचालयों का निर्माण किया गया है। कलाकारों के लिये ग्रीन रूम, फोटो गैलेरी, संगीत एवं कला संबंधी पुस्तकालय, नृत्य एवं नाट्यों के अभ्यास के लिये 04 अभ्यास कक्ष एवं बहुउद्देशीय हॉल का प्रावधान है। recent visitors 59

इंदौर में मुख्यमंत्री यादव ने किया ड्रोन प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से ड्रोन टेक्नोलॉजी को देश में बढ़ावा मिला है। नमो ड्रोन दीदी जैसी योजना से महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीकों को अपनाने में भारत अग्रणी बन रहा है। आज के समय में खेतों में दवा छिड़काव से लेकर अन्य अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में ड्रोन प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह प्रशिक्षण केंद्र मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब और कस्तूरबा ग्राम ट्रस्ट के संयुक्त उपक्रम से प्रारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब के श्री मिलिंद महाजन से कहा कि वे पूरे मध्यप्रदेश के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार करने की योजना बनाएं। प्रदेश का विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी विभाग इस दिशा में समन्वय करेगा। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा और श्री रमेश मेंदोला, कस्तूरबा ग्राम ट्रस्ट के श्री करुणाकर त्रिवेदी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का श्री मिलिंद महाजन और श्री मुकेश हजेला ने स्वागत किया। म.प्र. भर रहा है विकास की नई उड़ान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं भी ड्रोन उड़ाकर देखा। ड्रोन उड़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रतीकात्मक रूप से दिखाया कि मध्यप्रदेश भी इसी तरह विकास की नई उड़ान भर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विशाल भौगोलिक क्षेत्र और वन संपदा के प्रबंधन में ड्रोन की यह टेक्नोलॉजी मददगार सिद्ध होगी।   recent visitors 58

रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 07081/07082 गुंटूर – आजमगढ़ – विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 01-01 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 07081 गुंटूर-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07081 गुंटूर-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 14 फरवरी 2025 को गुंटूर स्टेशन से रात 23.00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन शाम 17.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन शाम 17.15 बजे आजमगढ़ स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 07082 आजमगढ़-विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07082 आजमगढ़-विजयवाड़ा महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 16 फरवरी 2025 को रात्रि 19.45 बजे आजमगढ़ स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 15.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 07.30 बजे विजयवाड़ा स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, दोरनाकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, रामागुंडम, मंचेरियल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी जंक्शन, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, वाराणसी जंक्शन, शाहगंज जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी। कोच संरचना: इस विशेष ट्रेन में 09 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 08 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 87

भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़िया सूरत स्टेशन पर कार्य के चलते उधना स्टेशन पर ठहराव का निर्णय

भोपाल पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल के सूरत स्टेशन पर चल रहे अधोसंरचना कार्यों के कारण, भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ यात्री गाड़ियों को सूरत स्टेशन के स्थान पर उधना स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा एवं सुगमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। निम्नलिखित गाड़ियों का ठहराव अब उधना स्टेशन पर होगा: 1.    गाड़ी संख्या 02134 जबलपुर – बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल दिनांक 10.01.2025 से 07.03.2025 तक। 2.    गाड़ी संख्या 20905 एकता नगर – रीवा महामना एक्सप्रेस दिनांक 10.01.2025 से 07.03.2025 तक। 3.    गाड़ी संख्या 20906 रीवा – एकता नगर महामना एक्सप्रेस दिनांक 11.01.2025 से 01.03.2025 तक। 4.    गाड़ी संख्या 22937 राजकोट – रीवा एक्सप्रेस दिनांक 12.01.2025 से 02.03.2025 तक। 5.    गाड़ी संख्या 22938 रीवा – राजकोट एक्सप्रेस दिनांक 13.01.2025 से 03.03.2025 तक। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पूर्व गाड़ी की सही जानकारी के लिए रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 का उपयोग करें और तदनुसार अपनी यात्रा योजना बनाएं। recent visitors 135

अब मध्यप्रदेश के गांवों में 211 खुलेंगी शराब की दुकानें, इस नियम के तहत ग्राम सभाओं ने दिए ठेकों को लाइसेंस

भोपाल मध्य प्रदेश में पेसा नियम के तहत इस वर्ष ग्राम सभाओं ने 211 नई शराब की दुकानें स्वीकृत की हैं। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है तथा निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। इसी प्रकार, शराब व भांग के विक्रय का प्रतिषेध एवं विनियमन का भी अधिकार है। पेसा नियम के तहत ये जिले पेसा नियम में प्रदेश के आदिवासी बहुल कुल 20 जिले आते हैं। इनमें छह जिले अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूरी तरह से पेसा जिले हैं जबकि शेष 14 आंशिक जिले हैं जिनमें बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, होशंगाबाद, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, उमरिया एवं रतलाम आते हैं। 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 इन सभी जिलों में 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें आने वाले पेसा ग्रामों की संख्या 11 हजार 596 है। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है। निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। recent visitors 45